
Posted by Trilok Rajput
Madhya Pradesh
09-03-2020 05:41 AM
त्रिलोक जी आप किस्मे जैसे पीडीयू-1 ,एलवीजी-20 की बिजाई कर सकते है
Posted by sudesh choudhary
Jharkhand
09-03-2020 12:37 AM
सुदेश जी आप सब्जियां जैसे ग्वार, खीरा-ककड़ी, लोबिया, करेला, लौकी, तुरई, पेठा, खरबूजा, तरबूज, पालक, भिण्डी, अरबी की बिजाई कर सकते है

Posted by Jaspal Ramana
Rajasthan
09-03-2020 12:30 AM
जसपाल जी कृपया सवाल विस्तार से पूछे कि आप सोगरे की खेती किसे कह रहे है ताकि आपको इसके बारे में पूरी जानकारी दी जा सके
Posted by Amit Dubey
Jharkhand
08-03-2020 11:55 PM
अमित जी आप इसके बारे में पूरी जानकारी लेने के लिए Vivek Dhangrikar 9406802800 जी से संपर्क कर सकते है। धन्यवाद

Posted by karnail Singh
Punjab
08-03-2020 11:06 PM
Hanji Karnail ji tuci ehh kam kr skde ho, per jekar tuci iss nu suru krna chahund e ho tan pehla iss kam di training jrur lao kyuki training nal tuhanu iss kam varee jankari milegi jiss nal tuci iss kam nu vdia trike nal chlaa skde hai ate tuhanu ehna vich aunn walia bimaria di v jankari millegi, fir tuci apne bazat de hisab nal kam nu vaddha skde ho, training lain lai tuci KRISHI VIGYAN KENDRA LUDHIANA Near Police Station, Ludhiana - Chandigarh Road, Samrala (District Ludhiana) Pincode: 141114, Phone:- 01628-261597 nal sampark kr skde ho.
Posted by Neeraj kumar
Uttar Pradesh
08-03-2020 10:45 PM
नीरज जी आप गेहूं, धान, कपास और सब्ज़ियों की बिजाई कर सकते है आपको इनका इंतजाम करना होगा

Posted by manoj kumar
Himachal Pradesh
08-03-2020 10:43 PM
मनोज जी अभी आप बाजरा नेपियर हाइब्रिड की बिजाई कर सकते है इसके इलावा किसी और घास की बिजाई नहीं की जा सकती

Posted by Avinash
Uttar Pradesh
08-03-2020 10:27 PM
आप गिरी हुई फसल को खड़ी नहीं कर सकते है इसलिए उसकी ऐसे ही कटाई करनी पड़ेगी
Posted by सुमेर सिंह दूत
Rajasthan
08-03-2020 10:27 PM
उसे आप रोजाना 35—40 किलो हरा चारा दें और हर तीन महीने के बाद पेट के कीड़ों के लिए गोली जरूर दें और उसे उसे आप 1 किलो गेहूं का दलिया, 250 ग्राम गुड को अच्छी तरह पकाकर 5—7 दिन खाने के लिए दें इसके साथ आप Calpond powder 50gm रोजाना और Glactogog पाउडर देना शुरू करें इसका रोजाना एक पाउच देना शुरू करें इससे दूध में फायदा होगा.
Posted by kishor Bhadvankar
Maharashtra
08-03-2020 10:15 PM
किशोर जी आप गोबर से गोबर गैस प्लांट लगवा सकते है इसके इलावा आप आप गोबर से खाद बना सकते है इसके इलावा आप उपलों के पानी से खेत में स्प्रे कर सकते है

Posted by manjinder chhina
Punjab
08-03-2020 09:50 PM
मनजिंदर जी इसका गेहूं पर असर नहीं रहेगा इसकी स्प्रे दोबारा करनी पड़ेगी क्योंकि स्प्रे का असर देखने के लिए 8—10 घंटे स्प्रे किए हुऐ होने चाहिए
Posted by Harpreet Singh
Punjab
08-03-2020 09:44 PM
ਹਰਪ੍ਰੀਤ ਜੀ ਇਹ ਤੱਤ ਦੀ ਕਮੀ ਦੇ ਕਾਰਨ ਹੋ ਜਾਂਦਾ ਹੈ ਇਸਦੇ ਲਈ ਤੁਸੀ ਫੁਲ ਆਉਣੇ ਸ਼ੁਰੂ ਹੁੰਦੇ ਹਨ ਤਾ ਤੁਸੀ NPK 130045 @1 ਕਿਲੋ ਨੂੰ 150 ਲੀਟਰ ਪਾਣੀ ਦੇ ਹਿਸਾਬ ਨਾਲ ਸਪਰੇ ਕਰੋ

Posted by Avadhnath Singh
Uttar Pradesh
08-03-2020 09:08 PM
Avadhnath ji aap iski spray kar sakte hai iske istemal ke bad aap 6 din ke bad agar koi khaad daalna chahte hai to daal sakte hai.dhanywad

