Posted by ਅਮਰਿੰਦਰ ਪਾਲ ਸਿੰਘ
Punjab
09-04-2020 11:04 AM
ਅਮਰਿੰਦਰ ਜੀ ਚੇਰੀ ਟਮਾਟਰ ਦਾ ਬੀਜ ਤੁਹਾਨੂੰ ਲੋਕਲ ਮਾਰਕੀਟ ਤੋਂ ਮਿਲ ਜਾਏਗਾ ਅਤੇ ਇਹ ਆਮ ਟਮਾਟਰ ਨਾਲੋਂ ਥੋੜਾ ਖਾਰਾ ਹੁੰਦਾ ਹੈ ਸਵਾਦ ਵਿਚ|

Posted by ਰਣਜੀਤ ਸਿੰਘ
Punjab
09-04-2020 11:03 AM
ਰਣਜੀਤ ਜੀ, ਦੇਸੀ ਤਰਾਹ ਨਾਲ ਇਲਾਜ ਲਈ ਤੁਸੀਂ ਇਕ ਘੋਲ ਤਿਆਰ ਕਰ ਸਕਦੇ ਹੋ, ਇਸ ਘੋਲ ਨੂੰ ਬਣਾਉਣ ਦੇ ਲਈ ਪਸ਼ੂ ਮੂਤਰ ਦੇਸੀ ਗਾਂ ਜਾਂ ਮੱਝ (10 ਲੀਟਰ), ਨਿੰਮ ਦੀਆਂ ਨਿਮੋਲੀਆਂ (3 ਕਿੱਲੋ) ਅਤੇ ਪੂਰੀਆਂ ਕੌੜੀਆਂ ਹਰੀਆਂ ਮਿਰਚਾਂ (2 ਕਿੱਲੋ) ਆਦਿ।ਘੋਲ ਬਣਾਉਣ ਦੀ ਵਿਧੀ:- ਉਪਰੋਕਤ ਦਿੱਤੀਆਂ ਵਸਤੂਆਂ ਨੂੰ ਲੋਹੇ ਜਾਂ ਪਿੱਤਲ ਦੇ ਬਰਤਨ ਵਿੱਚ ਪਾ ਕੇ 4 ਉਬਾਲੇ ਦਵਾਓ। ਠੰਡਾ ਹੋਣ ‘ਤੇ ਇਸਨੂੰ ਕੱਪੜੇ ਨਾਲ à.... (Read More)
ਰਣਜੀਤ ਜੀ, ਦੇਸੀ ਤਰਾਹ ਨਾਲ ਇਲਾਜ ਲਈ ਤੁਸੀਂ ਇਕ ਘੋਲ ਤਿਆਰ ਕਰ ਸਕਦੇ ਹੋ, ਇਸ ਘੋਲ ਨੂੰ ਬਣਾਉਣ ਦੇ ਲਈ ਪਸ਼ੂ ਮੂਤਰ ਦੇਸੀ ਗਾਂ ਜਾਂ ਮੱਝ (10 ਲੀਟਰ), ਨਿੰਮ ਦੀਆਂ ਨਿਮੋਲੀਆਂ (3 ਕਿੱਲੋ) ਅਤੇ ਪੂਰੀਆਂ ਕੌੜੀਆਂ ਹਰੀਆਂ ਮਿਰਚਾਂ (2 ਕਿੱਲੋ) ਆਦਿ।ਘੋਲ ਬਣਾਉਣ ਦੀ ਵਿਧੀ:- ਉਪਰੋਕਤ ਦਿੱਤੀਆਂ ਵਸਤੂਆਂ ਨੂੰ ਲੋਹੇ ਜਾਂ ਪਿੱਤਲ ਦੇ ਬਰਤਨ ਵਿੱਚ ਪਾ ਕੇ 4 ਉਬਾਲੇ ਦਵਾਓ। ਠੰਡਾ ਹੋਣ ‘ਤੇ ਇਸਨੂੰ ਕੱਪੜੇ ਨਾਲ ਪੁਣ ਲਵੋ। ਘੋਲ ਤਿਆਰ ਹੈ ਅਤੇ ਫ਼ਸਲ ‘ਤੇ ਕੀਟ ਦੇ ਹਮਲੇ ਦੇ ਮੁਤਾਬਿਕ ਅੱਧਾ ਲੀਟਰ ਪ੍ਰਤੀ ਪੰਪ ਦੇ ਹਿਸਾਬ ਨਾਲ ਵਰਤੋਂ ਕਰੋ।
Posted by ਅਮਰਿੰਦਰ ਪਾਲ ਸਿੰਘ
Punjab
09-04-2020 10:58 AM
ਬੀਜ ਨੂੰ ਬੀਜਣ ਲਈ ਫਰਵਰੀ ਤੋਂ ਮਾਰਚ ਜਾਂ ਜੂਨ ਤੋਂ ਜੁਲਾਈ ਦਾ ਸਮਾਂ ਅਨੁਕੂਲ ਹੁੰਦਾ ਹੈ।1.5 ਮੀਟਰ ਚੌੜੇ ਬੈੱਡ ਦੇ ਦੋਨੋਂ ਪਾਸੇ ਬੀਜ ਬੀਜੋ ਅਤੇ ਪੌਦਿਆਂ ਵਿੱਚਲਾ ਫਾਸਲਾ 45 ਸੈ.ਮੀ. ਰੱਖੋ।ਟੋਏ ਵਿੱਚ 2.5-3 ਸੈ.ਮੀ. ਦੀ ਡੂੰਘਾਈ ਤੇ ਬੀਜ ਬੀਜੋ।ਇਸ ਦੀ ਬਿਜਾਈ ਟੋਆ ਪੁੱਟ ਕੇ ਕੀਤੀ ਜਾਂਦੀ ਹੈ।
Posted by vijay pratap singh
Uttar Pradesh
09-04-2020 10:53 AM
विजय जी, आप फल की मक्खी की रोकथाम के लिए इसमें fenvalrate @ 2 ml प्रति लीटर पानी के हिसाब से स्प्रे कर सकते हैं, धन्यवाद

