
Posted by Subhash Subhash
Rajasthan
02-03-2020 03:34 PM
Subhash ji, please tell us in detail, what information would you want regarding this plant, so that we can provide to information accordingly, thank you

Posted by rajkumar Yadav
Rajasthan
02-03-2020 03:16 PM
राजकुमार जी, आप अमरुद की बिजाई कर सकते हैं, यह खारा पानी को सहन करने की क्षमता रखता है, धन्यवाद

Posted by RAVI KUMAR
Uttar Pradesh
02-03-2020 03:15 PM
Pm kisan samman nidhi yojna के तहत खेती-किसानी के लिए सालाना 6000 रुपए तीन किस्तों में मिल रहे हैं प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि स्कीम (pradhan mantri kisan samman nidhi scheme) अब देश के सभी 14.5 करोड़ किसान परिवारों के लिए लागू हो गई है स्टेप बाई स्टेप जाने कैसे लें प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना का लाभ प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना का .... (Read More)
Pm kisan samman nidhi yojna के तहत खेती-किसानी के लिए सालाना 6000 रुपए तीन किस्तों में मिल रहे हैं प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि स्कीम (pradhan mantri kisan samman nidhi scheme) अब देश के सभी 14.5 करोड़ किसान परिवारों के लिए लागू हो गई है स्टेप बाई स्टेप जाने कैसे लें प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना का लाभ प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना का लाभ लेने के लिए आपको ऑनलाइन या ऑफलाइन आवेदन करना पड़ेगा किसानों को इसका लाभ पाने के लिए सबसे पहले कृषि विभाग में रजिस्ट्रेशन करवाना होगा, प्रशासन उसका वेरीफिकेशन करेगा रेवेन्यू रिकॉर्ड, बैंक अकाउंट नंबर, मोबाइल नंबर और आधार नंबर देना होगा कोई कन्फ्यूजन है तो अपने लेखपाल से संपर्क कर सकते हैं लेखपाल ही यह वेरीफाई करता है कि आप किसान हैं अगर लेखपाल और कृषि अधिकारी किसी असली किसान को इसका लाभ देने में आनाकानी कर रहे हैं तो सोमवार से शुक्रवार तक पीएम-किसान हेल्प डेस्क (PM-KISAN Help Desk) के ई-मेल Email (pmkisan-ict@gov.in) पर संपर्क कर सकते हैं वहां से भी न बात बने तो इस सेल के फोन नंबर 011-23381092 (Direct HelpLine) पर फोन करें आॉनलाइन आवेदन करते समय किसान को अपना आधार कार्ड नंबर, मतदाता पहचान पत्र और बैंक से संबंधित यानी कि बैंक खाता संख्या पास होना जरूरी है इसके अलावा अगर किसान एससी/एसटी वर्ग से है तो उसके लिए उसे सर्टिफिकेट देना होगा इसके बाद आपको अपनी जानकारी देने होगी जैसे कि पिता का नाम, मोबाइल नंबर, जन्मतिथि, खेती की जानकारी जैसे- खेत का आकार, कितनी जमीन है आदि प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना का ऑफलाइन आवेदन करने के लिए किसानों को ग्राम पंचायत या फिर पास के सीएससी सेंटर जाना होगा वहां पर जाने के बाग आपको फार्म दिए जाएंगे, जिन्हें आपको भरना होगा कैसे पता चलेगा कि आपका नाम रजिस्टर हो चुका हैं प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना का फार्म भरने के बाद जो भी लाभकारी किसान हैं, उनके नामों की लिस्ट पंचायत पर लगाई जाएगी इसके अलावा जिन किसानों को उसका लाभ मिलना है उनके मोबाइल पर भी एसएसएस भेजा जाएगा.

Posted by Sharanpreet Singh
Punjab
02-03-2020 02:50 PM
BhaaG isnu rajwa hara chaara te har 3kg dudh lai 1kg feed pao har 3 mahine baad malap rehat karo swer shaam taaran v dekho jab taaran dekho is nu aas karwa lao

Posted by Harsh Deep Singh
Punjab
02-03-2020 02:49 PM
Harsh Deep Singh ji, isdi bijai march de mahine vich kiti jandi hai, isde podhe di height kareeb 4 foot tak ho jandi hai, isde fruit da weight 150 gram hunda hai ate isdi paidawaar 1 acre vich 150- 175 q hundi hai, dhanwad