Posted by navvinder singh
Punjab
08-03-2020 08:54 PM
ਨਵਿੰਦਰ ਜੀ ਭਾਰਤ ਅਤੇ ਪੰਜਾਬ ਸਰਕਾਰ ਵਲੋਂ ਪੰਜਾਬ ਵਿਚ ਹੋਣ ਵਾਲੇ ਸਾਰੇ ਕਿਸਾਨ ਮੇਲੇ ਮੁਲਤਵੀ ਕਰ ਦਿੱਤੇ ਹੈ..
Posted by baljit singh
Punjab
08-03-2020 08:44 PM
ਸ਼ੁਰੂ ਵਿੱਚ ਲਸਣ ਦਾ ਪੌਦਾ ਹੌਲੀ ਵਧਦਾ ਹੈ ਇਸ ਲਈ ਨਦੀਨ ਨਾਸ਼ਕਾਂ ਦੀ ਵਰਤੋਂ ਗੋਡੀ ਨਾਲੋ ਵਧੀਆ ਰਹਿੰਦੀ ਹੈ ਨਦੀਨਾਂ ਨੂੰ ਰੋਕਣ ਲਈ ਪੈਂਡੀਮੈਥਾਲਿਨ 1 ਲੀਟਰ ਪ੍ਰਤੀ 200 ਲੀਟਰ ਪਾਣੀ ਪ੍ਰਤੀ ਏਕੜ ਵਿੱਚ ਪਾ ਕੇ ਬਿਜਾਈ ਤੋਂ 72 ਘੰਟਿਆਂ ਦੇ ਵਿੱਚ ਸਪਰੇਅ ਕਰੋ ਇਸ ਤੋਂ ਬਿਨਾਂ ਨਦੀਨ ਨਾਸ਼ਕ ਔਕਸੀਫਲੋਰਫਿਨ 425 ਮਿ:ਲੀ: ਲੀਟਰ ਪ੍ਰਤੀ 200 ਲੀਟਰ ਪਾਣੀ ਵਿੱਚ ਪਾ ਕੇ ਸਪਰੇਅ ਬਿਜਾਈ ਤੋਂ 7 ਦਿਨ ਬਾਅਦ ਕਰੋ .... (Read More)
ਸ਼ੁਰੂ ਵਿੱਚ ਲਸਣ ਦਾ ਪੌਦਾ ਹੌਲੀ ਵਧਦਾ ਹੈ ਇਸ ਲਈ ਨਦੀਨ ਨਾਸ਼ਕਾਂ ਦੀ ਵਰਤੋਂ ਗੋਡੀ ਨਾਲੋ ਵਧੀਆ ਰਹਿੰਦੀ ਹੈ ਨਦੀਨਾਂ ਨੂੰ ਰੋਕਣ ਲਈ ਪੈਂਡੀਮੈਥਾਲਿਨ 1 ਲੀਟਰ ਪ੍ਰਤੀ 200 ਲੀਟਰ ਪਾਣੀ ਪ੍ਰਤੀ ਏਕੜ ਵਿੱਚ ਪਾ ਕੇ ਬਿਜਾਈ ਤੋਂ 72 ਘੰਟਿਆਂ ਦੇ ਵਿੱਚ ਸਪਰੇਅ ਕਰੋ ਇਸ ਤੋਂ ਬਿਨਾਂ ਨਦੀਨ ਨਾਸ਼ਕ ਔਕਸੀਫਲੋਰਫਿਨ 425 ਮਿ:ਲੀ: ਲੀਟਰ ਪ੍ਰਤੀ 200 ਲੀਟਰ ਪਾਣੀ ਵਿੱਚ ਪਾ ਕੇ ਸਪਰੇਅ ਬਿਜਾਈ ਤੋਂ 7 ਦਿਨ ਬਾਅਦ ਕਰੋ ਨਦੀਨਾਂ ਦੀ ਰੋਕਥਾਮ ਲਈ 2 ਗੋਡੀਆ ਦੀ ਜਰੂਰਤ ਹੈ ਪਹਿਲੀ ਗੋਡੀ ਬਿਜਾਈ ਤੋਂ 1 ਮਹੀਨੇ ਬਾਅਦ ਅਤੇ ਦੂਜੀ ਗੋਡੀ ਬਿਜਾਈ ਤੋਂ 2 ਮਹੀਨੇ ਬਾਅਦ ਕਰੋ

Posted by Sanjeev Thakur
Himachal Pradesh
08-03-2020 08:40 PM
यदि एक बूटे पर दो सुंडिया दिखे तो बी टी 10 ग्राम को प्रति 10 लीटर पानी में मिलाकर शाम के समय स्प्रे करें और बाद में नीम अर्क 40 ग्राम को प्रति लीटर पानी में मिलाकर स्प्रे करें यदि नुकसान ज्यादा हो तो थायोडीकार्ब 75 डब्लयू पी 40 ग्राम को प्रति 15 ली. पानी में मिलाकर स्प्रे करें यदि पत्ते खाने वाली सुंडी का हमला हो तो स्.... (Read More)
यदि एक बूटे पर दो सुंडिया दिखे तो बी टी 10 ग्राम को प्रति 10 लीटर पानी में मिलाकर शाम के समय स्प्रे करें और बाद में नीम अर्क 40 ग्राम को प्रति लीटर पानी में मिलाकर स्प्रे करें यदि नुकसान ज्यादा हो तो थायोडीकार्ब 75 डब्लयू पी 40 ग्राम को प्रति 15 ली. पानी में मिलाकर स्प्रे करें यदि पत्ते खाने वाली सुंडी का हमला हो तो स्पाइनोसैड 2.5% ई सी या 100 ग्राम एमामैक्टिन बेनज़ोएट 5 एस जी को 150 लीटर पानी में मिलाकर प्रति एकड़ में स्प्रे करें

