Posted by rajendra bairwa
Rajasthan
02-04-2020 10:44 AM
इस फसल की खेती अलग-अलग मिट्टी की किस्मों में की जा सकती है जैसे कि रेतली, चिकनी, दोमट, काली, लाल मिट्टी, जिसमें पानी के निकास का सही प्रबंध हो इसकी अच्छी पैदावार के लिए इसे अच्छे निकास वाली रेतली मिट्टी में उत्तम जैविक तत्वों से उगाया जा सकता है अच्छे निकास वाली मिट्टी की पी एच 7-8.5 होनी चाहिए यह तेजाबी और खारी मि.... (Read More)
इस फसल की खेती अलग-अलग मिट्टी की किस्मों में की जा सकती है जैसे कि रेतली, चिकनी, दोमट, काली, लाल मिट्टी, जिसमें पानी के निकास का सही प्रबंध हो इसकी अच्छी पैदावार के लिए इसे अच्छे निकास वाली रेतली मिट्टी में उत्तम जैविक तत्वों से उगाया जा सकता है अच्छे निकास वाली मिट्टी की पी एच 7-8.5 होनी चाहिए यह तेजाबी और खारी मिट्टी में भी उगने योग्य फसल है ज्यादा तेजाबी मिइस फसल की खेती अलग-अलग मिट्टी की किस्मों में की जा सकती है जैसे कि रेतली, चिकनी, दोमट, काली, लाल मिट्टी, जिसमें पानी के निकास का सही प्रबंध हो इसकी अच्छी पैदावार के लिए इसे अच्छे निकास वाली रेतली मिट्टी में उत्तम जैविक तत्वों से उगाया जा सकता है अच्छे निकास वाली मिट्टी की पी एच 7-8.5 होनी चाहिए यह तेजाबी और खारी मिट्टी में भी उगने योग्य फसल है ज्यादा तेजाबी मिट्टी में खेती ना करें अगेती फसल के लिए हल्की मिट्टी लाभदायक है, जबकि अच्छी पैदावार के लिए चिकनी, दोमट और बारीक रेत वाली मिट्टी बहुत अच्छी है प्रसिद्ध किस्में :- Pusa Rubi,Pusa Early Dwarf,Punjab Chhuhara,Pusa 120,Roma Selection 120 टमाटर के बीजों को पहले नर्सरी में बोया जाता है और फिर हन्हें मुख्य खेत में रोपित किया जाता है मुख्य खेत की तैयार के लिए अच्छी जोताई और समतल मिट्टी की जरूरत होती है मिट्टी को भुरभुरा बनाने के लिए 4-5 बार जोताई करें फिर मिट्टी को समतल करने के लिए सुहागा फेरें आखिरी जोताई के समय गाय का गला हुआ गोबर 60 किलो को मिट्टी में अच्छी तरह मिलायें रोपाई के लिए 80-90 सैं.मी. चौड़े बैड तैयार करें बिजाई से एक महीना पहले मिट्टी को धूप में खुला छोड़ दें आवश्यक लंबाई और 80-90 सैं.मी. की चौड़ाई वाले बैडों पर टमाटर के बीजों को बोयें बिजाई के बाद बैडों को प्लास्टिक शीट से ढक दें और फूलों को पानी देने वाले डब्बे से रोज़ सुबह बैडों की सिंचाई करें रोगाणुओं के हमले से फसल को बचाने के लिए नर्सरी वाले बैडों को अच्छे नाइलोन के जाल से ढक दें पनीरी लगाने के 10-15 दिन बाद 19:19:19 के साथ सूक्ष्म तत्वों की 2.5-3 ग्राम प्रति लीटर पानी में मिलाकर स्प्रे करें पौधों को तंदरूस्त और मजबूत बनाने के लिए बिजाई के 20 दिन बाद लीहोसिन 1 मि.ली. प्रति लीटर पानी की स्प्रे करें प्रभावित पौधों को खेत में से उखाड़ दें ताकि पौधों का फासला सही रखा जा सके और निरोग पौधों को रोगाणुओं से भी बचाया जा सके रोगाणुओं से बचाव के लिए मिट्टी में नमी बनाये रखें यदि सूखा दिखे तो पौधों को रोपाई से पहले मैटालैक्सिल 2.5 ग्राम प्रति लीटर पानी में 2-3 बार भिगोयें बिजाई से 25-30 दिन बाद पनीरी वाले पौधे तैयार हो जाते हैं और इनके 3-4 पत्ते निकल आते हैं यदि पौधों की आयु 30 दिन से ज्यादा हो तो इसके उपचार के बाद इसे खेत में लगायें पनीरी उखाड़ने के 24 घंटे पहले बैडों को पानी लगायें ताकि पौधे आसानी से उखाड़े जा सकें बसंत के मौसम के लिए नर्सरी नवंबर-दिसंबर में तैयार करें जबकि सर्दियों में KE मौसम में सितंबर-अक्तूबर महीने में नर्सरी में बीजों को बोयें किस्म और विकास के ढंग मुताबिक 60x30 सैं.