
Posted by rajkumar oati
Chattisgarh
22-03-2020 10:58 AM
Rajkumar ji, kripya ap bataye ke apke podhe ki umar kitni hai or apne ise kis vidhi ke sath lagaya hai, taki apko iske bare mein jankari di ja sake, dhanywad
Posted by surender singh
Rajasthan
22-03-2020 10:55 AM
आप 100 ग्राम मेहंदी, 50 ग्राम हल्दी, और 200 ग्राम सरसों का तेल मिक्स करके 3-4 दिन लगातार दें, इससे फर्क पड़ जाएगा
Posted by Sunil Jat
Rajasthan
22-03-2020 10:49 AM
श्री मान टमाटर की ग्रोथ के लिए आप NPK 19:19:19@1kg 150ltr पानी में मिलाकर सप्रे कर सकते हो।

Posted by varinder dhillon
Punjab
22-03-2020 10:48 AM
Shri maan g kanak vich ampect xtra@200 ml per acre spray kr skde ho.....
Posted by Harjinder singh
Punjab
22-03-2020 10:46 AM
Harjinder ji, eh fungus di vajah nal kale dhabbe pe jande han tusi is di roktham layi is vich carbendazim @ 4 gram ya mancozeb @ 4 gram prati litre pani de hisaab nal spray kar sakde ho, jayda fal len layi tusi jad is vich phool pende han us damy NPK 130045 @ 10 gram prati litre pani de hisaab nal spray kar sakde ho, dhanwad
Posted by Surjeet Singh
Rajasthan
22-03-2020 10:41 AM
श्री मान कृपया इसकी फोटो भेजें ताकि आपको सही जानकारी दी जा सके।
Posted by Bhupendra sahu
Chattisgarh
22-03-2020 10:41 AM
श्री मान तिल की खेती के लिए अच्छे निकास वाली हल्की से दरमियानी मिट्टी जिसमें पानी को बांधने की अच्छी क्षमता हो, उपयुक्त होती है मिट्टी की पी एच 5 से 8 होनी चाहिए क्षारीय और तेजाबी मिट्टी में तिल की खेती ना करें प्रसिद्ध किस्में :- SVPR-1, TMV 4, TMV 5, TMV 3, CO-1, TMV 6, VRI (SV)-1, VRI (SV)-2 खेत की देसी हल की सहायता से एक बार जोताई करें उसके बाद 1-2 त.... (Read More)
श्री मान तिल की खेती के लिए अच्छे निकास वाली हल्की से दरमियानी मिट्टी जिसमें पानी को बांधने की अच्छी क्षमता हो, उपयुक्त होती है मिट्टी की पी एच 5 से 8 होनी चाहिए क्षारीय और तेजाबी मिट्टी में तिल की खेती ना करें प्रसिद्ध किस्में :- SVPR-1, TMV 4, TMV 5, TMV 3, CO-1, TMV 6, VRI (SV)-1, VRI (SV)-2 खेत की देसी हल की सहायता से एक बार जोताई करें उसके बाद 1-2 तिरछी जोताई करें मिट्टी को समतल करें ताकि खेत में पानी खड़ा ना हो सके तिल की खेती के लिए आखिरी जून से शुरूआती जुलाई का समय उपयुक्त होता है दो कतारों में 35 सैं.मी. और दो पौधों में 15 सैं.मी. फासले का प्रयोग करें तिल के बीजों को गहराई में ना बोयें बीजों को 2-3 सैं.मी. की गहराई में बोयें तिल की बिजाई के लिए बुरकाव या कतारों में बीज बो कर, ढंग प्रयोग किए जाते हैं बुरकाव विधि में 2-2.5 किलो बीजों की प्रति एकड़ में और कतारों में बिजाई के लिए 1-1.2 किलो बीजों की प्रति एकड़ में आवश्यकता होती है खेत की तैयारी के समय अच्छी तरह से गला हुआ, गाय का गोबर 4-8 टन प्रति एकड़ में डालें तिल की पूरी फसल को भारी मिट्टी में नाइट्रोजन 8 किलो (यूरिया 20 किलो) और फासफोरस 8 किलो (एस एस पी 50 किलो) की आवश्यकता होती है हल्की मिट्टी के लिए नाइट्रोजन 16 किलो (यूरिया 40 किलो) और फासफोरस 10 किलो (एस एस पी 65 किलो) की आवश्यकता होती है खरीफ के मौसम में वृद्धि के लिए कम सिंचाई की आवश्यकता होती है बारिश की तीव्रता और नियमितता के आधार पर जीवन बचाव सिंचाई दें फूल निकलने और फल बनने के समय पानी की कमी ना होने दें खेत को नदीन मुक्त करने के लिए बिजाई के 20-25 दिन बाद पहली गोडाई करें दूसरी गोडाई बिजाई के 40-45 दिन बाद करें नदीनों की रासायनिक रोकथाम के लिए उनके अंकुरण से पहले फलूक्लोरालिन 800 मि.ली. या एलाक्लोर 600 मि.ली. प्रति एकड़ में डालें जब पत्ते और फल रंग बदल कर पीले रंग के हो जायें और पत्ते गिरना शुरू हो जायें, तब फसल कटाई के लिए तैयार हो जाती है कटाई करने में देरी ना करें, इससे फल नष्ट हो जाते हैं कटाई के बद फसल को बंडलों में इक्ट्ठा करें और अच्छे से सुखाने के लिए कई दिनों तक फर्श पर ढेर लगा दें लाठियां मारकर बीजों को फसल से अलग कर लें सफाई के बाद बीजों को तीन दिनों के लिए धूप में सुखाएं उसके बाद बोरियों में स्टोर करके रख दें धन्यवाद

