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Posted by राधेश्याम
Rajasthan
08-04-2020 04:12 PM
Maharashtra
04-08-2020 04:20 PM
राधेश्याम जी, यह फंगस का हमला हुआ है, आप इसकी रोकथाम के लिए इसमें carbendazim @ 4 ग्राम यां mancozeb @ 4 ग्राम प्रति लीटर पानी के हिसाब से स्प्रे कर सकते हैं, धन्यवाद
Posted by Balwan Singh
Haryana
08-04-2020 04:11 PM
Maharashtra
04-08-2020 06:44 PM
Posted by ਨਿਰਪਾਲ ਸਿੰਘ
Punjab
08-04-2020 04:04 PM
Punjab
04-09-2020 04:41 PM
ਨਿਰਪਾਲ ਜੀ ਤੁਸੀ ਇਸਦੇ ਲਈ ਨਾਲ ਦਿੱਤਾ ਲਿੰਕ ਚੈੱਕ ਲੜ ਸਕਦੇ ਹੋ https://www.youtube.com/channel/UCoHPHYtc3-9AC20oOMaBQzw
Posted by Amit parmar
Rajasthan
08-04-2020 03:57 PM
Punjab
04-09-2020 01:58 PM
usko aap turant nazdiki doctor se janch krwayen kyuki uski janch krke sahi ilag ho skta hai.
Posted by Arun begana
Uttar Pradesh
08-04-2020 03:57 PM
Punjab
04-08-2020 05:06 PM
श्री मान मक्का में सूंडी की रोकथाम के लिए coragen@40 ml प्रती एकड़ सप्रे कर सकते हो।
Posted by Amit parmar
Rajasthan
08-04-2020 03:52 PM
Punjab
04-12-2020 09:14 AM
Amit parmar ji ilayachi plant lene ke lia aap surinder Nagra 9814305864 Rehsam Ayurvedic Nursery se samparak kar sakte hai, Thankyou.
Posted by ਹਰਮਨਜੀਤ ਸਿੰਘ
Punjab
08-04-2020 03:48 PM
Punjab
04-08-2020 04:30 PM
harmanjeet ji jekar ktaai lai 20 din lagne hai ik pani lga sakde ho ji.
Posted by Nitil Kumar
Uttar Pradesh
08-04-2020 03:45 PM
Punjab
04-08-2020 05:08 PM
श्री मान पपीते की खेती को मिट्टी की व्यापक किस्मों में उगाया जा सकता है अच्छे निकास वाली पहाड़ी मिट्टी पपीते की खेती के लिए उपयुक्त होती है रेतली और भारी मिट्टी में इसकी खेती ना करें पपीते की खेती के लिए मिट्टी की पी एच 6.5-7.0 होनी चाहिए प्रसिद्ध किस्में :-Pusa Dwarf: इसके फल मध्यम आकार के और अंडाकार होते हैं यह सूखे को à¤.... (Read More)
श्री मान पपीते की खेती को मिट्टी की व्यापक किस्मों में उगाया जा सकता है अच्छे निकास वाली पहाड़ी मिट्टी पपीते की खेती के लिए उपयुक्त होती है रेतली और भारी मिट्टी में इसकी खेती ना करें पपीते की खेती के लिए मिट्टी की पी एच 6.5-7.0 होनी चाहिए प्रसिद्ध किस्में :-Pusa Dwarf: इसके फल मध्यम आकार के और अंडाकार होते हैं यह सूखे को सहनेयोग्य किस्म है यह उच्च घनत्व में रोपाई के लिए लाभदायक है Pusa Giant: इस किस्म के पौधे तेज हवा को सहनेयोग्य है यह बड़े फलों का उत्पादन करती है यह पैकिंग के लिए उपयुक्त किस्म है CO 3: इसके फल बड़े आकार के और अंडाकार होते हैं इसे ज्यादा देर तक रखने की गुणवत्ता अच्छी होती है CO 1: यह छोटे कद की किस्म है जिसके फल मध्यम आकार के होते हैं फल गोलाकार, नर्म हरा-पीला छिल्का और संतरी पीले रंग का गुद्दा होता है फल रसदार होता है और इसे ज्यादा देर तक रखने की गुणवत्ता अच्छी होती है Coorg Honey Dew: इसे सीधे तौर पर खाने के लिए और प्रक्रिया के लिए प्रयोग किया जाता है इसके फल आयताकार और गुद्दा मोटा संतरी रंग का होता है Pusa Majesty: इसके फल मध्यम आकार के, गोल होते हैं