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Posted by mukesh
Uttar Pradesh
28-03-2020 01:06 PM
Maharashtra
03-28-2020 01:19 PM
Mukesh ji, yeh white grubs ka hamla hua hai, ap iski roktham ke liye chlorpyriphos @ 4 ml prati litre pani ke hisaab se spray kar sakte hain, dhanywad
Posted by rajdeep yadav
Madhya Pradesh
28-03-2020 12:56 PM
Punjab
03-28-2020 02:01 PM
यादव जी उसे आप नज़दीकी किसी डॉक्टर से जांच करवाएं क्योंकि उसकी जांच करके ही सही इलाज हो सकता है।
Posted by rahul kumar
Uttar Pradesh
28-03-2020 12:52 PM
Maharashtra
03-28-2020 01:20 PM
Rahul ji kripya ap bataye ke apke ganne mein kya dikat a rahi hai, taki apko uske hisaab se iski dawai ke bare mein bataya ja sake, dhanywad
Posted by bhojraj
Madhya Pradesh
28-03-2020 12:51 PM
Punjab
03-28-2020 12:56 PM
बोराज जी, पौधे में फूल आने शुरू हो जाएं गए उस समय आप इसमें NPK 130045 @ 10 ग्राम प्रति लीटर पानी के हिसाब से स्प्रे करें, धन्यवाद
Posted by Bachittar Singh
Punjab
28-03-2020 12:49 PM
Punjab
03-28-2020 12:51 PM
Bachittar Singh ji, tusi is vich NPK 130045 @ 10 gram prati litre pani de hisaab nal spray karo, dhanwad
Posted by krishan
Rajasthan
28-03-2020 12:49 PM
Maharashtra
03-28-2020 01:27 PM
इसकी बिजाई का सही समय मध्य जून से मध्य जुलाई तक होता है। अगेती हरे चारे के लिए इसकी बिजाई मार्च के मध्य में की जाती है।
Posted by Bachittar Singh
Punjab
28-03-2020 12:48 PM
Punjab
03-28-2020 12:53 PM
Bachittar Singh ji, jad bute vich ful pe jande han tan is vich NPK 130045 @ 10 gram prati litre pani de hisaab nal spray karo, isdey nal fal vadhiya banda hai, dhanwad
Posted by kuldeep chauhan
Uttar Pradesh
28-03-2020 12:47 PM
Maharashtra
03-28-2020 01:12 PM
Kuldeep ji, apke dawara bheji gayi photo mein kuch saaf dikhayi nahi de raha hai, kripya ap photo dubara bhejein taki apko dekh kar iske bare mein jankari di ja sake, dhanywad
Posted by kuldeep chauhan
Uttar Pradesh
28-03-2020 12:45 PM
Punjab
03-28-2020 01:34 PM
Kuldeep ji, apke dawara bheji gayi photo mein kuch saaf dikhayi nahi de raha hai, kripya ap iski saaf photo bhejein taki apko dekh kar iske bare mein jankari di ja sake, dhanywad
Posted by bhatrahil
Jammu & Kashmir
28-03-2020 12:35 PM
Maharashtra
03-28-2020 12:37 PM
Mr. Bhatrahil, please ask your question in detail, what to do want to know about the apple tree so that we can provide you relevant information accordingly, thank you
Posted by Jaspreet singh
Punjab
28-03-2020 12:22 PM

Punjab
03-28-2020 12:31 PM
Posted by Narendra Singh
Madhya Pradesh
28-03-2020 12:10 PM

Maharashtra
03-28-2020 12:24 PM
Posted by ਵਿਕਰਾਂਤ
Punjab
28-03-2020 11:46 AM
Punjab
03-28-2020 12:33 PM
ਵਿਕਰਾਂਤ ਜੀ, tubeconazole ਇਕ fungicide ਹੈ ਜੋਕੇ ਫੰਗਸ ਦੇ ਹਮਲੇ ਦੀ ਰੋਕਥਾਮ ਕਰਦਾ ਹੈ, ਇਸਦੀ ਪ੍ਰਤੀ ਏਕੜ ਦੇ ਹਿਸਾਬ ਨਾਲ 250 ml ਨੂੰ 150 ਲਿਟਰ ਪਾਣੀ ਵਿਚ ਮਿਲਾ ਕੇ ਵਰਤੋਂ ਕੀਤੀ ਜਾਂਦੀ ਹੈ, ਧੰਨਵਾਦ
Posted by s s murty
Bihar
28-03-2020 11:40 AM
Punjab
03-28-2020 12:02 PM