Posted by Bs Randhawa
Punjab
22-03-2020 10:39 AM
Randhawa ji ehh garmi vich hoon krke eme krda hai isda rokan da ilagg nhi hai baki tuci iss nu saro da tel dena suru kro, iss nal kujj frak paa jawega.
Posted by lokeshkumar Meena
Rajasthan
22-03-2020 10:37 AM
श्री मान धनिए की ग्रोथ के लिए आप NPK 19:19:19@1kg 150ltr पानी में मिलाकर सप्रे कर सकते हो।

Posted by Arun Tyagi
Uttar Pradesh
22-03-2020 10:16 AM
अरुण यह फंगस है इसकी रोकथाम के लिए आप copper oxychloride @200 ml को प्रति एकड़ के हिसाब से स्प्रे करें
Posted by ANGREJ SINGH
Punjab
22-03-2020 10:12 AM
ਸ੍ਰੀ ਮਾਨ ਜੀ ਕਣਕ ਵਿੱਚ ਪੀਲੀ ਕੁੰਗੀ ਦੀ ਰੋਕਥਾਮ ਦੇ ਲਈ Opera@300 ਮਿਲੀ ਪ੍ਰਤੀ ਏਕੜ ਸਪਰੇਅ ਕਰ ਸਕਦੇ ਹੋ ।
Posted by Jogaram Choudhary
Rajasthan
22-03-2020 10:09 AM
यह क्रॉस नसल की है इसमें बोयर क्रॉस भी है आप इसे रख सकते है।

Posted by Udham Singh
Haryana
22-03-2020 09:54 AM
udham ji kripya btaye ke abhi makka men kya dikkat aa rahi hai taki aapko iske bare men poori jankari di ja sake,dhanywad

Posted by damanbir singh
Punjab
22-03-2020 09:54 AM
shri maan g kanak vich Imidacloprid@80 ml per acre spray kr skde ho .....

Posted by Sandhu
Punjab
22-03-2020 09:48 AM
आप चूज़े लेने के लिए बलविंदर सिंह जी 9041009671 पप्पू हैचरी फार्म से संपर्क कर सकते है।

Posted by Mahendra
Rajasthan
22-03-2020 09:35 AM
महिंदर जी, कृपया आप बताये कि आप किस फूल की बिजाई करना चाहते हैं, ताकि आपको उसके हिसाब से इसके बारे में जानकारी दी जा सके, धन्यवाद

Posted by pavan
Madhya Pradesh
22-03-2020 09:34 AM
मिर्च की रोपाई वर्षा, शरद, ग्रीष्म तीनों मौसम मे की जा सकती है। परन्तु मिर्च की मुख्य फसल खरीफ (जून-अक्टू.) मे तैयार की जाती है। जिसकी रोपाई जून.-जूलाई मे, शरद ऋतु की फसल की रोपाई सितम्बर-अक्टूबर तथा ग्रीष्म कालीन फसल की रोपाई फर-मार्च में की जाती है।
Posted by Mangat
Punjab
22-03-2020 09:15 AM
Mangat ji tuci uss nu Lactin bolus 1-1 goli swere sham deo ate iss nu Milkout powder 2-2 chamch swere sham ate Calpond powder 50gm rojana deo, iss nal frak paa jawega, baki uss nu vdia chara ate feed deni suru kro.