इन्हें रखने की गुणवत्ता बहुत अच्छी होती है यह किस्म 146 दिनों में कटाई के लिए तैयार हो जाती है यह किस्म जड़ गलन निमाटोड के प्रतिरोधक किस्म है Pusa Delicious: यह मध्यम लंबी किस्म है इसके फल मध्यम आकार के होते हैं, गुद्दा गहरे संतरी रंग का होता है इस किस्म को कतारों में लगाने के लिए प्रयोग किया जाता है पपीते की खेती के लिए नदीन रहित भूमि का प्रयोग करें मिट्टी के भुरभुरा होने तक खेत की जोताई करें आखिरी जोताई के समय अच्छी तरह से गली हुई रूड़ी की खाद या गाय का गला हुआ गोबर मिट्टी में अच्छी तरह मिलाकर डालें सिफारिश किए गए फासलों पर 1 मीटर x 1 मीटर x 1 मीटर आकार के गड्ढे खोदें गड्ढों को मिट्टी और रूड़ी की खाद या गाय के गले हुए गोबर से भरें प्रयोग की गई किस्म के आधार पर प्रत्येक गड्ढे पर 2-4 नए पौधों की रोपाई करें रोपाई के बाद हल्की सिंचाई करें हवा से बचाव के लिए खूंटा लगाएं बीजों को 150 गेज़ की मोटाई वाले, 25 x 10 सैं.मी. के पॉलीथीन बैग में बोयें पानी के उचित निकास के लिए पॉलीथीन बैग के निचले हिस्से में 1 मि.मी. अर्द्धव्यास का छेद करें उसके बाद पॉलीथीन बैग में समान अनुपात में रूड़ी की खाद, मिट्टी और रेत डालें बिजाई से पहले बीजों का उपचार करें रोपाई के लिए 6-7 सप्ताह के पौधों का प्रयोग करें यूरिया 150 ग्राम, फासफोरस 80 ग्राम, पोटाश 100 ग्राम प्रति वृक्ष में प्रति वर्ष डालें खादों को 4 भागों में बांटकर रोपाई के बाद पहले, तीसरे, पांचवे और सातवें महीने में डालें बसंत के मौसम में फरवरी मार्च के महीने में बिजाई करें जबकि मॉनसून के मौसम में बिजाई के लिए जून जुलाई का महीना उपयुक्त होता है और पतझड़ के मौसम में बिजाई अक्तूबर से नवंबर महीने में की जाती है आमतौर पर 1.8 मीटर x 1.8 मीटर फासले का प्रयोग किया जाता है उच्च घनता की रोपाई के लिए 1.5 मीटर x 1.5 मीटर फासले का प्रयोग किया जाता है नर्सरी में बीज को 1 सैं.मी. की गहराई पर बोयें बीजो की खेत में सीधे बिजाई या मुख्य खेत में नए पौधों की रोपाई की जाती है 100-120 ग्राम बीज प्रति एकड़ में प्रयोग करें मिट्टी की किस्म, जलवायु के हालातों आदि के आधार पर सिंचाई करें सर्दियों में 15 दिनों के अंतराल पर और गर्मियों में 7 दिनों के अंतराल पर सिंचाई करें तने को पानी के संपर्क में ना आने दें और खेत में पानी भी खड़ा ना होने दें पौधे की प्रौढ़ अवस्था के दौरान नदीनों की रोकथाम जरूरी होती है नदीनों की तीव्रता के आधार पर, नियमित और हल्की गोडाई करें फ्लूक्लोरालिन या बूटाक्लोर 800 मि.ली. प्रति एकड़ में डालें नदीनों की रोकथाम के लिए मलचिंग भी एक प्रभावी तरीका है पौधों की रोपाई के कुछ दिनों बाद प्लास्टिक शीट या धान की पराली या गन्ने के बचे कुचे को मलच के रूप में डालें मुख्यत: फल के पूरा आकार लेने और हरे से हल्का पीला रंग होने पर तुड़ाई की जाती है पहली तुड़ाई रोपाई के 14-15 महीनों के बाद की जा सकती है 4-5 तुड़ाइयां प्रति मौसम की जा सकती हैं धन्यवाद
Posted by Nitil Kumar
Uttar Pradesh
08-04-2020 03:39 PM
Punjab
04-08-2020 05:07 PM
