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Posted by Arun Tyagi
Uttar Pradesh
19-03-2020 07:42 AM
Maharashtra
03-19-2020 10:50 AM
अरुण जी, कृपया आप बताये कि यह किस फसल में हो रहा है ताकि आपको उसके हिसाब से इसके बारे में जानकारी दी जा सके, धन्यवाद
Posted by Balkar singh
Punjab
19-03-2020 07:33 AM
Punjab
03-19-2020 10:46 AM
Balkar singh ji, jekar fasal tandrust hain tan is vich koi spray karn di lorh nahi hai, dhanwad
Posted by pushpendra Kumar
Uttar Pradesh
19-03-2020 07:14 AM
Punjab
03-19-2020 10:32 AM
पुष्पिंदर जी, आने वाले अगले कुछ दिनों तक मौसम साफ़ रहने की संभावना है, धन्यवाद
Posted by pushpendra Kumar
Uttar Pradesh
19-03-2020 07:12 AM
Maharashtra
03-19-2020 09:59 AM
उच्च पैदावार वाली फसलों की किस्मों की कटाई पत्तों और तने के पीले पड़ने और सूखने के बाद की जाती है। हानि से बचने के लिए फसल की कटाई इसके पके हुए पौधों के सूखने से पहले की जानी चाहिए। ग्राहक की तरफ से इसे स्वीकारने और इसकी अच्छी गुण्वत्ता के लिए इसको सही समय पर काटना चाहिए। जब दानों में 25-30 प्रतिशत नमी रह जाती है.... (Read More)
उच्च पैदावार वाली फसलों की किस्मों की कटाई पत्तों और तने के पीले पड़ने और सूखने के बाद की जाती है। हानि से बचने के लिए फसल की कटाई इसके पके हुए पौधों के सूखने से पहले की जानी चाहिए। ग्राहक की तरफ से इसे स्वीकारने और इसकी अच्छी गुण्वत्ता के लिए इसको सही समय पर काटना चाहिए। जब दानों में 25-30 प्रतिशत नमी रह जाती है तो यह इसे काटने का सही समय होता है। हाथ से गेहूं काटने के समय तेज धार वाली द्राती का प्रयोग करना चाहिए। कटाई के लिए कंबाइने भी उपलब्ध हैं, जिनकी सहायता से गेहूं की फसल की कटाई, दाने निकालना और छंटाई एक ही बार में की जा सकती है।
Posted by navtej
Punjab
19-03-2020 06:48 AM
Punjab
03-19-2020 03:59 PM
ਨਵਤੇਜ ਜੀ ਕਿਰਪਾ ਕਰਕੇ ਉਸਦੇ ਦੁੱਧ ਦੀ ਫੋਟੋ ਭੇਜੋ ਅਤੇ ਇਹ ਵੀ ਦੱਸੋ ਕੇ ਇਸਦੇ ਥਣਾ ਨੂੰ ਸੋਜਿਸ਼ ਹੈ ਜਾ ਨਹੀਂ ਤਾ ਜੋ ਤੁਹਾਨੂੰ ਇਸ ਬਾਰੇ ਪੂਰੀ ਜਾਣਕਾਰੀ ਦਿਤੀ ਜਾ ਸਕੇ |
Posted by Nikhil rajak
Madhya Pradesh
19-03-2020 06:43 AM
Punjab
03-19-2020 09:52 AM
Nikhil ji, kripya ap bataye ke apne abhi tak isme konsi khaad ka istemal kiya hai taki apko uske hisaab se iske bare mein jankari di ja sake, dhanywad
Posted by navtej
Punjab
19-03-2020 06:29 AM
Punjab
03-19-2020 03:22 PM
ਤੁਸੀ ਇਸਦੀ ਖੁਰਾਕ ਦਾ ਧਿਆਨ ਰੱਖੋ, ਰੋਜਾਨਾ 35-40 ਕਿਲੋ ਹਰਾ ਚਾਰਾ ਦਿਓ ਅਤੇ ਉਸ ਨੂੰ ਕਣਕ ਦਾ ਦਲੀਆ 1 ਕਿਲੋ ਅਤੇ ਗੁੜ 250 ਗ੍ਰਾਮ ਮਿਕਸ ਕਰਕੇ ਚੰਗੀ ਤਰ੍ਹਾਂ ਰਿੰਨ ਕੇ ਫਿਰ ਉਸ ਵਿਚ 100 ਮਿਲੀ ਸਰੋਂ ਦਾ ਤੇਲ ਮਿਕਸ ਕਰਕੇ 5 -7 ਦਿਨ ਖਵਾਓ, ਤੁਸੀ ਉਸ ਨੂੰ Enerdyna liquid 100ml ਰੋਜਾਨਾ, Milkout powder 2-2 ਚਮਚ ਰੋਜਾਨਾ ਦੇਣਾ ਸ਼ੁਰੂ ਕਰੋ, ਇਹਨਾਂ ਨਾਲ ਫਰਕ ਪੈ ਜਾਵੇਗਾ.
