Posted by Dinesh
Uttarakhand
02-03-2020 07:26 PM
श्री मान खुम्ब की किस्में कई प्रकार की होती है जैसे कि बटन खुम्ब, डीगरी, शटाकी खुम्ब, पराली खुम्ब, और मिलकी खुम्ब इनमे से कुइ खुम्ब सर्दियो के मौसम में और कुछ गर्मीयों के मौसम में लगाये जाते है और हर खुम्ब को लगाने का समय अलग अलग है जैसे बटन खुम्ब का समय सितंबर से मार्च तक होता है इस समय में हम तीन फसले ले सकते ह.... (Read More)
श्री मान खुम्ब की किस्में कई प्रकार की होती है जैसे कि बटन खुम्ब, डीगरी, शटाकी खुम्ब, पराली खुम्ब, और मिलकी खुम्ब इनमे से कुइ खुम्ब सर्दियो के मौसम में और कुछ गर्मीयों के मौसम में लगाये जाते है और हर खुम्ब को लगाने का समय अलग अलग है जैसे बटन खुम्ब का समय सितंबर से मार्च तक होता है इस समय में हम तीन फसले ले सकते है शटाकी खुम्ब का समय अक्तूबर से मध्य फरवरी तक हैं इस समय हम एक फसल ही ले सकते है पराली खुम्ब का समय अप्रैल से अगस्त तक है इस समय हम चार फसले ले सकते है मिलकी खुम्ब का समय अप्रैल से सितंबर तक है आप अब अप्रैल में मिलकी या पराली खुम्ब लगा सकते है पराली खुमब के लिए आपको पराली, बीज, बांस, सेबा, आदि की जरूरत है पराली के पूले, धानो की पराली 1-1 किलो के पूले दोनो सिरो से सेबे से बांध कर तैयार किये जाते है पूले के सिरे कांट कर एक सार कर लिए जाते है पूलो की क्यिारी लगाना पराली के पूलो को साफ पानी में 16-20 घंटो के लिए डूबो दे गिले पूलो को ढलान पर रख कर फालतू पानी को निकलने दे कमरे ईटो और बांस से एक पलेटफार्म बनाये इस पलेटफार्म पर 5 पूलो की एक तहय लगाये जिसके ऊपर 75 ग्राम बीज डाले इसके ऊपर की तहय उलट होती है इस प्रकार 5-5 पूलो की तहय में 300 ग्राम बीज डाल कर कियारी तैयार करे सबसे ऊपर दो पूलो को खोलकर रख दे खुम्बो का फूटना बिजाई से 7-9 दिनो के बाद खुम्ब फूटने लगती है पानी और हवा का संचार बिजाई के दो दिन के बाद हर रोज पानी का छिडका करे खुम्बो के फूटने के बाद हवा का संचार 6-8 घंटे प्रति दिन किया जाता है खुम्बो की तूडाई खुम्बो के फूटने के बाद 1-2 दिनो के बाद तोडाई के योग्य हो जाती है मिलकी खुम्ब मिलकी खुम्ब के लिए तूडी, बीज, मोमी लिफाफे, सेबा, केसिंग,मिट्टी आदि होने चाहिये तूडी की तैयारी सूकी तूडी को पक्के फर्श पर बिछा कर 16-20 घंटे पानी से गिला करे गिली तूडी को बोरी में भर कर सेबे से बांध दे इस बोरी को उबलते पानी में 45-50 मिनट रखें तूडी को निकालकर पक्के फर्श पर बिछा कर ठंडा करे यह तूडी बिजाई के लिए तैयार है बिजाई ठंडी तूडी में बीज मिलाकर मोमी लिफाफो में भर दें एक मोमी लिफाफें में लगभग 2 किलो गिली तूडी और 70-80 ग्राम बीज पडता है लिफाफे के मुंह को सेबे से अच्छी तरह बांध कर कमरे में रख दे केसिंग बिजाई के दो तीन हफतो के बाद लिफाफे खोलकर केसिंग की 1-1.5 की तहय लगा दें केसिंग में तूडी और रेतली मिट्टी होती है 24 घंटो के लिए 4 प्रतिशत फारमलेन के घोल से जीवाणु रहित किया जाता है खुम्बो का फूटना केसिंग मिट्टी डालने के लगभग दो हफतो में खुम्बो के छोटे छोटे किणके निकलने शुरू हो जाते है और 4-5 दिन के बाद तोडने योग्य हो जाते है खुम्बो की तूडाई लगभग 35-40 दिनो तक की जाती है
Posted by Gurpreet Chahal
Punjab
02-03-2020 07:17 PM
gurpreet ji kirpa karke swal vistar nal pucho ta jo tuhanu is bare poori jankari diti ja sake,dhanwad

Posted by Harsh Deep Singh
Punjab
02-03-2020 07:17 PM
ਇਕ ਸਾਲ ਪੁਰਾਣੀਆਂ 8 ਪਾਥੀਆਂ ਨੂੰ ਪਲਾਸਟਿਕ ਦੇ ਡ੍ਰਮ ਵਿੱਚ 35 ਲਿਟਰ ਪਾਣੀ ਵਿੱਚ ਡਬੋ ਦਿਓ 4 ਦਿਨ ਛਾਂਵੇਂ ਰੱਖ ਦਿਓ ਫੇਰ ਪਾਥੀਆਂ ਕੱਢ ਕੇ ਪਾਣੀ ਨੂੰ 90 ਲਿਟਰ ਪਾਣੀ ਵਿੱਚ ਮਿਲਾ ਕ ਖੇਤ ਵਿੱਚ ਸਪਰੇ ਕਰੋ ਇਹ ਪਾਣੀ ਲਘੂ ਤੱਤਾਂ ਦੀ ਘਾਟ ਨੂੰ ਪੂਰਾ ਕਰਦਾ ਹੈ ਤੇ ਫਸਲ ਦਾ ਚੰਗਾ ਵਿਕਾਸ ਹੁੰਦਾ ਹੈ
Posted by charanjit
Punjab
02-03-2020 07:15 PM
Charanjit ji tuci ehna nu rakh skde ho per pig wale side chicks wali side ek dujje nalo alag hone chahide hai ate ohh ek dujje wala nhi jane chahide, tuci ek diwar krke ek side chicks ate uss ton dujji side pig rakh skde ho..

