Experts Q&A Search

Posted by Sohail
Punjab
01-03-2020 08:39 PM
Punjab
03-02-2020 03:29 PM
Sohail ji aap Gir cow lene ke liye Ajay Chopra 7009645902 Chopra Dairy Farm se sampark kr skte hai inse apko Gir cow mill jayegi..
Posted by Nirvair Singh
Punjab
01-03-2020 08:37 PM
Punjab
03-02-2020 03:31 PM
Nirvair ji tuci iss nu Gestaprogen powder 25gm rojana ate Concimax tablet rojana 1 goli deo ate 21 din tak dinde rho fir jddo agli varr purri heat vich awee tan tika bhrwa ke ehh dwaia 20 din hor deo, iss nal nwe dudh ho jawegi. tuci dwaia di photoa dekh skde ho..
Posted by ramsingh rewari
Rajasthan
01-03-2020 08:18 PM
Punjab
03-04-2020 06:24 PM
Ramsingh rewari ji chaff Cutter lene ke lia aap Kelash 9460635977 Vishwakarma Agro Industies nal samparak kar sakde ho, Thankyou.
Posted by sukhwinder singh
Punjab
01-03-2020 08:13 PM
Punjab
03-01-2020 08:31 PM
shrimaan g knak vich eh nutrition deficiency de krke v hunda hai and eh seed problem v ho jndi hai.knak vich nisare de time NPK 13045 @1 kg and zinc @100 gm per acre da spray kr skde ho g..
Posted by Devendra mall
Uttar Pradesh
01-03-2020 08:12 PM
Punjab
03-02-2020 12:28 PM
देवेंद्र जी किसी भी खाद की मात्रा पूरी ही खेत में डाले सिफारिश से ज्यादा और कम मात्रा फसल को नुक्सान करते है
Posted by sukhwinder singh
Punjab
01-03-2020 08:11 PM
Punjab
03-01-2020 08:33 PM
shrimaan g NPK 005234 vich phosphorus and potash hundi hai jekar ghar tuar krna hai tn potash @500 gm and dap @1 kg per nu ghol ke 1 acre vich spray kr skde ho g...
Posted by ਅਵਤਾਰ ਸਿੰਘ
Punjab
01-03-2020 08:11 PM
Punjab
03-02-2020 03:35 PM
ਡੇਅਰੀ ਫਾਰਮਿੰਗ ਲਈ ਲੋਨ ਅਲੱਗ ਅਲੱਗ ਕੰਮਾਂ ਲਈ ਮਿਲਦਾ ਹੈ ਜਿਵੇਂ ਸ਼ੈੱਡ ਲਈ ,ਪਸ਼ੂਆਂ ਲਈ, ਡੇਅਰੀ ਮਸ਼ੀਨਰੀ ਲਈ ਲੋਨ ਲੈਣ ਦੇ ਲਈ ਤੁਹਾਡੇ ਕੋਲ ਡੇਅਰੀ ਟ੍ਰੇਨਿੰਗ ਦਾ ਸਰਟੀਫਿਕੇਟ ਹੋਣਾ ਜਰੂਰੀ ਹੈ ਲੋਨ ਲੈਣ ਸਬੰਧੀ ਅਰਜੀ ਨੇੜੇ ਦੇ ਡਿਪਟੀ ਡਾਇਰੈਕਟਰ ਡੇਅਰੀ ਨੂੰ ਮਿਲ ਕੇ ਦੇਵੋ ਇਸ ਦੇ ਲੋਨ ਤੇ 25% ਸਬਸਿਡੀ ਜਨਰਲ ਕੈਟਾਗਰੀ ਲਈ ਹੈ ਤੇ 33% ਅਨੂਸੂਚਿਤ ਜਾਤੀਆ ਲਈ ਹੈ ਬਾਕੀ ਵਿਆਜ ਜੋ ਅਲੱਗ ਅਲੱਗ .... (Read More)
ਡੇਅਰੀ ਫਾਰਮਿੰਗ ਲਈ ਲੋਨ ਅਲੱਗ ਅਲੱਗ ਕੰਮਾਂ ਲਈ ਮਿਲਦਾ ਹੈ ਜਿਵੇਂ ਸ਼ੈੱਡ ਲਈ ,ਪਸ਼ੂਆਂ ਲਈ, ਡੇਅਰੀ ਮਸ਼ੀਨਰੀ ਲਈ ਲੋਨ ਲੈਣ ਦੇ ਲਈ ਤੁਹਾਡੇ ਕੋਲ ਡੇਅਰੀ ਟ੍ਰੇਨਿੰਗ ਦਾ ਸਰਟੀਫਿਕੇਟ ਹੋਣਾ ਜਰੂਰੀ ਹੈ ਲੋਨ ਲੈਣ ਸਬੰਧੀ ਅਰਜੀ ਨੇੜੇ ਦੇ ਡਿਪਟੀ ਡਾਇਰੈਕਟਰ ਡੇਅਰੀ ਨੂੰ ਮਿਲ ਕੇ ਦੇਵੋ ਇਸ ਦੇ ਲੋਨ ਤੇ 25% ਸਬਸਿਡੀ ਜਨਰਲ ਕੈਟਾਗਰੀ ਲਈ ਹੈ ਤੇ 33% ਅਨੂਸੂਚਿਤ ਜਾਤੀਆ ਲਈ ਹੈ ਬਾਕੀ ਵਿਆਜ ਜੋ ਅਲੱਗ ਅਲੱਗ ਬੈੱਕ ਦਾ ਹੁੰਦਾ ਹੈ ਉਸ ਹਿਸਾਬ ਨਾਲ ਹੀ ਲੱਗਦਾ ਹੈ ਸਭ ਤੋਂ ਵਧੀਆ ਤਰੀਕਾ ਇਹੀ ਹੈ ਕਿ ਤੁਸੀ ਆਪਣੇ ਨੇੜੈ ਦੇ ਡੇਅਰੀ ਡਿਵੈਲਪੈਟ ਆਫਿਸਰ ਨੂੰ ਮਿਲੋ ਉਹ ਤੁਹਾਨੂੰ ਫਾਈਲ ਤਿਆਰ ਕਰਕੇ ਦੇਣਗੇ ਹਰ ਜ਼ਿਲੇ ਵਿੱਚ ਡਿਪਟੀ ਡਾਇਰੈਕਟਰ ਡੇਅਰੀ (PDDB) ਦਾ ਦਫਤਰ ਬਣਿਆ ਹੋਇਆ ਹੈ. ਤੁਸੀ ਡੇਅਰੀ ਟ੍ਰੇਨਿੰਗ ਲੈਣ ਲਈ ਡੇਅਰੀ ਵਿਕਾਸ ਅਫਸਰ, ਆਈ. ਐੱਫ. ਟੀ. ਸੀ. ਤਪਾ ਖੇੜਾ ਰੋੜ, ਪਿੰਡ ਅਬੁਲ ਖੁਰਾਨਾ, ਜਿਲਾ ਸ੍ਰੀ ਮੁਕਤਸਰ ਸਾਹਿਬ 01637-248423 ਨਾਲ ਸੰਪਰਕ ਕਰ ਸਕਦੇ ਹੋ ਅਤੇ ਇਹਨਾਂ ਤੋਂ ਅੱਗੇ ਹੋਣ ਵਾਲੀ ਡੇਅਰੀ ਟ੍ਰੇਨਿੰਗ ਦੀ ਤਰੀਕ ਪੁੱਛ ਸਕਦੇ ਹੋ.