Posted by narpat singh
Haryana
08-03-2020 08:38 PM
ताराचंद जी कृपया आप फोटो भेजे क्युकी फोटो बिना आपको यह बताना बहुत मुश्किल है के यह बीमारी या किसी तत्व की कमी धन्यवाद
Posted by banawari
Rajasthan
08-03-2020 08:28 PM
तरबूज भारत में एक महत्वपूर्ण ककड़ी की सब्जी है यह एक उत्कृष्ट रेगिस्तान फल है और इसके रस में प्रोटीन, खनिज और कार्बोहाइड्रेट के साथ 92% पानी होता है तरबूज राजस्थान, गुजरात, उत्तर प्रदेश, महाराष्ट्र और आंध्र प्रदेश की प्रमुख नदी-फसल है इसकी किस्मे जैसे के Arka Jyoti, Arka Manik, Durgapur Kesar, Durgapur Lal, Durgapur Meetha, Improved Shipper, Pusa Bedane, Special No 1, Charl Stan Gray की ब.... (Read More)
तरबूज भारत में एक महत्वपूर्ण ककड़ी की सब्जी है यह एक उत्कृष्ट रेगिस्तान फल है और इसके रस में प्रोटीन, खनिज और कार्बोहाइड्रेट के साथ 92% पानी होता है तरबूज राजस्थान, गुजरात, उत्तर प्रदेश, महाराष्ट्र और आंध्र प्रदेश की प्रमुख नदी-फसल है इसकी किस्मे जैसे के Arka Jyoti, Arka Manik, Durgapur Kesar, Durgapur Lal, Durgapur Meetha, Improved Shipper, Pusa Bedane, Special No 1, Charl Stan Gray की बिजाई कर सकते हो तरबूज गहरी उपजाऊ और अच्छी तरह से सूखा मिट्टी में अच्छी तरह से बढ़ता है यह सबसे अच्छा परिणाम देता है जब रेतीले या रेतीले दोमट मिट्टी पर उगाया जाता है खराब जल निकासी क्षमता वाली मिट्टी तरबूज की खेती के लिए अनुकूल नहीं है एक ही खेत पर एक ही फसल के लगातार उगने से फसल के घूमने का पालन करने से पोषक तत्वों की हानि, खराब उपज और अधिक रोग का हमला होता है मिट्टी का पीएच 6-7 के बीच होना चाहिए भूमि की जुताई करें और बारीक तिलक लगाएं तरबूज को सीधे नर्सरी में उगाया जा सकता है या फिर मुख्य खेत में प्रत्यारोपित किया जा सकता है तरबूज की खेती के लिए इष्टतम समय फरवरी के मध्य से मार्च के मध्य तक है बुवाई विधि के आधार पर रिक्ति भिन्न हो सकती है गड्ढे की विधि में पंक्ति से पंक्ति की दूरी 2-3.5 मी और दो पौधे के बीच 0.6-1.2 मी -4 सेमी की गहराई पर बीज बोएं बुवाई के विभिन्न तरीकों जैसे फुर्रो विधि, पिट विधि और पहाड़ी विधि का उपयोग जलवायु और मौसम के आधार पर किया जा सकता है फ़रो विधि: बुवाई फ़ुर्रों के दोनों ओर की जाती है एक बार में 3-4 बीज बोना (अंकुरण के बाद केवल स्वस्थ अंकुर रखना) और पौधे को पौधे से 60-90 सेमी की दूरी पर रखें पिट विधि: गड्ढे में 4 बोया हुआ बीज इसके लिए दो पंक्तियों के बीच 2-3.5 मीटर की दूरी पर और पौधे के बीच 0.6-1.2 मीटर की दूरी पर 60x60x60 सेमी के गड्ढे बनाएं अच्छी तरह से विघटित गोबर और मिट्टी के साथ गड्ढे भरें अंकुरण के बाद केवल एक अंकुर रखें पहाड़ी विधि: पिट विधि के समान इसमें 30x30x30 सेमी गड्ढों के गड्ढे को 1-1.5 मी की दूरी पर बनाया जाता है दो बीज प्रति पहाड़ी बोए जाते हैं एक एकड़ भूमि की बुवाई के लिए 1.5 से 2 किलोग्राम बीज की आवश्यकता होती है बुवाई से पहले कार्बेन्डिज़िम @ 2 ग्राम / किलोग्राम बीज से बीज उपचारित करें रासायनिक उपचार के बाद ट्राइकोडर्मा विरिडी @ 4 ग्राम प्रति किलोग्राम बीज के हिसाब से बीज डालें बीज को छाया में सुखाएं और फिर तुरंत बुवाई करें बुवाई से 20-25 दिन पहले, फार्म यार्ड खाद या अच्छी तरह से विघटित गोबर @ 6 टन प्रति एकड़ की दर से लगाएं और मिट्टी में अच्छी तरह मिलाएं तरबूज के लिए नाइट्रोजन @ 20 किग्रा, फास्फोरस @ 10 किग्रा और पोटाश @ 10 किग्रा यूरिया @ 45 किग्रा, सिंगल सुपर फास्फेट @ 65 किग्रा और म्यूरिएट ऑफ पोटाश @ 18 किग्रा प्रति एकड़ की आवश्यकता होती है बीज बोने के समय फास्फोरस, पोटाश की पूरी मात्रा और नाइट्रोजन की एक तिहाई मात्रा लगाएँ नाइट्रोजन आधार की शेष खुराक लागू करें, 30-45 दिनों के बाद बेलों के पास बुवाई करें, इसे छूने से बचें और मिट्टी में अच्छी तरह मिलाएं वृद्धि के प्रारंभिक चरण के दौरान बिस्तर को खरपतवार मुक्त रखें उचित नियंत्रण उपायों की अनुपस्थिति में, खरपतवार 30% की उपज हानि का कारण बन सकता है बुवाई के 15-20 दिन बाद, आपस में जुड़े हुए ऑपरेशन करें मातम की गंभीरता और तीव्रता के आधार पर, दो से तीन निराई की आवश्यकता होती है बीजों के त्वरित अंकुरण के लिए बुवाई के तुरंत बाद सिंचाई करें शेष सिंचाई 5-7 दिनों के अंतराल पर करें परिपक्वता के समय जरूरत पड़ने पर ही सिंचाई करें सिंचाई के समय भी सिंचाई से बचें, बेलों या वानस्पतिक भागों को गीला नहीं करना चाहिए, विशेष रूप से फूलों और फलों के सेट के दौरान बेहतर स्वाद के लिए, बेहतर मिठास पाने के लिए; कटाई से ३-६ दिन पहले सिंचाई बंद कर दें या पानी देना कम कर दें