Posted by Himanshu singh
Uttar Pradesh
02-03-2020 07:12 PM
Himanshu ji aap ise aisi jgah par rakhe jaha 1-2 ghnte ke liye dhoop aati ho.
Posted by parsu Lal Sahu
Chattisgarh
02-03-2020 07:07 PM
श्री मान प्याज की ग्रोथ के लिए आप NPK 19:19:19@1kg 150ltr पानी में मिलाकर सप्रे कर सकते हो
Posted by Mandeep dhillon
Punjab
02-03-2020 06:51 PM
Mandeep ji tuci uss nu nazdiki doctor ton check krwao usdi satt di janch krke he vdia ilag ho skda hai.
Posted by Bhanwar LaL
Rajasthan
02-03-2020 06:45 PM
जौं को 2-3 पानी की जरूरत पड़ती है पानी की कमी होने से बालियां बनने के समय पैदावार पर बुरा असर पड़ता है अच्छी पैदावार के लिए मिट्टी में 50 प्रतिशत की नमी होनी चाहिए पहला पानी बिजाई के समय 20-25 दिनों के बाद लगाएं बालियां आने पर दूसरा पानी लगाएं

Posted by Parminder singh
Punjab
02-03-2020 06:42 PM
ਫ਼ਸਲ ਬੀਜਣ ਤੋਂ ਪਹਿਲਾਂ ਮਿੱਟੀ ਵਿੱਚਲੇ ਤੱਤਾਂ ਦੀ ਜਾਂਚ ਕਰਵਾਉਣੀ ਜ਼ਰੂਰੀ ਹੈ, ਤਾਂ ਕਿ ਖਾਦਾਂ ਦੀ ਸਹੀ ਲੋੜ ਨੂੰ ਸਮਝਿਆਂ ਜਾ ਸਕੇ ਬਿਜਾਈ ਤੋਂ ਪਹਿਲਾਂ 8 ਟਨ ਪ੍ਰਤੀ ਏਕੜ ਰੂੜੀ ਦੀ ਖਾਦ ਮਿਲਾਓ ਜਾਂ ਵਰਮੀਕੰਪੋਸਟ+ਰੈਲੀਗੋਲਡ 8-10 ਕਿਲੋ ਪ੍ਰਤੀ ਏਕੜ ਜਾਂ ਜੀਵਾਣੂ ਖਾਦ(PSB) 5-10 ਕਿਲੋ ਪ੍ਰਤੀ ਏਕੜ ਦੀ ਵਰਤੋਂ ਕਰੋ
ਬਿਜਾਈ ਦੇ ਸਮੇਂ 66 ਕਿਲੋ ਯੂਰੀਆ ਦੀ ਵਰਤੋਂ ਪ੍ਰਤੀ ਏਕੜ ਦੇ ਹਿਸਾਬ ਨਾਲ ਕਰੋ ਯ.... (Read More)
ਫ਼ਸਲ ਬੀਜਣ ਤੋਂ ਪਹਿਲਾਂ ਮਿੱਟੀ ਵਿੱਚਲੇ ਤੱਤਾਂ ਦੀ ਜਾਂਚ ਕਰਵਾਉਣੀ ਜ਼ਰੂਰੀ ਹੈ, ਤਾਂ ਕਿ ਖਾਦਾਂ ਦੀ ਸਹੀ ਲੋੜ ਨੂੰ ਸਮਝਿਆਂ ਜਾ ਸਕੇ ਬਿਜਾਈ ਤੋਂ ਪਹਿਲਾਂ 8 ਟਨ ਪ੍ਰਤੀ ਏਕੜ ਰੂੜੀ ਦੀ ਖਾਦ ਮਿਲਾਓ ਜਾਂ ਵਰਮੀਕੰਪੋਸਟ+ਰੈਲੀਗੋਲਡ 8-10 ਕਿਲੋ ਪ੍ਰਤੀ ਏਕੜ ਜਾਂ ਜੀਵਾਣੂ ਖਾਦ(PSB) 5-10 ਕਿਲੋ ਪ੍ਰਤੀ ਏਕੜ ਦੀ ਵਰਤੋਂ ਕਰੋ
ਬਿਜਾਈ ਦੇ ਸਮੇਂ 66 ਕਿਲੋ ਯੂਰੀਆ ਦੀ ਵਰਤੋਂ ਪ੍ਰਤੀ ਏਕੜ ਦੇ ਹਿਸਾਬ ਨਾਲ ਕਰੋ ਯੂਰੀਆ ਦਾ ਦੂਜਾ ਹਿੱਸਾ 66 ਕਿਲੋ ਪ੍ਰਤੀ ਏਕੜ ਦੂਜੇ ਪਾਣੀ ਤੋਂ ਬਾਅਦ ਪਾਓ ਅਤੇ ਯੂਰੀਆ ਦਾ ਤੀਸਰਾ ਹਿੱਸਾ 66 ਕਿਲੋ ਪ੍ਰਤੀ ਏਕੜ ਚੌਥੇ ਪਾਣੀ ਤੋਂ ਬਾਅਦ ਪਾਓ