अच्छे जल निकास वाली रेतली दोमट मिट्टी, जिसमें जैविक तत्व उच्च मात्रा में होते हैं करेले की खेती के लिए उपयुक्त है। मिट्टी की पी एच 6.5-7.5 करेले की खेती के लिए सबसे अच्छी रहती है। Pusa Do Mousami: यह गर्मियों के साथ साथ खरीफ के मौसम के लिए उपयुक्त किस्म है। इसके फल मध्यम, लंबे और हरे रंग के होते हैं। यह किस्म बिजाई के 55 दिनों.... (Read More)
अच्छे जल निकास वाली रेतली दोमट मिट्टी, जिसमें जैविक तत्व उच्च मात्रा में होते हैं करेले की खेती के लिए उपयुक्त है। मिट्टी की पी एच 6.5-7.5 करेले की खेती के लिए सबसे अच्छी रहती है। Pusa Do Mousami: यह गर्मियों के साथ साथ खरीफ के मौसम के लिए उपयुक्त किस्म है। इसके फल मध्यम, लंबे और हरे रंग के होते हैं। यह किस्म बिजाई के 55 दिनों के बाद पहली तुड़ाई के लिए तैयार हो जाती है।Pusa Vishesh: इसके फल हरे, पतले और मध्यम आकार के होते हैं। इसकी औसतन पैदावार 48-52 क्विंटल प्रति एकड़ होती है।Arka Harit: इसके फल चमकदार हरे रंग के होते हैं। यह किस्म बिजाई के 120 दिनों के बाद तुड़ाई के लिए तैयार हो जाती है। इसके फल कम बीज वाले होते हैं और कम कड़वे होते हैं। इसकी औसतन पैदावार 52 क्विंटल प्रति एकड़ होती है।Kashi Harit: इसके फल गहरे हरे रंग के होते हैं। यह किस्म बिजाई के 50 दिनों के बाद तुड़ाई के लिए तैयार हो जाती है। इसकी औसतन पैदावार 120 क्विंटल प्रति एकड़ होती है।Kashi Urvashi: इस किस्म के फल सीधे और हरे रंग के होते हैं। यह किस्म बिजाई के 60 दिनों के बाद पहली तुड़ाई के लिए तैयार हो जाती है। इसकी औसतन पैदावार 120 क्विंटल प्रति एकड़ होती है।Priya: इसके फल लगभग 40 सैं.मी. लंबे होते हैं। यह किस्म बिजाई के 60 दिनों के बाद पहली तुड़ाई के लिए तैयार हो जाती है।Kalyanpur Baramansi: इस किस्म के फल हल्के हरे रंग के 30-50 सैं.मी. लंबे होते हैं। यह किस्म बारिश के मौसम में खेती के लिए उपयुक्त होती है।Faijabadi: यह स्थानीय किस्म है। इसके फल लंबे, मध्यम आकार के और गहरे हरे रंग के होते हैं।Pant Karela 1: इसके फल मोटे होते हैं। यह 55 दिनों में तुड़ाई के लिए तैयार हो जाती है। इसकी औसतन पैदावार 60 क्विंटल प्रति एकड़ होती है।Pusa Hybrid 2: इसके फल मध्यम लंबे, मोटे और चमकदार हरे होते हैं। करेले की खेती के लिए अच्छे तरह से तैयार ज़मीन की आवश्यकता होती है। मिट्टी के भुरभुरा होने तक 2-3 जोताई करें। गर्मियों के मौसम में, बिजाई के लिए फरवरी से मार्च और खरीफ के मौसम के लिए, जून से जुलाई का महीना उपयुक्त होता है। पहाड़ी क्षेत्रों में, मार्च से अप्रैल में बिजाई पूरी कर लें। कतार से कतार में 2.0-2.5 मीटर और पौधे से पौधे में 40-50 सैं.मी. फासले का प्रयोग करें। बैड के दोनों ओर बीज को बोयें। प्रत्येक गड्ढे में दो से तीन बीज बोयें। 3-5 सैं.मी. की गहराई पर बीज बोयें। बिजाई के लिए डिबलिंग विधि का प्रयोग करें। एक एकड़ में बिजाई के लिए 2-2.4 किलो बीज का प्रयोग करें। Kalyanpur Baramansi के लिए 1.2-1.6 किलो बीज प्रति एकड़ में प्रयोग करें।