Posted by Ram Kalesh Yadav
Uttar Pradesh
19-03-2020 06:16 AM
Punjab
03-19-2020 07:52 AM
Shri maan g isme aap M-45@500 gm per acre spray kr skte ho...
Posted by Ram Kalesh Yadav
Uttar Pradesh
19-03-2020 06:12 AM
Punjab
03-19-2020 09:50 AM
राम जी, यह फंगस के हमले की वजह से हो रहा है, आप इसकी रोकथाम के लिए इसमें carbenadzim @ 4 ग्राम यां mancozeb @ 4 ग्राम प्रति लीटर पानी के हिसाब से स्प्रे कर सकते हैं, धन्यवाद
Posted by Inderjeet Gurjar
Haryana
19-03-2020 05:42 AM
Punjab
03-19-2020 07:53 AM
Shri maan g kanak mein haldi rog ki roktham ke liye aap Opera@300 ml per acre spray kr skte ho.....
Posted by Mander Brar
Punjab
19-03-2020 05:20 AM
Punjab
03-19-2020 07:54 AM
ਸ੍ਰੀ ਮਾਨ ਜੀ ਕਣਕ ਵਿੱਚ ਹਲਦੀ ਰੋਗ ਦੀ ਰੋਕਥਾਮ ਦੇ ਲਈ Opera@300 ml ਪ੍ਰਤੀ ਏਕੜ ਅਤੇ ਤੇਲੇ ਦੀ ਰੋਕਥਾਮ ਦੇ ਲਈ Actara@40gm ਪ੍ਰਤੀ ਏਕੜ ਸਪਰੇਅ ਕਰ ਸਕਦੇ ਹੋ।
Posted by Randeep Singh
Punjab
18-03-2020 10:27 PM
Punjab
03-19-2020 09:14 AM
ਨੇਪੀਅਰ ਬਾਜਰਾ ਦੇ ਬੀਜ ਬਹੁਤ ਛੋਟੇ ਹੁੰਦੇ ਹਨ, ਵਪਾਰਕ ਖੇਤੀ ਲਈ ਇਸਦਾ ਪ੍ਰਜਣਨ ਤਣੇ ਦੇ ਭਾਗ(ਦੋ-ਤਿੰਨ ਗੰਢੀਆਂ) ਅਤੇ ਜੜ੍ਹ ਦੇ ਭਾਗ(30 ਸੈ.ਮੀ. ਲੰਬੇ) ਦੁਆਰਾ ਕੀਤਾ ਜਾਂਦਾ ਹੈ। ਰੋਪਣ ਦੇ ਲਈ 11000 ਡੰਡੀਆਂ ਜਾਂ ਤਣੇ ਦੇ ਭਾਗਾਂ ਦੀ ਵਰਤੋਂ ਕੀਤੀ ਜਾਂਦੀ ਹੈ।
Posted by Jaswant
Rajasthan
18-03-2020 09:50 PM
Punjab
03-19-2020 12:01 PM
जसवंत जी आप निम्बू की किस्मे जैसे Kagzi (Acidlime): यह बड़े क्षेत्र में उगाई जाने वाली नींबू की सामान्य किस्म है। इसके वृक्ष ज्यादा घनता वाले, छोटे पत्ते और फैलने वाले होते हैं। फल छोटे गोल और पतले छिल्के वाले होते हैं। इसका रस स्वाद में बहुत अम्लीय होता है। Chakradhar: यह किस्म सीधी और घनी शाखाएं वाली होती है। इसके फल गोल आकà.... (Read More)
जसवंत जी आप निम्बू की किस्मे जैसे Kagzi (Acidlime): यह बड़े क्षेत्र में उगाई जाने वाली नींबू की सामान्य किस्म है। इसके वृक्ष ज्यादा घनता वाले, छोटे पत्ते और फैलने वाले होते हैं। फल छोटे गोल और पतले छिल्के वाले होते हैं। इसका रस स्वाद में बहुत अम्लीय होता है। Chakradhar: यह किस्म सीधी और घनी शाखाएं वाली होती है। इसके फल गोल आकार के होते हैं, जिनका कागज़ी छिल्का होता है और रस की मात्रा 60-66 प्रतिशत होती है। मुख्य रूप