Posted by sukhwinder singh
Punjab
01-03-2020 08:10 PM
Punjab
03-01-2020 08:36 PM
shrimaan g NPK 191919 vich nitrogen phosphorus and potash hundi hai tuc urea @1 kg dap @1 kg and potash @400 gm nu ghol ke 120 liter pani vich mila ke 1 acre vich spray kr skde ho g..
Posted by Vikram Thakur Shawan
Madhya Pradesh
01-03-2020 08:06 PM
Punjab
03-02-2020 01:51 PM
विक्रम जी कृपया सवाल विस्तार से पूछे कि आप कौन सी फसल के समर्थन मूल्य के बारे में जानकारी लेना चाहते है ताकि आपको इसके बारे में पूरी जानकारी दी जा सके
Posted by Guljari Moond
Punjab
01-03-2020 08:05 PM
Punjab
03-01-2020 08:37 PM
shrimaan g chane ki fasal mein NPK 13045 @1 kg per acre ko 120 liter pani mein mila ke spray kr skte ho g..
Posted by ਕਸ਼ਮੀਰ singh
Punjab
01-03-2020 07:54 PM
Punjab
03-02-2020 03:20 PM
ਇਹ ਫੰਗਸ ਹੈ ਬਿਜਾਈ ਲਈ ਰੋਧਕ ਕਿਸਮਾਂ ਵਰਤੋ ਬਿਮਾਰੀ ਦੇ ਆਉਣ ਤੇ ਇੰਡੋਫਿਲ ਐੱਮ- 45 ਜਾਂ ਕਪਤਾਨ 260 ਗ੍ਰਾਮ ਨੂੰ 100 ਲੀਟਰ ਪਾਣੀ ਵਿੱਚ ਪਾ ਕੇ ਪ੍ਰਤੀ ਏਕੜ ਦੇ ਹਿਸਾਬ ਨਾਲ ਸਪਰੇਅ ਕਰੋ ਜੇਕਰ ਲੋੜ ਹੋਵੇ ਤਾਂ 15 ਦਿਨਾਂ ਬਾਅਦ ਇੱਕ ਹੋਰ ਸਪਰੇਅ ਕਰੋ
Posted by Shivam Choudhary
Madhya Pradesh
01-03-2020 07:49 PM
Punjab
03-02-2020 01:55 PM
बोन्साई का मतलब बड़े—बड़े पीपल, बरगद, नीम, इमली आदि जैसे पौधों को छोटे गमलों में उगाया जाता है पर यह सिर्फ कला तक सीमित ना होकर तकनीकी और वैज्ञानिक काम भी है किसी भी पीपल, बरगद जैसे पौधे को कम गहराई वाले गमले में लगाने के लिए बोन्साई तैयार नहीं हो जाती सबसे पहले तो यह बात साफ होनी चाहिए कि जो पौधा तैयार करना ह.... (Read More)
बोन्साई का मतलब बड़े—बड़े पीपल, बरगद, नीम, इमली आदि जैसे पौधों को छोटे गमलों में उगाया जाता है पर यह सिर्फ कला तक सीमित ना होकर तकनीकी और वैज्ञानिक काम भी है किसी भी पीपल, बरगद जैसे पौधे को कम गहराई वाले गमले में लगाने के लिए बोन्साई तैयार नहीं हो जाती सबसे पहले तो यह बात साफ होनी चाहिए कि जो पौधा तैयार करना है, उसे आकार कौन सा देना है यह काम एक—दो वर्ष तक सीमित नहीं होता इस बेहतरीन बोन्साई तैयार करने के लिए वर्षों की मेहनत लगती है इसलिए, हमें यह पता होना चाहिए कि वर्षों की मेहनत के उपरांत हमारे बनाए बोन्साई का आकार कैसा होगा तकनीकी तौर पर यह स्टाइल मुख्य रूप में छ—सात तरह के होते हैं, जिनके बारे में विस्तार में चर्चा एक लेख में करनी मुमकिन नहीं है परंतु फिर भी जो प्राथमिक बातें या तकनीकी पक्षों का ध्यान रखा जाना चाहिए, वे इस प्रकार हैं: गमलों का चयन — बोन्साई के लिए आम गमले नहीं प्रयोग किए जाते विशेष कर उनकी गहराई बहुत ज्यादा नहीं होती, परंतु वे गोलाकार, अंडाकार, चौकन्ने, छकन्ने आदि किसी भी दिखावट वाले हो सकते हैं पौधों का चयन — बोन्साई तैयार करने के लिए पौधे का चयन सबसे अहम हिस्सा है क्योंकि हर पौधे का विकास और दिखावट अलग होती है और हर पौधे को बोन्साई रूप नहीं दिया जा सकता हमारी वातावरण स्थितियों में जिन पौधों का प्रयोग किया जा सकता होता है, वह है — पीपल, बरगद, पिलकन,चिलकन, शहतूत, चील, आड़ू, अनार, नारंगी, चाईना रोज़, विस्टीरिया, जूनीपरस, करौंदा, नीम, आम, बोगनविलीया, अडीनीयम, बोतलब्रश आदि मुख्य रूप में हैं पौधे लगाना — गमलों में सिर्फ मिट्टी ही नहीं डाली जाती बल्कि गमले में मौजूद छेद को ढकने के उपरांत निचली सतह बहुत बारीक कंकड़ पत्थर आदि की होनी चाहिए और उसके बाद मिट्टी गली हुई गोबर की खाद आदि का मिश्रण तैयार करने के उपरांत ही पौधा लगाया जाता है पौधे लगाने के बाद ही असली काम शुरू होता है कि उसकी कांट—छांट समय से सही ढंग से करनी चाहिए कुछ समय बाद जड़ों का गुच्छा बन जाता है, फिर री—पोटिंग की जरूरत पड़ती है और भाव यह कि पौधे को गमले में से बाहर निकालकर उसकी अतिरिक्त जड़ों की कांट —छांट की जाती है खाद का भी विशेष ध्यान रखना चाहिए ताकि वृद्धि ठीक तरीके से हो पौधे को खूबसूरत और विलक्षण दिखावट देने के लिए वायरिंग यानि तारों की लपेट की जाती है, जिसके लिए तांबे या एल्युमीनियम की तार का प्रयोग किया जाता है सभी कामों को सही रूप में करने के लिए अनेकों तरह के औज़ारों की जरूरत पड़ती है, जो मार्केट में आसानी से मिल जाते हैं गर्मी—शरद ऋतु के हिसाब को देखते ही पानी लगाया जाता है सभी काम सही ढंग से करने के बाद यह बात भी बहुत अहम है कि पौधों को प्रदर्शित किस तरह किया जाए ताकि आपका और हर देखने वाले का मन मोह ले बोन्साई बनाना बहुत कठिन काम नहीं है पर सब्र और मेहनत इसकी मुख्य ज़रूरतें हैं या फिर आप मोटी रक्म खर्च करके बने बनाए बोन्साई बाज़ार यानि बड़ी नर्सरियों में से खरीदकर अपनी इच्छा पूरी कर सकते हैं