पपीते की खेती को मिट्टी की व्यापक किस्मों में उगाया जा सकता है अच्छे निकास वाली पहाड़ी मिट्टी पपीते की खेती के लिए उपयुक्त होती है रेतली और भारी मिट्टी में इसकी खेती ना करें पपीते की खेती के लिए मिट्टी की पी एच 6.5-7.0 होनी चाहिए प्रसिद्ध किस्में :-Pusa Dwarf: इसके फल मध्यम आकार के और अंडाकार होते हैं यह सूखे को सहनेयोग्à.... (Read More)
पपीते की खेती को मिट्टी की व्यापक किस्मों में उगाया जा सकता है अच्छे निकास वाली पहाड़ी मिट्टी पपीते की खेती के लिए उपयुक्त होती है रेतली और भारी मिट्टी में इसकी खेती ना करें पपीते की खेती के लिए मिट्टी की पी एच 6.5-7.0 होनी चाहिए प्रसिद्ध किस्में :-Pusa Dwarf: इसके फल मध्यम आकार के और अंडाकार होते हैं यह सूखे को सहनेयोग्य किस्म है यह उच्च घनत्व में रोपाई के लिए लाभदायक है Pusa Giant: इस किस्म के पौधे तेज हवा को सहनेयोग्य है यह बड़े फलों का उत्पादन करती है यह पैकिंग के लिए उपयुक्त किस्म है CO 3: इसके फल बड़े आकार के और अंडाकार होते हैं इसे ज्यादा देर तक रखने की गुणवत्ता अच्छी होती है CO 1: यह छोटे कद की किस्म है जिसके फल मध्यम आकार के होते हैं फल गोलाकार, नर्म हरा-पीला छिल्का और संतरी पीले रंग का गुद्दा होता है फल रसदार होता है और इसे ज्यादा देर तक रखने की गुणवत्ता अच्छी होती है Coorg Honey Dew: इसे सीधे तौर पर खाने के लिए और प्रक्रिया के लिए प्रयोग किया जाता है इसके फल आयताकार और गुद्दा मोटा संतरी रंग का होता है Pusa Majesty: इसके फल मध्यम आकार के, गोल होते हैं इन्हें रखने की गुणवत्ता बहुत अच्छी होती है यह किस्म 146 दिनों में कटाई के लिए तैयार हो जाती है यह किस्म जड़ गलन निमाटोड के प्रतिरोधक किस्म है Pusa Delicious: यह मध्यम लंबी किस्म है इसके फल मध्यम आकार के होते हैं, गुद्दा गहरे संतरी रंग का होता है इस किस्म को कतारों में लगाने के लिए प्रयोग किया जाता है पपीते की खेती के लिए नदीन रहित भूमि का प्रयोग करें मिट्टी के भुरभुरा होने तक खेत की जोताई करें आखिरी जोताई के समय अच्छी तरह से गली हुई रूड़ी की खाद या गाय का गला हुआ गोबर मिट्टी में अच्छी तरह मिलाकर डालें सिफारिश किए गए फासलों पर 1 मीटर x 1 मीटर x 1 मीटर आकार के गड्ढे खोदें गड्ढों को मिट्टी और रूड़ी की खाद या गाय के गले हुए गोबर से भरें प्रयोग की गई किस्म के आधार पर प्रत्येक गड्ढे पर 2-4 नए पौधों की रोपाई करें रोपाई के बाद हल्की सिंचाई करें हवा से बचाव के लिए खूंटा लगाएं बीजों को 150 गेज़ की मोटाई वाले, 25 x 10 सैं.मी. के पॉलीथीन बैग में बोयें पानी के उचित निकास के लिए पॉलीथीन बैग के निचले हिस्से में 1 मि.मी. अर्द्धव्यास का छेद करें उसके बाद पॉलीथीन बैग में समान अनुपात में रूड़ी की खाद, मिट्टी और रेत डालें बिजाई से पहले बीजों का उपचार करें रोपाई के लिए 6-7 सप्ताह के पौधों का प्रयोग करें यूरिया 150 ग्राम, फासफोरस 80 ग्राम, पोटाश 100 ग्राम प्रति वृक्ष में प्रति वर्ष डालें खादों को 4 भागों में बांटकर रोपाई के बाद पहले, तीसरे, पांचवे और सातवें महीने में डालें बसंत के मौसम में फरवरी मार्च के महीने में बिजाई करें जबकि मॉनसून के मौसम में बिजाई के लिए जून जुलाई का महीना उपयुक्त होता है और पतझड़ के मौसम में बिजाई अक्तूबर से नवंबर महीने में की जाती है आमतौर पर 1.8 मीटर x 1.8 मीटर फासले का प्रयोग किया जाता है उच्च घनता की रोपाई के लिए 1.5 मीटर x 1.5 मीटर फासले का प्रयोग किया जाता है नर्सरी में बीज को 1 सैं.