से रोपाई के चौथे साल तक फल देना शुरू करता है। ये सामान्य रूप से जनवरी-फरवरी, जून-जुलाई और सितंबर-अक्तूबर के महीने में फल निकलते हैं। PKM 1: इस किस्म के फल गोल होते हैं जो कि आकार में मध्यम से बड़े होते हैं। इनमें 53 प्रतिशत रस की मात्रा होती है। दूसरे राज्यों की किस्में Seed less lime: यह ज्यादा फल देने वाली किस्म है। इसके फल लंबकार और छिल्का पतला होता है। यह सामान्य निंबू से दोगुनी पैदावार देती है। Pramalini: यह किस्म महाराष्ट्र के क्षेत्रों में उगाने के लिए उपयुक्त है। इस किस्म के एक गुच्छे में 3-7 फल लगते हैं। फल में 57 प्रतिशत रस की मात्रा होती है। यह किस्म कैंकर और बेमौसम फल लगने की रोधक किस्म है। Vikram: यह किस्म महाराष्ट्र के क्षेत्रों में उगाने के लिए उपयुक्त है। इस किस्म के एक गुच्छे में 5-10 फल लगते हैं। इसके मई, जून और सितंबर के महीने में भी बेमौसमी फल लगते हैं। यह किस्म कैंकर और बेमौसम फल लगने की रोधक किस्म है।
Posted by Rajwinder Singh
Punjab
18-03-2020 09:36 PM
Punjab
03-19-2020 12:58 PM
Rajwinder ji tuci Dairy loan lain lai pehla dairy di training lao fir uss training certificate de nal tuhanu dairy loan mill jawega, tuci training lain lai Deputy director dairy, room no. 508-09, B-block, fourth floor, new dc complex fazilka 01632-244304 nal sampark kr skde ho, ehna ton tuhanu agge hoon wali training da ptta lgg jawega fir tuci apne hisab nal 2 week ja 4 week wali training kr skde ho.
Posted by Ranjit Kumar Rajit
Uttar Pradesh
18-03-2020 09:31 PM
Punjab
03-19-2020 07:54 AM
श्रीमान जी कृपया करके अपना सवाल विस्तार से पूछें ताकि आपको पूरी जानकारी दी जा सके.
Posted by amandeep singh
Punjab
18-03-2020 09:15 PM
Punjab
03-19-2020 01:00 PM
ਤੁਸੀ ਉਸ ਨੂੰ 250 ਗ੍ਰਾਮ ਰਾਵ ਖੰਡ, 100 ਗ੍ਰਾਮ ਬੱਗਾ ਜੀਰਾ ਉਬਾਲ ਕੇ , 250 ਗ੍ਰਾਮ ਡਾਲਡਾ ਘਿਓ ਤੇ 100 ਗ੍ਰਾਮ ਨਿੰਬੂ ਪਾ ਕੇ ਠਾਰ ਕੇ 7-10 ਦਿਨ ਦਿਉ, ਇਸ ਨਾਲ ਫਰਕ ਪੈ ਜਾਵੇਗਾ..
Posted by ramchandr yadav
Madhya Pradesh
18-03-2020 09:10 PM
Punjab
06-01-2020 04:57 PM
Ramchandr yadav ji Kechua lene ke lia aap Atul Saxena 7024911668 SPP Paramotoring India se samparak kar sakte hai, Thankyou.