Posted by Bikramjit Singh
Punjab
01-03-2020 07:33 PM
Punjab
03-02-2020 05:33 AM
Shri maan g kanak vich tuc Opera@300 ml per acre spray kr skde ho..
Posted by Afsar Salmani
Uttar Pradesh
01-03-2020 07:30 PM
Punjab
03-02-2020 03:37 PM
Salmani ji aap goat farm se goat lene ja aur koi jankari lene ke liye Bablu 6203080883, 8932042932 se sampark kr skte hai.
Posted by harpreet singh
Punjab
01-03-2020 07:30 PM
Punjab
03-02-2020 03:38 PM
Harpreet ji tuci usda bhukar check krwao ji jekar bhukar hai tan uss hisab nal nazdiki doctor ton ilag krwao ji jekar vase khana penna ghat kita hai tan tuci uss nu Brotone liquid 5-5ml rojana de skte hai, isse frak padd jayega.
Posted by Afsar Salmani
Uttar Pradesh
01-03-2020 07:26 PM

Punjab
03-02-2020 02:17 PM
रेतली दोमट मिट्टी सीताफल की खेती के लिए अच्छी मानी जाती है लेकिन चिकनी दोमट मिट्टी भी सीताफल की खेती के लिए उपयुक्त है हल्के निकास वाली मिट्टी, भारी चिकनी या पथरीली मिट्टी में इसकी खेती ना करें उस ज़मीन पर भी इसकी खेती करने से परहेज़ करें जहां पहले टमाटर, बैंगन, शिमला मिर्च और अदरक की फसल बोयी गई हो सीताफल की .... (Read More)
रेतली दोमट मिट्टी सीताफल की खेती के लिए अच्छी मानी जाती है लेकिन चिकनी दोमट मिट्टी भी सीताफल की खेती के लिए उपयुक्त है हल्के निकास वाली मिट्टी, भारी चिकनी या पथरीली मिट्टी में इसकी खेती ना करें उस ज़मीन पर भी इसकी खेती करने से परहेज़ करें जहां पहले टमाटर, बैंगन, शिमला मिर्च और अदरक की फसल बोयी गई हो सीताफल की खेती के लिए हमेशा वह मिट्टी उपयुक्त होती है जिसकी पी एच 7.5 से ज्यादा हो अगर आपके खेत की मिटटी इस से मेल खाती है तो आप इसकी खेती कर सकते है
Posted by Subuddh kumar Subuddh kumar
Uttar Pradesh
01-03-2020 07:23 PM
Punjab
03-02-2020 01:59 PM
इलायची की खेती के लिए मुख्य रूप से लाल दोमट मिट्टी सबसे उपयुक्त होती है. इसके अलावा उचित देखरेख कर और भी कई तरह की मिट्टी में इसकी खेती की जा सकती है. इलायची की खेती के लिए जमीन का पी.एच. मान 5 से 7.5 के बीच होना चाहिए.इलायची की खेती के लिए मुख्य रूप से उष्णकटिबंधीय जलवायु उपयुक्त होती है. लेकिन वर्तमान में भारत के .... (Read More)
इलायची की खेती के लिए मुख्य रूप से लाल दोमट मिट्टी सबसे उपयुक्त होती है. इसके अलावा उचित देखरेख कर और भी कई तरह की मिट्टी में इसकी खेती की जा सकती है. इलायची की खेती के लिए जमीन का पी.एच. मान 5 से 7.5 के बीच होना चाहिए.इलायची की खेती के लिए मुख्य रूप से उष्णकटिबंधीय जलवायु उपयुक्त होती है. लेकिन वर्तमान में भारत के कई हिस्सों में इसको उगाया जा रहा है. इलायची की खेती समुद्र ताल से 600 से 1500 मीटर की ऊंचाई वाली जगहों पर भी की जा सकती है. इसकी खेती के लिए 1500 मिलीमीटर बारिश का होना जरूरी है. इलायची की खेती के लिए हवा में नमी और छायादार जगह का होना जरूरी होता है. इलायची की खेती के लिए सामान्य तापमान की जरूरत होती है. लेकिन सर्दियों में न्यूनतम 10 डिग्री और गर्मियों में अधिकतम 35 डिग्री तापमान पर भी पौधा अच्छे से विकास करता है. इलायची की कई तरह की किस्में हैं जिन्हें अलग अलग नामों से जाना जाता है. लेकिन इलायची की मुख्य रूप से दो प्रजाति ही पाई जाती है. जिन्हें छोटी और बड़ी या हरी और काली इलायची के नाम से जाना जाता है.