Posted by Harsh Deep Singh
Punjab
22-03-2020 09:05 AM
ਤੁਸੀ ਉਸ ਨੂੰ ਪੇਟ ਦੇ ਕੀੜਿਆਂ ਲਈ flukarid-DS ਗੋਲੀ ਦਿਓ ਅਤੇ Enerboost ਪਾਊਡਰ 50-50 ਗ੍ਰਾਮ ਸਵੇਰੇ ਸ਼ਾਮ ਦਿਓ ਅਤੇ Vitamor-h liquid 10-10ml ਸਵੇਰੇ ਸ਼ਾਮ ਦਿਓ, ਇਸ ਨਾਲ ਵਧਿਆ ਗਰੋਥ ਹੋ ਜਾਵੇਗੀ

Posted by gurbaj singh
Punjab
22-03-2020 09:01 AM
आप गाय को 250 ग्राम गुड, एक किलो दलिया अच्छी तरह से गर्म करके फिर उसमें 100 मि.ली. सरसों का तेल मिक्स करके उसे आधा आधा 5—7 दिन सुबह शाम दें और leptaden tablet 10-10 सुबह शाम और Glactogog पाउडर 1—1 पाउच सुबह शाम रोजाना दें।

Posted by Sukhdyal
Punjab
22-03-2020 08:52 AM
Sukhdyal ji, agar fal tut rahe hain to ap isme planofix @ 4 ml ko 15 litre pani mein mila kar spray kar sakte hain, dhanywad
Posted by Gurdeep Grewal
Punjab
22-03-2020 08:39 AM
आप इसका प्रयोग कर सकते है इससे पाचन ठीक रहता है इसका कोई नुक्सान नहीं है।

Posted by ਕੁਲਵੀਰ ਸਿੰਘ
Punjab
22-03-2020 08:20 AM
ਕੁਲਵੀਰ ਜੀ, ਇਹ boron ਦੀ ਕਮੀ ਦੀ ਵਜ੍ਹਾ ਨਾਲ ਹੁੰਦਾ ਹੈ, ਤੁਸੀਂ ਇਸ ਦੀ ਕਮੀ ਪੂਰੀ ਕਾਂ ਲਈ ਇਸ ਵਿਚ boron @ 1 ਗ੍ਰਾਮ ਪ੍ਰਤੀ ਲੀਟਰ ਪਾਣੀ ਦੇ ਹਿਸਾਬ ਨਾਲ ਸਪਰੇ ਕਰੋ ਅਤੇ size ਕਿਸਮ ਦੇ ਹਿਸਾਬ ਨਾਲ ਹੀ ਹੁੰਦਾ ਹੈ, ਧੰਨਵਾਦ

Posted by Santosh kumar
Bihar
22-03-2020 08:14 AM
संतोष जी कृप्या यह बताएं कि पेट खराब होने पर उसे क्या समस्या आ रही है कृप्या उसके बारे में विस्तार से बताएं ताकि आपको पूरी जानकारी दी जा सके।
Posted by Gurpreet Singh kaler
Punjab
22-03-2020 08:01 AM
Gupreet ji isda price isdi vdia growth ate isde parents de milk record te nirbhar krda hai jekar isdi maa de dudh da record vdia hai tan isda record v vdia howega fir ussi hisab nal iss nu sale kitaa jaa skda ha.
Posted by Navjot Singh
Punjab
22-03-2020 07:59 AM
ਨਵਜੋਤ ਜੀ ਜੇਕਰ ਪੀਲੀ ਕੁੰਗੀ ਦਾ ਹਮਲਾ ਦੁਬਾਰਾ ਹੋ ਰਿਹਾ ਹੈ ਤਾ ਤੁਸੀ ਇਸਦੀ ਸਪਰੇ ਦੁਬਾਰਾ ਕਰ ਸਕਦੇ ਹੋ
Posted by A.G student of State University UP
Uttar Pradesh
22-03-2020 07:40 AM
Anil ji iske jakham ke uppar topicure spray krni suru kren, isse frak padd jayega.
Posted by Arun begana
Uttar Pradesh
22-03-2020 07:39 AM
श्री मान अच्छी उपज प्राप्त करने के लिए नाइट्रोजन 50 किलो (यूरिया 110 किलो), फासफोरस 24 किलो (एस एस पी 150 किलो) और पोटाश 18 किलो (म्यूरेट ऑफ पोटाश 30 किलो) प्रति एकड़ में डालें नाइट्रोजन की 1/4 मात्रा और पोटाश और फासफोरस की पूरी मात्रा बिजाई के समय डालें यूरिया की बाकी की मात्रा को दो भागों में बांटकर पहली मात्रा जब फसल घुटनà.... (Read More)
श्री मान अच्छी उपज प्राप्त करने के लिए नाइट्रोजन 50 किलो (यूरिया 110 किलो), फासफोरस 24 किलो (एस एस पी 150 किलो) और पोटाश 18 किलो (म्यूरेट ऑफ पोटाश 30 किलो) प्रति एकड़ में डालें नाइट्रोजन की 1/4 मात्रा और पोटाश और फासफोरस की पूरी मात्रा बिजाई के समय डालें यूरिया की बाकी की मात्रा को दो भागों में बांटकर पहली मात्रा जब फसल घुटने तक के कद की हो जाए तब और दूसरी मात्रा बालियां निकलने के समय डालें
Posted by Baljeet Sidhu
Punjab
22-03-2020 06:35 AM
ਤੁਸੀ ਉਸ ਨੂੰ CRB(ascrobic acid) injection 20ml, vitum-H injection 5ml ਲਗਵਾਓ ਅਤੇ ਲਗਾਤਾਰ 5 ਦਿਨ ਲਗਵਾਓ ਅਤੇ ਉਸ ਨੂੰ Mammidium powder 50gm ਰੋਜਾਨਾ ਦੇਣਾ ਸ਼ੁਰੂ ਕਰੋ, ਇਸ ਨਾਲ ਫਰਕ ਪੈ ਜਾਵੇਗਾ..