Posted by jaspreet singh
Punjab
02-03-2020 06:38 PM
Shri maan g bhindi te tuc Actara@40gm gm per acre spray kr skde ho g.....
Posted by Navneet Mishra Shivam
Uttar Pradesh
02-03-2020 06:31 PM
श्री मान नाइट्रोजन 50 किलो (यूरिया 110 किलो), फासफोरस 24 किलो (एस एस पी 150 किलो) और पोटाश 18 किलो (म्यूरेट ऑफ पोटाश 30 किलो) प्रति एकड़ में डालें नाइट्रोजन की 1/4 मात्रा और पोटाश और फासफोरस की पूरी मात्रा बिजाई के समय डालें यूरिया की बाकी की मात्रा को दो भागों में बांटकर पहली मात्रा जब फसल घुटने तक के कद की हो जाए तब और दूसरी .... (Read More)
श्री मान नाइट्रोजन 50 किलो (यूरिया 110 किलो), फासफोरस 24 किलो (एस एस पी 150 किलो) और पोटाश 18 किलो (म्यूरेट ऑफ पोटाश 30 किलो) प्रति एकड़ में डालें नाइट्रोजन की 1/4 मात्रा और पोटाश और फासफोरस की पूरी मात्रा बिजाई के समय डालें यूरिया की बाकी की मात्रा को दो भागों में बांटकर पहली मात्रा जब फसल घुटने तक के कद की हो जाए तब और दूसरी मात्रा बालियां निकलने के समय डालें मक्की की फसल में जिंक और मैग्नीश्यिम की कमी आम देखने को मिलती है और इस कमी को पूरा करने के लिए जिंक सल्फेट 8 किलो प्रति एकड़ बुनियादी खुराक के तौर पर डालें जिंक और मैग्नीश्यिम के साथ साथ लोहे की कमी भी देखने को मिलती है जिससे सारा पौधा पीला पड़ जाता है इस कमी को पूरा करने के लिए 25 किलो प्रति एकड़ सूक्ष्म तत्वों को 25 किलो रेत में मिलाकर बिजाई के बाद डालें
Posted by Navneet Mishra Shivam
Uttar Pradesh
02-03-2020 06:28 PM
हाथों से लगातार गोडाई करें और पहली कटाई के बाद खेत को नदीन मुक्त करें नदीनों की रोकथाम के लिए सिनबार 400 ग्राम प्रति एकड़ में प्रयोग करें नदीनों को नियंत्रित करने के लिए जैविक मल्च के साथ ऑक्सीफलोरफिन 200 ग्राम या पैंडीमैथालीन बूटीनाशक 800 मि.ली को प्रति एकड़ में प्रयोग करें यदि नदीन ज्यादा हो तो डालापोन 1.6 किलोग.... (Read More)
हाथों से लगातार गोडाई करें और पहली कटाई के बाद खेत को नदीन मुक्त करें नदीनों की रोकथाम के लिए सिनबार 400 ग्राम प्रति एकड़ में प्रयोग करें नदीनों को नियंत्रित करने के लिए जैविक मल्च के साथ ऑक्सीफलोरफिन 200 ग्राम या पैंडीमैथालीन बूटीनाशक 800 मि.ली को प्रति एकड़ में प्रयोग करें यदि नदीन ज्यादा हो तो डालापोन 1.6 किलोग्राम प्रति एकड़ या ग्रामाक्ज़ोन 1 लीटर और डयूरॉन 800 ग्राम या टेरबेसिल 800 ग्राम की प्रति एकड़ में स्प्रे करें

Posted by ravi
Madhya Pradesh
02-03-2020 06:24 PM
ravi ji aap iske uper NPK 130045@1 kilo ko 150 litre pani ke hisab se spray karen.dhanywad
Posted by Lilhare Lilhare
Madhya Pradesh
02-03-2020 06:23 PM
Lilhare ji yeh fungus ke karn hota hai iske liye aap copper oxychloride@300 gram per acre spray kren.thank you

Posted by DAVAL SINGH Waskale
Madhya Pradesh
02-03-2020 06:18 PM
DAVAL SINGH Waskale ji bakri palne ki training and bakria lene ke lia aap Kamlesh Kushwaha 9229881876 Bhumika ANIMAL Breeder farm se samparak kar sakte hai, Thankyou.
Posted by Jagar Singh
Punjab
02-03-2020 06:16 PM
ਜਾਗਰ ਜੀ ਤੁਸੀ ਉਸ ਨੂੰ 7 in 1 ਇੰਜੇਕਸ਼ਨ ਲਗਵਾ ਸਕਦੇ ਹੋ ਬਾਕੀ ਉਸ ਨੂੰ ਕੁੱਝ ਦੇਣ ਦੀ ਜਰੂਰਤ ਨਹੀਂ ਹੈ

Posted by ankit mistri
Uttar Pradesh
02-03-2020 06:16 PM
ankit ji kripya swal vistar se pooche taki aapko iske bare men poori jankari di ja sake,dhanywad