Posted by ratan lal salvi
Rajasthan
02-03-2020 02:45 PM
श्रीमान जी, गुलाब की खेती के लिए जैविक तत्वों से भरपूर और अच्छे जल निकास वाली रेतली दोमट मिट्टी अनुकूल होती है बढ़िया विकास के लिए मिट्टी का pH 6 से 7.5 होना चाहिए यह जल जमाव को सहनयोग्य नहीं है, इसलिए उचित जल निकास का प्रबंध होना चाहिए और अनावश्यक पानी को निकाल देना चाहिए किस्मों के लिए आप देसी गुलाब और इंग्लिश ग.... (Read More)
श्रीमान जी, गुलाब की खेती के लिए जैविक तत्वों से भरपूर और अच्छे जल निकास वाली रेतली दोमट मिट्टी अनुकूल होती है बढ़िया विकास के लिए मिट्टी का pH 6 से 7.5 होना चाहिए यह जल जमाव को सहनयोग्य नहीं है, इसलिए उचित जल निकास का प्रबंध होना चाहिए और अनावश्यक पानी को निकाल देना चाहिए किस्मों के लिए आप देसी गुलाब और इंग्लिश गुलाब किस्मे लगा सकते हैं. मिट्टी को नरम करने के लिए जोताई और गोड़ाई करें बिजाई से 4-6 सप्ताह पहले खेती के लिए बैड तैयार करें बैड बनाने कि लिए 2 टन रूड़ी की खाद और 2 किलो सुपर फासफेट डालें बैडों को एक समान बनाने के लिए उनको समतल करें और बैडों के ऊपर बोयें होये गुलाब गड्डों में बोयें हुए गुलाबों से ज्यादा मुनाफे वाले होते है उत्तरी भारत में बिजाई का सही समय मध्य अक्तूबर है रोपाई के बाद पौधे को छांव में रखें और अगर बहुत ज्यादा धुप हो, तो पौधे पर पानी का छिड़काव करें दोपहर के अंत वाले समय बोया गया गुलाब बढ़िया उगता हैबैड पर 30 सैं.मी. व्यास और 30 सैं.मी. गहरे गड्ढे खोद कर 75 सैं.मी. के फासले पर पौधों की बिजाई करें दो पौधों के बीच में फासला गुलाब की किस्म पर निर्भर करता है बीजों को 2-3 सैं.मी. गहराई में बोयें इसकी बिजाई सीधी या पनीरी लगा कर की जाती है गुलाब की फसल का का प्रजनन काटी गई जड़ों और बडिंग द्वारा किया जाता है उत्तरी भारत में दिसंबर-फरवरी महीने का समय टी-बडिंग के लिए उचित होता है पौधे की कांट-छांट दूसरे और उसके बाद के वर्षों में की जाती है उत्तरी भारत में गुलाब की झाड़ियों की कांट-छांट अक्तूबर के दूसरे या तीसरे हफ्ते में की जाती है जो शाखाएं झाड़ियों को घना बनाएं, उन्हें निकाल दें लटके हुए गुलाबों को छंटाई की जरूरत नहीं होती छंटाई के बाद, अच्छे से गले हुए 7-8 किलो गाय के गोबर को प्रति पौधे को डालें और मिट्टी में अच्छी तरह मिलायें ग्रीन हाउस में, गुलाबों को पंक्तियों में बोया जाता है और पौधों का घनत्व 7-14 पौधे प्रति वर्ग मीटर होनी चाहिए बैड की तैयारी के समय 2 टन रूड़ी की खाद और 2 किलो सुपर फास्फेट को मिट्टी में डालें तीन महीने के फासले पर 10 किलो रूड़ी की खाद और 8 किलो नाइट्रोजन, 8 किलो फासफोरस और 16 किलो पोटाश प्रति पौधे में डालें छंटाई के बाद ही सारी खादों को डालें ज्यादा पैदावार लेने के लिए छंटाई से एक महीने बाद, जी ए 3@ 200 पी पी एम(2 ग्राम प्रति लीटर) की स्प्रे करें पौधे की तनाव सहन शक्ति को बढ़ाने के लिए घुलनशील जड़ उत्तेजक(रैली गोल्ड/रिजोम) 100 ग्राम+ टिपोल 60 मि.ली. को 100 लीटर पानी में डालकर प्रति एकड़ में शाम के समय सिंचाई करें पौधों को खेत में लगाएं ताकि बढ़िया ढंग से विकास कर सके सिंचाई मिट्टी की किस्म और जलवायु के अनुसार करें आधुनिक सिंचाई तकनीक जैसे ड्रिप सिंचाई गुलाब की खेती के लिए लाभदायक होती है फव्वारा सिंचाई से परहेज करें क्योंकि इससे पत्तों को लगने वाली बीमारियां बढ़ती हैं धन्यवाद

Posted by Govind
Madhya Pradesh
02-03-2020 02:38 PM
आप फ्रीरेंज में पौल्ट्री कर सकते है और फीड उसी हिसाब से दे सकते है जितना वो आसानी से हज़म कर सके आप बाज़ार की फीड देने की जगह खुद भी घर में फीड तैयार करके दे सकते है जिससे खर्चा कम हो सकता है मुर्गियों की फीड के लिए फीड तैयार करने के लिए 25kg मक्की, 20kg गेहू, 5-6 kg सोयाबीन खल और 50gm मिनरल मिश्रण मिलाकर सुबह और शाम को फीड म.... (Read More)
आप फ्रीरेंज में पौल्ट्री कर सकते है और फीड उसी हिसाब से दे सकते है जितना वो आसानी से हज़म कर सके आप बाज़ार की फीड देने की जगह खुद भी घर में फीड तैयार करके दे सकते है जिससे खर्चा कम हो सकता है मुर्गियों की फीड के लिए फीड तैयार करने के लिए 25kg मक्की, 20kg गेहू, 5-6 kg सोयाबीन खल और 50gm मिनरल मिश्रण मिलाकर सुबह और शाम को फीड मुर्गियों को डालें, जितनी वो आसानी से खा जाए उस हिसाब से डालें.
Posted by yogesh Kumar
Haryana
02-03-2020 02:15 PM
Yogesh Kumar ji desi chicks lene ke lia aap Central Poultry Development Organization (Northern Region) Government of India
Industrial Area, Phase-I, Chandigarh – 160 002
Tel.No: 0172-2655391 se samparak kar sakte hai, Thankyou.

Posted by saini
Punjab
02-03-2020 01:58 PM
BhaaG deputy director dairy development Fazilka naal sampark karo g training lao te loan milega

Posted by ramswrup patidar
Madhya Pradesh
02-03-2020 01:49 PM
Ramswrupji, yeh fungus ka hamla hua hai ap iski roktham ke liye isme carbendazim @ 4 gram ya mancozeb @ 4 gram prati litre pani ke hisaab se spray kar sakte hain, dhanywad