Posted by Jagjeevan Baiga
Madhya Pradesh
22-03-2020 06:27 AM
Jagjeevan Baiga ji is ke lia aap Shine Brand Seeds 8770896002 se samparak kar sakte hai, Thankyou.
Posted by Bhupinder Singh Gill
Punjab
22-03-2020 06:05 AM
bhupinder ji eh phosphorus tat di kami de karn ho reha hai kirpa karke daso ke fasl nu khaad khedi kehdi payi hai ta jo tuhanu osde hisab nal jankari diti ja sake,dhanwad
Posted by NIHAL AGRAHARI
Uttar Pradesh
22-03-2020 06:01 AM
ese mitti ki kayi kismo mein ugaya ja sakta hai lekin acche nikas vali domat mitti iski acchi vridhi ke liye upyukt hoti hai. mitti ka pH 8-10 hona chahiye janeen ki 2,3 baat hal se acchi tarah se jotai karein iske baad suhaga ki madad se janeen ke samtal kar dena chahiye. akhiri baar hal jotne se pehle jameen mein 49 quintal prati acre ke hisaab se rudi ki khaad milani chahiye sabjiyon mein paryog karne ke liye iski bijai october ke pehle saprah mein karni chahiye or beej tiyar karne ke liye bijai october ke akhiri saptah se november ke pehle saptah tak karni chahiye. katar se katar ka fasla 30 cm or podhe se podhe ka fasla 15 cm rakhein. beej ki gehrayi 3 cm se jayda nahi honi chahiye. Urea @90 kilo ki matra ko prati acre mein 3 bhago mein baant kar paruog karein. pehli khurak bijai k.... (Read More)
ese mitti ki kayi kismo mein ugaya ja sakta hai lekin acche nikas vali domat mitti iski acchi vridhi ke liye upyukt hoti hai. mitti ka pH 8-10 hona chahiye janeen ki 2,3 baat hal se acchi tarah se jotai karein iske baad suhaga ki madad se janeen ke samtal kar dena chahiye. akhiri baar hal jotne se pehle jameen mein 49 quintal prati acre ke hisaab se rudi ki khaad milani chahiye sabjiyon mein paryog karne ke liye iski bijai october ke pehle saprah mein karni chahiye or beej tiyar karne ke liye bijai october ke akhiri saptah se november ke pehle saptah tak karni chahiye. katar se katar ka fasla 30 cm or podhe se podhe ka fasla 15 cm rakhein. beej ki gehrayi 3 cm se jayda nahi honi chahiye. Urea @90 kilo ki matra ko prati acre mein 3 bhago mein baant kar paruog karein. pehli khurak bijai ke samay jabki dusri or tisri khurak fasal ki pehli or dusri katai ke samy par karni chahiye. beej tyar karne ke liye bijai ki gayi fasal mein urea @ 65 kilo khaad ka paryog 2 baar mein karein, pehli khurak bijai or dusri fasal mein phool aney par karni chahiye. fasal ke jaldi vikas ke liye bijai ke 15 se 20 din baad 20 ml tricotanol hormone ko 20 litre pani mein ghol kar shidkaw karna chahiye. fasal ke ache or tej vikas ke liye 75 gram Nitrogen, potassium or phosphorus ki khaad 191919 ki dar ke hisaab se 15 litre pani mein ghol tiyar kar ke bijai ke 20 din baad spray karna chahiye. anukull paidawaar ke liye bijai ke 40 se 50 din baad 50 ml barisinolide ko 150 liter pani mein ghol tiyar kar ke prati acre ke hisaab se shidkaw karna chahiye. dusra spray 10 din ke baad karna chahiye . 45 gram mono amonium phosphate 12:61:00 ko 15 litre pani mein ghol par podhon ke tano ke upar shidkaw karna chahiye yeh podhe ke acche vikaas or prafulta ke liye labdhayak hota hai. bijai ke pehle pdaw ke samy dhaniye ki fasal ke liye nadeen gambeer samasya hote hain. fasal ko nadeen se mukat karne ke liye ek ya 2 baar godai karne ki jarurat padti hai. pehli godai bijai se 4 saptah baad or dusri 5-6 saptah baad karni chahiye. mitti mein nami ki mojoodgi ke anusaar sinchau karni chahiye. beejon ko bone ke baad turant pehli sinchau karein 10-12 dino ke antkal par lagatar sinchai karein fasal ka kad 20- 25 cm hone par patton ko katna shuru kar dena chahiyeek fasal ko 3-4 baar kata ja sakta hai beej ki paidawaar ke liye beeji gayu fasal april mahine mein katai ke liye tiyar ho jati hai fasal ke fal hare rang mein ki kaat lene chahiye kyu ki jayda pakne ki surat mein eska pura mulay nahi mil pata hai, dhanywad
Posted by Rahul Kumar
Uttar Pradesh
22-03-2020 05:54 AM
sir app july mein Kolkata laddu genda ki cutting lagao bhut vadia variety a