Posted by Balvir Singh Mann
Punjab
02-03-2020 05:55 PM
काली तोरी :- इसे मिट्टी की कई किस्मों में उगाया जा सकता है रेतली दोमट मिट्टी में उगाने पर यह अच्छे परिणाम देती है मिट्टी की pH 6.5-7.0 होनी चाहिए या इसकी रोपाई के लिए थोड़ी क्षारीय मिट्टी भी अच्छी रहती है दो बीजों को प्रति क्यारी में बोया जाता है जो कि 3 मीटर चौड़ी होती है और बीजों में 75-90 सैं.मी. के फासले का प्रयोग करें ब.... (Read More)
काली तोरी :- इसे मिट्टी की कई किस्मों में उगाया जा सकता है रेतली दोमट मिट्टी में उगाने पर यह अच्छे परिणाम देती है मिट्टी की pH 6.5-7.0 होनी चाहिए या इसकी रोपाई के लिए थोड़ी क्षारीय मिट्टी भी अच्छी रहती है दो बीजों को प्रति क्यारी में बोया जाता है जो कि 3 मीटर चौड़ी होती है और बीजों में 75-90 सैं.मी. के फासले का प्रयोग करें बीजों को 2.5-3 सैं.मी. की गहराई में बोयें लौकी :- इसे मिट्टी की कई किस्मों में उगाया जाता है रेतली दोमट से दोमट मिट्टी में उगाने पर यह अच्छे परिणाम देती है लौकी की खेती के लिए, ज़मीन को अच्छी तरह से तैयार करें मिट्टी के भुरभुरा होने तक जोताई के बाद सुहागा फेरें इसकी बिजाई के लिए फरवरी से मार्च, जून से जुलाई और नवंबर से दिसंबर का समय उपयुक्त होता है कतारों में 2.0-2.5 - और पौधों में 45-60 सैं.मी. फासले का प्रयोग करें बीज को 1-2 सैं.मी. की गहराई पर बोयें एक एकड़ में बिजाई के लिए 2 किलो बीज पर्याप्त होते हैं मिट्टी से पैदा होने वाली फंगस से बचाने के लिए बाविस्टिन 0.2 प्रतिशत 3 ग्राम से प्रति किलो बीज का उपचार करें अच्छी तरह से गली हुई रूड़ी की खाद 20-25 टन प्रति एकड़ में डालें नाइट्रोजन 28 किलो (यूरिया 60 किलो) प्रति एकड़ में डालें नाइट्रोजन 14 किलो (यूरिया 30 किलो) की पहली मात्रा को बिजाई के समय प्रति एकड़ में डालें और नाइट्रोजन 14 किलो (यूरिया 30 किलो) को पहली तुड़ाई के समय प्रति एकड़ में डालें खीरा :- इसको मिट्टी की अलग-अलग किस्मे जैसे की रेतली दोमट से भारी मिट्टी में उगाया जा सकता हैं खीरे की फसल के लिए दोमट मिट्टी में, जिसमे जैविक तत्वों की उच्च मात्रा हो और पानी का अच्छा निकास हो, उचित पैदावार देती है खीरे की खेती के लिए मिट्टी का pH 6-7 होना चाहिए खीरे की खेती के लिए, अच्छी तरह से तैयार और नदीन रहित खेत की जरूरत होती है मिट्टी को अच्छी तरह से भुरभुरा बनाने के लिए, बिजाई से पहले 3-4 बार खेत की जोताई करें रूड़ी की खाद, जैसे गाये के गोबर को मिट्टी में मिलाये, ताकि खेत की उपजाऊ शक्ति बढ़ जाये फिर 2.5 मीटर चौड़े और 60 सैं.मी. के फासले पर नर्सरी बैड तैयार करें इसकी बिजाई फरवरी-मार्च के महीने में की जाती है 2.5 मीटर चौड़े बैड पर हर जगह दो बीज बोयें और बीजों के बीच 60 सैं.मी. का फासला होना चाहिए बीज को 2-3 सैं.मी. गहराई पर बोयें एक एकड़ खेत के लिए 1.0 किलोग्राम बीज की मात्रा काफी हैं बिजाई से पहले, फसल को कीटों और बीमारियों से बचाने के लिए और जीवनकाल बढ़ाने के लिए, अनुकूल रासायनिक के साथ उपचार करें बिजाई से पहले बीजों का 2 ग्राम कप्तान के साथ उपचार करें नदीनों को हाथ से गोडाई करके या रासायनों द्वारा नियंत्रित किया जा सकता है ग्लाइफोसेट 1.6 लीटर को प्रति 150 लीटर पानी में मिलाकर स्प्रे करें ग्लाइफोसेट की स्प्रे सिर्फ नदीनों पर ही करें, मुख्य फसल पर ना करें
Posted by Karan Deep
Punjab
02-03-2020 05:52 PM
Deep ji tuci nu vdia khurak ate vdia hara chara deo kyuki khurak di kami krke dudh ghatt jnda hai baki tuci milkout powder 1-1 chamch rojana ate Calcimust tablet rojana 1 goli deo, iss nal frak paa jawega.