मी. या 75x60 सैं.मी. या 75x75 सैं.मी. का फासला रखें में छोटे कद वाली किस्म के लिए 75x30 सैं.मी. का फासला रखें और वर्षा वाले मौसम के लिए 120-150x30 सैं.मी. का फासला रखें नर्सरी में बीजों को 0-5 सैं.मी. गहराई में बोयें और मिट्टी से ढक दें पनीरी को उखाड़कर खेत में लगा दें एक एकड़ खेत में बिजाई के लिए 100-160 ग्राम बीज नए पौधे तैयार करने के लिए प्रयोग किए जाते हैं हाइब्रिड किस्मों के लिए 80-100 ग्राम बीज प्रति एकड़ में प्रयोग करें नाइट्रोजन 40-60 किलो (90-130 किलो यूरिया), फासफोरस 25 किलो (155 किलो एस एस पी) और पोटाश 25 किलो (42 किलो एम ओ पी) की मात्रा प्रति एकड़ में प्रयोग करें नए पौधों की रोपाई के 2-3 सप्ताह पहले फासफोरस और पोटाश की पूरी मात्रा और नाइट्रोजन की एक तिहाई मात्रा डालें बाकी बची नाइट्रोजन को दो भागों में बांटकर रोपाई 30 और 50 दिनों के बाद डालें लगातार गोडाई करें और जड़ों को मिट्टी लगाएं 45 दिनों तक खेत को नदीन रहित रखें यदि नदीन नियंत्रण से बाहर हो जायें तो यह 70-90 प्रतिशत पैदावार कम कर देंगे रोपाई से पहले मुख्य खेत में पैंडीमैथालीन 0.4 किलो को प्रति एकड़ में लगाएं यदि नदीनों की संख्या ज्यादा हो तो नदीनों के अंकुरण के बाद सैंकर 0.2 किलो की प्रति एकड़ में स्प्रे करें नदीनों को रोकने के साथ साथ मिट्टी के तापमान को कम करने के लिए मलचिंग भी प्रभावी तरीका है रोपाई के बाद दो से तीन दिन हल्की सिंचाई करें मिट्टी में नमी के आधार पर सर्दियों में 12 से 15 दिनों के अंतराल पर सिंचाई करें और गर्मियों में 6-7 दिनों के अंतराल पर सिंचाई करें फूल निकलने की अवस्था सिंचाई के लिए गंभीर होती हैं इस अवस्था में पानी की कमी से फूलों का गिरना बढ़ता है और फलों और उत्पादकता पर इसका गंभीर प्रभाव पड़ता है बहुत सारी जांचों के मुताबिक यह पता चला है कि हर पखवाड़े में आधा इंच सिंचाई करने से जड़ें ज्यादा फैलती हैं और इससे पैदावार भी अधिक हो जाती है अत्याधिक सिंचाई ना करें पनीरी लगाने के 70 दिन बाद पौधे फल देना शुरू कर देते हैं कटाई का समय इस बात पर निर्भर करता है कि फलों को दूरी वाले स्थानों पर लेकर जाना है या ताजे फलों को मंडी में ही बेचना है आदि पके हरे टमाटर जिनका 1/4 भाग गुलाबी रंग का हो, लंबी दूरी वाले स्थानों पर लेकर जाने के लिए प्रयोग किए जाते हैं ज्यादातर सारे फल गुलाबी या लाल रंग में बदल जाते हैं, पर सख्त गुद्दे वाले टमाटरों को नज़दीक की मंडी में बेचा जा सकता है अन्य उत्पाद बनाने और बीज तैयार करने के लिए पूरी तरह पके और नर्म गुद्दे वाले टमाटरों का प्रयोग किया जाता है कटाई के बाद आकार के आधार पर टमाटरों को छांट लिया जाता है इसके बाद टमाटरों को बांस की टोकरियों या लकड़ी के बक्सों में पैक कर लिया जाता है लंबी दूरी पर लिजाने के लिए टमाटरों को पहले ठंडा रखें ताकि इनके खराब होने की संभावना कम हो जाये पूरी तरह पके टमाटरों से जूस, सीरप और कैचअप आदि उत्पाद भी तैयार किए जाते हैं
Posted by Sudesh Rahar
Rajasthan
02-04-2020 10:33 AM
सुदेश जी आप App में फाइबर फसलें में चेक कर सकते है इसमें जानकारी दी गयी है|