बिजाई से पहले बीज को 25-50 पी पी एम जिबरैलिक एसिड और 25 पी पी एम बोरोन में 24 घंटे के लिए भिगायें। करेले की फसल को अच्छी तरह से गले हुए गाय का गोबर 8-10 टन, नाइट्रोजन 32 किलो (यूरिया 70 किलो), फासफोरस 24 किलो (एस एस पी 150 किलो) और पोटाश 24 किलो (म्यूरेट ऑफ पोटाश 40 किलो) प्रति एकड़ में डालें। गाय का गोबर, पोटाश और फासफोरस की पूरी मात्रा और नाइट्रोजन की एक तिहाई मात्रा बीज की बिजाई के दो से तीन सप्ताह पहले डालें। बाकी बची नाइट्रोजन को दो बराबर भागों में बांटे। पहला भाग बिजाई के 25-30 दिन बाद डालें और दूसरा भाग बिजाई के 40-50 दिन के बाद डालें। बारिश के मौसम में, फसल को सिंचाई की आवश्यकता नहीं होती है। यदि जरूरत पड़े तो बारिश की तीव्रता और नियमितता के आधार पर सिंचाई करें। मिट्टी में जल जमाव की स्थिति ना होने दें। पानी के निकास का उचित प्रबंध करें। गर्मियों के मौसम में 6-7 दिनों के अंतराल पर सिंचाई करें। मई जून के महीने में 4-5 दिनों के अंतराल पर सिंचाई करें। नदीनों की रोकथाम के लिए हाथों से गोडाई करें। 2-3 गोडाई पौधे की शुरूआती वृद्धि के समय करनी चाहिए। खादों की मात्रा डालने के समय मिट्टी में गोडाई की प्रक्रिया करें और मुख्यत बारिश के मौसम में मिट्टी चढ़ाएं। एक एकड़ में कुल 25000 का खर्चा हो जाता है, प्रॉफिट सब्जी की marketing के हिसाब से ही मिलता है, एक एकड़ में करीब 4 टन की पैदावार होती है, धन्यवाद
Posted by Gurpreet singh
Punjab
28-03-2020 11:33 AM
Punjab
03-28-2020 12:35 PM
Gurpreet ji, tusi is vich vermicompost @ 4-5 kilo de hisaab nal pao , isdey nal buta sahi ho jaye ga, dhanwad
Posted by krishan
Rajasthan
28-03-2020 11:32 AM

Maharashtra
03-28-2020 12:39 PM
Krishan ji, ap april mahine mein napier hybrid chare ki bijai kar sakte hain iske ialwa ap sabjiyan jaise ke muli or chulai ki bijai kar sakte hain, dhanywad
Posted by HARI SINGH PARMAR
Madhya Pradesh
28-03-2020 11:31 AM

Maharashtra
03-28-2020 12:39 PM
हरी जी कृपया करके आप अपना सवाल विस्तार से पूछें ताकि आपको उसके हिसाब से जानकारी दी जा सके धन्यवाद
Posted by Baldev singh
Punjab
28-03-2020 11:23 AM
Punjab
03-28-2020 11:27 AM
ਬਲਦੇਵ ਜੀ, ਇਹ fungus ਦੇ ਹਮਲੇ ਦੀ ਵਜ੍ਹਾ ਨਾਲ ਹੋ ਰਿਹਾ ਹੈ, ਤੁਸੀਂ ਇਸ ਦੀ ਰੋਕਥਾਮ ਲਈ ਇਸ ਵਿਚ carbendazim @ 4 ਗ੍ਰਾਮ ਜਾਂ mancozeb @ 4 ਗ੍ਰਾਮ ਪ੍ਰਤੀ ਲਿਟਰੇ ਪਾਣੀ ਦੇ ਹਿਸਾਬ ਨਾਲ ਸਪਰੇ ਕਰੋ, ਧੰਨਵਾਦ
Posted by Aslam Rehman
Goa
28-03-2020 11:22 AM
Maharashtra
03-28-2020 11:25 AM
बिजाई के लिए सितंबर का आखिरी सप्ताह उचित समय होता है असिंचित क्षेत्रों के लिए बिजाई का उपयुक्त समय सितंबर के दूसरे पखवाड़ा होता है।तारामीरा-सरसों की बिजाई के लिए पंक्ति से पंक्ति का फासला 30 सैं.मी. और पौधे से पौधे का फासला 10 से 15 सैं.मी. रखें। गोभी सरसों की बिजाई के लिए पंक्तियों का फासला 45 सैं.मी. और पौधे से पौà.... (Read More)
बिजाई के लिए सितंबर का आखिरी सप्ताह उचित समय होता है असिंचित क्षेत्रों के लिए बिजाई का उपयुक्त समय सितंबर के दूसरे पखवाड़ा होता है।तारामीरा-सरसों की बिजाई के लिए पंक्ति से पंक्ति का फासला 30 सैं.मी. और पौधे से पौधे का फासला 10 से 15 सैं.मी. रखें। गोभी सरसों की बिजाई के लिए पंक्तियों का फासला 45 सैं.मी. और पौधे से पौधे का फासला 10 सैं.मी. रखें।बीजों को 4-5 सैं.मी. की गहराई में बोयें।बिजाई के लिए सीड ड्रिल विधि का प्रयोग करें।
Posted by amit pandey
Uttar Pradesh
28-03-2020 11:21 AM
Punjab
03-28-2020 02:02 PM
Amit ji aap usko desi ghee de skte hai, isme koi smasia wali batt nhi hai, aap isko jyada matra mai use naa kren..