Posted by Harpreet Sidhu
Punjab
09-04-2020 10:51 AM
हरप्रीत जी यह फंगस के कारण हो रहा है इसमें आप copper oxychloride @ 2 g प्रति लीटर पानी के हिसाब से स्प्रे करें इससे फर्क पड़ जाएगा।

Posted by Shiv Karan
Uttar Pradesh
09-04-2020 10:47 AM
शिव जी आप इसमें दीमक के हमले की जाँच करें यदि हमला मौजूद है तो आप इसमें chlorpyriphos @ 4 ml प्रति लीटर पानी के हिसाब से स्प्रे कर सकते हैं धन्यवाद

Posted by govindkushwaha
Uttar Pradesh
09-04-2020 10:45 AM
Govind ji, mentha ke acche vikas ke liye isme NPK 191919 @ 10 gram prati litre pani ke hisaab se spray kar sakte hain, dhanywad
Posted by Rahul Dedha
Uttar Pradesh
09-04-2020 10:44 AM
राहुल इसके लिए आप अपने नज़दीकी सरकारी डॉक्टर से संपर्क कर सकते है उनसे आपको पूरी जानकारी मिलेगी और नसल सुधार में जिस नसल का पशु है तो उसे उसी नसल का टीका भरा जाता है।

Posted by Ramchander Seemara
Punjab
09-04-2020 10:36 AM
Ramchander ji, kripya ap apna sawal visthar se puchein taki apko uske hisaab se janakri di ja sake, dhanywad
Posted by Rahul Dedha
Uttar Pradesh
09-04-2020 10:36 AM
राहुल जी उसे आप Vitakind liv liquid 50-50ml सुबह शाम, buffzon powder 50gm रोजाना और milkout powder 2—2 चम्मच सुबह शाम दें इससे फर्क पड़ जाएगा।
Posted by ਬਲਜਿੰਦਰ ਸ਼ਿੰਘ
Punjab
09-04-2020 10:34 AM
ਬਲਜਿੰਦਰ ਜੀ ਕਿਰਪਾ ਕਰਕੇ ਤੁਸੀ ਆਪਣੇ ਸਵਾਲ ਦੇ ਨਾਲ ਫੋਟੋ ਵੀ ਅੱਪਲੋਡ ਕਰੋ ਤਾਂ ਜੋ ਤੁਹਾਨੂੰ ਉਸ ਵਾਰੇ ਸਹੀ ਜਾਣਕਾਰੀ ਦਿਤੀ ਜਾ ਸਕੇ ..