Posted by Manju
Karnataka
22-03-2020 12:37 AM
सबसे पहले यदि हम मछली पालन की बात करें तो इसके लिए ट्रेनिंग बहुत जरूरी है यह ट्रेनिंग FFDA(fish farmer development aggency) हर जिले में बनी है जहां हमारा खेतीबाड़ी विभाग है वहां इसके अफसर बैठते हैं वहां जाकर एप्लीकेशन भरवायें वहां आपको 5 दिन की ट्रेनिंग दी जायेगी ट्रेनिंग के लिए दसवीं पास होना ज़रूरी है इस ट्रेनिंग में आपको लोन और स.... (Read More)
सबसे पहले यदि हम मछली पालन की बात करें तो इसके लिए ट्रेनिंग बहुत जरूरी है यह ट्रेनिंग FFDA(fish farmer development aggency) हर जिले में बनी है जहां हमारा खेतीबाड़ी विभाग है वहां इसके अफसर बैठते हैं वहां जाकर एप्लीकेशन भरवायें वहां आपको 5 दिन की ट्रेनिंग दी जायेगी ट्रेनिंग के लिए दसवीं पास होना ज़रूरी है इस ट्रेनिंग में आपको लोन और सब्सिड़ी के बारे में सारी जानकारी प्राप्त हो जाएगी इसकी पुंग छोड़ने के लिए अप्रैल से अक्तूबर का समय बढ़िया होता है, बाकि यदि अपने शुरू करना है तो यूनिवर्सिटी की तरफ से एक एकड़ में शुरू कर सकते हैं. एक एकड़ में 5000 पूंग डाल सकते हैं यह 2 से 3 इंच का होता है यदि 5000 डालना है तो 3000 रोहू, 1000 कतला, 500 कॉमन कॉर्प और 500 मरीगल नस्ल डाली जाए यह पूंग आप मछली पालन विभाग से खरीद सकते हैं यह एक इंच का बच्चा 10 पैसा प्रति बच्चा मिलेगा यदि बढ़िया खुराक डाली जाए तो 8 महीनों में यह लगभग 800—900 ग्राम का हो जाता है बाकी मछली पालन के लिए नहरी पानी बढ़िया होता है और आप गांव का छप्पड़ ठेके से लेकर भी यह काम शुरू कर सकते हैं तालाब में मछली के बीज डालने से पहले इस बात की जांच कर लेनी चाहिए कि उस तालाब में काफी मात्रा में मछली की कुदरती खुराक उपलब्ध है.

Posted by aarif Ali
Uttar Pradesh
21-03-2020 10:19 PM
Ali ji aap Hf female ko Pioneer, Champion, Endeavour, Fortune, Jupiter, Macho koi v semen bhrwa skte hai yeh apko kisi private dealer se mill skte hai aur inka price v unse ptaa lgg skta hai.

Posted by Vanwinder Singh Kesar
Punjab
21-03-2020 10:09 PM
केसर जी कृपया करके बताएं कि पहले कितनी मात्रा में खाद डाली है ताकि आपको इसके बारे में पूरी जानकारी दी जा सके धन्यवाद

Posted by ਅਵਤਾਰ ਸਿੰਘ
Punjab
21-03-2020 09:55 PM
ਅਵਤਾਰ ਜੀ ਤੁਸੀ ਵਧਿਆ ਐਚ ਐੱਫ ਗਾਂ ਅਤੇ ਜਰਸੀ ਗਾਂ ਲੈਣ ਲਈ ਅਮਰਜੀਤ ਸਿੰਘ 9815413329 ਨਾਲ ਸੰਪਰਕ ਕਰ ਸਕਦੇ ਹੋ, ਇਹ ਤੋਂ ਤੁਹਾਨੂੰ ਵਧਿਆ ਨਸਲ ਦੀਆ ਗਾਵਾ ਮਿਲ ਜਾਣਗੀਆਂ..