Posted by Lakhwinder Garcha
Punjab
02-03-2020 01:45 PM
ਲਖਵਿੰਦਰ ਜੀ, ਤੁਸੀਂ ਇਸ ਵਿਚ ਹੁਣ npk 130045 @ 1 ਕਿਲੋ ਦੇ ਨਾਲ Boron @ 100 ਗ੍ਰਾਮ ਨੂੰ 150 ਲਿਟਰ ਪਾਣੀ ਵਿੱਚ ਮਿਲਾ ਕੇ ਪ੍ਰਤੀ ਏਕੜ ਦੇ ਹਿਸਾਬ ਨਾਲ ਸਪਰੇ ਕਰ ਸਕਦੇ ਹੋ, ਇਸਦੇ ਨਾਲ ਦਾਣੇ ਵਧੀਆ ਬੰਦੇ ਹਨ ਅਤੇ ਝਾੜ ਵਿਚ ਵਾਧਾ ਹੁੰਦਾ ਹੈ, ਧੰਨਵਾਦ
Posted by SUKHWINDER SINGH
Punjab
02-03-2020 01:29 PM
ਸ਼੍ਰੀਮਾਨ ਜੀ, ਤੁਸੀਂ ਇਸ ਵਿਚ fipronil ਦੀ ਸਪਰੇ ਕਰ ਸਕਦੇ fipronil ਸੁੰਡੀ ਦੀ ਰੋਕਥਾਮ ਲਈ ਵਰਤਿਆ ਜਾਂਦਾ ਹੈ,ਤੁਸੀਂ ਇਸ ਦੀ ਵਰਤੋਂ ਉਸ ਸਮੇ ਹੀ ਕਰੋ , ਜੇਕਰ ਸੁੰਡੀ ਦਾ ਹਮਲਾ ਹੋਇਆ ਹੈ ਇਸ ਨੂੰ ਪ੍ਰਤੀ ਏਕੜ ਦੇ ਹਿਸਾਬ ਨਾਲ 2 ਤੋਂ 3 ਕਿਲੋ ਵਰਤਿਆ ਜਾਂਦਾ ਹੈ, ਧੰਨਵਾਦ
Posted by Hari Chand
Uttar Pradesh
02-03-2020 01:22 PM
हरी जी, आप मार्च महीने में ग्वार, खीरा-ककड़ी, लोबिया, करेला, लौकी, तुरई, पेठा, खरबूजा, तरबूज, पालक, भिण्डी, अरबी, अप्रैल महीने में चौलाई, मूली और मई महीने में फूलगोभी, बैंगन, प्याज, मूली, मिर्च की बिजाई कर सकते हैं, धन्यवाद
Posted by GurSewak turka
Punjab
02-03-2020 01:22 PM
Sabi ji kai varr pashu vase he pani suut janda hai tuci iss nu Keeper plus powder 30gm rojana 20 din tak deo, jekar ehh gaban hoi tan rukk jawegi jekar naa hoi tan dubara heat vich aa jawegi.

Posted by Gurvinder Singh
Punjab
02-03-2020 01:17 PM
ਸ੍ਰੀ ਮਾਨ ਜੀ ਹੁਣ ਹਰੇ ਚਾਰੇ ਲਈ ਮੱਕੀ,ਨੇਪੀਅਰ ਬਾਜਰੇ ਦੀ ਬਿਜਾਈ ਕਰ ਸਕਦੇ ਹੋ

Posted by Bs Randhawa
Punjab
02-03-2020 01:15 PM
Randhawa ji aap bakrio ke liye abhi makki ka chara ugga skte hai, iske ilawa aap murgio ko achi company ki feed de skte hai ja fir khudd v ghar per tyar krke feed de skte hai..

Posted by Madhuri butole
Maharashtra
02-03-2020 01:14 PM
Madhuri butole ji Flower seed lene ke lia aap Prem raj Saini 9719432296 se samparak kar sakte hai, Thankyou.
Posted by Sidhu Guravtar
Himachal Pradesh
02-03-2020 01:07 PM
ਸ੍ਰੀ ਮਾਨ ਜੀ ਕਣਕ ਵਿੱਚ ਤੇਲੇ ਦੀ ਰੋਕਥਾਮ ਦੇ ਲਈ Actara@40gm ਪ੍ਰਤੀ ਏਕੜ ਸਪਰੇਅ ਕਰ ਸਕਦੇ ਹੋ

Posted by salim Ansari
Uttar Pradesh
02-03-2020 01:05 PM
Salim Ansari ji chane ka bhusa lene ke lia aap Tulsiram hatta bhidari 6261067847 se samparak kar sakte hai, Thankyou.

Posted by Amrit Aulakh
Punjab
02-03-2020 12:55 PM
BhaaG isnu rajwa hara chaara te har din 1-2kg feed pao har 3 mahine baad malap rehat karo g

Posted by manpreet singh
Punjab
02-03-2020 12:51 PM
ਮਨਪ੍ਰੀਤ ਜੀ, ਸਰੋਂ ਬਹੁੱਤ ਕਿਸਮਾਂ ਹੁੰਦੀਆਂ ਹਨ ਜਿਵੇ ਕੇ ਤੋਰਿਆ, ਰਾਇਆ , ਗੋਭੀ ਸਰੋਂ, ਅਫ਼੍ਰੀਕੀ ਸਰੋਂ, ਤਾਰਾਮੀਰਾ ਤੁਸੀਂ ਤੋਰਿਆ ਦੀ ਬਿਜਾਈ ਕਰ ਸਕਦੇ ਹੋ , ਇਹ ਸਭ ਤੋਂ ਘੱਟ ਸਮਾਂ ਲੈਂਦੀ ਹੈ, ਇਸ ਦੀਆਂ ਕਿਸਮ ਜਿਵੇ ਕੇ TL 17, TL 15 ਦੀ ਬਿਜਾਈ ਕਰ ਸਕਦੇ ਹੋ, ਇਹ 90 ਦਿਨ ਵਿਚ ਪੱਕ ਕੇ ਤਿਆਰ ਹੋ ਜਾਂਦੀ ਹੈ, ਧੰਨਵਾਦ
Posted by छत्रपति यादव
Chattisgarh
02-03-2020 12:44 PM
छत्रपति यादव जी, आप पत्ता गोभी की किस्में जैसे कि Pusa Ageti, Pusa Drum Head, Golden Acre की बिजाई कर सकते हैं, धन्यवाद
Posted by Mangat
Punjab
02-03-2020 12:36 PM
Mangal ji tuci choti katti nu pett de kiria lai Albendazole salt di dwai de skde ho ate fir 1-1 month badd pett de kiria lai dwai salt change krke deo, baki tuci majh da bhukar nazdiki doctor ton check krwao jiss nal usdi sahi janch krke lal rang hoon ate dudh ghatt honn vare ptaa lgg skee.