Posted by Nitesh Kher Patidar
Madhya Pradesh
18-03-2020 09:03 PM
Punjab
03-19-2020 12:07 PM
नितेश जी कृपया आप पौधे की आयु बताएं ताकि आपको उसके हिसाब से जानकारी दी जा सके धन्यवाद
Posted by Munesh Sharma
Haryana
18-03-2020 08:56 PM
Punjab
03-19-2020 12:11 PM
इसकी खेती के लिए 18-35° सै. मिट्टी का तापमान होना आवश्यक है| इसके अच्छे विकास के लिए विभिन्न प्रकार की चिकनी से दोमट मिट्टी में इसकी खेती करें| यह कुछ हद तक तेज़ाबी मिट्टी में उगाई जा सकती है|यह रेतली दोमट मिट्टी और पानी के अच्छे निकास में बढ़िया परिणाम देती है| शिमला मिर्च की खेती के लिए मिट्टी का pH 6-7 होना चाहिए|Bomby (red .... (Read More)
इसकी खेती के लिए 18-35° सै. मिट्टी का तापमान होना आवश्यक है| इसके अच्छे विकास के लिए विभिन्न प्रकार की चिकनी से दोमट मिट्टी में इसकी खेती करें| यह कुछ हद तक तेज़ाबी मिट्टी में उगाई जा सकती है|यह रेतली दोमट मिट्टी और पानी के अच्छे निकास में बढ़िया परिणाम देती है| शिमला मिर्च की खेती के लिए मिट्टी का pH 6-7 होना चाहिए|Bomby (red color): यह जल्दी पकने वाली किस्म है| यह किस्म लम्बी, पौधे मज़बूत और शाखाएं फैलने वाली होती हैं| इसके फलों के विकास के लिए पर्याप्त छाया की जरूरत होती है| इसके फल गहरे हरे होते है और पकने के समय यह लाल रंग के हो जाते हैं, इसका औसतन भार 130-150 ग्राम होता है| इसके फलों को ज्यादा समय के लिए स्टोर करके रखा जा सकता है और यह ज्यादा दूरी वाले स्थान पर लेजाने के लिए उचित होते है| Orobelle (yellow color): यह किस्म मुख्यतः ठंडे मौसम में विकसित होती है| इसके फल ज्यादातर वर्गाकार, सामान्य और मोटे छिलके वाले होते है| इसके फल पकने के समय पीले रंग के होते है, जिनका औसतन भार 150 ग्राम होता है| यह किस्म बीमारीयों की रोधक किस्म है जो कि ग्रीन हाउस और खुले खेत में विकसित होती है| Indra (green): यह किस्म लम्बी और देखने में झाड़ीदार होती है| इसके पत्ते गहरे हरे रंग के और घने गुच्छों में होते है| इस किस्म के फल गहरे हरे रंग के होते हैं,जिनका औसतन भार 170 ग्राम होता है| फल विकसित होने के बाद 50-55 दिनों में बिजाई के लिए तैयार होते हैं| इसके फलों को ज्यादा समय के लिए स्टोर करके रखा जा सकता है और यह ज्यादा दूरी वाले स्थान पर लेजाने के लिए उचित होते है| Indra: इसके फल गहरे हरे रंग के होते हैं। इसकी औसतन पैदावार 110 क्विंटल प्रति एकड़ होती है। इसके फल का औसतन भार 80 ग्राम होता है।शिमला मिर्च की खेती के लिए, ज़मीन को अच्छी तरह से तैयार करें| ज़मीन को भुरभुरा बनाने के लिए, 5-6 बार सुहागे से जोताई करें| खेत की तैयारी के समय खेत में रूड़ी की खाद डालें और मिट्टी में मिलाएं|बीजों को मुख्य तौर पर अक्तूबर के अंत में बोयें और रोपण के लिए मध्य-फरवरी का समय उचित होता है| जल्दी पैदावार के लिए, बीजों को मध्य-अक्तूबर में बोयें और रोपण के लिए नवंबर के अंत का समय उचित होता है|बिजाई के लिए पंक्ति से पंक्ति में 50 सैं.मी. और पौधे से पौधे में 40 सैं.मी. का फासला रखें|बीज को 2-4 सैं.मी. गहरा बोयें|बीज को 2-4 सैं.