Posted by Baldev singh
Punjab
28-03-2020 11:18 AM
Punjab
03-28-2020 02:03 PM
ਪਸ਼ੂ ਨੂੰ ਮੱਛਰ ਤੋਂ ਬਚਾਉਣ ਲਈ ਸਰੋਂ ਦਾ ਤੇਲ ਅਤੇ ਡੀਜ਼ਲ ਜਾਂ ਮਿਟੀ ਦਾ ਤੇਲ ਮਿਕਸ ਕਰਕੇ ਸਪਰੇ ਕਰੋ, ਇਸ ਵਿਚ ਡੀਜ਼ਲ ਜਾਂ ਮਿਟੀ ਦੇ ਤੇਲ ਦੀ ਮਾਤਰਾ ਜ਼ਿਆਦਾ ਨਹੀਂ ਹੋਣੀ ਚਾਹੀਦੀ, ਇਹ ਤੁਸੀ ਸਰੋਂ ਦੇ ਤੇਲ ਨਾਲੋਂ ਥੋੜਾ ਘੱਟ ਹੀ ਪਾਓ, ਕਿਉਕਿ ਡੀਜ਼ਲ ਜਾਂ ਮਿਟੀ ਦਾ ਤੇਲ ਜ਼ਿਆਦਾ ਪਾਉਣ ਨਾਲ ਪਸ਼ੂ ਨੂੰ ਨੁਕਸਾਨ ਹੁੰਦਾ ਹੈ, ਇਸਦੀ ਤੁਸੀ ਪਸ਼ੂ ਦੇ ਜਿਥੇ ਜ਼ਿਆਦਾ ਮੱਛਰ ਬੈਠਦਾ ਹੈ ਉਥੇ ਸਪਰੇ ਕਰੋ ਇਸਦੀ ਮà.... (Read More)
ਪਸ਼ੂ ਨੂੰ ਮੱਛਰ ਤੋਂ ਬਚਾਉਣ ਲਈ ਸਰੋਂ ਦਾ ਤੇਲ ਅਤੇ ਡੀਜ਼ਲ ਜਾਂ ਮਿਟੀ ਦਾ ਤੇਲ ਮਿਕਸ ਕਰਕੇ ਸਪਰੇ ਕਰੋ, ਇਸ ਵਿਚ ਡੀਜ਼ਲ ਜਾਂ ਮਿਟੀ ਦੇ ਤੇਲ ਦੀ ਮਾਤਰਾ ਜ਼ਿਆਦਾ ਨਹੀਂ ਹੋਣੀ ਚਾਹੀਦੀ, ਇਹ ਤੁਸੀ ਸਰੋਂ ਦੇ ਤੇਲ ਨਾਲੋਂ ਥੋੜਾ ਘੱਟ ਹੀ ਪਾਓ, ਕਿਉਕਿ ਡੀਜ਼ਲ ਜਾਂ ਮਿਟੀ ਦਾ ਤੇਲ ਜ਼ਿਆਦਾ ਪਾਉਣ ਨਾਲ ਪਸ਼ੂ ਨੂੰ ਨੁਕਸਾਨ ਹੁੰਦਾ ਹੈ, ਇਸਦੀ ਤੁਸੀ ਪਸ਼ੂ ਦੇ ਜਿਥੇ ਜ਼ਿਆਦਾ ਮੱਛਰ ਬੈਠਦਾ ਹੈ ਉਥੇ ਸਪਰੇ ਕਰੋ ਇਸਦੀ ਮਾਲਿਸ਼ ਨਹੀਂ ਕਰਨੀ ਹੈ, ਇਸ ਨਾਲ ਮੱਛਰ ਤੋਂ ਰਾਹਤ ਮਿਲ ਜਾਵੇਗੀ.