Posted by Sohil Chauhan
Gujarat
08-03-2020 08:18 PM
डेयरी फार्मिंग के लिए लोन अलग अलग कामों के लिए मिलता है जैसे शैड के लिए, पशुओं के लिए, डेयरी मशीनरी के लिए सबसे पहले आपने जिसके लिए लोन लेना है उस संबंधी आवेदन नज़दीक के डिप्टी डायरेक्टर को मिलकर दें, इसके लिए आपके पास डेयरी ट्रेनिंग होनी जरूरी है उसके सर्टीफिकेट के हिसाब से आपको लोन मिलेगा यह ट्रेनिंग आप अपà.... (Read More)
डेयरी फार्मिंग के लिए लोन अलग अलग कामों के लिए मिलता है जैसे शैड के लिए, पशुओं के लिए, डेयरी मशीनरी के लिए सबसे पहले आपने जिसके लिए लोन लेना है उस संबंधी आवेदन नज़दीक के डिप्टी डायरेक्टर को मिलकर दें, इसके लिए आपके पास डेयरी ट्रेनिंग होनी जरूरी है उसके सर्टीफिकेट के हिसाब से आपको लोन मिलेगा यह ट्रेनिंग आप अपने नज़दीकी केवीके से प्राप्त कर सकते है वहां समय समय पर ट्रेनिंग दी जाती है आप वहां जाकर अपना फार्म भर आए जब भी वहां ट्रेनिंग होगी तो आपको फोन करके बता दिया जाएगा, इस ट्रेनिंग में आपको डेयरी लोन और सब्सिड़ी के बारे में सारी जानकारी प्राप्त हो जाएगी. ट्रेनिंग लेने के लिए आप Krishi Vigyan Kendra,Saraswati Gram Vidhyapith, Village - Samoda - Ganwada, Ta.Sidhpur, Dist : Patan – 384 151(Gujarat) INDIA (02767) - 285528 से संपर्क कर सकते है
Posted by gurwinder singh
Punjab
08-03-2020 08:08 PM
Gurwinder ji tuci mineral mixture khudd tyar krnn di jgah market ton kise vdia company da leya ke vart skde ho kyuki khud tyar krnn wele sahi chijja di kami krke pashu nu usda koi fyada nhi hunda hai, naa sahi minerals milde hai ate naa vitamins di kami purri hundi hai, iss lai tuci market vicho Agrimin, Minfa gold, Bovimin-B ehna vicho koi v vart skde ho.
Posted by nihal singh
Uttar Pradesh
08-03-2020 08:02 PM
बकरी पालन बहुत ही लाभकारी काम है शुरूआत करने के लिए आप 10 बकरियों और 2 बकरे के साथ कर सकत हैं इन्हें खुराक कम चाहिए इसलिए इन्हें आसानी से पाल सकते हैं ये हर प्रकार के मौसम में पाली जा सकती हैं बकरियां 12-14 महीने में बच्चे देना शुरू कर देती है एक बकरी के लिए लगभग 12—15 वर्ग फीट जगह छती हुई और 25—30 वर्ग फीट जगह खुली चाहिए à¤.... (Read More)
बकरी पालन बहुत ही लाभकारी काम है शुरूआत करने के लिए आप 10 बकरियों और 2 बकरे के साथ कर सकत हैं इन्हें खुराक कम चाहिए इसलिए इन्हें आसानी से पाल सकते हैं ये हर प्रकार के मौसम में पाली जा सकती हैं बकरियां 12-14 महीने में बच्चे देना शुरू कर देती है एक बकरी के लिए लगभग 12—15 वर्ग फीट जगह छती हुई और 25—30 वर्ग फीट जगह खुली चाहिए बकरी का गर्भ समय 150 दिन का होता है और साल में 1-5 बच्चे देती है साल में दो बच्चे देना आम बात है बकरियां 8-10 वर्ष तक बच्चे देती हैं और अपन गिनती को तेजी से बढ़ा लेती हैं आप बारबरी, ब्लैक बंगाल, जैसी नसल पाल सकते हैं