Posted by राजीव कुमार यादव
Uttar Pradesh
02-04-2020 10:31 AM
Rajeev kumar ji pyaj ka bhav 1700 - 2050/q chal raha hai, Thankyou.

Posted by Satish Rathore
Rajasthan
02-04-2020 10:31 AM
पपीते की खेती को मिट्टी की व्यापक किस्मों में उगाया जा सकता है अच्छे निकास वाली पहाड़ी मिट्टी पपीते की खेती के लिए उपयुक्त होती है रेतली और भारी मिट्टी में इसकी खेती ना करें पपीते की खेती के लिए मिट्टी की पी एच 6.5-7.0 होनी चाहिए प्रसिद्ध किस्में :-Pusa Dwarf: इसके फल मध्यम आकार के और अंडाकार होते हैं यह सूखे को सहनेयोगà.... (Read More)
पपीते की खेती को मिट्टी की व्यापक किस्मों में उगाया जा सकता है अच्छे निकास वाली पहाड़ी मिट्टी पपीते की खेती के लिए उपयुक्त होती है रेतली और भारी मिट्टी में इसकी खेती ना करें पपीते की खेती के लिए मिट्टी की पी एच 6.5-7.0 होनी चाहिए प्रसिद्ध किस्में :-Pusa Dwarf: इसके फल मध्यम आकार के और अंडाकार होते हैं यह सूखे को सहनेयोग्य किस्म है यह उच्च घनत्व में रोपाई के लिए लाभदायक है Pusa Giant: इस किस्म के पौधे तेज हवा को सहनेयोग्य है यह बड़े फलों का उत्पादन करती है यह पैकिंग के लिए उपयुक्त किस्म है CO 3: इसके फल बड़े आकार के और अंडाकार होते हैं इसे ज्यादा देर तक रखने की गुणवत्ता अच्छी होती है CO 1: यह छोटे कद की किस्म है जिसके फल मध्यम आकार के होते हैं फल गोलाकार, नर्म हरा-पीला छिल्का और संतरी पीले रंग का गुद्दा होता है फल रसदार होता है और इसे ज्यादा देर तक रखने की गुणवत्ता अच्छी होती है Coorg Honey Dew: इसे सीधे तौर पर खाने के लिए और प्रक्रिया के लिए प्रयोग किया जाता है इसके फल आयताकार और गुद्दा मोटा संतरी रंग का होता है Pusa Majesty: इसके फल मध्यम आकार के, गोल होते हैं इन्हें रखने की गुणवत्ता बहुत अच्छी होती है यह किस्म 146 दिनों में कटाई के लिए तैयार हो जाती है यह किस्म जड़ गलन निमाटोड के प्रतिरोधक किस्म है Pusa Delicious: यह मध्यम लंबी किस्म है इसके फल मध्यम आकार के होते हैं, गुद्दा गहरे संतरी रंग का होता है इस किस्म को कतारों में लगाने के लिए प्रयोग किया जाता है पपीते की खेती के लिए नदीन रहित भूमि का प्रयोग करें मिट्टी के भुरभुरा होने तक खेत की जोताई करें आखिरी जोताई के समय अच्छी तरह से गली हुई रूड़ी की खाद या गाय का गला हुआ गोबर मिट्टी में अच्छी तरह मिलाकर डालें सिफारिश किए गए फासलों पर 1 मीटर x 1 मीटर x 1 मीटर आकार के गड्ढे खोदें गड्ढों को मिट्टी और रूड़ी की खाद या गाय के गले हुए गोबर से भरें प्रयोग की गई किस्म के आधार पर प्रत्येक गड्ढे पर 2-4 नए पौधों की रोपाई करें रोपाई के बाद हल्की सिंचाई करें हवा से बचाव के लिए खूंटा लगाएं बीजों को 150 गेज़ की मोटाई वाले, 25 x 10 सैं.मी. के पॉलीथीन बैग में बोयें पानी के उचित निकास के लिए पॉलीथीन बैग के निचले हिस्से में 1 मि.मी. अर्द्धव्यास का छेद करें उसके बाद पॉलीथीन बैग में समान अनुपात में रूड़ी की खाद, मिट्टी और रेत डालें बिजाई से पहले बीजों का उपचार करें रोपाई के लिए 6-7 सप्ताह के पौधों का प्रयोग करें यूरिया 150 ग्राम, फासफोरस 80 ग्राम, पोटाश 100 ग्राम प्रति वृक्ष में प्रति वर्ष डालें खादों को 4 भागों में बांटकर रोपाई के बाद पहले, तीसरे, पांचवे और सातवें महीने में डालें बसंत के मौसम में फरवरी मार्च के महीने में बिजाई करें जबकि मॉनसून के मौसम में बिजाई के लिए जून जुलाई का महीना उपयुक्त होता है और पतझड़ के मौसम में बिजाई अक्तूबर से नवंबर महीने में की जाती है आमतौर पर 1.8 मीटर x 1.8 मीटर फासले का प्रयोग किया जाता है उच्च घनता की रोपाई के लिए 1.5 मीटर x 1.5 मीटर फासले का प्रयोग किया जाता है नर्सरी में बीज को 1 सैं.मी. की गहराई पर बोयें बीजो की खेत में सीधे बिजाई या मुख्य खेत में नए पौधों की रोपाई की जाती है 100-120 ग्राम बीज प्रति एकड़ में प्रयोग करें मिट्टी की किस्म, जलवायु के हालातों आदि के आधार पर सिंचाई करें सर्दियों में 15 दिनों के अंतराल पर और गर्मियों में 7 दिनों के अंतराल पर सिंचाई करें तने को पानी के संपर्क में ना आने दें और खेत में पानी भी खड़ा ना होने दें पौधे की प्रौढ़ अवस्था के दौरान नदीनों की रोकथाम जरूरी होती है नदीनों की तीव्रता के आधार पर, नियमित और हल्की गोडाई करें फ्लूक्लोरालिन या बूटाक्लोर 800 मि.ली. प्रति एकड़ में डालें नदीनों की रोकथाम के लिए मलचिंग भी एक प्रभावी तरीका है पौधों की रोपाई के कुछ दिनों बाद प्लास्टिक शीट या धान की पराली या गन्ने के बचे कुचे को मलच के रूप में डालें मुख्यत: फल के पूरा आकार लेने और हरे से हल्का पीला रंग होने पर तुड़ाई की जाती है पहली तुड़ाई रोपाई के 14-15 महीनों के बाद की जा सकती है 4-5 तुड़ाइयां प्रति मौसम की जा सकती हैं धन्यवाद