Posted by Bachittar Singh
Punjab
28-03-2020 11:17 AM
Punjab
03-28-2020 11:21 AM
Bachittar Singh ji, tusi fulan vich roodi di khaad, vermicompost, pa sakde ho, isde nal fulan da changa vikas hunda hai dhanwad
Posted by Rajesh nigam
Uttar Pradesh
28-03-2020 11:11 AM
Maharashtra
03-28-2020 11:14 AM
राजेश जी, कृपया आप आम के पौधे की फोटो भेजें ताकि आपको देख कर इसके बारे में जानकारी दी जा सके, धन्यवाद
Posted by SUNIL KASHYAP
Uttar Pradesh
28-03-2020 11:05 AM
Maharashtra
03-28-2020 12:43 PM
Ganga 2: यह हाइब्रिड किस्म 100-105 दिनों में कटाई के लिए तैयार हो जाती है। यह मैदानी क्षेत्रों के लिए उपयुक्त किस्म है। इसकी औसतन पैदावार 14-16 क्विंटल प्रति एकड़ होती है। इसके दाने सफेद रंग के होते हैं।Ganga-II: यह हाइब्रिड किस्म 100-110 दिनों में कटाई के लिए तैयार हो जाती है। यह मैदानी क्षेत्रों के लिए उपयुक्त किस्म है। इसकी औà¤.... (Read More)
Ganga 2: यह हाइब्रिड किस्म 100-105 दिनों में कटाई के लिए तैयार हो जाती है। यह मैदानी क्षेत्रों के लिए उपयुक्त किस्म है। इसकी औसतन पैदावार 14-16 क्विंटल प्रति एकड़ होती है। इसके दाने सफेद रंग के होते हैं।Ganga-II: यह हाइब्रिड किस्म 100-110 दिनों में कटाई के लिए तैयार हो जाती है। यह मैदानी क्षेत्रों के लिए उपयुक्त किस्म है। इसकी औसतन पैदावार 16 क्विंटल प्रति एकड़ होती है। इसके दाने पीले रंग के होते हैं।Tarun: यह कंपोज़िट किस्म 80-85 दिनों में कटाई के लिए तैयार हो जाती है। यह पूरे उत्तर प्रदेश में उगाने के लिए उपयुक्त है। इसकी औसतन पैदावार 14-16 क्विंटल प्रति एकड़ होती है।Naveen: यह कंपोज़िट किस्म 80-85 दिनों में कटाई के लिए तैयार हो जाती है। यह पूरे उत्तर प्रदेश में उगाने के लिए उपयुक्त है। इसकी औसतन पैदावार 14-16 क्विंटल प्रति एकड़ होती है।Kanchan: यह कंपोज़िट किस्म 75-80 दिनों में कटाई के लिए तैयार हो जाती है। यह पूरे उत्तर प्रदेश में उगाने के लिए उपयुक्त है। इसकी औसतन पैदावार 14-16 क्विंटल प्रति एकड़ होती है।Shweta: यह कंपोज़िट किस्म 80-85 दिनों में कटाई के लिए तैयार हो जाती है। यह पूरे उत्तर प्रदेश में उगाने के लिए उपयुक्त है। इसकी औसतन पैदावार 14-16 क्विंटल प्रति एकड़ होती है।D-765: यह कंपोज़िट किस्म 75 दिनों में कटाई के लिए तैयार हो जाती है। यह पूरे उत्तर प्रदेश में उगाने के लिए उपयुक्त है। इसकी औसतन पैदावार 12-14 क्विंटल प्रति एकड़ होती है।Surya: यह कंपोज़िट किस्म 75 दिनों में कटाई के लिए तैयार हो जाती है। यह पूरे उत्तर प्रदेश में उगाने के लिए उपयुक्त है। इसकी औसतन पैदावार 12-14 क्विंटल प्रति एकड़ होती है।Novjyoti: यह कंपोज़िट किस्म 75 दिनों में कटाई के लिए तैयार हो जाती है। यह पश्चिमी उत्तर प्रदेश में उगाने के लिए उपयुक्त है। इसकी औसतन पैदावार 16 क्विंटल प्रति एकड़ होती है।Mahi kanchan: यह कंपोज़िट किस्म 80-85 दिनों में कटाई के लिए तैयार हो जाती है। यह पूरे उत्तर प्रदेश में उगाने के लिए उपयुक्त है। इसकी औसतन पैदावार 16-18 क्विंटल प्रति एकड़ होती है।