हरी इलायची को छोटी इलायची के नाम से जाना जाता है. इसका इस्तेमाल कई तरह से खाने में किया जाता है. इसका इस्तेमाल मुखशुद्धि, औषधि, मिठाई और पूजा पाठ में किया जाता है. इसके पौधे 10 से 12 साल तक पैदावार देते हैं. लायची की खेती के लिए पहले से की हुई फसल के अवशेष हटाकर और पलाऊ लगाकर गहरी जुताई करें. जुताई करने के बाद खेत में जल संरक्षण के लिए खेत में मेड बना दें. ताकि बारिश के पानी के कारण पौधों की सिंचाई की जरूरत कम हो. जल संरक्षण की जरूरत ढाल वाली भूमि और कम वर्षा वाले भागों में ज्यादा होती है. उसके बाद खेत में फिर से गहरी जुताई कर रोटावेटर चला दें. इससे खेत की मिट्टी समतल हो जायेगी. मिट्टी के समतल हो जाने के बाद उसमें अगर पौधे मेड पर लगाना चाहते हैं तो लगभग डेढ़ से दो फिट की दूरी पर मेड बना दे. और समतल में लगाने के लिए खेत में दो से ढाई फिट की दूरी रखते हुए गड्डे तैयार कर लें. इन गड्डों और मेड पर गोबर की खाद और रासायनिक खाद डालकर मिट्टी में मिला दें. खेत की तैयारी पौधे के लगाने के लगभग एक 15 दिन पहले की जाती है. इलायची की खेती के लिए शुरुआत में नर्सरी में पौधे तैयार किये जाते हैं. पौधों को तैयार करने के लिए नर्सरी में 10 सेंटीमीटर की दूरी पर बीजों को लगाना चाहिए. बीजों को खेत में लगाने से पहले गोमूत्र या ट्राइकोडर्मा की उचित मात्रा से उपचारित कर लगाना चाहिए. एक हेक्टेयर के लिए एक से सवा किलो बीज काफी होता है. बीज लगाने के लिए क्यारियों तैयार करते वक्त प्रत्येक क्यारियों में 20 से 25 किलो खाद डालकर उसे अच्छे से मिट्टी में मिला दें. क्यारियों में बीज लगाने के बाद उनकी सिंचाई हजारे के माध्यम से कर दें. और सिंचाई करने के बाद क्यारियों को बीज अंकुरित होने तक पुलाव या सुखी घास से ढक दें. जब पौधा पूरी तरह तैयार हो जाता है तब उन्हें खेत में लगाया जाता है. इलायची का पौधा जब लगभग एक फिट की लम्बाई का बनकर तैयार हो जाता है तब इसे खेत में लगा देना चाहिए. इलायची की खेती के लिए पौध रोपण का काम एक से दो महीने पहले किया जाता है. उसके बाद इन पौधों को बारिश के मौसम में जुलाई माह के दौरान खेतों में उगाना चाहिए, जिससे पौधों को सिंचाई की भी जरूरत नही होती. और पौधा अच्छे से विकास भी करता है. इलायची के पौधे को छायादार जगह की ज्यादा आवश्यकता होती है. इसके लिए पौधे को छायादार जगह पर ही लगाना चाहिए. इलायची के पौधे को खेत में लगाते वक्त उन्हें तैयार किये गए गड्डों या मेड पर लगभग 60 सेंटीमीटर की दूरी पर लगाना चाहिए. मेड पर जिगजैग तरीके से पौधे की रोपाई करनी चाहिए. इलायची के पौधे को खेत में लगाने के बाद उनकी पहली सिंचाई तुरंत कर देनी चाहिए. बारिश के मौसम में इसके पौधे को पानी की आवश्यकता नही होती. लेकिन गर्मी के मौसम में इसके पौधे को ज्यादा पानी की जरूरत होती है. इस दौरान नमी बनाए रखने के लिए पौधों में उचित टाइम पर पानी देना चाहिए. और सर्दियों के मौसम में इसके पौधों को 10 से 15 दिन के अन्तराल में पानी देना चाहिए. इलायची के पौधों को खेत में लगाने से पहले गड्डों में या मेड पर प्रत्येक पौधों को 10 किलो के हिसाब से पुरानी गोबर की खाद और एक किली वर्मी कम्पोस्ट देना चाहिए. इसके अलावा इसके पौधों को नीम की खली और मुर्गी की खाद दो से तीन साल तक देनी चाहिए. जिससे पौधा अच्छे से विकास करता है. इलायची के पौधों में खरपतवार नियंत्रण नीलाई गुड़ाई में माध्यम से करनी चाहिए. खरपतवार नियंत्रण करने से पौधे को जमीन से पोषक तत्व भी उचित मात्रा में मिलते हैं. जिससे पौधा अच्छे से विकास करता है. नीलाई गुड़ाई करने से पौधे की जड़ों को हवा की उचित मात्रा भी मिलती रहेगी. और जड़ों की मिट्टी नर्म होने की वजह से पौधा अच्छे से विकास भी करेगा. धन्यवाद
Posted by suraj Rathiya
Chattisgarh
01-03-2020 07:20 PM
Punjab
03-02-2020 02:00 PM
Suraj ji poori khaaden daalne ke bad aap iske uper NPK 191919@1 kilo ko 150 litre pani ke hisab se spray karen,dhanywad
Posted by shergill
Punjab
01-03-2020 06:56 PM
Punjab
03-02-2020 03:41 PM
Shergill ji dudh ka rate Fatt aur Snf ke hisab se hota hai dudh ka rate lagbhag 68-69 rs. tak chl raha hai baki iske vare mai purri jankari apko apke nazdiki dairy wale se mill skti hai.