Posted by Dharambir Poonia
Haryana
02-04-2020 10:29 AM
Dharambir Poonia ji seed lene ke lia aap Dr Dalip Gosain 9215757800 se samparak kar sakte hai, Thankyou.
Posted by Shivam Pandey
Uttar Pradesh
02-04-2020 10:06 AM
यदि आप मोती की खेती के बारे में जानकारी लेना चाहते है तो मोती की खेती एक बहुत ही अच्छा व्यवसाय है इस व्यवसाय को शुरू करने के लिए सबसे जरुरी है इसकी ट्रेनिंग, क्योकि इसमें बहुत सी ऐसी बारीकियें होती है जो हमें प्रेक्टिकल ट्रेनिंग में ही सीखने को मिलती है अगर आप इसकी ट्रेनिंग लेना चाहते है तो आप ग्लिटराटी पर्à¤.... (Read More)
यदि आप मोती की खेती के बारे में जानकारी लेना चाहते है तो मोती की खेती एक बहुत ही अच्छा व्यवसाय है इस व्यवसाय को शुरू करने के लिए सबसे जरुरी है इसकी ट्रेनिंग, क्योकि इसमें बहुत सी ऐसी बारीकियें होती है जो हमें प्रेक्टिकल ट्रेनिंग में ही सीखने को मिलती है अगर आप इसकी ट्रेनिंग लेना चाहते है तो आप ग्लिटराटी पर्ल फार्मिंग ट्रेनिंग केंद्र प्रशिक्षण कार्य कर्म आयोजित किया जा रहा है प्रशिक्षण कार्य कर्म में भाग लेने के लिए नीचे दिए गए नम्बर पर आज ही संपर्क करें और Rs 250/ से अपना रजिस्ट्रेशन करवाए अचल सिंह (फाउंडर )- 9711858258. धन्यवाद

Posted by सरवन कुमार जाजड़ा ब्राह्मण
Rajasthan
02-04-2020 10:05 AM
रोजाना सुबह और शाम को ध्यान से देखे। कभी कभी भैंस बोलती नहीं है Cyclomin-7, दो गोलियां रोजाना और मिनरल मिक्सचर दें और EcareSe एक इंजेक्शन लगा दें।
Posted by girdhari Lal Jajra
Rajasthan
02-04-2020 10:00 AM
Girdhari ji kripya aap uski photo nazdik se click krke saff upload kren jisse dekhkr apko sahi jankari di ja skee.

Posted by kirankumar chaudhari
Gujarat
02-04-2020 09:47 AM
Kirankumar chaudhari ji Azola seed ke lia aap Sandeep 7014864529 se samparak kar sakte hai, Thankyou.

Posted by nand
Chattisgarh
02-04-2020 09:42 AM
Nand ji, yeh zinc ki kami ki vajah se ho raha hai ap iske liye zinc sulphate @ 400-500 gram ko 150 litre pani mein mila kar prati acre ke hisaab se spray kar sakte hain, dhanywad

Posted by shyamveer Chauhan
Madhya Pradesh
02-04-2020 09:40 AM
Shyamveer ji, ap april mein chulai or muli ki bijai kar sakte hain, dhanywad

Posted by nand
Chattisgarh
02-04-2020 09:38 AM
Nand ji, kripya ap bataye ke ap iske bare mein kya jankari lena chahte hain taki apko uske hisaab se iske bare mein jankari lena chahte hain, dhanywad

Posted by joginder singh
Punjab
02-04-2020 09:32 AM
ਜੋਗਿੰਦਰ ਜੀ, ਇਹ ਫੰਗਸ ਦੀ ਵਜ੍ਹਾ ਨਾਲ ਹੋ ਜਾਂਦਾ ਹੈ ਤੁਸੀਂ ਇਸ ਦੀਆ ਸੁੱਕਿਆਂ ਹੋਈਆਂ ਟਾਹਣੀਆਂ ਨੂੰ ਕੱਟ ਦੋ ਅਤੇ ਉਪਰ bordeaux paste ਲਗਾ ਦੋ, ਇਸਦੇ ਨਾਲ ਇਹ ਸਹੀ ਹੋ ਜਾਏ ਗਾ ਧੰਨਵਾਦ

Posted by harjit Singh
Punjab
02-04-2020 09:25 AM
Harjit ji kripya aap apna swal vistar se pushen ki aap kya jankari lena chahte hai tan jo apko sahi jankari di ja skee.