Merut Yellow: यह स्थानीय किस्म 75-80 दिनों में कटाई के लिए तैयार हो जाती है। यह उत्तर प्रदेश के मैदानी क्षेत्रों में उगाने के लिए उपयुक्त है। इसकी औसतन पैदावार 8-10 क्विंटल प्रति एकड़ होती है।Jaunpuri: यह स्थानीय किस्म 70-75 दिनों में कटाई के लिए तैयार हो जाती है। यह उत्तर प्रदेश के मैदानी क्षेत्रों में उगाने के लिए उपयुक्त है। इसकी औसतन पैदावार 8-10 क्विंटल प्रति एकड़ होती है।Sartaj: यह स्थानीय किस्म 100-110 दिनों में कटाई के लिए तैयार हो जाती है। यह उत्तर प्रदेश के सभी क्षेत्रों में उगाने के लिए उपयुक्त है। इसकी औसतन पैदावार 18-20 क्विंटल प्रति एकड़ होती है।Prakash: यह स्थानीय किस्म 85-90 दिनों में कटाई के लिए तैयार हो जाती है। यह उत्तर प्रदेश के सभी क्षेत्रों में उगाने के लिए उपयुक्त है। इसकी औसतन पैदावार 18-20 क्विंटल प्रति एकड़ होती है।Deccan- 107: यह स्थानीय किस्म 85-90 दिनों में कटाई के लिए तैयार हो जाती है। यह उत्तर प्रदेश के सभी क्षेत्रों में उगाने के लिए उपयुक्त है। इसकी औसतन पैदावार 18-20 क्विंटल प्रति एकड़ होती है।Prabhat: यह स्थानीय किस्म 100-110 दिनों में कटाई के लिए तैयार हो जाती है। यह उत्तर प्रदेश के सभी क्षेत्रों में उगाने के लिए उपयुक्त है। इसकी औसतन पैदावार 16-18 क्विंटल प्रति एकड़ होती है।Gaurav: यह स्थानीय किस्म 80-85 दिनों में कटाई के लिए तैयार हो जाती है। यह उत्तर प्रदेश के केंद्रीय क्षेत्रों में उगाने के लिए उपयुक्त है। इसकी औसतन पैदावार 16-18 क्विंटल प्रति एकड़ होती है।
Posted by Abhishek Vishwakarma
Uttar Pradesh
28-03-2020 10:52 AM
Maharashtra
03-28-2020 11:20 AM
अभिषेक जी, अगर आप विटामिन डी के वैज्ञानिक नाम जानना चाहते हैं तो विटामिन डी को सनशाइन विटामिन भी कहा जाता है विटामिन D2 को ergocalciferol और विटामिन D3 को cholecalciferol कहा जाता है, धन्यवाद
Posted by Abhishek Vishwakarma
Uttar Pradesh
28-03-2020 10:51 AM
Maharashtra
03-28-2020 11:29 AM
अभिषेक जी, अगर आप विटामिन C के वैज्ञानिक नाम जानना चाहते हैं तो विटामिन C को ascorbic acid कहा जाता है, धन्यवाद
Posted by Abhishek Vishwakarma
Uttar Pradesh
28-03-2020 10:50 AM
Maharashtra
03-28-2020 11:43 AM
अभिषेक जी, अगर आप विटामिन B के वैज्ञानिक नाम जानना चाहते हैं तो विटामिन B को B complex भी कहा जाता है, B-1 (thiamine) B-2 (riboflavin), B-3 (niacin), B-5 (pantothenic acid), B-6 (pyridoxine), B-7 (biotin), B-9 (folic acid), B-12 (cobalamin) के नाम से जाना जाता है, धन्यवाद
Posted by Abhishek Vishwakarma
Uttar Pradesh
28-03-2020 10:50 AM
Maharashtra
03-28-2020 12:08 PM
अभिषेक जी, अगर आप विटामिन A के वैज्ञानिक नाम जानना चाहते हैं तो विटामिन A को retinol कहा जाता है, धन्यवाद
Posted by Taranjeet Singh
Haryana
28-03-2020 10:32 AM
Punjab
03-28-2020 11:13 AM
Taranjeet Singh ji, eh fungus de hamle di vajah nal hoya hai, tusi sukhiya tahniyan nu kat ke upar bordeaux paste lga deyo, dhanwad