Posted by Amandeep Singh
Punjab
01-03-2020 06:55 PM
Punjab
03-02-2020 02:30 PM
ਨਰਸਰੀ ਲਗਾਉਣ ਦਾ ਉੱਚਿਤ ਸਮਾਂ ਅਕਤੂਬਰ ਦੇ ਅਖੀਰ ਤੋਂ ਅੱਧ-ਨਵੰਬਰ ਤੱਕ ਹੁੰਦਾ ਹੈ ਨਰਸਰੀ ਨੂੰ 50% ਛਾਂ ਵਾਲੇ ਜਾਲ ਨਾਲ ਢੱਕ ਦਿਓ ਅਤੇ ਪਾਸਿਆਂ ਤੇ ਕੀਟ-ਪਤੰਗੇ ਰੋਕਣ ਵਾਲਾ 40/50 ਮੈੱਸ਼ ਨਾਈਲੋਨ ਦਾ ਜਾਲ ਲਗਾਓ ਪਨੀਰੀ ਵਾਲੇ ਪੌਦੇ 30-40 ਦਿਨਾਂ ਵਿੱਚ (ਆਮ ਤੌਰ ਤੇ ਫਰਵਰੀ-ਮਾਰਚ) ਤਿਆਰ ਹੋ ਜਾਂਦੇ ਹਨ
Posted by Abhishek Tiwari
Uttar Pradesh
01-03-2020 06:51 PM
Punjab
03-02-2020 03:44 PM
तिवारी जी कृप्या आप अपना सवाल विस्तार से बताएं कि आप किस काम को बड़े स्तर पर करने के बारे में पूछ रहे है और पहले आपने इस काम को कितने से शुरू किया है और आपने कोई ट्रेनिंग ली है या नहीं ताकि आपको इसके बारे में पूरी और सही जानकारी दी जा सके
Posted by kanhaiya Kumar
Bihar
01-03-2020 06:45 PM
Punjab
03-02-2020 03:49 PM
सबसे पहले आपके लिए यह जानना जरूरी है कि मुर्गी पालन दो तरह का होता है कि आप अंडों का व्यवसाय करना चाहते हैं या मीट का यदि आप अंडों का धंधा करना चाहते हैं तो आपको लेयर मुर्गियां पालनी पड़ेंगी और यदि आप मीट का धंधा करना चाहते हैं तो आपको ब्रॉयलर मुर्गियां पालनी पड़ेंगी यदि आप ब्रायलर मुर्गी पालन करना चाहते हैं त.... (Read More)
सबसे पहले आपके लिए यह जानना जरूरी है कि मुर्गी पालन दो तरह का होता है कि आप अंडों का व्यवसाय करना चाहते हैं या मीट का यदि आप अंडों का धंधा करना चाहते हैं तो आपको लेयर मुर्गियां पालनी पड़ेंगी और यदि आप मीट का धंधा करना चाहते हैं तो आपको ब्रॉयलर मुर्गियां पालनी पड़ेंगी यदि आप ब्रायलर मुर्गी पालन करना चाहते हैं तो कम से कम 10 हजार मुर्गियों का धंधा शुरू करना चाहते हैं तो आपको 4 से 5 लाख का इतज़ाम करना पड़ेगा, ये आप अपने बजट के हिसाब से कम पंक्षियों से भी शुरू कर सकते हैं बाकि आप इस काम को ट्रेनिंग लेकर शुरू करें जिसमें आपको इस काम के बारे में पूरी जानकारी दी जाएगी . ट्रेनिंग लेने के लिए आप Krishi Vigyan Kendra, Vaishali, Rajendra Agricultural University, Rajauli Hariharpur, Hajipur Farm Dist. - Vaishali - 844101 (Bihar) India Phone : 06224 - 276595 से संपर्क कर सकते है
Posted by manpreet
Punjab
01-03-2020 06:35 PM
Punjab
03-02-2020 02:50 PM