मी. गहरा बोयें|एक एकड़ खेत के लिए 200-300 बीजों का प्रयोग करें|खेत की तैयारी के समय, 20-25 टन प्रति एकड़ रूड़ी की खाद मिट्टी में मिलाएं| रूड़ी की खाद के साथ, नाइट्रोजन 50 किलो( यूरिया 110 किलो), फासफोरस 25 किलो(सिंगल सुपर फासफेट 175 किलो) और पोटाशियम 12 किलो(मिउरेट ऑफ़ पोटाश 20 किलो) प्रति एकड़ में डालें| पोटाशियम, फासफोरस की पूरी मात्रा और नाइट्रोजन 1/3 हिस्सा रोपण से पहले कतारों में खाद के रूप में मिलाएंऔर बाकी बची हुई नाइट्रोजन को दो बराबर हिस्सों में डालें| पहली खुराक रोपण के एक महीने बाद और दूसरी रोपण के दो महीने के बाद डालें|
Posted by gulshan sahu
Chattisgarh
18-03-2020 08:52 PM
Punjab
03-19-2020 01:15 PM
यदि आपने इसे क्रॉस करवा दिया है तो आप इसकी खुराक का ध्यान रखें और अच्छी फीड दें और इसे आप Keeper plus पाउडर 30 ग्राम रोजाना 20 दिन तक दे सकते है इससे पशु के गाभिन रहने की आस बढ़ जाती है।
Posted by Sandhu
Punjab
18-03-2020 08:45 PM
Punjab
03-19-2020 01:17 PM
संधू जी अगर आप बड़े स्तर पर काम करना चाहते है तो आप venkeys की BV300 नसल रख सकते है अगर आप छोटे स्तर पर काम करना चाहते है तो आप RIR नसल रख सकते है यह नसल मीट और अंडा दोनों कामों के लिए अच्छी रहती है।
Posted by Arpita Jain
Rajasthan
18-03-2020 08:40 PM
Punjab
03-19-2020 12:16 PM
arpita ji yeh bel vali fasle hai iske liye aapko inhe sahara dene ki jrurat hogi aur aap bade gamlon men inke paudhe lgye .tarbooj ji bijai abhi ki ja sakti hai.kharbooje ki bijai abhi nahi ki ja sakti. aap kisme jaise Varun, Yuvaraj, Aayesha, Madhubala, chetan, NS 295, NS 34, NS 450, Arjun, Sumo, KSP 1081, Lalima aur Raja ki bijai kar sakte hai.dhanywad
Posted by Gurpreet Singh
Punjab
18-03-2020 08:29 PM
Punjab
03-19-2020 01:17 PM
ਉਸ ਨੂੰ ਤੁਸੀ Mifex 450ml ਬੋਤਲ ਲਗਵਾਓ, ਬੋਤਲ ਵਿਚ Injection Tonophos 20ml, Injection Avil 10ml ਪਾਓ ਅਤੇ ਇਸ ਨੂੰ IV(slow) ਲਗਵਾਓ, ਬਾਕੀ ਉਸ ਨੂੰ Injection X-nil 1gm, Injection Megludyne 20ml (IM) ਲਗਵਾਓ ਅਤੇ 3 ਦਿਨ ਲਗਾਓ, ਇਸ ਨਾਲ ਫਰਕ ਪੈ ਜਾਵੇਗਾ.
Posted by Sumeet Singh Toor
Punjab
18-03-2020 08:21 PM
Punjab
03-19-2020 07:55 AM
श्रीमान जी मशरुम की खेती की ट्रेनिंग लेने के लिए आप अपने नजदीकी कृषि विज्ञान केंद्र के साथ संम्पर्क कर सकते हैं
Posted by roshan
Madhya Pradesh
18-03-2020 08:13 PM
Punjab
03-19-2020 12:18 PM
रोशन जी यह फंगस है इसके लिए आप कार्बेन्डाजिम @400 ग्राम को प्रति एकड़ के हिसाब से स्प्रे करें
Posted by roshan
Madhya Pradesh
18-03-2020 08:11 PM
Punjab
03-19-2020 12:24 PM
रोशन जी यह फंगस है इसकी रोकथाम के लिए आप carbendazim @400 ग्राम को प्रति एकड़ के हिसाब से स्प्रे करें
Posted by sandeep verma
Rajasthan
18-03-2020 08:00 PM
Punjab
03-19-2020 01:19 PM
संदीप जी आप यदि बीटल नसल से बकरी पालन शुरू करना चाहते है और बीटल नसल के बकरी लेने के लिए आप Khushwant Singh 9783921249 Khushwant Beetal Goat farm से संपर्क कर सकते है और अच्छी बकरियां ले सकते है।
Posted by Harry Chattha
Punjab
18-03-2020 07:55 PM
Punjab
03-19-2020 01:20 PM
Harry ji tuci uss nu nazdiki doctor ton janch krwao ji kyuki usdi janch krke he usda sahi ilagg ho skda hai.