Posted by Harsh Deep Singh
Punjab
02-03-2020 05:50 PM
ਇਸ ਨੂੰ ਬਹੁਤ ਤਰ੍ਹਾਂ ਦੀ ਮਿੱਟੀ ਵਿੱਚ ਉਗਾਇਆ ਜਾ ਸਕਦਾ ਹੈ, ਪਰ ਇਹ ਚੰਗੇ ਨਿਕਾਸ ਵਾਲੀ ਰੇਤਲੀ-ਚੀਕਣੀ ਮਿੱਟੀ ਵਿੱਚ ਚੰਗੀ ਪੈਦਾਵਾਰ ਦਿੰਦੀ ਹੈ ਹੋਰ ਦਾਲਾਂ ਦੀਆਂ ਫਸਲਾਂ ਦੀ ਤਰ੍ਹਾਂ ਇਸ ਫਸਲ ਲਈ ਵੀ ਬੈੱਡ ਤਿਆਰ ਕੀਤੇ ਜਾਂਦੇ ਹਨ ਮਿੱਟੀ ਨੂੰ ਭੁਰਭੁਰਾ ਕਰਨ ਲਈ ਖੇਤ ਨੂੰ ਦੋ ਵਾਰ ਵਾਹੋ ਅਤੇ ਹਰ ਵਾਰ ਵਾਹੀ ਤੋਂ ਬਾਅਦ ਸੁਹਾਗਾ ਫੇਰੋ ਇਸ ਫਸਲ ਦੀ ਬਿਜਾਈ ਲਈ ਮਾਰਚ ਤੋਂ ਅੱਧ ਜੁਲਾਈ ਤੱਕ ਦ.... (Read More)
ਇਸ ਨੂੰ ਬਹੁਤ ਤਰ੍ਹਾਂ ਦੀ ਮਿੱਟੀ ਵਿੱਚ ਉਗਾਇਆ ਜਾ ਸਕਦਾ ਹੈ, ਪਰ ਇਹ ਚੰਗੇ ਨਿਕਾਸ ਵਾਲੀ ਰੇਤਲੀ-ਚੀਕਣੀ ਮਿੱਟੀ ਵਿੱਚ ਚੰਗੀ ਪੈਦਾਵਾਰ ਦਿੰਦੀ ਹੈ ਹੋਰ ਦਾਲਾਂ ਦੀਆਂ ਫਸਲਾਂ ਦੀ ਤਰ੍ਹਾਂ ਇਸ ਫਸਲ ਲਈ ਵੀ ਬੈੱਡ ਤਿਆਰ ਕੀਤੇ ਜਾਂਦੇ ਹਨ ਮਿੱਟੀ ਨੂੰ ਭੁਰਭੁਰਾ ਕਰਨ ਲਈ ਖੇਤ ਨੂੰ ਦੋ ਵਾਰ ਵਾਹੋ ਅਤੇ ਹਰ ਵਾਰ ਵਾਹੀ ਤੋਂ ਬਾਅਦ ਸੁਹਾਗਾ ਫੇਰੋ ਇਸ ਫਸਲ ਦੀ ਬਿਜਾਈ ਲਈ ਮਾਰਚ ਤੋਂ ਅੱਧ ਜੁਲਾਈ ਤੱਕ ਦਾ ਸਮਾਂ ਸਰਵੋਤਮ ਹੁੰਦਾ ਹੈ ਬਿਜਾਈ ਦੇ ਸਮੇਂ ਕਤਾਰਾਂ ਵਿੱਚ ਫਾਸਲਾ 30 ਸੈ.ਮੀ. ਅਤੇ ਪੌਦਿਆਂ ਵਿੱਚ ਫਾਸਲਾ 15 ਸੈ.ਮੀ. ਰੱਖੋ ਬੀਜ 3-4 ਸੈ.ਮੀ. ਦੀ ਡੂੰਘਾਈ ਤੇ ਬੀਜੋ ਇਸਦੀ ਬਿਜਾਈ ਪੋਰਾ ਡ੍ਰਿਲ ਮਸ਼ੀਨ ਜਾਂ ਬਿਜਾਈ ਵਾਲੀ ਮਸ਼ੀਨ ਨਾਲ ਕੀਤੀ ਜਾਂਦੀ ਹੈ ਜੇਕਰ ਹਰੇ ਚਾਰੇ ਲਈ ਬਿਜਾਈ ਕੀਤੀ ਜਾਵੇ ਤਾਂ, Cowpea 88 ਕਿਸਮ ਦੇ 20-25 ਕਿਲੋ ਅਤੇ CL 367 ਕਿਸਮ ਦੇ 12 ਕਿਲੋਗ੍ਰਾਮ ਬੀਜਾਂ ਦੀ ਵਰਤੋਂ ਕਰੋ ਬਿਜਾਈ ਸਮੇਂ ਨਾਈਟ੍ਰੋਜਨ 7.5 ਕਿਲੋ (ਯੂਰੀਆ 17 ਕਿਲੋ ਪ੍ਰਤੀ ਏਕੜ) ਦੇ ਨਾਲ ਫਾਸਫੋਰਸ 22 ਕਿਲੋ (ਸਿੰਗਲ ਸੁਪਰ ਫਾਸਫੇਟ 140 ਕਿਲੋ ਪ੍ਰਤੀ ਏਕੜ) ਪਾਓ ਰਵਾਂਹ ਦੀ ਫਸਲ ਫਾਸਫੋਰਸ ਖਾਦ ਨਾਲ ਵਧੀਆ ਪ੍ਰਤੀਕਿਰਿਆ ਕਰਦੀ ਹੈ ਇਹ ਪੌਦੇ ਅਤੇ ਜੜ੍ਹਾਂ ਦੇ ਵਿਕਾਸ, ਪੌਦੇ ਦੁਆਰਾ ਤੱਤਾਂ ਦੀ ਪ੍ਰਾਪਤੀ, ਜੜ੍ਹਾਂ ਵਿੱਚ ਗੰਢਾਂ ਬਣਨ ਆਦਿ ਵਿੱਚ ਮਦਦ ਕਰਦੀ ਹੈ ਵਧੀਆ ਵਿਕਾਸ ਲਈ ਔਸਤਨ 4-5 ਸਿੰਚਾਈਆਂ ਦੀ ਲੋੜ ਹੁੰਦੀ ਹੈ ਜਦੋਂ ਫਸਲ ਮਈ ਮਹੀਨੇ ਬੀਜੀ ਹੋਵੇ, ਤਾਂ ਮਾਨਸੂਨ ਤੱਕ 15 ਦਿਨਾਂ ਦੇ ਫਾਸਲੇ ਤੇ ਸਿੰਚਾਈ ਕਰੋ ਫਸਲ ਨੂੰ ਨਦੀਨਾਂ ਤੋਂ ਬਚਾਉਣ ਲਈ ਪੈਂਡੀਮੈਥਾਲਿਨ 750 ਮਿ.ਲੀ. ਨੂੰ 200 ਲੀਟਰ ਪਾਣੀ ਵਿੱਚ ਮਿਲਾ ਕੇ ਬਿਜਾਈ ਤੋਂ ਬਾਅਦ 24 ਘੰਟੇ ਦੇ ਅੰਦਰ-ਅੰਦਰ ਪਾਓ

Posted by jaspreet singh
Punjab
02-03-2020 05:48 PM
श्रीमान जी गेहूं में स्प्रे करने के बाद 3—4 में बीमारी रूक जाएगी और गेहूं में हरापन आ जाएगा
Posted by Gurdeep Grewal
Punjab
02-03-2020 05:39 PM
Grewal ji tuci usdi photo bhejo ohh kis trah di tara de rehi hai, kai varr pashu lakoria di smasia krke v pani suttda rehnda hai jiss vich v ohh gaban nhi hunda hai, kirpa krke saff photoa upload kro tan jo tuhanu sahi jankari diti ja skee.

Posted by Md Yahya
Chattisgarh
02-03-2020 05:38 PM
Biofloc मछली पालन की नई तकनीक है, जिसका invention Dr.YORRAM AVNIMELECH जो कि ISRAEL के है जहाँ पानी की कमी हैै उस परस्तिथि में मछली पालन कैसे किया जाये, उस तकनीक का invention किया पर फ़िलहाल भारत के कई राज्यों में किसान इस तकनीक का इस्तेमाल करके मछली पालन कर रहे हैं इसमें हम थोड़ी जगह में जहाँ सिर्फ 4 मीटर का टैंक लगता है और 1 मीटर इसकी लम्बाई होत.... (Read More)
Biofloc मछली पालन की नई तकनीक है, जिसका invention Dr.YORRAM AVNIMELECH जो कि ISRAEL के है जहाँ पानी की कमी हैै उस परस्तिथि में मछली पालन कैसे किया जाये, उस तकनीक का invention किया पर फ़िलहाल भारत के कई राज्यों में किसान इस तकनीक का इस्तेमाल करके मछली पालन कर रहे हैं इसमें हम थोड़ी जगह में जहाँ सिर्फ 4 मीटर का टैंक लगता है और 1 मीटर इसकी लम्बाई होती है मतलब की 10,000 लीटर इसमें हम अपना मछली पालन शुरू करके 1100-1300 किलो fish बना सकते हैं इसमें ज़्यादा पानी की ज़रूरत नहीं पड़ती और ना ही ज़्यादा जगह की ज़रूरत होती है, इसमें 650 -700 रूपये बिकने वाली मछलियां हैं वह हम इसमें डालते हैं और यह मछलियां 6 से 7 महीने तक बिकने योग्य हो जाती है, shrimp farming मतलब की झींगा इसका culture period -90 दिन का होता है BFT टैंक में आपको C:N ratio की सहायता से आपको बढ़िया बैक्टीरिया maintain करना होता है, और drainage की सहायता से sludge removal किया जाता है अगर आपका मैनेजमेंट एकदम सटीक रहा तो 0 % प्रतिशत पानी अदला-बदली किये बिना culture पूरा किया जा सकता है आपको उचित blower की सहायता से DO (dissolved oxygen ) maintain करने की ज़रूरत पड़ती है C:N ratio मतलब की कार्बन: नाइट्रोजन ratio अनुपात बनाएं रखना पड़ता है कार्बन जिससे की बैक्टीरिया (हेट्रोट्रॉपिक बैक्टीरिया) ठीक से काम करके नाइट्रोजन को कम कर सके क्योंकि नाइट्रोजन का एक हिस्सा जो कि non ionised Ammonia [NH3] जो मछली के लिए जानलेवा होता हैैै अधिक जानकारी के लिए 9096843382 पर फ़ोन कीजिये.