Posted by Taranjeet Singh
Haryana
28-03-2020 10:30 AM
Punjab
03-28-2020 11:23 AM
Taranjeet ji, eh fungus di vajah nal ho janda hai, tusi is ditan sukhiyan hoiyan tahniya nu kat deyo ate upar Bordeaux paste lga deyo, dhanwad
Posted by Mukesh kumar Jatiya
Rajasthan
28-03-2020 10:29 AM
Punjab
03-28-2020 10:56 AM
श्री मान टमाटर में पिछेती झुलसा रोग की रोकथाम के लिए आप M-45@500 gm प्रती एकड़ सप्रे कर सकते हो।
Posted by Surender Singh
Haryana
28-03-2020 10:17 AM

Punjab
03-28-2020 10:58 AM
श्री मान चने में सूंडी की रोकथाम के लिए आप vesticor@40 ml प्रती एकड़ सप्रे कर सकते हो।
Posted by Mukesh kumar Jatiya
Rajasthan
28-03-2020 10:15 AM
Punjab
03-28-2020 12:50 PM
मुकेश जी, कीट की रोकथाम के लिए आप टमाटर में fenvalrate @ 2 ग्राम प्रति लीटर पानी के हिसाब स्प्रे कर सकते हैं, धन्यवाद
Posted by nitin mishra
Uttar Pradesh
28-03-2020 10:13 AM
Punjab
03-30-2020 10:07 PM
Nitin ji, kripya ap apna sawal visthar se puchien ke ap sarson ki mandi ke bare mein janna chahte hain ya fir ap sarson ka mandi rate janna chahte hain taki apko iske bare mein jankari di ja sake, dhanywad
Posted by अशवनी कौशिक
Chattisgarh
28-03-2020 10:07 AM
Maharashtra
03-28-2020 12:48 PM
अशवनी कौशिक जी, यह पिली कुंगी है, आप पिली कुंगी की रोकथाम के लिए propiconazole @ 200 ml को 150 लीटर पानी में मिला कर प्रति एकड़ के हिसाब से स्प्रे करें, धन्यवाद
Posted by Har Kamal Jeet singh
Punjab
28-03-2020 10:02 AM
Punjab
03-28-2020 10:59 AM
ਸ੍ਰੀ ਮਾਨ ਜੀ ਬੈਂਗਣ ਵਿੱਚ NPK 13:00:45@1 ਕਿਲੋ ਪ੍ਰਤੀ ਏਕੜ ਸਪਰੇਅ ਕਰ ਸਕਦੇ ਹੋ।
Posted by दीपक पाण्डेय
Uttar Pradesh
28-03-2020 09:58 AM
Punjab
03-28-2020 01:00 PM
आप मार्च महीने में सब्जियां जैसे कि खीरा, ककड़ी, लोबिया, करेला, तुरई, पेठा, पालक की खेती कर सकते हैं, अप्रैल में चलाई और मूली की खेती कर सकते हैं धन्यवाद
Posted by Navpreet Singh
Punjab
28-03-2020 09:52 AM
Punjab
03-28-2020 01:36 PM
नवप्रीत जी कृपया करके मक्खियों की फोटो भेजें ताकि आपको उसके हिसाब से जानकारी दी जा सके धन्यवाद
Posted by anil kumar verma
Uttar Pradesh
28-03-2020 09:43 AM

Maharashtra
03-28-2020 01:41 PM
Anil ji, bargad ke ped ke niche ki mitti mein sukham tatv mojood hote hain or yeh mitti kaffi upjau hoti hai, ap is mitti ko gamlon ke liye istemal kar sakte hain, dhanywad
Posted by anil kumar verma
Uttar Pradesh
28-03-2020 09:41 AM
Maharashtra
03-28-2020 01:40 PM
Anil ji, bargad ke ped ke niche ki mitti mein sukham tatv mojood hote hain or yeh mitti kaffi upjau hoti hai, ap is mitti ko gamlon ke liye istemal kar sakte hain, dhanywad
Posted by Baljeet choudhary
Punjab
28-03-2020 09:33 AM
Punjab
03-28-2020 02:05 PM
ਤੁਸੀਂ ਉਸ ਨੂੰ ਪੇਟ ਦੇ ਕੀੜਿਆਂ ਲਈ piperazin ਦਵਾਈ ਦਿਓ ਅਤੇ ਉਸ ਨੂੰ ਕਾਰਗਿਲ ਦੀ ਫੀਡ calf grower ਦੇਣੀ ਸ਼ੁਰੂ ਕਰੋ ਅਤੇ cafplan ਪਾਊਡਰ 50gm ਰੋਜਾਨਾ ਦਿਓ , ਧੰਨਵਾਦ