ਪੰਜਾਬ ਵਿੱਚ ਕੇਸਰ ਦੀ ਖੇਤੀ ਸੰਭਵ ਨਹੀ ਹੈ ਜੀ ਕਿਉਕੀ ਕੇਸਰ ਦੀ ਖੇਤੀ ਲਈ ਤਾਪਮਾਨ ਆਮ ਨਾਲੋ ਵੀ ਕਈ ਗੁਣਾ ਘੱਟ ਤਾਪਮਾਨ ਚਾਹੀਦਾ ਜੋ ਪੰਜਾਬ ਵਿੱਚ ਕੇਸਰ ਦੀ ਖੇਤੀ ਕਰਨ ਦੀ ਗੱਲ ਕਰ ਰਹੇ ਹਨ ਉਹ ਅਸਲੀ ਕੇਸਰ ਨਹੀ ਹੈ ਇਹ ਕੁਸਮ ਹੈ ਅਸਲੀ ਕੇਸਰ ਸਿਰਫ ਜੰਮੂ ਕਸ਼ਮੀਰ, ਇਰਾਨ ਤੇ ਅਫਗਾਨਿਸਤਾਨ ਵਿੱਚ ਹੀ ਹੋ ਸਕਦਾ ਹੈ ਵਧੇਰੇ ਜਾਣਕਾਰੀ ਲਈ ਤੁਸੀਂ ਜੰਮੂ-ਕਸ਼ਮੀਰ ਦੇ ਕਿਸਾਨ ਨਾਲ ਗੱਲ ਕਰ ਲਵੋ ਜਿਸਦੇ .... (Read More)
ਪੰਜਾਬ ਵਿੱਚ ਕੇਸਰ ਦੀ ਖੇਤੀ ਸੰਭਵ ਨਹੀ ਹੈ ਜੀ ਕਿਉਕੀ ਕੇਸਰ ਦੀ ਖੇਤੀ ਲਈ ਤਾਪਮਾਨ ਆਮ ਨਾਲੋ ਵੀ ਕਈ ਗੁਣਾ ਘੱਟ ਤਾਪਮਾਨ ਚਾਹੀਦਾ ਜੋ ਪੰਜਾਬ ਵਿੱਚ ਕੇਸਰ ਦੀ ਖੇਤੀ ਕਰਨ ਦੀ ਗੱਲ ਕਰ ਰਹੇ ਹਨ ਉਹ ਅਸਲੀ ਕੇਸਰ ਨਹੀ ਹੈ ਇਹ ਕੁਸਮ ਹੈ ਅਸਲੀ ਕੇਸਰ ਸਿਰਫ ਜੰਮੂ ਕਸ਼ਮੀਰ, ਇਰਾਨ ਤੇ ਅਫਗਾਨਿਸਤਾਨ ਵਿੱਚ ਹੀ ਹੋ ਸਕਦਾ ਹੈ ਵਧੇਰੇ ਜਾਣਕਾਰੀ ਲਈ ਤੁਸੀਂ ਜੰਮੂ-ਕਸ਼ਮੀਰ ਦੇ ਕਿਸਾਨ ਨਾਲ ਗੱਲ ਕਰ ਲਵੋ ਜਿਸਦੇ ਦਾਦੇ ਪੜਦਾਦੇ ਵੀ ਕੇਸਰ ਦੀ ਖੇਤੀ ਕਰਦੇ ਸੀ ਤੇ ਇਹ ਵੀ ਕੇਸਰ ਦੀ ਖੇਤੀ ਕਰਦੇ ਹਨ Javid Ahmed- 95964 93260
Posted by ਹਰਵਿੰਦਰ ਸਿੰਘ ਬਰਾੜ
Punjab
01-03-2020 06:35 PM
Punjab
03-02-2020 08:59 PM
ਹਰਵਿੰਦਰ ਜੀ ਤੁਸੀ ਉਸ ਨੂੰ ਉਸੇ ਨਸਲ ਦੇ ਕੁੱਤੇ ਨਾਲ ਕ੍ਰੋਸ ਕਰਵਾਓ ਕਿਉਕਿ ਇਹਨਾਂ ਦਾ ਸੀਮਨ ਉਪਲੱਭ ਨਹੀਂ ਹੈ
Posted by Abhishek Tiwari
Uttar Pradesh
01-03-2020 06:34 PM
Punjab
03-02-2020 03:09 PM
तिवारी जी कृपया आप इसकी फोटो भेजे ताकि आपको इसके बारे में पूरी जानकारी दी जा सके
Posted by Mahendra Sain Bhwad
Rajasthan
01-03-2020 06:18 PM

Punjab
03-02-2020 03:11 PM
महेंद्र जी यह फंगस की वजह से हो रहे है इसके लिए आप carbendazim @400 ग्राम को प्रति एकड़ के हिसाब से स्प्रे करें
Posted by Mahendra Sain Bhwad
Rajasthan
01-03-2020 06:17 PM

Punjab
03-02-2020 03:23 PM
kripya aap apna swal vistar se pooche taki aapko iske bare men poori jankari di ja sake.kyuki aapne video men kuch bhi bolkar btaya nahi hai.
Posted by Sageer Khan
Uttar Pradesh
01-03-2020 05:26 PM
Punjab
03-02-2020 03:51 PM
Sageer ji aap black bangal bakri ke bache lene ke liye Rinku Kumar 8957831785 se sampark kr skte hai..
Posted by Sukh Chahal
Punjab
01-03-2020 05:26 PM
Punjab
03-02-2020 03:53 PM
Sukh ji kisana nal jankari share karn lai tuhada bhut bhut dhanwad, tuci ehna di AD sadi dusri App apni kheti buy/sell te v upload kr skde ho uthe v tuhanu bache khridan lai kisann mill jange jo sidha tuhade nal sampark kr lenge.