Posted by Jatinder Virk
Haryana
18-03-2020 07:55 PM
Punjab
03-19-2020 01:22 PM
यदि गाय बहुत हांफती है तो उसके लिए आप 1 कोरा मिट्टी का घड़ा लें और उसे आधा पानी के साथ भर लें, रात में उस घड़े में से 1 डली गुड़ लगभग 250 ग्राम की और 1 गूंधे हुए आटे का पेड़ा मिला दें, इस मिश्रण को रात को रख दें, और सुबह के समय इसे अच्छी तरह घोल लें, अच्छी तरह घोलने के बाद इस पानी को सुबह सबसे पहले गाय को पिलाये. इस तरह आप लगातà¤.... (Read More)
यदि गाय बहुत हांफती है तो उसके लिए आप 1 कोरा मिट्टी का घड़ा लें और उसे आधा पानी के साथ भर लें, रात में उस घड़े में से 1 डली गुड़ लगभग 250 ग्राम की और 1 गूंधे हुए आटे का पेड़ा मिला दें, इस मिश्रण को रात को रख दें, और सुबह के समय इसे अच्छी तरह घोल लें, अच्छी तरह घोलने के बाद इस पानी को सुबह सबसे पहले गाय को पिलाये. इस तरह आप लगातार 8-10 दिन तक पीला दें, इस तरह गाय का हांफना बंद हो जाएगा और उसे आप Coolmax पाउडर 50 ग्राम रोजाना दें।
Posted by Gurjeet Singh
Punjab
18-03-2020 07:54 PM
Punjab
03-18-2020 07:55 PM
ਸ੍ਰੀ ਮਾਨ ਜੀ ਕਣਕ ਵਿੱਚ ਪੀਲੀ ਕੁੰਗੀ ਦੀ ਰੋਕਥਾਮ ਦੇ ਲਈ Opera@300 mlਪ੍ਰਤੀ ਏਕੜ ਸਪਰੇਅ ਕਰ ਸਕਦੇ ਹੋ
Posted by ਹਰਮਨਜੀਤ ਸਿੰਘ ਢਿੱਲੋਂ
Punjab
18-03-2020 07:37 PM
Punjab
03-19-2020 01:23 PM
Harmanjeet ji tuci uss nu Lactomood homeopathic dwai dia 10-10 drops din vich 3 varr deo ate uss nu Milkout powder 2-2 chamch swere sham deo ate Lactin bolus 1-1 goli swere sham deo, iss nal frak paa jawega.
Posted by Mangat
Punjab
18-03-2020 07:36 PM
Punjab
03-19-2020 01:25 PM
Tuci uss nu Lactomood homeopathic dwai dia 10-10 drops din vich 3 varr deni suru kro ate milkout powder 2-2 chamch swere sham deo, baki kai varr eh pashu di addat v hundi hai.
Posted by harchet Singh
Punjab
18-03-2020 07:31 PM
Punjab
03-18-2020 08:52 PM
shrimaan g soondi di roktham lyi Fame @20 ml per acre da spray kr skde ho g..
Posted by अवधेशपाल अवधेश पाल
Uttar Pradesh
18-03-2020 07:29 PM
Punjab
03-18-2020 07:56 PM
श्री मान कृपया आप अपना सवाल विस्तार से पूछें तो आपको पूरी जानकारी दी जा सके।
Posted by Amandeep Singh
Punjab
18-03-2020 07:08 PM
Punjab
03-19-2020 12:31 PM
amandeep ji jeere di kheti punjab vich university valo sifarish nahi kiti jandi.
Posted by ਸਾਬ ਸਿਘ
Punjab
18-03-2020 07:04 PM
Punjab
03-18-2020 07:57 PM
श्रीमान जी गेहूं में फंगस का हमला है इसकी रोकथाम के लिए tilt 200ml प्रति एकड़ की स्प्रे कर सकते हैं.