Posted by Kailash Jat
Rajasthan
02-04-2020 09:24 AM
कैलाश जी, यह कीट के हमले की वजह से आप इस कीट की रोकथाम के लिए इसमें quinalphos @ 4 ml प्रति लीटर पानी के हिसाब से स्प्रे कर सकते हो, धन्यवाद

Posted by Kailash Jat
Rajasthan
02-04-2020 09:15 AM
Kailash ji kripya aap apna swal vistar se pushen apke dubara bheji gyi video upload nhi hui hai kripya aap dubara video upload kren tan jo apko sahi jankari di ja skee.

Posted by Ranjodh
Punjab
02-04-2020 09:15 AM

Posted by JASSA
Punjab
02-04-2020 09:05 AM
Tuci uss nu vdia matra vich hara chara, feed deni suru kro ate isde nal nal Vitamor-h liquid 10-10ml swere sham deo ate suun ton 1 mahine pehla isde nal nal Metabolite powder di rojana 1 pudi deni suru kro, ehna nal lewa ate dudh vdia ho jawega.

Posted by malkit singh
Punjab
02-04-2020 08:57 AM
ਇਸ ਨੂੰ ਲਕੋਰੀਆ ਦੀ ਸਮੱਸਿਆ ਹੈ ਇਸ ਨੂੰ Powder Mac-sure-L 1kg 100gm ਰੋਜਾਨਾ ਦਿਉ ਨਾਲ ਹੀ 250ਗ੍ਰਾਮ ਜੋੰ-ਖਾਰ, 250ਗ੍ਰਾਮ ਕਲਮੀਸ਼ੋਰਾ, 250ਗ੍ਰਾਮ ਮਿਠਾਸੋਡਾ ਤੇ 250 ਗ੍ਰਾਮ ਫੜਕੜੀ ਲਉ ਤੇ ਖਿਲ ਕਰੋ ਫਿਰ ਸਾਰਾ ਸਾਮਾਨ ਰਗੜ ਕੇ ਪੋਡਰ ਬਣਾਉ ਤੇ ਮਿਕਸ ਕਰਕੇ 50gm ਰੋਜਾਨਾ ਖਾਲੀ ਪੇਟ ਦਿਉ ਜੀ ਅਤੇ keeper plus ਪਾਊਡਰ ਵੀ ਦਿੰਦੇ ਰਹੋ..

Posted by gurpreet singh
Punjab
02-04-2020 08:55 AM
gurpreet ji kirpa karke isde label di photo bhejo kyuki matta farm private company hai.dhanywad

Posted by Jagjit Singh
Punjab
02-04-2020 08:54 AM
shri maan g macchar de lyi tuc Actara@40gm per acre spray kr skde ho....

Posted by mohanjit Singh
Chandigarh
02-04-2020 08:30 AM
Mohan ji, ap barseem mein neem ke tel ki spray kar sakte hain ap iski martra 4 ml prati litre pani ke hisaab se istemal kar sakte hain, dhanywad