मी. की गहराई पर बोयें बीजो की खेत में सीधे बिजाई या मुख्य खेत में नए पौधों की रोपाई की जाती है 100-120 ग्राम बीज प्रति एकड़ में प्रयोग करें मिट्टी की किस्म, जलवायु के हालातों आदि के आधार पर सिंचाई करें सर्दियों में 15 दिनों के अंतराल पर और गर्मियों में 7 दिनों के अंतराल पर सिंचाई करें तने को पानी के संपर्क में ना आने दें और खेत में पानी भी खड़ा ना होने दें पौधे की प्रौढ़ अवस्था के दौरान नदीनों की रोकथाम जरूरी होती है नदीनों की तीव्रता के आधार पर, नियमित और हल्की गोडाई करें फ्लूक्लोरालिन या बूटाक्लोर 800 मि.ली. प्रति एकड़ में डालें नदीनों की रोकथाम के लिए मलचिंग भी एक प्रभावी तरीका है पौधों की रोपाई के कुछ दिनों बाद प्लास्टिक शीट या धान की पराली या गन्ने के बचे कुचे को मलच के रूप में डालें मुख्यत: फल के पूरा आकार लेने और हरे से हल्का पीला रंग होने पर तुड़ाई की जाती है पहली तुड़ाई रोपाई के 14-15 महीनों के बाद की जा सकती है 4-5 तुड़ाइयां प्रति मौसम की जा सकती हैं धन्यवाद
Posted by tulsiram hatta bhidari
Madhya Pradesh
08-04-2020 03:27 PM
Punjab
04-13-2020 03:52 PM
Tulsiram hatta bhidari ji chane ka bhusa bechne ke lia aap nandkeshwar singh 9534906243 se samparak kar sakte hai, Thankyou.
Posted by JAGSEER Singh
Punjab
08-04-2020 03:24 PM
Punjab
04-08-2020 09:12 PM
Hanji ai free hundai hai par ohna pashuyaa di hundi hai jinda di animal husbandry department kol registration te tagging karwaya hunda hai. Eh tusi apne zile de animal husbandry department nal gal karo fir free ai kar sakde hai ji
Posted by ਚਮਕੌਰ ਸਿੱਧੂ
Punjab
08-04-2020 03:22 PM
Punjab
04-08-2020 06:48 PM
श्रीमान जी यह फंगस के हमले के कारण हो रहा है इसकी रोकथाम के लिए carbendazim @ 4gm या mancozeb @ 4gm प्रति लीटर पानी के हिसाब से स्प्रे करें।
Posted by Kaptan singh
Punjab
08-04-2020 03:21 PM
Punjab
04-09-2020 09:46 PM
Kaptan singh ji jekar combine local chaloni hai ta pass di jarurat nai hai ji. jekar kise hor state vich jana hai ta fir online pass banona pavega ji.
Posted by palwinder singh
Punjab
08-04-2020 03:15 PM
Punjab
04-09-2020 04:54 PM
palwinder ji tuc isde uperplanofix@4ml nu prati 15 litre pani de hisab nal spray karo.dhanwad
Posted by devi lal
Rajasthan
08-04-2020 03:12 PM
Punjab
04-09-2020 04:55 PM
Devi lal ji aap abhi chaulayi ya mooli ki bijai kar sakte hai iske ilava aap makka ki bijai kar sakte hai iske ilava aap gende ki bijai kar sakte hai.dhanywad
Posted by tulsiram hatta bhidari
Madhya Pradesh
08-04-2020 03:10 PM
Punjab
04-12-2020 09:26 AM
Tulsiram hatta bhidari ji Aloevera ke baby plant lene ja fir is ki contract farming ke lia aap Vivesh Sharma 9826556880 Grow Further se samparak kar sakte hai, Thankyou.