Posted by Harwinder Singh
Punjab
08-03-2020 07:56 PM
ਪਸ਼ੂ ਦਾ ਦੁੱਧ ਉਸਦੀ ਨਸਲ ਦੇ ਨਿਰਭਰ ਕਰਦਾ ਹੈ, ਜੇਕਰ ਇਸਦੇ ਮਾਤਾ ਪਿਤਾ ਦੇ ਦੁੱਧ ਦਾ ਰਿਕਾਰਡ ਵਧਿਆ ਹੈ ਤਾਂ ਇਸਦਾ ਦੁੱਧ ਵੀ ਵਧਿਆ ਹੋਵੇਗਾ, ਕਿਉਕਿ ਵਧਿਆ ਨਸਲ ਦੇ ਹਿਸਾਬ ਨਾਲ ਪਸ਼ੂ ਦਾ ਦੁੱਧ ਹੁੰਦਾ ਹੈ, ਬਾਕੀ ਤੁਸੀ ਇਸਦੀ ਖੁਰਾਕ ਦਾ ਧਿਆਨ ਰੱਖੋ, ਰੋਜਾਨਾ 35-40 ਕਿਲੋ ਹਰਾ ਚਾਰਾ ਦਿਓ, ਬਾਕੀ ਤੁਸੀ ਇਹਨਾਂ ਦੇ ਨਾਲ ਨਾਲ Calpond ਪਾਊਡਰ 50 ਗ੍ਰਾਮ ਅਤੇ Milkout ਪਾਊਡਰ 2-2 ਚਮਚ ਸਵੇਰੇ ਸ਼ਾਮ ਦੇ ਕੇ ਦੇਖ ਸਕਦੇ.... (Read More)
ਪਸ਼ੂ ਦਾ ਦੁੱਧ ਉਸਦੀ ਨਸਲ ਦੇ ਨਿਰਭਰ ਕਰਦਾ ਹੈ, ਜੇਕਰ ਇਸਦੇ ਮਾਤਾ ਪਿਤਾ ਦੇ ਦੁੱਧ ਦਾ ਰਿਕਾਰਡ ਵਧਿਆ ਹੈ ਤਾਂ ਇਸਦਾ ਦੁੱਧ ਵੀ ਵਧਿਆ ਹੋਵੇਗਾ, ਕਿਉਕਿ ਵਧਿਆ ਨਸਲ ਦੇ ਹਿਸਾਬ ਨਾਲ ਪਸ਼ੂ ਦਾ ਦੁੱਧ ਹੁੰਦਾ ਹੈ, ਬਾਕੀ ਤੁਸੀ ਇਸਦੀ ਖੁਰਾਕ ਦਾ ਧਿਆਨ ਰੱਖੋ, ਰੋਜਾਨਾ 35-40 ਕਿਲੋ ਹਰਾ ਚਾਰਾ ਦਿਓ, ਬਾਕੀ ਤੁਸੀ ਇਹਨਾਂ ਦੇ ਨਾਲ ਨਾਲ Calpond ਪਾਊਡਰ 50 ਗ੍ਰਾਮ ਅਤੇ Milkout ਪਾਊਡਰ 2-2 ਚਮਚ ਸਵੇਰੇ ਸ਼ਾਮ ਦੇ ਕੇ ਦੇਖ ਸਕਦੇ ਹੋ