Posted by Shantilal Sharma
Rajasthan
18-03-2020 07:02 PM
Punjab
03-19-2020 12:40 PM
इस फसल को तुरंत सिंचाई की आवश्यकता होती है। बिजाई के तुरंत बाद सिंचाई करें। गर्मियों में फसल को 6—7 सिंचाइयों की आवश्यकता होती है और बारिश के मौसम में आवश्यकतानुसार पानी लगाएं। इस फसल को कुल 9 सिंचाइयों की जरूरत होती है।
Posted by Avaneesh pandey
Uttar Pradesh
18-03-2020 06:53 PM
Maharashtra
03-25-2020 03:21 PM
Avaneesh ji, Metribuzine ek nadeen nashak hai yeh nedeen ke nikle se pehle khet mein dala jata hai iski matra 400 gm/acre ke hisaab se istemal ki jati hai, dhanywad
Posted by RINKU KAMBOJ
Punjab
18-03-2020 06:49 PM
Rajasthan
03-19-2020 01:26 PM
ਰਿੰਕੂ ਜੀ ਇਹ ਮੁਰਾਹ ਨਸਲ ਦੀ ਮੱਝ ਹੈ
Posted by Avaneesh pandey
Uttar Pradesh
18-03-2020 06:47 PM
Punjab
03-19-2020 12:47 PM
Avaneesh ji sulphur ek trah ke fungicide ka kam karta hai.aur yeh tatv ki kami ko poora krti hai.
Posted by rajbahaduryadav
Uttar Pradesh
18-03-2020 06:46 PM
Punjab
06-10-2020 12:38 PM
Raj bahadur yadav ji Tata Aig se aap 1800 209 3536 pe samparak kar sakte hai, Thankyou.
Posted by gurpreet
Punjab
18-03-2020 06:45 PM
Punjab
03-19-2020 01:27 PM
Gurpreet ji ehh pashu infection krke v sutt skda hai ja viase v sutda hai tuci uss nu Keeper plus powder 30gm rojana 20 din tak dinde rho, jekar ohhh gaban hoi tan rukk jawegi jekar dubara fir heat vich aaundi hai tan usdi bachedani vich dwai bhrwao ate agli varr heat vich aaun te Cross krwao.
Posted by vijay taak
Rajasthan
18-03-2020 06:43 PM
Punjab
03-18-2020 07:57 PM
श्रीमान जी कृपया आप इसकी फोटो भेजें ताकि आपको पूरी जानकारी दी जा सके
Posted by तेजपाल जटिया
Rajasthan
18-03-2020 06:39 PM
Punjab
03-25-2020 03:23 PM
Tejpal ji, ap apni fasal mein NPK 130045 @ 10 gram prati litre pani ke hisaab se spary karein isse isme fal aney shuru ho jaye ge , dhanywad
Posted by Gurjit Singh Benipal
Punjab
18-03-2020 06:38 PM
Punjab
03-18-2020 08:00 PM
ਸ੍ਰੀ ਮਾਨ ਜੀ ਕਣਕ ਵਿੱਚ ਪੀਲੀ ਕੁੰਗੀ ਦੀ ਰੋਕਥਾਮ ਦੇ Opera@300 mlਪ੍ਰਤੀ ਏਕੜ ਸਪਰੇਅ ਕਰ ਸਕਦੇ ਹੋ।
Posted by राम प्रकाश पाल
Uttar Pradesh
18-03-2020 06:38 PM
Punjab
03-19-2020 01:19 PM
यू पी के सिंचित और निम्न बारानी क्षेत्रों में मध्य जून से शुरूआती जुलाई तक का समय उपयुक्त होता है।
Posted by तेजपाल जटिया
Rajasthan
18-03-2020 06:35 PM
Punjab
03-19-2020 12:38 PM
तेजपाल जी कृपया बताये कि आपने कोनसी किसम की बिजाई की है ताकि आपको इसके बारे में पूरी जानकारी दी जा सके
Posted by gulshan sahu
Chattisgarh
18-03-2020 06:18 PM
Punjab
03-19-2020 01:29 PM
गुलशन जी आप बछड़िया की फोटो भेंजे ताकि आपको उसके बारे में पूरी जानकारी दी जा सके।
Posted by Anil Kumar
Uttar Pradesh
18-03-2020 06:06 PM
Punjab
03-19-2020 12:33 PM
बीजों को मुख्य तौर पर अक्तूबर के अंत में बोयें और रोपण के लिए मध्य-फरवरी का समय उचित होता है| जल्दी पैदावार के लिए, बीजों को मध्य-अक्तूबर में बोयें और रोपण के लिए नवंबर के अंत का समय उचित होता है|