Posted by Vinod kumar
Haryana
08-04-2020 03:10 PM
Punjab
05-27-2020 05:22 PM
Vinod kumar ji meri fasal mera boyra me register karne ke lia aap www.fasalhry.in par jae, is ke bare puri jankari ke lia aap niche dia gae link par jae https://www.youtube.com/watch v=-qLlAErb0bo&t=62s
Posted by Amandeep Sidhu
Punjab
08-04-2020 03:07 PM
Punjab
04-08-2020 07:13 PM
40 feet lamba & 12 feet chodai & lagpag 5 feet dunga pit chahida hai.
Posted by jaswinder singh
Punjab
08-04-2020 03:07 PM
Punjab
04-09-2020 02:02 PM
Jaswinder ji tuci uss nu Vitum-H liquid 10ml rojana dena suru kro ate uss nu mineral mixture de nal nal Stimvet 21 tablet rojana 1 goli deo ate 21 din tak deo, iss nal vdia growth ho jawegi.
Posted by Nilesh Joshi
Rajasthan
08-04-2020 03:01 PM
Maharashtra
04-08-2020 03:08 PM
आप नींबू की खेती करने का सोच रहे है तो यह इक बहुत ही उच्चित विचार है , निम्बू की खेती के लिए तापमान 20-25*C का होना चाहिए नींबू को मिट्टी की सभी किस्मों में उगाया जा सकता है अच्छे निकास वाली हल्की मिट्टी इसकी खेती के लिए उपयुक्त होती है मिट्टी की पी एच 5.5-7.5 होनी चाहिए इन्हें हल्की क्षारीय और अम्लीय मिट्टी में उगाया à¤.... (Read More)
आप नींबू की खेती करने का सोच रहे है तो यह इक बहुत ही उच्चित विचार है , निम्बू की खेती के लिए तापमान 20-25*C का होना चाहिए नींबू को मिट्टी की सभी किस्मों में उगाया जा सकता है अच्छे निकास वाली हल्की मिट्टी इसकी खेती के लिए उपयुक्त होती है मिट्टी की पी एच 5.5-7.5 होनी चाहिए इन्हें हल्की क्षारीय और अम्लीय मिट्टी में उगाया जा सकता है अच्छे निकास वाली हल्की दोमट मिट्टी लैमन की खेती के लिए अच्छी होती है इसके लिए किस्मे जैसे के Galgal: यह किस्म निचली पहाड़ी क्षेत्रों में उगाने के लिए उपयुक्त है इसके फलों का आकार बड़ा, अंडाकार होता है पकने पर इसके फल पीले रंग के हो जाते हैं यह सख्त किस्म है जो कि ठंडे और गर्म को सहनेयोग्य है इसकी उपज अच्छी होती है यह किस्म आचार, कैंडी और स्क्वैश बनाने के लिए उपयुक्त है यह किस्म दिसंबर के महीने में पक जाती है , Eureka: यह किस्म अर्द्ध बढ़ने वाली होती है इसके छिल्के का रंग लैमन पीला होता है इसका रस स्वाद में बढ़िया और ज्यादा खट्टा होता है इसके फल अंत अगस्त महीने में पक जाते हैं, की बिजाई कर सकते है खेत की तैयारी के लिए, खेत की अच्छी तरह से जोताई, क्रॉस जोताई और अच्छे से समतल करना चाहिए पहाड़ी क्षेत्रों में ढलानों की बजाय मेंड़ पर रोपण किया जाता है ऐसे क्षेत्रों में उच्च घनत्व रोपण भी संभव है बिजाई बसंत के मौसम में, फरवरी से मार्च महीने में की जाती है पौधों के बीच 4.5x4.5 सैं.मी. फासला रखना चाहिए नए पौधों की रोपाई के लिए गड्ढों का आकार 60x60x60 सैं.