Posted by Sonu Kumar Yadav
Rajasthan
02-04-2020 08:17 AM
गेंदे की बिजाई एक वर्ष में कभी भी की जा सकती है। बारिश के मौसम में इसकी बिजाई मध्य जून से मध्य जुलाई में करें। सर्दियों में इसकी बिजाई मध्य सितंबर से मध्य अक्तूबर में पूरी कर लें।नर्सरी बैड 3x1 मीटर आकार के तैयार करें। गाय का गला हुआ गोबर मिलायें। बैडों में नमी बनाए रखने के लिए पानी दें। सूखे फूलों का चूरा करेà.... (Read More)
गेंदे की बिजाई एक वर्ष में कभी भी की जा सकती है। बारिश के मौसम में इसकी बिजाई मध्य जून से मध्य जुलाई में करें। सर्दियों में इसकी बिजाई मध्य सितंबर से मध्य अक्तूबर में पूरी कर लें।नर्सरी बैड 3x1 मीटर आकार के तैयार करें। गाय का गला हुआ गोबर मिलायें। बैडों में नमी बनाए रखने के लिए पानी दें। सूखे फूलों का चूरा करें और उनका कतार या बैड पर छिड़काव करें। जब पौधों का कद 10-15 सैं.मी. हो जाये, तब वे रोपाई के लिए तैयार होते हैं। फैंच किस्म को 35x35 सैं.मी. और अफ्रीकी किस्म को 45x45 सैं.मी. के फासले पर रोपाई करें।नर्सरी बैड पर बीजों का छिड़काव करें।बिजाई के लिए पनीरी ढंग का प्रयोग किया जाता है।
Posted by bhupinder singh
Punjab
02-04-2020 08:14 AM
ਜੇਕਰ ਮੱਝ ਨੂੰ ਗੋਬਰ ਦਾ ਬੰਨ ਹੈ, ਤੁਸੀ ਉਸ ਨੂੰ 400 ਗ੍ਰਾਮ ਜੰਗ ਜੰਗਹਰੜ, 200 ਗ੍ਰਾਮ ਤਿਰਫਲਾ , 400 ਗ੍ਰਾਮ ਸਤਿਆਨਾਸ਼ੀ , ਇਨ੍ਹਾਂ ਨੂੰ ਚੰਗੀ ਤ੍ਰਾਹ ਮਿਲਾ ਕੇ ਇਸਦਾ ਪਾਊਡਰ ਬਣਾ ਲਓ , ਫਿਰ ਤੁਸੀ 2 ਲਿਟਰ ਪਾਣੀ ਗਰਮ ਕਰੋ ਅਤੇ ਉਸ ਵਿੱਚ ਇਹ ਪਾਓ ਫਿਰ ਠੰਡਾ ਕਰਕੇ ਮੱਝ ਨੂੰ ਨਾਲ਼ ਦੀ ਮਦਦ ਨਾਲ ਪਿਲਾਓ , ਇਹ ਚੀਜਾਂ ਤੁਹਾਨੂੰ ਕਿਸੀ ਵੀ ਪੰਸਾਰੀ ਦੀ ਦੁਕਾਨ ਤੋਂ ਮਿਲ ਜਾਣਗੀਆਂ , ਇਸ ਨਾਲ ਅਗਲੇ ਦਿਨ ਫਰਕ.... (Read More)
ਜੇਕਰ ਮੱਝ ਨੂੰ ਗੋਬਰ ਦਾ ਬੰਨ ਹੈ, ਤੁਸੀ ਉਸ ਨੂੰ 400 ਗ੍ਰਾਮ ਜੰਗ ਜੰਗਹਰੜ, 200 ਗ੍ਰਾਮ ਤਿਰਫਲਾ , 400 ਗ੍ਰਾਮ ਸਤਿਆਨਾਸ਼ੀ , ਇਨ੍ਹਾਂ ਨੂੰ ਚੰਗੀ ਤ੍ਰਾਹ ਮਿਲਾ ਕੇ ਇਸਦਾ ਪਾਊਡਰ ਬਣਾ ਲਓ , ਫਿਰ ਤੁਸੀ 2 ਲਿਟਰ ਪਾਣੀ ਗਰਮ ਕਰੋ ਅਤੇ ਉਸ ਵਿੱਚ ਇਹ ਪਾਓ ਫਿਰ ਠੰਡਾ ਕਰਕੇ ਮੱਝ ਨੂੰ ਨਾਲ਼ ਦੀ ਮਦਦ ਨਾਲ ਪਿਲਾਓ , ਇਹ ਚੀਜਾਂ ਤੁਹਾਨੂੰ ਕਿਸੀ ਵੀ ਪੰਸਾਰੀ ਦੀ ਦੁਕਾਨ ਤੋਂ ਮਿਲ ਜਾਣਗੀਆਂ , ਇਸ ਨਾਲ ਅਗਲੇ ਦਿਨ ਫਰਕ ਪੈ ਜਾਵੇਗੀ , ਅਤੇ ਉਸਦਾ ਪੇਟ ਸਾਫ਼ ਹੋ ਜਾਵੇਗਾ ..

Posted by Harpal Singh
Punjab
02-04-2020 08:12 AM
Harpal singh ji, jekar tusi chappan kadu di gal kar rahe ho tan is vich tusi NPK 130045 @ 10 gram prati litre pani de hisaab nal spray kar sakde ho, isdey nal fal tutna band ho jaye ga, dhanwad
Posted by ROHIT Saini
Rajasthan
02-04-2020 08:07 AM
रोहित जी, यह boron की कमी के वजह से हो जाता है आप इसकी रोकथाम के लिए इसमें boron @ 1 ग्राम प्रति लीटर पानी के हिसाब से स्प्रे करें, धन्यवाद
Posted by Gurdev singh
Haryana
02-04-2020 08:02 AM
Gurdev singh ji is ke bare me visthar me jankari ke lia aap Krishi Vigyan Kendra, Address: Sadalpur, Haryana 125052, Phone: 0166 924 4931 se samparak kar sakte hai, Thankyou.
Posted by jatinder singh
Punjab
02-04-2020 08:01 AM
Jatinder ji jekar ohh gaban hai ate thoda bhut pani kdd rehi hai tan tuci uss nu thnda tika lgwa skde ho.