Posted by h s yadav
Uttar Pradesh
02-03-2020 12:36 PM
Yadav ji, ap iski desi kismo ki bijai karein to acha rahe ga, ap iski kisme jaise ke Pusa Do Mousami, Pusa Vishesh, Arka Harit, Kashi Harit, Kashi Urvashi, Priya, Kalyanpur Baramansi, Faijabadi, Pant Karela 1, Pusa Hybrid 2 ki bijai kar sakte hain, iske ilawa boht si companies jaise ke maycho, syngenta, kaveri seeds karela ka beej tiyar karti hai, ap inse bhi yeh le sakte hain, dhanywad

Posted by kulwinder singh
Punjab
02-03-2020 12:28 PM
Sir g main apni jhoti nu stimvet bolus ditti a kine da ch heat ch aa jandi a, kal khatam ho gai ne ?
kulwinder ji tuci dwai den ton badd 7-8 din tak wait kr skde ho, jekar pashu patlia patlia tara dewe tan tuci uss nu tika bhrwa skde ho..
Posted by Dr.Raghvendra Singh
Uttar Pradesh
02-03-2020 12:16 PM
ब्लैक बंगाल बकरी के बच्चे लेने के लिए आप Bablu 6203080883, 8932042932 से संपर्क कर सकते है इनसे आपको सभी नस्लों की बकरियां मिल जाएगी
Posted by sadaramyadu
Chattisgarh
02-03-2020 12:13 PM
sadaramyadu ji kripya swal vistar se pooche ke konsi fasl men ke tane men chedak ka hamla hua hai taki aapko uske hisab se jankari di ja sake,dhanywad
Posted by jay singh
Rajasthan
02-03-2020 12:07 PM
जय जी, आप इसमें मच्छर के हमले की जांच करें, अगर हमला मौजूद हो तो आप इसमें imidacloprid @ 1.5 ml प्रति लीटर पानी के हिसाब से स्प्रे कर सकते हैं, धन्यवाद

Posted by Akash Kumar
Uttar Pradesh
02-03-2020 12:05 PM
मोती की खेती एक बहुत ही अच्छा व्यवसाय है इस व्यवसाय को शुरू करने के लिए सबसे जरुरी है इसकी ट्रेनिंग, क्योकि इसमें बहुत सी ऐसी बारीकियें होती है जो हमें प्रेक्टिकल ट्रेनिंग में ही सीखने को मिलती है अगर आप इसकी ट्रेनिंग लेना चाहते है तो आप ग्लिटराटी पर्ल फार्मिंग ट्रेनिंग केंद्र प्रशिक्षण कार्य कर्म आयोजि.... (Read More)
मोती की खेती एक बहुत ही अच्छा व्यवसाय है इस व्यवसाय को शुरू करने के लिए सबसे जरुरी है इसकी ट्रेनिंग, क्योकि इसमें बहुत सी ऐसी बारीकियें होती है जो हमें प्रेक्टिकल ट्रेनिंग में ही सीखने को मिलती है अगर आप इसकी ट्रेनिंग लेना चाहते है तो आप ग्लिटराटी पर्ल फार्मिंग ट्रेनिंग केंद्र प्रशिक्षण कार्य कर्म आयोजित किया जा रहा है प्रशिक्षण कार्य कर्म में भाग लेने के लिए नीचे दिए गए नम्बर पर आज ही संपर्क करें और Rs 250/ से अपना रजिस्ट्रेशन करवाए अचल सिंह (फाउंडर )- 9711858258. धन्यवाद

Posted by vasudev pathariya
Madhya Pradesh
02-03-2020 11:41 AM
श्रीमान जी, इसे मिट्टी की कई किस्मों जैसे भारी चिकनी से हल्की दोमट मिट्टी में उगाया जा सकता है यह जल जमाव वाले हालातों में बढ़ती नहीं है इसलिए इन मिट्टी में इसकी खेती ना करें मिट्टी के भुरभुरा होने तक खेत की चार से पांच बार जोताई करें और फिर तवियों से मिट्टी को समतल करें बीजों की बिजाई के लिए 3 x 3 मीटर बैड तैयार.... (Read More)
श्रीमान जी, इसे मिट्टी की कई किस्मों जैसे भारी चिकनी से हल्की दोमट मिट्टी में उगाया जा सकता है यह जल जमाव वाले हालातों में बढ़ती नहीं है इसलिए इन मिट्टी में इसकी खेती ना करें मिट्टी के भुरभुरा होने तक खेत की चार से पांच बार जोताई करें और फिर तवियों से मिट्टी को समतल करें बीजों की बिजाई के लिए 3 x 3 मीटर बैड तैयार किए जाते हैं अगस्त से सितंबर का महीना बिजाई के लिए उपयुक्त समय है कतार में बिजाई के लिए दो कतारों में 15-20 सैं.मी. फासले का प्रयोग करें पौधे से पौधे में 20 सैं.मी. फासले का प्रयोग करें बिजाई के लिए बुरकाव विधि का प्रयोग किया जाता है बिजाई के लिए बुरकाव विधि या कतार में बिजाई का प्रयोग किया जाता है एक एकड़ खेत के लिए 1-2 किलो बीज पर्याप्त होते हैं खादों की सही मात्रा के लिए और खादों के अतिरिक्त उपयोग से बचने के लिए मिट्टी की जांच करना बहुत महत्तवपूर्ण है फसल की अच्छी वृद्धि के साथ साथ अच्छी उपज के लिए नाइट्रोजन 8 किलो (यूरिया 18 किलो), फासफोरस 4 किलो (एस एस पी 25 किलो), पोटाश 6 किलो (म्यूरेट ऑफ पोटाश 10 किलो) प्रति एकड़ में डालें मिट्टी की किस्म और जलवायु के आधार पर सिंचाई करें नदीनों की जांच के लिए लगातार गोडाई और निराई करें रासायनिक नदीनों की रोकथाम के लिए बिजाई के तुरंत बाद पैडीमैथालीन 800 मि.ली. प्रति एकड़ में स्प्रे करें बिजाई के 30-35 दिनों के बाद पहली गोडाई करें धन्यवाद