Posted by Dhananjay Singh
Uttar Pradesh
02-03-2020 05:31 PM
Dhananjay Singh ji soya paneer tyar karne ki training or is prosesing machine lene ke lia aap Dharmbir 9812646563, 9896054925 se samparak kar sakte hai, Thankyou.
Posted by kaushal kumar pathak
Uttar Pradesh
02-03-2020 05:31 PM
Kaushal ji aap keedon ki roktham ke liye aap quinalphos@4ml ko prati litre pani ke hisab se spray karen.dhanywad

Posted by Narinderpal singh
Punjab
02-03-2020 05:16 PM
ਤੁਸੀ ਉਸ ਨੂੰ Biotrim(IM) injection 15ml, Enrofloxacin injection 15ml ਲਗਵਾਓ ਅਤੇ Halotas tablet 1-1 ਗੋਲੀ ਸਵੇਰੇ ਸ਼ਾਮ ਦਿਓ, ਇਸ ਨਾਲ ਫਰਕ ਪੈ ਜਾਵੇਗਾ..

Posted by maan
Punjab
02-03-2020 05:08 PM
Maan ji, eh fungus da hamla hoya hai tusi si di roktham layi si vich carbendazim @ 4 gram ya mancozeb @ 4 gram prati litre pani de hisaab nal spray kar sakde ho, dhanwad

Posted by Rajnish Puniya
Uttar Pradesh
02-03-2020 05:07 PM
रजनीश जी आप इसकी जानकारी अपने नजदीकी Krishi Vigyan Kendra Village Jalalpur Post Banat Distt Shamli – ( ) India Phone : 9412311504 से संपर्क कर सकते है। धन्यवाद
Posted by ਸ਼ੇਰ ਸ਼ਿੰਘ ਧਾਲੀਵਾਲ
Punjab
02-03-2020 04:57 PM
ਸ਼ੇਰ ਜੀ ਜਿਹੜੀ ਕੰਪਨੀ ਨਾਲ ਤੁਸੀ tieup ਕੀਤਾ ਹੈ ਉਹ ਤੁਹਾਨੂੰ ਇਸ ਬਾਰੇ ਪੂਰੀ ਜਾਣਕਾਰੀ ਦੇ ਸਕਦੇ ਹਨ ਕਿਉਕਿ ਹਰ ਫੁਲ ਦੀ ਅਲੱਗ ਅਲੱਗ nutrient ਲੋੜ ਹੁੰਦੀ ਹੈ

Posted by Rajnish Puniya
Uttar Pradesh
02-03-2020 04:55 PM
रजनीश जी, इसके मंडीकरण के लिए आप Aushadhiya kheti vikas sansthan 6268536795 से संपर्क कर सकते हैं धन्यवाद