Posted by Vanwinder Singh Kesar
Punjab
21-03-2020 09:49 PM
केसर जी कृपया करके बताएं कि आपने इसे पहले कौन सी खाद डाली है ताकि आपको इसके बारे में पूरी जानकारी दी जा सके धन्यवाद

Posted by rajkamalguleriya616@gmail.com
Uttarakhand
21-03-2020 09:49 PM
श्री मान चूहों से बचाव के लिए आप नीचे लिखे तरीके प्रयोग कर सकते हैं, पिंजरो का प्रयोग करना - चूहो को पडने के अलग अलग पिजंरो का प्रयोग किया जाता है इन पिजंरो का प्रयोग करने से पहले पिजंरे को अच्छी तरह धोकर प्रयोग करे ताकि किसी भी प्रकार की गंध ना आये साफ पिंजरो को खेत में चूहो के आने जाने वाले रास्ते और नुक्सान à¤.... (Read More)
श्री मान चूहों से बचाव के लिए आप नीचे लिखे तरीके प्रयोग कर सकते हैं, पिंजरो का प्रयोग करना - चूहो को पडने के अलग अलग पिजंरो का प्रयोग किया जाता है इन पिजंरो का प्रयोग करने से पहले पिजंरे को अच्छी तरह धोकर प्रयोग करे ताकि किसी भी प्रकार की गंध ना आये साफ पिंजरो को खेत में चूहो के आने जाने वाले रास्ते और नुक्सान करने वाली जगह पर रखे बडी संखिया में चूहो को पकडने के लिए पिंजरे में 10-15 ग्राम अनाज को तेल लगाकर दो से तीन दिनो तक मुंह खोलकर रखे चुहो को मगर लगाने के बाद पिंजरे के अंदर कागज के टूकडो पर 10-15 ग्राम दाने और नालीदार दाखले पर चुटकी भर दाने रखकर मुंह को बंद कर दे ऐसा करके तीन दिन तक चूहे और पकडे हुए चूहो को पानी में डूबो कर मारे पिंजरो का दौबारा प्रयोग करने के लिए कम से कम 20 दिनो का फासला रखें कीडेमार जहरो के प्रयोग से रोकथाम - चूहो की कीडेमार और जहर के प्रयोग से रोकथाम करने के लिए जहरीला चोगा प्रयोग करने में ध्यान और सही तरीका प्रयोग करने की जरूरत है चुहो को इस जहरीले चोगे को खाना प्रयोग किये दानो का मियारपन , स्वाद, और तेल की गंध पर निर्भर करता है जहरीला चोगा बनाना जिंक फॉसफाइड का प्रयोग - एक किलो बाजरा गेहूं ज्वार का दलिया या इनका मिश्रण लेकर इसमे 20 ग्राम तेल हो सके तो मुंगफली का तेल और 25 ग्राम जिंकफॉसफाइड डाल कर अच्छी तरह मिलाये इस प्रकार तैया किये जहरीले चोगे को कागज की पुडीया बनाकर खेत में गेज वाली जगह पर रखे बरोमोडाइओलोन का प्रयोग - 20 ग्राम बरोमोडाइओलोन 0 005 फीसदी पाऊडर, 20 ग्राम बूरा खंड, और 20 ग्राम तेल को एक किलो किसी भी अनाज के दलिये में मिलाये और पूरे खेत में 40 जगह पर रख दें रैकुमिन का प्रयोग- 50 ग्राम रैकुमिन 0 0375 फीसदी पाऊडर , 20 ग्राम मुंगफली या सूरजमुखी का तेल और 20 ग्राम बूरा खंड को किसी भी अनाज के दलीये में मिलाये यह भी चूहो को मारने में बहुत फायदेमंद है
Posted by shubham
Himachal Pradesh
21-03-2020 09:41 PM
सुभम जी कृपया करके सवाल विस्तार से पूछें कि आप कौन से पौधे के बारे में पूरी जानकारी लेना चाहते हैं ताकि आपको इसके बारे में पूरी जानकारी दी जा सके धन्यवाद