Posted by vasudev pathariya
Madhya Pradesh
02-03-2020 11:24 AM
श्रीमान जी, आप गर्मियों में फसलें जैसे कि मक्की, धान, अप्रैल में चौलाई, मूली
मई महीने में फूलगोभी, बैंगन, प्याज, मूली, मिर्च जून महीने में फूलगोभी, खीरा-ककड़ी, लोबिया, करेला, लौकी, तुरई, पेठा, बीन, भिण्डी, टमाटर, प्याज, चौलाई, शरीफा की बिजाई कर सकते हैं, धन्यवाद
Posted by Gurpreet singh
Haryana
02-03-2020 11:16 AM
Gurpreet singh ji tusi Bhagwant Singh 9876426447 Global Namdhari eng. nal samparak kar sakde ho. Thankyou.
Posted by Dalvir Dhaliwal
Punjab
02-03-2020 11:15 AM
ਦਲਵੀਰ ਜੀ, ਸੂਰਜਮੁਖੀ ਦੇ ਪੱਤੇ ਨੂੰ ਪਹਿਲੇ 45 ਦਿਨ ਨਦੀਨ ਮੁਕਤ ਰੱਖੋ ਅਤੇ ਲੋੜੀਦੇ ਪੌਦਿਆ ਤੇ ਸਿੰਚਾਈ ਕਰੋ ਬਿਜਾਈ ਦੇ 3 ਹਫਤੇ ਬਾਅਦ ਪਹਿਲੀ ਗੋਡੀ ਅਤੇ 6 ਹਫਤੇ ਬਾਅਦ ਦੂਜੀ ਗੋਡੀ ਕਰੋ ਧੰਨਵਾਦ
Posted by Gurpreet singh
Haryana
02-03-2020 11:15 AM
Gurpreet singh ji feed bnane ki machine lene ke lia aap Bhagwant Singh 9876426447 se samparak kar sakte hai, Thankyou.

Posted by ਰਣਜੀਤ ਸਿੰਘ
Punjab
02-03-2020 11:09 AM
ਰਣਜੀਤ ਸਿੰਘ ਜੀ, ਤੁਸੀਂ j 1006 ਦੀ ਬਿਜਾਈ ਕਰ ਸਕਦੇ ਹੋ, ਹਰੇ ਚਾਰੇ ਦਾ ਔਸਤਨ ਝਾੜ 165 ਕੁਇੰਟਲ ਪ੍ਰਤੀ ਏਕੜ, ਧੰਨਵਾਦ

Posted by ਰਣਜੀਤ ਸਿੰਘ
Punjab
02-03-2020 11:07 AM
ਰਣਜੀਤ ਸਿੰਘ ਜੀ, ਸਾਉਣੀ ਰੁੱਤ ਲਈ ਇਸ ਦੀ ਬਿਜਾਈ ਦਾ ਢੁੱਕਵਾ ਸਮਾਂ ਜੁਲਾਈ ਮਹੀਨੇ ਦਾ ਪਹਿਲਾ ਪੰਦਰਵਾੜਾ ਹੈ ਗਰਮੀ ਰੁੱਤ ਦੀ ਬਿਜਾਈ ਲਈ ਸਹੀ ਸਮਾਂ ਮਾਰਚ ਤੋ ਅਪ੍ਰੈਲ ਤੱਕ ਦਾ ਹੈ ਧੰਨਵਾਦ

Posted by ਰਣਜੀਤ ਸਿੰਘ
Punjab
02-03-2020 11:05 AM
ਸ਼੍ਰੀਮਾਨ ਜੀ, PMH 1:- ਇਹ ਕਿਸਮ ਸਾਉਣੀ/ਬਸੰਤ ਰੁੱਤ ਅਤੇ ਗਰਮੀ ਦੇ ਮੌਸਮ ਵੇਲੇ ਰਾਜ ਦੇ ਸਾਰੇ ਸੇਂਜੂ ਇਲਾਕਿਆਂ ਵਿੱਚ ਬੀਜੀ ਜਾ ਸਕਦੀ ਹੈ ਇਹ ਪੱਕਣ ਲਈ 95 ਦਿਨ ਦਾ ਸਮਾਂ ਲੈਂਦੀ ਹੈ ਇਸਦਾ ਤਣਾ ਸਖਤ ਅਤੇ ਜਾਮਣੀ ਰੰਗ ਦਾ ਹੁੰਦਾ ਹੈ ਇਸਦਾ ਔਸਤ ਝਾੜ 21 ਕੁਇੰਟਲ ਪ੍ਰਤੀ ਏਕੜ ਹੈ PMH 2:- ਇਹ ਘੱਟ ਸਮੇਂ ਵਾਲੀ ਕਿਸਮ ਹੈ ਅਤੇ ਪੱਕਣ ਲਈ 83 ਦਿਨ ਦਾ ਸਮਾਂ ਲੈਂਦੀ ਹੈ JH 3459:- ਇਹ ਘੱਟ ਸਮੇਂ ਦੀ ਕਿਸਮ ਹੈ ਜੋ ਕਿ ਪੱਕ.... (Read More)
ਸ਼੍ਰੀਮਾਨ ਜੀ, PMH 1:- ਇਹ ਕਿਸਮ ਸਾਉਣੀ/ਬਸੰਤ ਰੁੱਤ ਅਤੇ ਗਰਮੀ ਦੇ ਮੌਸਮ ਵੇਲੇ ਰਾਜ ਦੇ ਸਾਰੇ ਸੇਂਜੂ ਇਲਾਕਿਆਂ ਵਿੱਚ ਬੀਜੀ ਜਾ ਸਕਦੀ ਹੈ ਇਹ ਪੱਕਣ ਲਈ 95 ਦਿਨ ਦਾ ਸਮਾਂ ਲੈਂਦੀ ਹੈ ਇਸਦਾ ਤਣਾ ਸਖਤ ਅਤੇ ਜਾਮਣੀ ਰੰਗ ਦਾ ਹੁੰਦਾ ਹੈ ਇਸਦਾ ਔਸਤ ਝਾੜ 21 ਕੁਇੰਟਲ ਪ੍ਰਤੀ ਏਕੜ ਹੈ PMH 2:- ਇਹ ਘੱਟ ਸਮੇਂ ਵਾਲੀ ਕਿਸਮ ਹੈ ਅਤੇ ਪੱਕਣ ਲਈ 83 ਦਿਨ ਦਾ ਸਮਾਂ ਲੈਂਦੀ ਹੈ JH 3459:- ਇਹ ਘੱਟ ਸਮੇਂ ਦੀ ਕਿਸਮ ਹੈ ਜੋ ਕਿ ਪੱਕਣ ਲਈ 84 ਦਿਨ ਦਾ ਸਮਾਂ ਲੈਂਦੀ ਹੈ ਇਹ ਸੋਕੇ ਨੂੰ ਸਹਿਣਯੋਗ ਅਤੇ ਘੱਟ ਡਿੱਗਣ ਵਾਲੀ ਕਿਸਮ ਹੈ ਇਸਦੇ ਦਾਣੇ ਸੰਤਰੀ ਰੰਗ ਦੇ ਅਤੇ ਔਸਤ ਝਾੜ 17.5 ਕੁਇੰਟਲ ਪ੍ਰਤੀ ਏਕੜ ਹੈ ਬਸੰਤ ਰੁੱਤ ਦੀ ਫਸਲ ਫਰਵਰੀ ਦੇ ਅੰਤ ਤੋਂ ਅੰਤ ਮਾਰਚ ਤੱਕ ਬੀਜੀ ਜਾਂਦੀ ਹੈ ਧੰਨਵਾਦ