Posted by baldev singh
Punjab
01-03-2020 05:20 PM
Punjab
05-06-2020 12:55 PM
ਪਾਣੀ ਭਰਨ ਤੋਂ ਬਾਦ ਇਹ ਯਕੀਨੀ ਬਣਾਓ ਕਿ ਪਾਣੀ ਵਧਿਆ ਕੁਆਲਿਟੀ ਦਾ ਹੈ ਅਤੇ ਪਾਣੀ ਜੀਵਾਣੂ ਰਹਿਤ ਹੈ ਅਤੇ ਉਸ ਨੂੰ ਵਧਿਆ ਖੁਰਾਕ ਹੈ ਫਿਰ ਤੁਸੀ ਚੰਗੀ ਤਰ੍ਹਾਂ ਜਾਂਚ ਤੋਂ ਬਾਦ ਬੱਚੇ ਛੱਡ ਸਕਦੇ ਹੋ
Posted by अशोक कुमार
Rajasthan
01-03-2020 05:18 PM
Punjab
03-02-2020 05:39 PM
अशोक जी यह फंगस के कारण होना शुरू हो जाता है इसके लिए आप carbendazim @400 ग्राम को प्रति एकड़ के हिसाब से स्प्रे करें
Posted by jobanpreet singh
Punjab
01-03-2020 05:17 PM
Punjab
03-02-2020 03:56 PM
इसे हीट में आने पर टीका भरवा सकते है और इसे अच्छी फीड और हरा चारा डालें टीका भरवाकर इसे keeper plus पाउडर 30 ग्राम रोजाना 20 दिन तक दें इससे पशु के गाभिन रहने की आस बढ़ जाती है
Posted by Amandeep Sidhu
Punjab
01-03-2020 05:11 PM
Punjab
03-03-2020 03:06 PM
aman ji eh late bijai ate mausam de karn ho rahe han isda koi ilaj nahi hai.dhanwad
Posted by Sukhpreet Singh
Punjab
01-03-2020 05:01 PM
Punjab
03-01-2020 08:41 PM
ਸ੍ਰੀ ਮਾਨ ਜੀ ਕਣਕ ਵਿੱਚ ਯੂਰੀਆ ਅਤੇ dap ਖਾਦ ਦਾ ਸਪਰੇਅ ਕਰਨ ਨਾਲ ਤਾਕਤ ਮਿਲਦੀ ਹੈ ਅਤੇ ਫਸਲ ਸਿਹਤਮੰਦ ਹੁੰਦੀ ਹੈ ਤੁਸੀਂ ਕਣਕ ਵਿੱਚ ਯੂਰੀਆ @1 ਕਿਲੋ ਪ੍ਰਤੀ ਏਕੜ ਅਤੇ dap @1 ਕਿਲੋ ਪ੍ਰਤੀ ਏਕੜ ਦੇ ਹਿਸਾਬ ਨਾਲ 120 ਲੀਟਰ ਪਾਣੀ ਵਿੱਚ ਘੋਲ ਕੇ ਸਪਰੇਅ ਕਰ ਸਕਦੇ ਹੋ ਜੀ
Posted by Nishan
Haryana
01-03-2020 04:57 PM
Punjab
03-02-2020 05:54 PM
इसे मिट्टी की कई किस्मों में उगाया जाता है रेतली दोमट से चिकनी मिट्टी में उगाने पर यह अच्छे परिणाम देती है Swarn Purna: इसके फल का आकार मध्यम होता है इसकी औसतन पैदावार 120-140 क्विंटल प्रति एकड़ होती है Swarn Shweta: इसके फल मजबूत और मध्यम आकार के होते हैं इसकी औसतन पैदावार 100-120 क्विंटल प्रति एकड़ होती है Swarn Ageti: इसके फल मजबूत और मध्य.... (Read More)
इसे मिट्टी की कई किस्मों में उगाया जाता है रेतली दोमट से चिकनी मिट्टी में उगाने पर यह अच्छे परिणाम देती है Swarn Purna: इसके फल का आकार मध्यम होता है इसकी औसतन पैदावार 120-140 क्विंटल प्रति एकड़ होती है Swarn Shweta: इसके फल मजबूत और मध्यम आकार के होते हैं इसकी औसतन पैदावार 100-120 क्विंटल प्रति एकड़ होती है Swarn Ageti: इसके फल मजबूत और मध्यम आकार के होते हैं इसकी औसतन पैदावार 100-120 क्विंटल प्रति एकड़ होती है Pwainset: इसके फल गहरे हरे रंग के होते हैं इसकी औसतन पैदावार 60-80 क्विंटल प्रति एकड़ होती है Pant Sankar (Lauki 1): इसके फल 35 सैं.मी. लंबे होते हैं फल 60 दिनों में पहली तुड़ाई के लिए तैयार हो जाते हैं इसकी औसतन पैदावार 160 क्विंटल प्रति एकड़ होती है Pant Sankar (Lauki 2): इसके फल 40 सैं.मी. लंबे होते हैं फल 60 दिनों में पहली तुड़ाई के लिए तैयार हो जाते हैं इसकी औसतन पैदावार 160 क्विंटल प्रति एकड़ होती है लौकी की खेती के लिए, ज़मीन को अच्छी तरह से तैयार करें मिट्टी के भुरभुरा होने तक जोताई के बाद सुहागा फेरें गर्मियों के मौसम में, बिजाई फरवरी से मार्च में पूरी कर लें खरीफ के मौसम के लिए, लौकी की बिजाई का उपयुक्त समय जून - जुलाई का महीना उपयुक्त होता है कतार से कतार में 1.5-2.0 मीटर और पौधे से पौधे में 30-45 सैं.मी. फासले का प्रयोग करें बीज को 1-2 सैं.मी. की गहराई पर बोयें एक गड्ढे में दो बीज बोयें अंकुरण के बाद बीमार पौधों को निकालकर सिर्फ सेहतमंद पौधे ही रखें
Posted by ਜਗਦੇਵ ਸਿੰਘ
Punjab
01-03-2020 04:46 PM
Punjab
03-02-2020 03:58 PM
ਜਗਦੇਵ ਜੀ ਤੁਸੀ ਇਸ ਨੂੰ Pregstay gold ਪਾਊਡਰ 30gm ਰੋਜਾਨਾ 20 ਦਿਨ ਤਕ ਦੇਣਾ ਸ਼ੁਰੂ ਕਰੋ ਅਤੇ ਜੇਕਰ ਅਜੇ ਵੀ ਹੀਟ ਦੇ ਲੱਛਣ ਦਿਖਾਉਂਦੀ ਹੈ ਤਾ ਤੁਸੀ ਦੁਬਾਰਾ ਵੀ ਟੀਕਾ ਭਰਵਾਂ ਸਕਦੇ ਹੋ ਅਤੇ ਪਾਊਡਰ ਦਿੰਦੇ ਰਹੋ..