Posted by Munesh Sharma
Haryana
21-03-2020 09:30 PM
इसकी खेती के लिए 18-35° सै. मिट्टी का तापमान होना आवश्यक है| इसके अच्छे विकास के लिए विभिन्न प्रकार की चिकनी से दोमट मिट्टी में इसकी खेती करें| यह कुछ हद तक तेज़ाबी मिट्टी में उगाई जा सकती है|यह रेतली दोमट मिट्टी और पानी के अच्छे निकास में बढ़िया परिणाम देती है| शिमला मिर्च की खेती के लिए मिट्टी का pH 6-7 होना चाहिए|Bomby (red .... (Read More)
इसकी खेती के लिए 18-35° सै. मिट्टी का तापमान होना आवश्यक है| इसके अच्छे विकास के लिए विभिन्न प्रकार की चिकनी से दोमट मिट्टी में इसकी खेती करें| यह कुछ हद तक तेज़ाबी मिट्टी में उगाई जा सकती है|यह रेतली दोमट मिट्टी और पानी के अच्छे निकास में बढ़िया परिणाम देती है| शिमला मिर्च की खेती के लिए मिट्टी का pH 6-7 होना चाहिए|Bomby (red color): यह जल्दी पकने वाली किस्म है| यह किस्म लम्बी, पौधे मज़बूत और शाखाएं फैलने वाली होती हैं| इसके फलों के विकास के लिए पर्याप्त छाया की जरूरत होती है| इसके फल गहरे हरे होते है और पकने के समय यह लाल रंग के हो जाते हैं, इसका औसतन भार 130-150 ग्राम होता है| इसके फलों को ज्यादा समय के लिए स्टोर करके रखा जा सकता है और यह ज्यादा दूरी वाले स्थान पर लेजाने के लिए उचित होते है| Orobelle (yellow color): यह किस्म मुख्यतः ठंडे मौसम में विकसित होती है| इसके फल ज्यादातर वर्गाकार, सामान्य और मोटे छिलके वाले होते है| इसके फल पकने के समय पीले रंग के होते है, जिनका औसतन भार 150 ग्राम होता है| यह किस्म बीमारीयों की रोधक किस्म है जो कि ग्रीन हाउस और खुले खेत में विकसित होती है| Indra (green): यह किस्म लम्बी और देखने में झाड़ीदार होती है| इसके पत्ते गहरे हरे रंग के और घने गुच्छों में होते है| इस किस्म के फल गहरे हरे रंग के होते हैं,जिनका औसतन भार 170 ग्राम होता है| फल विकसित होने के बाद 50-55 दिनों में बिजाई के लिए तैयार होते हैं| इसके फलों को ज्यादा समय के लिए स्टोर करके रखा जा सकता है और यह ज्यादा दूरी वाले स्थान पर लेजाने के लिए उचित होते है| Indra: इसके फल गहरे हरे रंग के होते हैं। इसकी औसतन पैदावार 110 क्विंटल प्रति एकड़ होती है। इसके फल का औसतन भार 80 ग्राम होता है।शिमला मिर्च की खेती के लिए, ज़मीन को अच्छी तरह से तैयार करें| ज़मीन को भुरभुरा बनाने के लिए, 5-6 बार सुहागे से जोताई करें| खेत की तैयारी के समय खेत में रूड़ी की खाद डालें और मिट्टी में मिलाएं|बीजों को मुख्य तौर पर अक्तूबर के अंत में बोयें और रोपण के लिए मध्य-फरवरी का समय उचित होता है| जल्दी पैदावार के लिए, बीजों को मध्य-अक्तूबर में बोयें और रोपण के लिए नवंबर के अंत का समय उचित होता है|बिजाई के लिए पंक्ति से पंक्ति में 50 सैं.मी. और पौधे से पौधे में 40 सैं.मी. का फासला रखें|बीज को 2-4 सैं.मी. गहरा बोयें|बीज को 2-4 सैं.मी. गहरा बोयें|एक एकड़ खेत के लिए 200-300 बीजों का प्रयोग करें|खेत की तैयारी के समय, 20-25 टन प्रति एकड़ रूड़ी की खाद मिट्टी में मिलाएं| रूड़ी की खाद के साथ, नाइट्रोजन 50 किलो( यूरिया 110 किलो), फासफोरस 25 किलो(सिंगल सुपर फासफेट 175 किलो) और पोटाशियम 12 किलो(मिउरेट ऑफ़ पोटाश 20 किलो) प्रति एकड़ में डालें| पोटाशियम, फासफोरस की पूरी मात्रा और नाइट्रोजन 1/3 हिस्सा रोपण से पहले कतारों में खाद के रूप में मिलाएंऔर बाकी बची हुई नाइट्रोजन को दो बराबर हिस्सों में डालें| पहली खुराक रोपण के एक महीने बाद और दूसरी रोपण के दो महीने के बाद डालें|
Posted by bhupinder
Punjab
21-03-2020 09:30 PM
यदि आपने घर में फीड तैयार करी है तो आप अलग से देना बंद कर सकते है क्योंकि उसमें सारा कुछ पहले ही मिक्स होता है बाकि इसके साथ मिनरल मिक्सचर जरूर डालें।

Posted by Krishan Soni
Haryana
21-03-2020 09:30 PM
krishan ji aap jab fal ban na shuru hota hai tab aap iske uperplanofix@4ml ko prati 15 litre pani ke hisab se spray karen,dhanywad