Posted by suraj dubey
Uttar Pradesh
08-03-2020 07:53 PM
मक्की की फसल लगाने के लिए उपजाऊ, अच्छे जल निकास वाली, मैरा और लाल मिट्टी जिसमें नाइट्रोजन की उचित मात्रा हो, जरूरी है मक्की रेतली से लेकर भारी हर तरह की ज़मीनों में उगाई जा सकती है समतल ज़मीने मक्की के लिए बहुत अनुकूल है पर कईं पहाड़ी इलाकों में भी यह फसल उगाई जाती है अधिक पैदावार लेने के लिए मिट्टी में जैविक तत्à.... (Read More)
मक्की की फसल लगाने के लिए उपजाऊ, अच्छे जल निकास वाली, मैरा और लाल मिट्टी जिसमें नाइट्रोजन की उचित मात्रा हो, जरूरी है मक्की रेतली से लेकर भारी हर तरह की ज़मीनों में उगाई जा सकती है समतल ज़मीने मक्की के लिए बहुत अनुकूल है पर कईं पहाड़ी इलाकों में भी यह फसल उगाई जाती है अधिक पैदावार लेने के लिए मिट्टी में जैविक तत्वों की अधिक मात्रा, पी एच 5.5-7.5 और अधिक पानी रोककर रखने की क्षमता होनी चाहिए बहुत ज्यादा भारी ज़मीनें इस फसल के लिए अच्छी नहीं मानी जाती आप मक्का की किस्मे जैसे के Ganga II, Deccan - 103, Deccan - 105, Trisholta, High Starch, Mangiri की बिजाई करें, फसल के लिए प्रयोग किया जाने वाला खेत नदीनों और पिछली फसल से मुक्त होना चाहिए मिट्टी को नर्म करने के लिए 6 से 7 बार जोताई करें खेत में 4-6 टन प्रति एकड़ रूड़ी की खाद और 10 पैकेट एसपरजिलियम के डालें खेत में 45-50 सैं.मी. के फासले पर खाल और मेंड़ बनाएं रबी के मौसम में खेती के लिए बिजाई 15 अक्तूबर से 10 नवंबर तक पूरी कर लें मेंड़ों पर बिजाई करना ज्यादा लाभदायक रहता है क्योंकि इससे फसल को जल्दी अंकुरित होने में मदद मिलती है और फसल ठंड से भी बची रहती है रबी के मौसम में खेती के लिए 60x18 सैं.मी. फासले का प्रयोग करें बीजों को 4-5 सैं.मी. की गहराई पर बोयें बिजाई हाथों से गड्ढा खोदकर या आधुनिक तरीके से ट्रैक्टर और बिजाई वाली मशीन की मदद से मेंड़ बनाकर की जा सकती है सर्दियों की मक्की के लिए 8-9 किलो बीज प्रति एकड़ में प्रयोग करें फसल को मिट्टी की बीमारियों और कीड़ों से बचाने के लिए बीज का उपचार करें सफेद जंग से बीजों को बचाने के लिए कार्बेनडाज़िम या थीरम 2 ग्राम प्रति किलो बीज के साथ उपचार करें रासायनिक उपचार के बाद बीज को एज़ोसपीरीलम 600 ग्राम + धान के चूरे के साथ उपचार करें उपचार के बाद बीज को 15-20 मिनटों के लिए छांव में सुखाएं एज़ोसपीरिलम मिट्टी में नाइट्रोजन को बांधकर रखने में मदद करता है अच्छी उपज प्राप्त करने के लिए नाइट्रोजन 50 किलो (यूरिया 110 किलो), फासफोरस 24 किलो (एस एस पी 150 किलो) और पोटाश 18 किलो (म्यूरेट ऑफ पोटाश 30 किलो) प्रति एकड़ में डालें खरीफ ऋतु की मक्की में नदीन बड़ी समस्या होते हैं, जो कि खुराकी तत्व लेने में फसल से मुकाबला करते हैं और 35 प्रतिशत तक पैदावार कम कर देते हैं इसलिए अधिक पैदावार लेने के लिए नदीनों का हल करना जरूरी है मक्की की कम से कम दो गोडाई करें पहली गोडाई बिजाई से 20-25 दिन बाद और दूसरी गोडाई 40-45 दिन बाद , पर ज्यादा होने की हालत में एटराज़िन 500 ग्राम प्रति 200 लीटर पानी से स्प्रे करें गोडाई करने के बाद मिट्टी के ऊपर खाद की पतली परत बिछा दें और जड़ों से मिट्टी लगाएं अंकुरन के तीसरे या चौथे सप्ताह बाद पानी लगाएं बाकी की सिंचाइयां 4-5 सप्ताह के फासले पर मध्य मार्च तक करें इसके इलावा और 1 या 2 सिंचाइयां वर्षा और मौसम की स्थिति के आधार पर करें जब पौधे घुटनों के कद के हो जायें तो फूल निकलने के समय और दाने बनने के समय सिंचाई महत्तवपूर्ण होती है यदि इस समय पानी की कमी हो तो पैदावार बहुत कम हो सकती है यदि पानी की कमी हो तो एक मेंड़ छोड़कर पानी दें इस से पानी भी बचता है

Posted by Gurdeep Singh virdi
Punjab
08-03-2020 07:41 PM
ਗੁਰਦੀਪ ਤੁਸੀ ਵਧਿਆ ਐਚ ਐੱਫ ਗਾਂ ਲੈਣ ਲਈ Ajay Chopra 7009645902 Chopra Dairy Farm ਨਾਲ ਸੰਪਰਕ ਕਰ ਸਕਦੇ ਹੋ

Posted by sanjeev lodhi
Madhya Pradesh
08-03-2020 07:27 PM
Sanjeev ji yaddi aap bakri palan ke kam ke liye loan lena chahte hai to iske liye pehle apko bakri palan ki training honi jruri hai kyuki uss training certificate ke hisab se he apko loan mill skta hai, training lene ke liye aap Krishi Vigyan Kendra, Piparsama Road, Shivpuri {M.P} - 473551, Telephone No : { 07492}-280388 se sampark kr skte hai..