Posted by Rajkaran singh
Punjab
02-03-2020 11:04 AM
ਸ਼੍ਰੀਮਾਨ ਜੀ, ਕਿਰਪਾ ਕਰ ਕੇ ਦੱਸੋ ਕੇ ਤੁਹਾਡੇ ਖੇਤ ਵਿੱਚ ਕਿ ਸਮਸਿਆ ਆ ਰਹੀ ਸੀ , ਜਿਸ ਦੀ ਵਜਾ ਨਾਲ ਤੁਸੀਂ ਇਹ ਸਪਰੇ ਕੀਤੀ ਹੈ, ਕਿਉਂਕਿ ਇਸ ਦੀ ਬਿਨਾ ਵਜ੍ਹਾ ਸਪਰੇ ਨਾਲ ਵੀ ਫ਼ਸਲ ਨੂੰ ਨੁਕਸਾਨ ਹੁੰਦਾ ਹੈ, ਧੰਨਵਾਦ

Posted by Ankit Tomar
Uttar Pradesh
02-03-2020 10:53 AM
श्री मान पपीते की खेती को मिट्टी की व्यापक किस्मों में उगाया जा सकता है अच्छे निकास वाली पहाड़ी मिट्टी पपीते की खेती के लिए उपयुक्त होती है रेतली और भारी मिट्टी में इसकी खेती ना करें पपीते की खेती के लिए मिट्टी की पी एच 6.5-7.0 होनी चाहिए प्रसिद्ध किस्में :-Pusa Dwarf: इसके फल मध्यम आकार के और अंडाकार होते हैं यह सूखे को .... (Read More)
श्री मान पपीते की खेती को मिट्टी की व्यापक किस्मों में उगाया जा सकता है अच्छे निकास वाली पहाड़ी मिट्टी पपीते की खेती के लिए उपयुक्त होती है रेतली और भारी मिट्टी में इसकी खेती ना करें पपीते की खेती के लिए मिट्टी की पी एच 6.5-7.0 होनी चाहिए प्रसिद्ध किस्में :-Pusa Dwarf: इसके फल मध्यम आकार के और अंडाकार होते हैं यह सूखे को सहनेयोग्य किस्म है यह उच्च घनत्व में रोपाई के लिए लाभदायक है Pusa Giant: इस किस्म के पौधे तेज हवा को सहनेयोग्य है यह बड़े फलों का उत्पादन करती है यह पैकिंग के लिए उपयुक्त किस्म है CO 3: इसके फल बड़े आकार के और अंडाकार होते हैं इसे ज्यादा देर तक रखने की गुणवत्ता अच्छी होती है CO 1: यह छोटे कद की किस्म है जिसके फल मध्यम आकार के होते हैं फल गोलाकार, नर्म हरा-पीला छिल्का और संतरी पीले रंग का गुद्दा होता है फल रसदार होता है और इसे ज्यादा देर तक रखने की गुणवत्ता अच्छी होती है Coorg Honey Dew: इसे सीधे तौर पर खाने के लिए और प्रक्रिया के लिए प्रयोग किया जाता है इसके फल आयताकार और गुद्दा मोटा संतरी रंग का होता है Pusa Majesty: इसके फल मध्यम आकार के, गोल होते हैं इन्हें रखने की गुणवत्ता बहुत अच्छी होती है यह किस्म 146 दिनों में कटाई के लिए तैयार हो जाती है यह किस्म जड़ गलन निमाटोड के प्रतिरोधक किस्म है Pusa Delicious: यह मध्यम लंबी किस्म है इसके फल मध्यम आकार के होते हैं, गुद्दा गहरे संतरी रंग का होता है इस किस्म को कतारों में लगाने के लिए प्रयोग किया जाता है पपीते की खेती के लिए नदीन रहित भूमि का प्रयोग करें मिट्टी के भुरभुरा होने तक खेत की जोताई करें आखिरी जोताई के समय अच्छी तरह से गली हुई रूड़ी की खाद या गाय का गला हुआ गोबर मिट्टी में अच्छी तरह मिलाकर डालें सिफारिश किए गए फासलों पर 1 मीटर x 1 मीटर x 1 मीटर आकार के गड्ढे खोदें गड्ढों को मिट्टी और रूड़ी की खाद या गाय के गले हुए गोबर से भरें प्रयोग की गई किस्म के आधार पर प्रत्येक गड्ढे पर 2-4 नए पौधों की रोपाई करें रोपाई के बाद हल्की सिंचाई करें हवा से बचाव के लिए खूंटा लगाएं बीजों को 150 गेज़ की मोटाई वाले, 25 x 10 सैं.मी. के पॉलीथीन बैग में बोयें पानी के उचित निकास के लिए पॉलीथीन बैग के निचले हिस्से में 1 मि.मी. अर्द्धव्यास का छेद करें उसके बाद पॉलीथीन बैग में समान अनुपात में रूड़ी की खाद, मिट्टी और रेत डालें बिजाई से पहले बीजों का उपचार करें रोपाई के लिए 6-7 सप्ताह के पौधों का प्रयोग करें यूरिया 150 ग्राम, फासफोरस 80 ग्राम, पोटाश 100 ग्राम प्रति वृक्ष में प्रति वर्ष डालें खादों को 4 भागों में बांटकर रोपाई के बाद पहले, तीसरे, पांचवे और सातवें महीने में डालें बसंत के मौसम में फरवरी मार्च के महीने में बिजाई करें जबकि मॉनसून के मौसम में बिजाई के लिए जून जुलाई का महीना उपयुक्त होता है और पतझड़ के मौसम में बिजाई अक्तूबर से नवंबर महीने में की जाती है आमतौर पर 1.8 मीटर x 1.8 मीटर फासले का प्रयोग किया जाता है उच्च घनता की रोपाई के लिए 1.5 मीटर x 1.5 मीटर फासले का प्रयोग किया जाता है नर्सरी में बीज को 1 सैं.