Posted by Munesh Sharma
Haryana
21-03-2020 09:27 PM
इसकी खेती के लिए 18-35° सै. मिट्टी का तापमान होना आवश्यक है| इसके अच्छे विकास के लिए विभिन्न प्रकार की चिकनी से दोमट मिट्टी में इसकी खेती करें| यह कुछ हद तक तेज़ाबी मिट्टी में उगाई जा सकती है|यह रेतली दोमट मिट्टी और पानी के अच्छे निकास में बढ़िया परिणाम देती है| शिमला मिर्च की खेती के लिए मिट्टी का pH 6-7 होना चाहिए|Bomby (red .... (Read More)
इसकी खेती के लिए 18-35° सै. मिट्टी का तापमान होना आवश्यक है| इसके अच्छे विकास के लिए विभिन्न प्रकार की चिकनी से दोमट मिट्टी में इसकी खेती करें| यह कुछ हद तक तेज़ाबी मिट्टी में उगाई जा सकती है|यह रेतली दोमट मिट्टी और पानी के अच्छे निकास में बढ़िया परिणाम देती है| शिमला मिर्च की खेती के लिए मिट्टी का pH 6-7 होना चाहिए|Bomby (red color): यह जल्दी पकने वाली किस्म है| यह किस्म लम्बी, पौधे मज़बूत और शाखाएं फैलने वाली होती हैं| इसके फलों के विकास के लिए पर्याप्त छाया की जरूरत होती है| इसके फल गहरे हरे होते है और पकने के समय यह लाल रंग के हो जाते हैं, इसका औसतन भार 130-150 ग्राम होता है| इसके फलों को ज्यादा समय के लिए स्टोर करके रखा जा सकता है और यह ज्यादा दूरी वाले स्थान पर लेजाने के लिए उचित होते है| Orobelle (yellow color): यह किस्म मुख्यतः ठंडे मौसम में विकसित होती है| इसके फल ज्यादातर वर्गाकार, सामान्य और मोटे छिलके वाले होते है| इसके फल पकने के समय पीले रंग के होते है, जिनका औसतन भार 150 ग्राम होता है| यह किस्म बीमारीयों की रोधक किस्म है जो कि ग्रीन हाउस और खुले खेत में विकसित होती है| Indra (green): यह किस्म लम्बी और देखने में झाड़ीदार होती है| इसके पत्ते गहरे हरे रंग के और घने गुच्छों में होते है| इस किस्म के फल गहरे हरे रंग के होते हैं,जिनका औसतन भार 170 ग्राम होता है| फल विकसित होने के बाद 50-55 दिनों में बिजाई के लिए तैयार होते हैं| इसके फलों को ज्यादा समय के लिए स्टोर करके रखा जा सकता है और यह ज्यादा दूरी वाले स्थान पर लेजाने के लिए उचित होते है| Indra: इसके फल गहरे हरे रंग के होते हैं। इसकी औसतन पैदावार 110 क्विंटल प्रति एकड़ होती है। इसके फल का औसतन भार 80 ग्राम होता है।शिमला मिर्च की खेती के लिए, ज़मीन को अच्छी तरह से तैयार करें| ज़मीन को भुरभुरा बनाने के लिए, 5-6 बार सुहागे से जोताई करें| खेत की तैयारी के समय खेत में रूड़ी की खाद डालें और मिट्टी में मिलाएं|बीजों को मुख्य तौर पर अक्तूबर के अंत में बोयें और रोपण के लिए मध्य-फरवरी का समय उचित होता है| जल्दी पैदावार के लिए, बीजों को मध्य-अक्तूबर में बोयें और रोपण के लिए नवंबर के अंत का समय उचित होता है|बिजाई के लिए पंक्ति से पंक्ति में 50 सैं.मी. और पौधे से पौधे में 40 सैं.मी. का फासला रखें|बीज को 2-4 सैं.मी. गहरा बोयें|बीज को 2-4 सैं.मी. गहरा बोयें|एक एकड़ खेत के लिए 200-300 बीजों का प्रयोग करें|खेत की तैयारी के समय, 20-25 टन प्रति एकड़ रूड़ी की खाद मिट्टी में मिलाएं| रूड़ी की खाद के साथ, नाइट्रोजन 50 किलो( यूरिया 110 किलो), फासफोरस 25 किलो(सिंगल सुपर फासफेट 175 किलो) और पोटाशियम 12 किलो(मिउरेट ऑफ़ पोटाश 20 किलो) प्रति एकड़ में डालें| पोटाशियम, फासफोरस की पूरी मात्रा और नाइट्रोजन 1/3 हिस्सा रोपण से पहले कतारों में खाद के रूप में मिलाएंऔर बाकी बची हुई नाइट्रोजन को दो बराबर हिस्सों में डालें| पहली खुराक रोपण के एक महीने बाद और दूसरी रोपण के दो महीने के बाद डालें|
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