Posted by Rajnish Puniya
Uttar Pradesh
02-03-2020 04:50 PM
यह कई तरह की मिट्टी में उगाई जाती है इसकी पैदावार के लिए नमकीन, क्षारीय और पानी खड़ा होने वाली मिट्टी से बचाव करें यह बढ़िया निकास वाली मिट्टी जिसमे बढ़िया जैविक तत्व मौजूद हों, में बढ़िया परिणाम देती है इसके बढ़िया विकास के लिए मिट्टी का pH 5.5-7 होना चाहिए Drudriha Tulsi: यह मुख्य रूप से बंगाल, नेपाल, चटगांव और महाराष्ट्र क्ष.... (Read More)
यह कई तरह की मिट्टी में उगाई जाती है इसकी पैदावार के लिए नमकीन, क्षारीय और पानी खड़ा होने वाली मिट्टी से बचाव करें यह बढ़िया निकास वाली मिट्टी जिसमे बढ़िया जैविक तत्व मौजूद हों, में बढ़िया परिणाम देती है इसके बढ़िया विकास के लिए मिट्टी का pH 5.5-7 होना चाहिए Drudriha Tulsi: यह मुख्य रूप से बंगाल, नेपाल, चटगांव और महाराष्ट्र क्षेत्रों में पाई जाती है यह गले को सूखेपन से राहत देता है यह हाथों, पैरों और गठिया की सूजन से आराम देता है Ram/Kali Tulsi (Ocimum canum): यह चीन, ब्राज़ील, पूर्व नेपाल और साथ ही बंगाल, बिहार, चटगांव और भारत के दक्षिणी क्षेत्रों में पाई जाती है इसका तना जामुनी और पत्ते हरे रंग के और बहुत ज्यादा सुगंधित होते है इसमें उचित मात्रा में औषधीय गुण जैसे ऐज़ाडिरैकटिन, ऐंटीफंगल , ऐंटीबैक्टीरियल, और पाचन तंत्र को ठीक रखती है यह गर्म क्षेत्रों में बढ़िया उगता है Babi Tulsi: यह पंजाब से त्रिवेंद्रम, बंगाल और बिहार में भी पाई जाती है इसका पौधा 1-2 फीट लम्बा होता है पत्ते 1-2 इंच लम्बे, अंडाकार और नुकीले होते है इसके पत्तों का स्वाद लौंग की तरह और सब्जियों में स्वाद के लिए प्रयोग किया जाता है तुलसी की खेती के लिए, अच्छी तरह से शुष्क मिट्टी की मांग की जाती है मिट्टी के भुरभुरा होने तक हैरो के साथ खेत की जोताई करें, फिर रूड़ी की खाद मिट्टी में मिलाएं तुलसी की रोपाई सीड बैड पर करें फरवरी के तीसरे महीने में नर्सरी बैड तैयार करें पौधे के विकास के अनुसार, 4.5 x 1.0 x 0.2 मीटर के सीड बैड तैयार करें बीजों को 60x60 सैं.मी. के फैसले पर बोयें बीजों को 2 सैं.मी. की गहराई पर बोयें बिजाई के 6-7 हफ्ते बाद, फसल की रोपाई खेत में करें तुलसी की खेती के लिए 120 ग्राम बीजों का प्रयोग प्रति एकड़ में करें फसल को मिट्टी से पैदा होने वाली बीमारीयों से रोकथाम के लिए, बिजाई से पहले मैनकोजेब 5 ग्राम प्रति किलोग्राम से बीजों का उपचार करें फसल की बढ़िया पैदावार के लिए बिजाई से पहले 15 टन रूड़ी की खाद मिट्टी में डालें तुलसी के बीजों को तैयार बैडों के साथ उचित अंतराल पर बोयें मानसून आने के 8 हफ्ते पहले बीजों को बैड पर बोयें बीजों को 2 सैं.मी. की गहराई पर बोयें बिजाई के बाद, रूड़ी की खाद और मिट्टी की पतली परत बीजों पर बना दें इसकी सिंचाई फुवारा विधि द्वारा की जाती है रोपाई के 15-20 दिनों के बाद, नए पौधों को तंदरुस्त बनाने के लिए 2% यूरिया का घोल डालें 6 हफ्ते पुराने और 4-5 पत्तों के अंकुरण होने पर अप्रैल के महीने में नए पौधे तैयार होते है तैयार बैडों को रोपाई 24 घंटे पहले पानी लगाएं ताकि पौधों को आसानी से उखाड़ा जा सकें और रोपाई के समय जड़ें मुलायम और सूजी हुई हो खेत की तैयारी के समय, रूड़ी की खाद को मिट्टी में मिलाएं खाद के तौर पर नाइट्रोजन 48 किलो(यूरिया 104 किलो), फासफोरस 24 किलो(सिंगल सुपर फासफेट 150 किलो) और पोटाश 24 किलो(मिउरेट 40 किलो) प्रति एकड़ में डालें नए पौधे लगाने के समय नाइट्रोजन की आधी मात्रा और फासफेट पेंटोऑक्साइड की पूरी मात्रा शुरुआती समय में डालें Mn 50 पी पी एम कंसंट्रेशन और Co@100 पी पी एम कंसंट्रेशन सूक्ष्म-तत्व डालें बाकी की बची हुई नाइट्रोजन को 2 हिस्सों में पहली और दूसरी कटाई के बाद डालें खेत को नदीनों से मुक्त करने के लिए कसी की मदद से गोड़ाई करें नदीनों की रोकथाम कम न होने पर यह फसल को नुकसान पहुंचाते है रोपण के एक महीने बाद पहली गोड़ाई और पहली गोड़ाई के चार हफ्ते बाद दूसरी गोड़ाई करें रोपण के दो महीने बाद कसी से अनुकूल गोड़ाई करें गर्मियों में, एक महीने में 3 सिंचाइयां करें और बरसात के मौसम में, सिंचाई की आवश्यकता नहीं होती एक साल में 12-15 सिंचाइयां करनी चाहिए पहली सिंचाई रोपण के बाद करें और दूसरी सिंचाई नए पौधों के स्थिर होने पर करें 2 सिंचाइयां करनी आवश्यक है और बाकी की सिंचाई मौसम के आधार पर करें इसके मंडीकरण के लिए आप Aushadhiya kheti vikas sansthan 6268536795 से संपर्क कर सकते हैं धन्यवाद
Posted by GAJRAJ SINGH THAKUR
Madhya Pradesh
02-03-2020 04:48 PM
बुआई हेतु 15-30 जून खरीफ मौसम मे एवं रबी मौसम मे अक्टुम्बर माह मे उपयुक्त होगा जायद के लिये फसल बुआई का समय निश्चित करते समय यह ध्यान रखे की फुल की अवस्था के समय तापमान 35 से.ग्रे. से अधिक न हो इसकी किस्मे शीघ्र पकने वाली (अवधि 85 दिन से कम) औसत उत्पादन क्षमता 40 से 50 क्वि./हेक्टर : डी.एच.एम.-107 एवं 109 पीला रंग दाना, पी.ई.एच.एम.... (Read More)
बुआई हेतु 15-30 जून खरीफ मौसम मे एवं रबी मौसम मे अक्टुम्बर माह मे उपयुक्त होगा जायद के लिये फसल बुआई का समय निश्चित करते समय यह ध्यान रखे की फुल की अवस्था के समय तापमान 35 से.ग्रे. से अधिक न हो इसकी किस्मे शीघ्र पकने वाली (अवधि 85 दिन से कम) औसत उत्पादन क्षमता 40 से 50 क्वि./हेक्टर : डी.एच.एम.-107 एवं 109 पीला रंग दाना, पी.ई.एच.एम.-1 एवं पी.ई.एच.एम.-2 नारंगी रंग दाना, प्रकाश पीला रंग दाना, पी.एम.एच.-5 नारंगी दाना, प्रो.368, एक्स -3342, डी.के.सी.- 7074 पीला, नारंगी दाना, मध्यम अवधि (95 दिन से 85 दिन) औसत उत्पादन क्षमता 50 से 70 क्वि./हेक्टर : एच.एम.-4 नारंगी दाना, एच.एम.-10 पीला दाना, एच.एम.-10 पीला दाना, एच.क्यू.पी.एम.-1 पीला दाना, एच.क्यू.पी.एम.-4 पीला दाना, देरी से पकने वाली (95 दिन से अधिक) औसत उत्पादन क्षमता 60 से 80 क्वि./हेक्टर : एच.एम. - 11, डेक्कन - 105 पीला, गंगा - 11 पीला, डेक्कन - 103 पीला, धन्यवाद
Posted by GAJRAJ SINGH THAKUR
Madhya Pradesh
02-03-2020 04:46 PM
ठाकुर जी उसे आप नज़दीकी पॉलीक्लिनिक अस्पताल में जांच करवाएं क्योंकि उसकी जांच करके ही अच्छा इलाज हो सकता है