मी. होना चाहिए गड्ढों में रोपाई के समय गली हुई रूड़ी की खाद 10 किलो और सिंगल सुपर फासफेट 500 ग्राम डालें नए पौधों की रोपाई के लिए गड्ढों का आकार 60x60x60 सैं.मी. होना चाहिए पौधों का प्रजनन कलियों या एयर लेयरिंग द्वारा किया जाता है पौधे के तने की अच्छी वृद्धि के लिए, ज़मीनी स्तर से 50-60 सैं.मी. नज़दीक की शाखाओं को निकाल देना चाहिए पौधे का केंद्र खुला होना चाहिए विकास की शुरूआती अवस्था में आस पास की टहनियों को निकाल देना चाहिए फसल के 1-3 वर्ष की हो जाने पर, अच्छी तरह से गला हुए गाय का गोबर 5-20 किलो और युरिया 100-300 ग्राम प्रति वृक्ष में डालें 4-6 वर्ष की फसल में, अच्छी तरह से गला हुआ गाय का गोबर 25-50 किलो और युरिया 100-300 ग्राम प्रति वृक्ष में डालें 7-9 वर्ष की फसल में, यूरिया 600-800 ग्राम और गाय का गला हुआ गोबर 60-90 किलो प्रति वृक्ष में डालें जब फसल 10 वर्ष की या इससे ज्यादा की हो जाए तो गाय का गला हुआ गोबर 100 किलो या यूरिया 800-1600 ग्राम प्रति वृक्ष में डालें नींबू की फसल को नियमित अंतराल पर सिंचाई की आवश्यकता होती है सर्दियों और गर्मियों में जीवन बचाव सिंचाई जरूर देनी चाहिए फूल आने के समय, फल लगने के समय और पौधे के अच्छे विकास के लिए सिंचाई आवश्यक है ज्यादा सिंचाई से जड़ गलन और तना गलन की बीमारियों का खतरा होता है उच्च आवृत्ति की सिंचाई फायदेमंद होती है नमकीन पानी फसल के लिए हानिकारक होता है धन्यवाद
Posted by Mandeep singh
Punjab
08-04-2020 02:56 PM
Punjab
04-09-2020 02:05 PM
Mandeep ji jekar cow nu saran di smasia ho gyi hai tan uss nu operate krwana pwega.
Posted by Manpreet Singh
Punjab
08-04-2020 02:53 PM
Punjab
04-08-2020 06:50 PM
ਮਨਪ੍ਰੀਤ ਜੀ, ਤੁਸੀਂ ਇਸ ਸਮੇ ਚੁਲਾਈ ਅਤੇ ਮੂਲੀ ਦੀ ਖੇਤੀ ਕਰ ਸਕਦੇ ਹੋ, ਧੰਨਵਾਦ
Posted by Arunmohan Singh
Bihar
08-04-2020 02:49 PM
Rajasthan
04-09-2020 02:08 PM
Sahiwal cow per day lagbhag 15-16 litre dudh de deti hai.
Posted by बसन्त कुमार महतो
Jharkhand
08-04-2020 02:49 PM
Punjab
04-09-2020 05:24 PM
8-10 टन रूड़ी की खाद खेत में डालें । खेत में 25 किलो नाइट्रोजन, 16 किलो फासफोरस और 15 किलो पोटाश प्रति एकड़ डालें । (55 किलो यूरिया, 100 किलो सिंगल सुपरफासफेट और 25 किलो पोटाश) पूरी फासफोरस, पोटाश और एक तिहाई नाईट्रोजन बीज बीजने के बाद खेत में डालें । बाकी की नाईट्रोजन की दूसरी किश्त बेलों के आस पास डालें और मिट्टी में पूरी तà.... (Read More)
8-10 टन रूड़ी की खाद खेत में डालें । खेत में 25 किलो नाइट्रोजन, 16 किलो फासफोरस और 15 किलो पोटाश प्रति एकड़ डालें । (55 किलो यूरिया, 100 किलो सिंगल सुपरफासफेट और 25 किलो पोटाश) पूरी फासफोरस, पोटाश और एक तिहाई नाईट्रोजन बीज बीजने के बाद खेत में डालें । बाकी की नाईट्रोजन की दूसरी किश्त बेलों के आस पास डालें और मिट्टी में पूरी तरह मिला दें । फसल के 10-15 दिन बीजने के बाद एन पी के (19:19:19) + लघु तत्व 2-3 ग्राम प्रति लीटर पानी में मिला के स्प्रे करें । फूलों को गिरने से बचाने के लिए और ज्यादा पैदावार लेने के लिए 10 प्रतिशत 3 मि.