मी. की गहराई पर बोयें बीजो की खेत में सीधे बिजाई या मुख्य खेत में नए पौधों की रोपाई की जाती है 100-120 ग्राम बीज प्रति एकड़ में प्रयोग करें मिट्टी की किस्म, जलवायु के हालातों आदि के आधार पर सिंचाई करें सर्दियों में 15 दिनों के अंतराल पर और गर्मियों में 7 दिनों के अंतराल पर सिंचाई करें तने को पानी के संपर्क में ना आने दें और खेत में पानी भी खड़ा ना होने दें पौधे की प्रौढ़ अवस्था के दौरान नदीनों की रोकथाम जरूरी होती है नदीनों की तीव्रता के आधार पर, नियमित और हल्की गोडाई करें फ्लूक्लोरालिन या बूटाक्लोर 800 मि.ली. प्रति एकड़ में डालें नदीनों की रोकथाम के लिए मलचिंग भी एक प्रभावी तरीका है पौधों की रोपाई के कुछ दिनों बाद प्लास्टिक शीट या धान की पराली या गन्ने के बचे कुचे को मलच के रूप में डालें मुख्यत: फल के पूरा आकार लेने और हरे से हल्का पीला रंग होने पर तुड़ाई की जाती है पहली तुड़ाई रोपाई के 14-15 महीनों के बाद की जा सकती है 4-5 तुड़ाइयां प्रति मौसम की जा सकती हैं धन्यवाद
Posted by GURPREET SINGH
Punjab
02-03-2020 10:51 AM
ਬੱਕਰੀ ਪਾਲਣ ਦੀ ਟ੍ਰੇਨਿੰਗ ਹਾਸਿਲ ਕਰੋ ਟ੍ਰੇਨਿੰਗ ਕਰਨ ਤੋਂ ਬਾਅਦ ਤੁਹਾਨੂੰ ਸਰਟੀਫਿਕੇਟ ਹਾਸਿਲ ਹੋਵੇਗਾ ਇਸ ਸਰਟੀਫਿਕੇਟ ਦੇ ਦੁਆਰਾ ਤੁਸੀ ਲੋਨ ਅਪਲਾਈ ਕਰ ਸਕਦੇ ਹੋ ਲੋਨ ਅਪਲਾਈ ਲਈ ਤੁਸੀ ਆਪਣੇ ਜ਼ਿਲੇ ਦੇ ਵੈਟਨਰੀ ਅਫਸਰ ਨੂੰ ਮਿਲੋ ਉਹ ਤੁਹਾਡੀ ਫਾਈਲ ਦੀ ਕਾਰਵਾਈ ਅੱਗੇ ਤੋਰਨ ਬਾਰੇ ਜਾਣਕਾਰੀ ਦੇਣਗੇ. ਇਸਦੀ ਟ੍ਰੇਨਿੰਗ ਲੈਣ ਲਈ ਤੁਸੀ Krishi Vigyan Kendra Moga , Village Budh Singhwala, Charik Road Moga-140001 ਨਾਲ ਸੰਪਰਕ.... (Read More)
ਬੱਕਰੀ ਪਾਲਣ ਦੀ ਟ੍ਰੇਨਿੰਗ ਹਾਸਿਲ ਕਰੋ ਟ੍ਰੇਨਿੰਗ ਕਰਨ ਤੋਂ ਬਾਅਦ ਤੁਹਾਨੂੰ ਸਰਟੀਫਿਕੇਟ ਹਾਸਿਲ ਹੋਵੇਗਾ ਇਸ ਸਰਟੀਫਿਕੇਟ ਦੇ ਦੁਆਰਾ ਤੁਸੀ ਲੋਨ ਅਪਲਾਈ ਕਰ ਸਕਦੇ ਹੋ ਲੋਨ ਅਪਲਾਈ ਲਈ ਤੁਸੀ ਆਪਣੇ ਜ਼ਿਲੇ ਦੇ ਵੈਟਨਰੀ ਅਫਸਰ ਨੂੰ ਮਿਲੋ ਉਹ ਤੁਹਾਡੀ ਫਾਈਲ ਦੀ ਕਾਰਵਾਈ ਅੱਗੇ ਤੋਰਨ ਬਾਰੇ ਜਾਣਕਾਰੀ ਦੇਣਗੇ. ਇਸਦੀ ਟ੍ਰੇਨਿੰਗ ਲੈਣ ਲਈ ਤੁਸੀ Krishi Vigyan Kendra Moga , Village Budh Singhwala, Charik Road Moga-140001 ਨਾਲ ਸੰਪਰਕ ਕਰ ਸਕਦੇ ਹੋ
Posted by Rahul Dedha
Uttar Pradesh
02-03-2020 10:45 AM
राहुल जी सबसे पहले यह जरूर देखे कि आप किस नस्ल को कौनसी नस्ल का सीमन भरवा रहे है कोशिश करें कि उसकी नस्ल का ज्यादा रिकॉर्ड वाला सीमन भरवाएं इसके इलावा पशु की खुराक, मिनरल मिक्सचर, समय समय पर डीवॉर्मिंग का पूरा ध्यान रखें आप नज़दीकी डॉक्टर से पशु की जांच करवाकर का ABS सीमन या कोई ओर ज्यादा रिकॉर्ड वाला सीमन भरव.... (Read More)
राहुल जी सबसे पहले यह जरूर देखे कि आप किस नस्ल को कौनसी नस्ल का सीमन भरवा रहे है कोशिश करें कि उसकी नस्ल का ज्यादा रिकॉर्ड वाला सीमन भरवाएं इसके इलावा पशु की खुराक, मिनरल मिक्सचर, समय समय पर डीवॉर्मिंग का पूरा ध्यान रखें आप नज़दीकी डॉक्टर से पशु की जांच करवाकर का ABS सीमन या कोई ओर ज्यादा रिकॉर्ड वाला सीमन भरवा सकते है
Posted by Mandeep Singh
Punjab
02-03-2020 10:24 AM
श्रीमान जी, धान की पनीरी मई महीने में डाली जाती है, और इसकी रोपाई जून महीने में होती है, धन्यवाद
Posted by HANUMAN SINGH BIKA
Rajasthan
02-03-2020 10:03 AM
हनुमान जी, आप इसमें दवाई के छिड़काव से 4 से 5 दिन बाद फव्वारा से सिंचाई कर सकते हैं, धन्यवाद