Posted by Mangat
Punjab
28-03-2020 09:29 AM
Punjab
03-28-2020 02:06 PM
Tuci uss nu Vitum-H liquid 10-10ml swere sham, milkout powder 2-2 chamch swere sham deo ate Lactin bolus 1-1 goli swere sham deo, iss nal frak paa jawega.
Posted by gurmanjot singh
Punjab
28-03-2020 09:05 AM

Punjab
03-28-2020 01:50 PM
Gunanjot ji, khet vich pani jayda khadya hoya hai, beej rud geya hoye ga, tuhnu is di bijai dubara karni pawe gi, dhanwad
Posted by Babalu Vishwakarma
Uttar Pradesh
28-03-2020 09:03 AM
Punjab
03-28-2020 11:00 AM
श्री मान आप NPK 13:0:45@1kg प्रती एकड़ सप्रे कर सकते हो।
Posted by Gurjit singh
Punjab
28-03-2020 08:57 AM
Punjab
03-28-2020 12:21 PM
CH-1: ਇਹ ਕਿਸਮ ਪੀ ਏ ਯੂ ਲੁਧਿਆਣੇ ਵੱਲੋਂ ਬਣਾਈ ਗਈ ਹੈ। ਇਹ ਦਰਮਿਆਨੇ ਕੱਦ ਵਾਲੀ ਕਿਸਮ ਹੈ। ਇਸਦਾ ਫ਼ਲ ਦਰਮਿਆਨੇ ਆਕਾਰ ਅਤੇ ਹਲਕੇ ਹਰੇ ਰੰਗ ਦਾ ਹੁੰਦਾ ਹੈ ਜੋ ਪੱਕਣ ਤੋਂ ਬਾਅਦ ਗੂੜੇ ਲਾਲ ਰੰਗ ਦਾ ਹੋ ਜਾਂਦਾ ਹੈ। ਇਸ ਕਿਸਮ ਦਾ ਫ਼ਲ ਬਹੁਤ ਕੌੜਾ ਅਤੇ ਆਕਰਸ਼ਿਤ ਹੁੰਦਾ ਹੈ। ਇਹ ਕਿਸਮ ਗਲਣ ਰੋਗ ਨੂੰ ਸਹਾਰ ਸਕਦੀ ਹੈ। ਇਸਦਾ ਔਸਤਨ ਝਾੜ 95-100 ਕੁਇੰਟਲ ਪ੍ਰਤੀ ਏਕੜ ਹੈ। ਨਰਸਰੀ ਲਗਾਉਣ ਦਾ ਉੱਚਿਤ ਸਮ.... (Read More)
CH-1: ਇਹ ਕਿਸਮ ਪੀ ਏ ਯੂ ਲੁਧਿਆਣੇ ਵੱਲੋਂ ਬਣਾਈ ਗਈ ਹੈ। ਇਹ ਦਰਮਿਆਨੇ ਕੱਦ ਵਾਲੀ ਕਿਸਮ ਹੈ। ਇਸਦਾ ਫ਼ਲ ਦਰਮਿਆਨੇ ਆਕਾਰ ਅਤੇ ਹਲਕੇ ਹਰੇ ਰੰਗ ਦਾ ਹੁੰਦਾ ਹੈ ਜੋ ਪੱਕਣ ਤੋਂ ਬਾਅਦ ਗੂੜੇ ਲਾਲ ਰੰਗ ਦਾ ਹੋ ਜਾਂਦਾ ਹੈ। ਇਸ ਕਿਸਮ ਦਾ ਫ਼ਲ ਬਹੁਤ ਕੌੜਾ ਅਤੇ ਆਕਰਸ਼ਿਤ ਹੁੰਦਾ ਹੈ। ਇਹ ਕਿਸਮ ਗਲਣ ਰੋਗ ਨੂੰ ਸਹਾਰ ਸਕਦੀ ਹੈ। ਇਸਦਾ ਔਸਤਨ ਝਾੜ 95-100 ਕੁਇੰਟਲ ਪ੍ਰਤੀ ਏਕੜ ਹੈ। ਨਰਸਰੀ ਲਗਾਉਣ ਦਾ ਉੱਚਿਤ ਸਮਾਂ ਅਕਤੂਬਰ ਦੇ ਅਖੀਰ ਤੋਂ ਅੱਧ-ਨਵੰਬਰ ਤੱਕ ਹੁੰਦਾ ਹੈ। ਨਰਸਰੀ ਨੂੰ 50% ਛਾਂ ਵਾਲੇ ਜਾਲ ਨਾਲ ਢੱਕ ਦਿਓ ਅਤੇ ਪਾਸਿਆਂ ਤੇ ਕੀਟ-ਪਤੰਗੇ ਰੋਕਣ ਵਾਲਾ 40/50 ਮੈੱਸ਼ ਨਾਈਲੋਨ ਦਾ ਜਾਲ ਲਗਾਓ। ਪਨੀਰੀ ਵਾਲੇ ਪੌਦੇ 30-40 ਦਿਨਾਂ ਵਿੱਚ (ਆਮ ਤੌਰ ਤੇ ਫਰਵਰੀ-ਮਾਰਚ) ਤਿਆਰ ਹੋ ਜਾਂਦੇ ਹਨ।
Posted by Gurjit singh
Punjab
28-03-2020 08:54 AM
Punjab
03-28-2020 09:48 AM
ਸ੍ਰੀ ਮਾਨ ਜੀ ਕਣਕ ਨੂੰ ਵਢਣ ਤੋਂ 20-22 ਦਿਨ ਪਹਿਲਾਂ ਪਾਣੀ ਲਗਾਉਣ ਬੰਦ ਕਰ ਦੇਣਾ ਚਾਹੀਦਾ ਹੈ ਜੇਕਰ ਮੀਂਹ ਜਿਆਦਾ ਹੈ ਅਤੇ ਖੇਤ ਵਿਚ ਗਿਲ ਵੀ ਬਹੁਤ ਜਿਆਦਾ ਬਣ ਗਈ ਹੈ ਤਾਂ ਕਣਕ ਨੂੰ ਪਾਣੀ ਲਗਾਉਣ ਦੀ ਜਰੂਰਤ ਨਹੀਂ ਹੈ।
Posted by Rohit
Haryana
28-03-2020 08:29 AM
Punjab
03-28-2020 12:36 PM
Rohit ji, yeh macchar ke hamle ki vajah se ho raha hai, ap iski roktham ke liye isme imidacloprid @ 1.5 ml prati litre pani ke hisaab se spray karein, dhanywad
Posted by हरिन्द्र सिंह
Uttar Pradesh
28-03-2020 08:21 AM
Punjab
03-31-2020 04:42 PM
हरिंदर जी कृपया आप बताये कि आपके खेत की मिटटी किस तरह की है ताकि आपको उसके हिसाब से जानकारी दी जा सके के आप इनकी बिजाई कर सकते है या नहीं |
Posted by Muhammad Hasan
Rajasthan
28-03-2020 08:10 AM
Punjab
03-28-2020 02:07 PM
Hasan ji aap dudh ke liye Beetal nasal ki bakri rakh skte hai.
Posted by arun saini
Uttar Pradesh
28-03-2020 08:00 AM
Maharashtra
03-28-2020 12:15 PM
अरुण जी, अगर आपकी फसल 80 दिन से जायदा हो गयी है तो आप इसमें अभी कोई स्प्रे ना करें, क्यों की इसका उल्टा असर फसल को होगा, धन्यवाद