Posted by Jitendra Kumar b
Madhya Pradesh
02-04-2020 07:55 AM
टमाटर की बिजाई वर्षा ऋतु के लिये जून-जलाई तथा शीत ऋतु के लिये जनवरी-फरवरी। फसल पाले रहित क्षेत्रो में उगायी जानी चाहिए या इसकी पाले से समुचित रक्षा करनी चाहिएं। बैंगन की खेती पूरे वर्ष की जाती है। खरीफ मौसम के लिए, नर्सरी फरवरी - मार्च के महीने में तैयार करें और मार्च - अप्रैल के महीने में रोपाई करें।सर्दियो.... (Read More)
टमाटर की बिजाई वर्षा ऋतु के लिये जून-जलाई तथा शीत ऋतु के लिये जनवरी-फरवरी। फसल पाले रहित क्षेत्रो में उगायी जानी चाहिए या इसकी पाले से समुचित रक्षा करनी चाहिएं। बैंगन की खेती पूरे वर्ष की जाती है। खरीफ मौसम के लिए, नर्सरी फरवरी - मार्च के महीने में तैयार करें और मार्च - अप्रैल के महीने में रोपाई करें।सर्दियों के मौसम में, नर्सरी की तैयारी के लिए जून जुलाई का समय उपयुक्त होता है और रोपाई के लिए जुलाई अगस्त का महीना उपयुक्त होता है।बसंत के मौसम में, सितंबर के महीने में नर्सरी तैयार करें और अक्तूबर - नवंबर के महीने में रोपाई पूरी कर लें।

Posted by joban virk
Punjab
02-04-2020 07:49 AM
ਉੱਤਰ ਵਿੱਚ ਇਹ ਵਰਖਾ ਅਤੇ ਬਸੰਤ ਦੇ ਮੌਸਮ ਵਿੱਚ ਉਗਾਈ ਜਾਂਦੀ ਹੈ। ਵਰਖਾ ਵਾਲੇ ਮੌਸਮ ਵਿੱਚ, ਇਸਦੀ ਬਿਜਾਈ ਜੂਨ-ਜੁਲਾਈ ਮਹੀਨੇ ਅਤੇ ਬਸੰਤ ਰੁੱਤ ਵਿੱਚ ਫਰਵਰੀ-ਮਾਰਚ ਦੇ ਮਹੀਨੇ ਕੀਤੀ ਜਾਂਦੀ ਹੈ।

Posted by Navdeep
Punjab
02-04-2020 07:29 AM
Navdeep ji tuci ehh dwai denn ton badd 1 hafte tak wait kro jekar heat vich naa awe fir uss nu Vetmate injection 2ml lgwa deo, iss nal heat vich aa jawegi.
Posted by Amrit singh
Punjab
02-04-2020 07:14 AM
ਅੰਬ ਹਲਦੀ ਦੀ ਬਿਜਾਈ ਵੀ ਅਪ੍ਰੈਲ ਤੋਂ ਮਈ ਤੱਕ ਕੀਤੀ ਜਾ ਸਕਦਾ ਹੈ
Posted by khushwinder singh
Punjab
02-04-2020 06:51 AM
shrimaan g lockdown krke seed supply close hai bt govt de according april de second week tkk seed supply aw skdi hai g..
Posted by ਨਵਪਰੀਤ ਸਿੰਘ
Punjab
02-04-2020 06:42 AM
ਨਵਪਰੀਤ ਸਿੰਘ ਜੀ, ਜੇਕਰ ਤੁਸੀਂ ਬਾਸਮਤੀ ਦੀ ਬਿਜਾਈ ਕਰਨੀ ਹੈ ਤਾਂ ਤੁਸੀਂ ਕਣਕ ਦੀ ਕਟਾਈ ਤੋਂ ਬਾਅਦ ਮੂੰਗੀ ਦੀ ਬਿਜਾਈ ਕਰ ਸਕਦੇ ਹੀ, ਧੰਨਵਾਦ
Posted by Kamal pandhu
Punjab
02-04-2020 06:42 AM
ਕਮਲ ਜੀ, ਕਿਰਪਾ ਕਰ ਕੇ ਦੱਸੋ ਕੇ ਤੁਹਾਨੂੰ ਇਸ ਦੀ ਬਿਜਾਈ ਕੀਤੇ ਹੋਏ ਕਿੰਨਾ ਸਮਾਂ ਹੋ ਗਿਆ ਹੈ, ਤਾਂਜੋ ਤੁਹਾਨੂੰ ਉਸਦੇ ਹਿਸਾਬ ਨਾਲ ਇਸ ਬਾਰੇ ਜਾਣਕਾਰੀ ਦਿੱਤੀ ਜਾ ਸਕੇ, ਧੰਨਵਾਦ

Posted by Narinderpal singh
Punjab
02-04-2020 06:15 AM
tuci uss nu mineral mixture dena bnnd kr deo ate keeper plus powder dena suru kro, ohh gaban v rehh skdi hai..