Posted by Bachittar Singh
Punjab
02-03-2020 09:54 AM
ਪੰਜਾਬ ਵਿੱਚ ਕੇਸਰ ਦੀ ਖੇਤੀ ਸੰਭਵ ਨਹੀ ਹੈ ਜੀ ਕਿਉਕੀ ਕੇਸਰ ਦੀ ਖੇਤੀ ਲਈ ਤਾਪਮਾਨ ਆਮ ਨਾਲੋ ਵੀ ਕਈ ਗੁਣਾ ਘੱਟ ਤਾਪਮਾਨ ਚਾਹੀਦਾ ਜੋ ਪੰਜਾਬ ਵਿੱਚ ਕੇਸਰ ਦੀ ਖੇਤੀ ਕਰਨ ਦੀ ਗੱਲ ਕਰ ਰਹੇ ਹਨ ਉਹ ਅਸਲੀ ਕੇਸਰ ਨਹੀ ਹੈ ਇਹ ਕੁਸਮ ਹੈ ਅਸਲੀ ਕੇਸਰ ਸਿਰਫ ਜੰਮੂ ਕਸ਼ਮੀਰ, ਇਰਾਨ ਤੇ ਅਫਗਾਨਿਸਤਾਨ ਵਿੱਚ ਹੀ ਹੋ ਸਕਦਾ ਹੈ ਵਧੇਰੇ ਜਾਣਕਾਰੀ ਲਈ ਤੁਸੀਂ ਜੰਮੂ-ਕਸ਼ਮੀਰ ਦੇ ਕਿਸਾਨ ਨਾਲ ਗੱਲ ਕਰ ਲਵੋ ਜਿਸਦੇ .... (Read More)
ਪੰਜਾਬ ਵਿੱਚ ਕੇਸਰ ਦੀ ਖੇਤੀ ਸੰਭਵ ਨਹੀ ਹੈ ਜੀ ਕਿਉਕੀ ਕੇਸਰ ਦੀ ਖੇਤੀ ਲਈ ਤਾਪਮਾਨ ਆਮ ਨਾਲੋ ਵੀ ਕਈ ਗੁਣਾ ਘੱਟ ਤਾਪਮਾਨ ਚਾਹੀਦਾ ਜੋ ਪੰਜਾਬ ਵਿੱਚ ਕੇਸਰ ਦੀ ਖੇਤੀ ਕਰਨ ਦੀ ਗੱਲ ਕਰ ਰਹੇ ਹਨ ਉਹ ਅਸਲੀ ਕੇਸਰ ਨਹੀ ਹੈ ਇਹ ਕੁਸਮ ਹੈ ਅਸਲੀ ਕੇਸਰ ਸਿਰਫ ਜੰਮੂ ਕਸ਼ਮੀਰ, ਇਰਾਨ ਤੇ ਅਫਗਾਨਿਸਤਾਨ ਵਿੱਚ ਹੀ ਹੋ ਸਕਦਾ ਹੈ ਵਧੇਰੇ ਜਾਣਕਾਰੀ ਲਈ ਤੁਸੀਂ ਜੰਮੂ-ਕਸ਼ਮੀਰ ਦੇ ਕਿਸਾਨ ਨਾਲ ਗੱਲ ਕਰ ਲਵੋ ਜਿਸਦੇ ਦਾਦੇ ਪੜਦਾਦੇ ਵੀ ਕੇਸਰ ਦੀ ਖੇਤੀ ਕਰਦੇ ਸੀ ਤੇ ਇਹ ਵੀ ਕੇਸਰ ਦੀ ਖੇਤੀ ਕਰਦੇ ਹਨ Javid Ahmed- 95964 93260
Posted by Sukh Chahal
Punjab
02-03-2020 09:46 AM
ਚਾਹਲ ਜੀ ਇਹ ਵੈਕਸੀਨੇਸਨ ਤੁਸੀ ਆਪਣੇ ਨਜ਼ਦੀਕੀ ਮੈਡੀਕਲ ਸਟੋਰ ਤੋਂ ਲੈ ਸਕਦੇ ਹੋ, ਤੁਸੀ ਇਸ ਵੀਡੀਓ ਵਿਚ ਦਵਾਈ ਦੀ ਫੋਟੋ ਦੇਖ ਸਕਦੇ ਹੋ ਅਤੇ ਇਸ ਨੂੰ ਲਗਾਉਣ ਵਾਰੇ ਜਾਣਕਾਰੀ ਵੀ ਲੈ ਸਕਦੇ ਹੋ https://www.youtube.com/watch v=ZI16l7YmxJI

Posted by Pawan Kumar
Uttar Pradesh
02-03-2020 09:45 AM
मोती की खेती एक बहुत ही अच्छा व्यवसाय है इस व्यवसाय को शुरू करने के लिए सबसे जरुरी है इसकी ट्रेनिंग, क्योकि इसमें बहुत सी ऐसी बारीकियें होती है जो हमें प्रेक्टिकल ट्रेनिंग में ही सीखने को मिलती है अगर आप इसकी ट्रेनिंग लेना चाहते है तो आप ग्लिटराटी पर्ल फार्मिंग ट्रेनिंग केंद्र प्रशिक्षण कार्य कर्म आयोजि.... (Read More)
मोती की खेती एक बहुत ही अच्छा व्यवसाय है इस व्यवसाय को शुरू करने के लिए सबसे जरुरी है इसकी ट्रेनिंग, क्योकि इसमें बहुत सी ऐसी बारीकियें होती है जो हमें प्रेक्टिकल ट्रेनिंग में ही सीखने को मिलती है अगर आप इसकी ट्रेनिंग लेना चाहते है तो आप ग्लिटराटी पर्ल फार्मिंग ट्रेनिंग केंद्र प्रशिक्षण कार्य कर्म आयोजित किया जा रहा है प्रशिक्षण कार्य कर्म में भाग लेने के लिए नीचे दिए गए नम्बर पर आज ही संपर्क करें और Rs 250/ से अपना रजिस्ट्रेशन करवाए अचल सिंह (फाउंडर )- 9711858258. धन्यवाद
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