Posted by jasvinder Kumar
Haryana
08-03-2020 07:03 PM
जसविंदर जी कृपया आप इसकी फोटो भेजे ताकि आपको इसके बारे में पूरी जानकारी दी जा सके धन्यवाद

Posted by UMATIYA SAMIR
Gujarat
08-03-2020 07:00 PM
आप उसे 250 ग्राम चीनी, 100 ग्राम जीरा उबाल कर, 250 ग्राम डालडा घी और 100 ग्राम नींबू डालकर 7-10 दिन दें, बाकि उसकी खुराक का ध्यान रखें और milkout powder 2-2 चम्मच सुबह शाम, Lactin tablet 1 गोली सुबह दें
Posted by Harpreet singh
Punjab
08-03-2020 06:49 PM
Harpreet ji goat di vdia growth lai uss nu vdia chara, feed deni suru kro ate 3-3 mahine badd pett de kiria wali dwai v deo baki uss nu Groviplex liquid 10-15ml weight de hisab nal deo, iss nal vdia growth ho jawegi.

Posted by Sandeep Sihag
Haryana
08-03-2020 06:45 PM
संदीप जी आप इसके ऊपर NPK 130045 @1 किलो को 150 लीटर पानी के हिसाब से स्प्रे करें
Posted by ਪਰਮਜੀਤ ਸਿੰਘ
Punjab
08-03-2020 06:40 PM
ਪਰਮਜੀਤ ਜੀ ਤੁਸੀ ਇਸ ਨੂੰ ਤਿਲਾਂ ਦਾ ਤੇਲ 100ml ਰੋਜਾਨਾ ਦੇਣਾ ਸ਼ੁਰੂ ਕਰੋ ਅਤੇ ਇਸ ਨੂੰ ਧੁੱਪ ਵਾਲੇ ਦਿਨ ਚੰਗੀ ਤਰ੍ਹਾਂ ਨਹਾਉਣ ਤੋਂ ਬਾਦ ਇਸਦੇ ਸਰੀਰ ਤੇ ਸਰੋਂ ਦੇ ਤੇਲ ਦੀ ਮਾਲਿਸ਼ ਕਰੋ ਅਤੇ Vitamor-h liquid 10ml ਰੋਜਾਨਾ ਦੇਣਾ ਸ਼ੁਰੂ ਕਰੋ

Posted by comedy king
Jharkhand
08-03-2020 06:21 PM
sir aap iski jadon men dheemak check karen agar maujood hai to aap chlorpyriphos@4ml ko prati litre pani ke hisab se spray karen kyuki photo men saaf dikhai nahi de raha hai.dhanywad

Posted by sarbjeet singh
Punjab
08-03-2020 06:16 PM
Sarbjeet ji tuci iss nu Keeper plus powder 30gm rojana ate Agrimin-i goli rojana 1 goli dinde rho ate 21 din tak deo, agli varr heat vich aaun te jekar tara saff howe tan Cross krwao ate powder dinde rho, jekar tara saff na howe tan bachedani vich lixin-iu dwai 3 din bhrwao ate powder dinde rho fir uss ton agli varr heat vich auun te tika bhrwao..

Posted by Dilbag singh
Punjab
08-03-2020 06:14 PM
dilbag ji jekar fasl te fungus ate kohar rog hai ta tuc isde uper copper oxychloride@4 gram nu prati litre pani de hisab nal spray karo.dhanwad
Posted by mangal singh
Punjab
08-03-2020 06:13 PM
Mangal ji tuc apple guava de boote lain layi Pawan kumar 9878726420 nal sampark kar sakde ho.dhanwad

Posted by gourishankar
Rajasthan
08-03-2020 06:09 PM
gourishankar ji you can apply gypsum@1 quintal then you can grow the crops.

Posted by shadab adil
Uttar Pradesh
08-03-2020 06:08 PM
isko aap Udderpox homeopathic dwai ki 10-10 drops din mai 3 varr den aur Avil injection 10ml aur Enrofloxacin injection 15ml lgwana suru kren aur isko Bovimin-gl liquid 7ml rojana dena suru kren. isse frak padd jayega ..
Posted by surjit
Haryana
08-03-2020 06:07 PM
सुरजीत जी यह फंगस है इसके लिए आप कार्बेन्डाजिम @4 ग्राम को प्रति लीटर पानी के हिसाब से स्प्रे करें

Posted by Muñish
Punjab
08-03-2020 05:54 PM
मनीश जी कई बार पशु ब्याने के नज़दीकी होने के कारण कम चारा खाता है, बेचैन रहता है, इसे आप Vitakind liv liquid 100ml रोजाना दें बाकि इसे कुछ देने की जरूरत नहीं है इससे हाज़मा ठीक हो जाएगा और अच्छी ग्रोथ होगी
Posted by pardeep jarwal
Haryana
08-03-2020 05:48 PM
pardeep please do a spray of carbendazim@400 gram per acre. you can do also spray of mancozeb@400 gram per acre.