Posted by jaspreet singh
Punjab
02-03-2020 04:43 PM
Jaspreet ji, eh pilli kungi da hamla hoya hai, tusi si di roktham layi is vich propiconazole @ 200 ml ku 150 litre pani vich mila ke prati acre de hisaab nal spray kar sakde ho, jithe butya diya dhodiyan baniyan hoiyan han us jagah te tele de hamle di jaanch karo, dhanwad
Posted by Narendra suman
Rajasthan
02-03-2020 04:42 PM
नरेंद्र जी, आप इसमें quinalphos @ 4 ml प्रति लीटर पानी के हिसाब से स्प्रे कर सकते हैं, धन्यवाद
Posted by Birbal Singh
Chattisgarh
02-03-2020 04:42 PM
बीरबल जी, आप खेत का पानी सूखा दें, इससे काई का नियंत्रण हो जाये गा, धन्यवाद
Posted by yogesh Kumar
Haryana
02-03-2020 04:33 PM
Yogesh Kumar ji desi chicks lene ke lia aap Central Poultry Development Organization (Northern Region) Government of India Industrial Area, Phase-I, Chandigarh – 160 002 Tel.No: 0172-2655391 se samparak kar sakte hai, Thankyou.
Posted by Nishan Singh
Punjab
02-03-2020 04:31 PM
ਨਿਸ਼ਾਨ ਸਿੰਘ ਜੀ, ਤੁਸੀਂ ਤੇਲੇ ਦੀ ਰੋਕਥਾਮ ਲਈ ਇਸ ਵਿਚ imidacloprid @ 1.5 ml ਪ੍ਰਤੀ ਲਿਟਰੇ ਪਾਣੀ ਦੇ ਹਿਸਾਬ ਨਾਲ ਸਪਰੇਅ ਕਰ ਸਕਦੇ ਹੋ, ਦੇਸੀ ਇਲਾਜ ਲਈ ਤੁਸੀਂ ਇਸ ਵਿੱਚ ਨੀਮ ਦੇ ਤੇਲ ਦੀ ਸਪਰੇ ਕਰ ਸਕਦੇ ਹੋ, ਇਸ ਦੀ ਮਾਤਰਾ ਪ੍ਰਤੀ ਲਿਟਰ ਦੇ ਹਿਸਾਬ ਨਾਲ 4 ml ਵਰਤੀ ਜਾਂਦੀ ਹੈ, ਧੰਨਵਾਦ
Posted by Gurdeet Hanjra
Haryana
02-03-2020 04:27 PM
Gurdeet Hanjra Ji, eh fungus da hamla hoya hai, tusi is di roktham layi is vich carbendazim @ 4 gram yan mancozeb @ 4 gram prati acre de hisaab nal spray kar sakde ho, dhanwad

Posted by ਸੁਖिਜੰਦਰ िਸੰਘ
Punjab
02-03-2020 04:12 PM
Sukhjinder ji tuci apne area di market de hisab nal dairy suru kr skde ho, tuci verka, amul, nestle koi v suru kr skde ho.

Posted by Subhash Subhash
Rajasthan
02-03-2020 04:06 PM
Subhash ji, ap iski sukhi hui shkhaiyan kaat dein or isme bordeaux paste lga dein, dhanywad

Posted by Dashrath Singh chundawat
Rajasthan
02-03-2020 04:06 PM
Dashrath Singh chundawat ji, jab isme phool ate hain us samay isme ap NPK 130045 @ 10 gram prati litre pani mein mila kar prati acre ke hisaab se spray kar sakte hain, dhanywad

Posted by Raja.chauhan
Uttar Pradesh
02-03-2020 04:02 PM
राजा जी, कृपया आप अपना सवाल विस्तार से पूछें कि आपके टमाटर के पौधे में कोनसी बीमारी का हमला हुआ है, ताकि आपको इसके हिसाब से पूरी जानकारी दी जा सके, धन्यवाद

Posted by Raja.chauhan
Uttar Pradesh
02-03-2020 04:01 PM
राजा जी, कृपया आप अपना सवाल विस्तार से पूछें कि आपके टमाटर के पौधे में कोनसी बीमारी का हमला हुआ है, ताकि आपको इसके हिसाब से पूरी जानकारी दी जा सके, धन्यवाद

Posted by chamkaur singh
Punjab
02-03-2020 03:59 PM
Chamkaur singh ji is vaar 1121 da bhaa 2690/q de lagbhag reha, Thankyou.

Posted by Jagvir Singh
Punjab
02-03-2020 03:58 PM
Jagvir Singh ji, isme macchar ka hamla hua hai, ap iski roktham ke liye isme imidacloprid @ 1.5 ml prati litre pani ke hisaab se spray kar sakte hain, dhanywad

Posted by Rajat rajput
Madhya Pradesh
02-03-2020 03:55 PM
रजत जी, आप इसकी जड़ में दीमक के हमले की जांच करें, अगर हमला मौजूद हो आप आप इसमें chlorpyriphos @ 4 ml प्रति लीटर पानी के हिसाब से स्प्रे कर सकते हैं, धन्यवाद

Posted by HARVINDER SHARMA
Punjab
02-03-2020 03:44 PM
Harvinder ji, tusi haldi de bare jankari len layi Gurdial Singh ji 9463226244 nal sampark kar sakde ho, is toh ialwa tusi apne najdeeki KVK nal ja ke training bare gal kar sakde ho, adress :Krishi Vigyan Kendra Sangrur-Patran Road, VPO Kheri Distt. Sangrur, Postal Code 148001 , phone number : 01672-245320, 9988111757 , dhanwad

Posted by अशोक कुमार
Rajasthan
02-03-2020 03:35 PM
अशोक कुमार जी, यह फंगस का हमला हुआ है आप इसकी रोकथाम के लिए इसमें carbendazim @ 4 ग्राम यां mancozeb @ 4 ग्राम प्रति लीटर पानी के हिसाब से स्प्रे कर सकते हैं, धन्यवाद
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