ली. हयूमिक एसिड + 5 ग्राम एम ए पी प्रति लीटर का फूल आने पर प्रयोग करें। सैलीसाइलिक एसिड (एसपरिन 350 एम जी 4-5 गोलियां) प्रति 15 लीटर फूल आने पर , पकने पर 30 दिनों बाद स्प्रे करें। फसल बीजने के 55 दिनों के बाद 100 ग्राम 13:0:45+25 मि.ली. हैकसाकोनाज़ोल प्रति 15 लीटर को फलों के अच्छे विकास और सफेद रोग से बचाने के लिए स्प्रे करें। फल के अच्छे आकार के लिए मिठास और रंग के लिए बीजने के 65 दिनों बाद 1.5 किलो 0:0:50 प्रति एकड़ को 100 ग्राम प्रति 15 लीटर पानी में घोल के स्प्रे करें।
Posted by manpreet singh
Punjab
08-04-2020 02:48 PM
Punjab
04-09-2020 02:10 PM
ਜੇਕਰ ਤੁਸੀ ਮੱਛੀ ਪਾਲਣ ਦਾ ਕੰਮ ਸ਼ੁਰੂ ਕਰਨਾ ਚਾਹੁੰਦੇ ਹੋ ਤਾਂ ਤੁਸੀ ਇਸਦੀ ਟ੍ਰੇਨਿੰਗ ਲੈ ਕੇ ਸ਼ੁਰੂ ਕਰ ਸਕਦੇ ਹੋ ਅਤੇ ਸ਼ੁਰੂਆਤ ਤੁਸੀ ਇਕ ਏਕੜ ਤੋਂ ਕਰ ਸਕਦੇ ਹੋ ਅਤੇ ਇਸਦੀ ਟ੍ਰੇਨਿੰਗ ਲੈਣ ਲਈ ਤੁਸੀ Sh. Jasbir Singh, CEO Addl.charge ADF 01874-243189 adfgurdaspur@gmail.com 98143-32088 ਨਾਲ ਸੰਪਰਕ ਕਰ ਸਕਦੇ ਹੋ
Posted by Saurabh
Bihar
08-04-2020 02:23 PM
Maharashtra
04-08-2020 02:53 PM
Saurabh ji, kripya ap visthar se puchein ke ap kis fasal ki kheti ki jankari lena chahte hain taki apko iske bare mein bataya ja sake, dhanywad
Posted by Neeraj kumar
Uttar Pradesh
08-04-2020 02:17 PM
Maharashtra
04-08-2020 02:48 PM
ap dhan ke liye beej jaise ke Jaya, Chakia 59, Govind, Indrasan, Mahsud, Majhera 3, Nagina 22, Narendra-1 and Narendra-2, Pant Dhan 6, Saket 4, T9, VL Dhan 16, VL 206, Usar 1 basmati kisme jaise ke Taraori Basmati, Haryana Basmati no 1, Pusa Basmati 1121, Pusa Basmati 1, CSR 30, Shabnam ki bijai kar sakte hain, dhanywad
Posted by rohtash
Haryana
08-04-2020 02:14 PM
Punjab
04-08-2020 02:17 PM
Shri maan g kripa aap apna swal visthar se puchein toh aapko poori jankari di ja ske......
Posted by parminder singh
Punjab
08-04-2020 02:03 PM
Punjab
04-08-2020 02:18 PM
Shri maan g fruit diggan to tuc Planofix@4ml per 10 ltr pani ch mila ke spray kr skde ho.....
Posted by pankaj
Rajasthan
08-04-2020 01:57 PM
Uttar Pradesh
04-08-2020 03:37 PM
Rhizome
Posted by Manish sharma
Lakshadweep
08-04-2020 01:41 PM
Punjab
05-30-2020 01:41 PM
राशि 773 और राशि 776 यह दोनों लगभग एक जैसी है 773 भारी मिटटी में उगाई जाती है और 776 हलकी मिटटी के लिए है| यह किसम 160 -165 दिन में त्यार हो जाती है और इसकी पैदावार 25 -30 क्विंटल होती है| धन्यवाद
Posted by Pradeep Singh
Haryana
08-04-2020 01:24 PM
Punjab
04-09-2020 02:13 PM
Pardeep ji iske uppar aap Coolmac tube lgani suru kren aur pashu ka dudh niklane ke badd jldi bethne naa den.