Posted by विनोद कुमार
Madhya Pradesh
08-03-2020 05:36 PM
विनोद जी कृप्या आप अपना सवाल विस्तार से पूछें कि आप क्या जानकारी लेना चाहते है ताकि आपको इसके बारे में पूरी जानकारी दी जा सके

Posted by shree nag
Odisha
08-03-2020 05:33 PM
Shree ji aap iske uper keet ka hamla check karen agar maujood hai to aap imidacloprid@15ml ko prati litre pani ke hisab se spray karen,dhanywad
Posted by Bittu
Haryana
08-03-2020 05:29 PM
सबसे पहले यदि हम मछली पालन की बात करें तो इसके लिए ट्रेनिंग बहुत जरूरी है यह ट्रेनिंग FFDA(fish farmer development aggency) हर जिले में बनी है जहां हमारा खेतीबाड़ी विभाग है वहां इसके अफसर बैठते हैं वहां जाकर एप्लीकेशन भरवायें वहां आपको 5 दिन की ट्रेनिंग दी जायेगी ट्रेनिंग के लिए दसवीं पास होना ज़रूरी है इस ट्रेनिंग में आपको लोन और स.... (Read More)
सबसे पहले यदि हम मछली पालन की बात करें तो इसके लिए ट्रेनिंग बहुत जरूरी है यह ट्रेनिंग FFDA(fish farmer development aggency) हर जिले में बनी है जहां हमारा खेतीबाड़ी विभाग है वहां इसके अफसर बैठते हैं वहां जाकर एप्लीकेशन भरवायें वहां आपको 5 दिन की ट्रेनिंग दी जायेगी ट्रेनिंग के लिए दसवीं पास होना ज़रूरी है इस ट्रेनिंग में आपको लोन और सब्सिड़ी के बारे में सारी जानकारी प्राप्त हो जाएगी इसकी पुंग छोड़ने के लिए अप्रैल से अक्तूबर का समय बढ़िया होता है, बाकि यदि अपने शुरू करना है तो यूनिवर्सिटी की तरफ से एक एकड़ में शुरू कर सकते हैं. एक एकड़ में 5000 पूंग डाल सकते हैं यह 2 से 3 इंच का होता है यदि 5000 डालना है तो 3000 रोहू, 1000 कतला, 500 कॉमन कॉर्प और 500 मरीगल नस्ल डाली जाए यह पूंग आप मछली पालन विभाग से खरीद सकते हैं यह एक इंच का बच्चा 10 पैसा प्रति बच्चा मिलेगा यदि बढ़िया खुराक डाली जाए तो 8 महीनों में यह लगभग 800—900 ग्राम का हो जाता है बाकी मछली पालन के लिए नहरी पानी बढ़िया होता है और आप गांव का छप्पड़ ठेके से लेकर भी यह काम शुरू कर सकते हैं तालाब में मछली के बीज डालने से पहले इस बात की जांच कर लेनी चाहिए कि उस तालाब में काफी मात्रा में मछली की कुदरती खुराक उपलब्ध है.

Posted by Jagseer Sandhu
Punjab
08-03-2020 05:25 PM
anjeer di kheti vakh vakh jalwayu vale khetra vich kiti jandi hai par isde layi khuskh mausam jyada vadhia rehnda hai.eh domat mitti vich sabto vadhia grow karda hai.jiothe pani da vadhia nikaas hunda hai othe jhaad vadhi anikda hai ate is fasl har saal 20-30 kilo roodi di khaad pao ate isnu 1-2 sinchai karo . anjeer de paudeya di cutting layi jandi hai. fal april to june mahine tak aunda hai ate lagbhag 400 fal ik boote to milde han. Brown Turkey. Smyrna Fig kisman aam ugayian jandiyan han ate isde fal nu suka ke tuc packing krke as a dry fruit vech sakde ho.
Posted by मंटू कुशवाहा
Uttar Pradesh
08-03-2020 05:22 PM
मंटू कुशवाहा जी, यह पौध प्रजनन का एक हिस्सा है, इसके बारे में जानकारी लेने के लिए आप साथ भेजी फोटो को देखें, धन्यवाद
Expert Communities
We do not share your personal details with anyone
We do not share your personal details with anyone
Sign In
Registering to this website, you accept our Terms of Use and our Privacy Policy.
Your mobile number and password is invalid
We have sent your password on your mobile number
All fields marked with an asterisk (*) are required:
Sign Up
Registering to this website, you accept our Terms of Use and our Privacy Policy.
All fields marked with an asterisk (*) are required:
Please select atleast one option
Please select text along with image