Posted by rahul
Rajasthan
01-03-2020 04:38 PM
Rajasthan
03-02-2020 09:07 AM
मोती की खेती एक बहुत ही अच्छा व्यवसाय है इस व्यवसाय को शुरू करने के लिए सबसे जरुरी है इसकी ट्रेनिंग, क्योकि इसमें बहुत सी ऐसी बारीकियें होती है जो हमें प्रेक्टिकल ट्रेनिंग में ही सीखने को मिलती है अगर आप इसकी ट्रेनिंग लेना चाहते है तो आप ग्लिटराटी पर्ल फार्मिंग ट्रेनिंग केंद्र प्रशिक्षण कार्य कर्म आयोजि.... (Read More)
मोती की खेती एक बहुत ही अच्छा व्यवसाय है इस व्यवसाय को शुरू करने के लिए सबसे जरुरी है इसकी ट्रेनिंग, क्योकि इसमें बहुत सी ऐसी बारीकियें होती है जो हमें प्रेक्टिकल ट्रेनिंग में ही सीखने को मिलती है अगर आप इसकी ट्रेनिंग लेना चाहते है तो आप ग्लिटराटी पर्ल फार्मिंग ट्रेनिंग केंद्र प्रशिक्षण कार्य कर्म आयोजित किया जा रहा है प्रशिक्षण कार्य कर्म में भाग लेने के लिए नीचे दिए गए नम्बर पर आज ही संपर्क करें और Rs 250/ से अपना रजिस्ट्रेशन करवाए अचल सिंह (फाउंडर )- 9711858258. धन्यवाद
Posted by ravneetsharma
Punjab
01-03-2020 04:33 PM

Punjab
05-13-2021 04:28 PM
Posted by Mohan GHORELA
Punjab
01-03-2020 04:32 PM
Punjab
03-01-2020 08:43 PM
shrimaan g knak vich NPK da spray gobh de time vich krn nal jyada benefit milda hai jekar knak poori nisar gyia hai tn hun npk da spray na kro g..
Posted by Amarjit Singh
Punjab
01-03-2020 04:22 PM
Punjab
03-01-2020 04:26 PM
Shri maan g tuhadi fassal kine din di ho gyi hai ....
Posted by vikram singh
Punjab
01-03-2020 04:20 PM
Punjab
03-02-2020 04:36 PM
Vikram ji tuci uss nu vdia matra vich hara chara dena suru kro ate vdia feed deni suru kro kyuki pashu di khurak vdia honn nal he dudh ate fatt vdia hundi hai baki uss nu her 3-3 mahine badd pett de kirria lai goli jrur deo, baki tuci uss nu Fatmax powder 50gm rojana, Khurak powder 50-50gm swere sham deo, ehna nal farak paa jawega.
Posted by राम निहाल यादव
Uttar Pradesh
01-03-2020 04:13 PM
Rajasthan
03-02-2020 04:38 PM
राम निहाल जी यह जर्सी क्रॉस नस्ल की गाय है
Posted by Bs Randhawa
Punjab
01-03-2020 04:13 PM
Punjab
03-02-2020 04:45 PM
Randhawa ji tuci chicks di deworming 70 din de hoon ton badd kr skde ho fir tuci her 3-3 mahine de frak nal kr skde ho ate tuci Albendazole, piperazine etc. nal deworming kr skde ho ate her varr salt change krke deworming kro ji.
Posted by Nazre Alam
Uttar Pradesh
01-03-2020 04:12 PM
Punjab
03-01-2020 04:27 PM
Shri maan aap pyaj mein M-45@500 gm per acre spray kr skte ho....
Posted by jeet
Madhya Pradesh
01-03-2020 04:11 PM

Punjab
03-02-2020 05:05 PM
jeet ji alag alag ex[erts ke dwara aapko jwab alag is liye milte hai kyuki app par lagbhag 160 se jyada experts maujood hai aur jo prashan unke sahmne aata hai vo unka jwab de dete hai is liye aapko kaha jata hai ke jab bhi koi swal puche to vistar se pooche taki agar koi doosra expert bhi swal pade to aapko jwwab de sake aur aapko experts ke dwara cross question kiya gya tha ke aapke dwara bheji gayi photo blur thi jiske karan dwa ke bare men aapko guide nahi kiya ja sakta tha ke uske spray se aapko fayda hoga ya nuksaan. experts ki hamesha kosish rehti hai ke dwa ke bare men poori jankari lekar hi aapko jwab diya jaye.
Posted by ravneetsharma
Punjab
01-03-2020 03:54 PM

Punjab
03-02-2020 12:11 PM
ravneet ji isnu kangyari keha janda hai.dhanwad
Posted by HANUMAN SINGH BIKA
Rajasthan
01-03-2020 03:53 PM
Punjab
03-03-2020 03:22 PM
हनुमान जी आप सिंचाई चार से पांच दिन बाद कर सकते है
Posted by samasingh
Punjab
01-03-2020 03:47 PM
Punjab
03-01-2020 04:28 PM
ਸ੍ਰੀ ਮਾਨ ਜੀ ਕਿਰਪਾ ਕਰਕੇ ਆਪਣਾ ਸਵਾਲ ਵਿਸਥਾਰਪੂਰਵਕ ਪੁੱਛੋ ਤਾਂ ਕਿ ਇਸਦੀ ਸਹੀ ਜਾਣਕਾਰੀ ਦਿੱਤੀ ਜਾਵੇ