Posted by Boby Kumar
Bihar
08-04-2020 01:22 PM
Punjab
04-09-2020 05:42 PM
बॉबी जी इस महीने में चौलाई और मूली की बिजाई की जाती है| इन सब्जियों की बिजाई आप अगले महीने से कर सकते है और बिजाई आप कतारों में कर सकते है| लौकी :-कतारों में 2.0-2.5 - और पौधों में 45-60 सैं.मी. फासले का प्रयोग करें। बैंगन :- पंक्तियों में 60 सैं.मी. और पौधों में 35-40 सैं.मी. का फासला रखें।
Posted by pankaj
Rajasthan
08-04-2020 01:18 PM
Maharashtra
04-08-2020 02:58 PM
Pankaj ji, kripya ap bataye ke apne iske konsi khaad ka istemal kiya hai or yeh bhi bataye ke isme koi keet ka hamla ya bimari to nahi hai, taki apko uske hisaab se iske bare mein jankari di ja sake, dhanywad
Posted by Aman Kang
Punjab
08-04-2020 01:10 PM
Punjab
04-09-2020 02:15 PM
ਤੁਸੀ ਉਸ ਨੂੰ CRB(ascrobic acid) injection 20ml, vitum-H injection 5ml ਲਗਵਾਓ ਅਤੇ ਲਗਾਤਾਰ 3 ਦਿਨ ਲਗਵਾਓ ਅਤੇ ਉਸ ਨੂੰ Mammidium powder 50gm ਰੋਜਾਨਾ ਦੇਣਾ ਸ਼ੁਰੂ ਕਰੋ, ਇਸ ਨਾਲ ਫਰਕ ਪੈ ਜਾਵੇਗਾ..
Posted by Sorav Sharma
Uttar Pradesh
08-04-2020 01:10 PM
Maharashtra
04-08-2020 03:04 PM
Sorav ji, mein adhik sakh ke liye ap isme NPK 191919 @ 10 gram prati litre pani ke hisaab se spray kar sakte hain, dhanywad
Posted by Sorav Sharma
Uttar Pradesh
08-04-2020 01:08 PM
Punjab
04-09-2020 05:44 PM
sorav ji aap iske liye NPK 191919@1 kilo ko 150 litre pani ke hisab se spray karen,dhanywad
Posted by Balraj Singh Shergill
Punjab
08-04-2020 01:05 PM
Punjab
04-09-2020 02:19 PM
Balraj ji jekar ehh tara de nal nal hor v heat de lashan dekha rehi hai tan tuci isdi bachedani vich utrawin-oz dwai 2 din bhrwao ate pg care tablet dinde rho fir agli varr heat vich aaun te tika bhrwao, jekar motte nale krdi hai tan golia dinde rho ate agli varr tak wait kro ji..
Posted by rahul kumar
Uttar Pradesh
08-04-2020 01:03 PM
Uttar Pradesh
04-08-2020 03:43 PM
flowering tree..... bottle bush, Bauhinia,rain tree, Amaltas, badam, foliage..... Ashok , beefwood, rubber tree, chilkan etc.. you can choose any plant.
Posted by जितेंद्र कुशवाहा
Uttar Pradesh
08-04-2020 01:02 PM
Punjab
04-08-2020 02:21 PM
श्री मान मेंथा की वृद्धि के लिए NPK 191919@1 किलो प्रती एकड़ सप्रे कर सकते हो।
Posted by Gourav
Madhya Pradesh
08-04-2020 01:02 PM
Punjab
04-09-2020 06:05 PM
गौरव जी यह कीटनाशक है यह फल छेदक की रोकथाम के लिए इस्तेमाल किया जाता है इसकी मात्रा 250 ml को प्रति एकड़ के हिसाब से स्प्रे करें|
Posted by Sandhu
Punjab
08-04-2020 12:58 PM
Punjab
04-09-2020 06:08 PM
sandhu ji tuc mooli ja chaulayi di bijai kar sakde ho. isto ilava tuc makki di bijai kar sakde ho.
Posted by Rajat kumar
Punjab
08-04-2020 12:47 PM
Punjab
04-08-2020 02:24 PM
श्री मान मांह की फसल में सूंडी की रोकथाम के लिए आप QUINALPHOS@500 mlप्रती एकड़ 100 लीटर पानी में मिलाकर सप्रे कर सकते हो।
Posted by kishor Bhadvankar
Maharashtra
08-04-2020 12:46 PM
Punjab
05-26-2020 01:53 PM
Kishor Bhadvankar ji feed lene ke lia aap Vikram Bhandari 8283832872 se samparak kar sakte hai, Thankyou.