Posted by Narinderpal singh
Punjab
02-04-2020 06:13 AM
Narinder pal ji ohh gaban ho v skdi hai tuci uss nu keeper plus dinde rho kai varr pashu vaise he jalle krda rehnda hai.
Posted by Amrit singh
Punjab
02-04-2020 05:36 AM
ਅੰਮ੍ਰਿਤ ਜੀ, ਤੁਸੀਂ ਕਿਰਪਾ ਕਰ ਕੇ ਦੱਸੋ ਕੇ ਤੁਸੀਂ ਕਿਸ ਸਬਜ਼ੀ ਦੀ ਬਿਜਾਈ ਕਰਨੀ ਹੈ, ਤਾਂਜੋ ਤੁਹਾਨੂੰ ਉਸਦੇ ਹਿਸਾਬ ਨਾਲ ਸਪਰੇ ਦੱਸੀ ਜਾ ਸਕੇ, ਧੰਨਵਾਦ
Posted by Kuldeep Kumar
Uttar Pradesh
02-04-2020 05:13 AM
Kuldeep ji, ap April mahine mein sabjiyan jaise ke Chulai or Muli ki bijai kar sakte hain, dhanywad

Posted by akshay
Bihar
02-04-2020 03:13 AM
बागवानी एवं कृषि-वानिकी शोध कार्यक्रम, राँची से विकसित प्रजातियाँ खजवा, स्वर्ण मनोहर, स्वर्ण पूर्ति (सब्जी के लिए) एन.जे.-1, एन.जे.-2, एन.जे.-15 एवं एन.जे.-3 है। खजवा :इस किस्म के फल जल्दी पक जाते हैं। यह सफेद कोये वाली फसल हैं। फल भार 25-30 की.ग्रा. होता हैं। यह ताजे पके फल खाने वाली किस्मों में यह सर्वोत्तम किस्म हैं।स्वरà.... (Read More)
बागवानी एवं कृषि-वानिकी शोध कार्यक्रम, राँची से विकसित प्रजातियाँ खजवा, स्वर्ण मनोहर, स्वर्ण पूर्ति (सब्जी के लिए) एन.जे.-1, एन.जे.-2, एन.जे.-15 एवं एन.जे.-3 है। खजवा :इस किस्म के फल जल्दी पक जाते हैं। यह सफेद कोये वाली फसल हैं। फल भार 25-30 की.ग्रा. होता हैं। यह ताजे पके फल खाने वाली किस्मों में यह सर्वोत्तम किस्म हैं।स्वर्ण मनोहर :मध्यम घने क्षत्रक वाले इस किस्म में फरवरी के प्रथम सप्ताह में फल लग जाते हैं जिनको छोटी अवस्था में बेचकर अच्छी आमदनी प्राप्त की जा सकती है।फल लगने के 20-25 दिन बाद इसके एक पेड़ से 45-50 कि.ग्रा. फल सब्जी के लिए प्राप्त किया जा सकता है। इसकी प्रति वृक्ष औसत उपज 350-500 कि.ग्रा. (पकने के बाद) है।स्वर्ण पूर्ति किस्म के फल देर से पकने के कारण लंबे समय तक सब्जी के रूप में उपयोग किये जा सकते हैं। इस किस्म के वृक्ष छोटे तथा मध्यम फैलावदार होते हैं फलों का आकार गोल एवं कोये की मात्रा अधिक होती है।इसका फल छोटा (3-4 कि.ग्रा.), रंग गहरा हरा, रेशा कम, बीज छोटा एवं पतले आवरण वाला तथा बीच का भाग मुलायम होता है। 80-90 फल प्रति वृक्ष प्रति वर्ष लगते हैं।रुद्रासीफल छोटे तथा काटे वाले होते हैं। इनका भार 4-5 की.ग्रा. तक होता हैं। फल गुच्छो में आते हैं।सिंगापुर : फल आकार में बडे होते है और अधिक समय तक लगे रहते है।

Posted by Digambar Patel
Chattisgarh
02-04-2020 12:48 AM
Digambar ji, ap apni dhan ki fasal mein kansa badane ke liye mycorrhiza @ 4 kilo prati acre ke hissab se dal sakte ho, dhanwad

Posted by Digambar Patel
Chattisgarh
02-04-2020 12:45 AM
Digambar ji, ap apni dhan ki fasal mein kansa badane ke liye mycorrhiza @ 4 kilo prati acre ke hissab se dal sakte ho, dhanwad
Posted by Pushpa Chauhan
Haryana
02-04-2020 12:23 AM
Pushpa Chauhan ji Organic gehu ka Rate 4000/q hai athik jankari ke lia aap Puneet singh thind 9991320236 se samparak kar sakte hai, Thankyou.
Posted by krishan
Rajasthan
01-04-2020 11:29 PM
कृष्ण जी कपास के सीड लेने के लिए आप करण गुप्ता 9252333335 Sangam Seeds Factory के साथ संम्पर्क कर सकते हैं। धन्यवाद

Posted by singh
Punjab
01-04-2020 11:25 PM
singh ji kirpa karke swal vistar nal pucho ta jo tuhanu osde hisab nal jankari diti ja sake,dhanwad
Posted by ਰਨਜੀਤ ਸਿੰਘ ਗਿੱਲ
Punjab
01-04-2020 11:20 PM
ranjeet ji kirpa karke daso ke kehdiyan sabjoyan di bijai kiti hai ta jo tuhanu osde hisab nal jankari diti ja sake,dhanwad
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