Posted by ਅਮਰਜੀਤ ਸਿੰਘ ਮਾਨ
Punjab
09-04-2020 10:32 AM
ਅਮਰਜੀਤ ਜੀ ਇਹ ਤੱਤ ਦੀ ਕਮੀ ਹੈ ਇਸਦੇ ਲਈ ਤੁਸੀ NPK 191919 @1 ਕਿਲੋ ਨੂੰ 150 ਲੀਟਰ ਪਾਣੀ ਵਿਚ ਮਿਲਾ ਕੇ ਸਪਰੇ ਕਰੋ|
Posted by ਜਗਮੋਹਨ ਸਿੰਘ ਜਟਾਣਾ
Punjab
09-04-2020 10:24 AM
ਜਗਮੋਹਨ ਜੀ, ਇਹ fungus ਦੇ ਹਮਲੇ ਦੀ ਵਜ੍ਹਾ ਨਾਲ ਹੋ ਰਿਹਾ ਹੈ, ਤੁਸੀਂ ਇਸ ਦੀ ਰੋਕਥਾਮ ਲਈ ਇਸ ਵਿਚ carbendazim @ 4 ਗ੍ਰਾਮ ਜਾਂ mancozeb @ 4 ਗ੍ਰਾਮ ਪ੍ਰਤੀ ਲੀਟਰ ਪਾਣੀ ਦੇ ਹਿਸਾਬ ਨਾਲ ਸਪਰੇ ਕਰੋ, ਧੰਨਵਾਦ
Posted by ਹਰਵਿੰਦਰ ਸਿੰਘ
Punjab
09-04-2020 10:23 AM
ਹਰਵਿੰਦਰ ਜੀ ਤੁਸੀ ਇਸ ਨੂੰ Utrevive liquid 100-100ml ਸਵੇਰੇ ਸ਼ਾਮ, anabolite liquid 100-100ml ਸਵੇਰੇ ਸ਼ਾਮ ਅਤੇ Brotobe liquid 50ml-50ml ਸਵੇਰੇ ਸ਼ਾਮ ਰੋਜਾਨਾ ਦੇਣਾ ਸ਼ੁਰੂ ਕਰੋ, ਇਸ ਨਾਲ ਫਰਕ ਪੈ ਜਾਵੇਗਾ

Posted by zaani
Haryana
09-04-2020 10:22 AM
Zanni ji, ap bel ke sahi vikas ke liye isme vermicompost @ 4-5 kilo ke hisaab se dalein, dhanywad

Posted by Mandeep singh
Punjab
09-04-2020 10:20 AM
mandeep ji eh dono naphier bajra hai eh multicut chara hunda hai tuc dona vicho kise di vi bijai kar sakde ho eh alag alag company ne nam dite han bijai tuc kise di vi kar sakde ho,dhanwad

Posted by Harsh Deep Singh
Punjab
09-04-2020 10:19 AM
Harsh ji, tusi napier hybrid di bijai kar sakde ho, dhanwad

Posted by Harwinder singh
Punjab
09-04-2020 10:19 AM
harwinder singh ji tusi kanak di katai kar sakde ho. par mandi vich 15 aprail to hi kharid shuru hovegi ji.
Posted by Ankit Kumar Saini
Uttarakhand
09-04-2020 10:08 AM
कुमार जी कृपया आप इसकी फोटो भेजे ताकि आपको इसके बारे में पूरी जानकारी दी जा सके कि यह कीट का हमला है या बीमारी है या तत्व की कमी|

Posted by shamsher Singh
Punjab
09-04-2020 09:51 AM
आप सुंडी की रोकथाम के लिए quinalphos @ 4 ml प्रति लीटर पानी के हिसाब से स्प्रे कर सकते है।

Posted by Anubhav kumar
Uttar Pradesh
09-04-2020 09:45 AM
कुमार जी आप इसके ऊपर कीट का हमला चेक करे अगर मौजूद है तो आप इसके ऊपर imidacloprid @1.5 ml को प्रति लीटर पानी के हिसाब से स्प्रे करें|
Posted by balwinder sidhu
Punjab
09-04-2020 09:42 AM
ਬਲਵਿੰਦਰ ਜੀ ਤੇਲੇ ਦੀ ਸਪਰੇ ਜੇਕਰ ਪ੍ਰਤੀ ਬੂਟਾ 5 ਤੋਂ ਜ਼ਿਆਦਾ ਹੈ ਤਾ ਕਰੋ ਜੇਕਰ ਘੱਟ ਹੈ ਫੇਰ ਸਪਰੇ ਕਰਨ ਦੀ ਲੋੜ ਨਹੀਂ ਹੈ|

Posted by murari Yadav
Uttar Pradesh
09-04-2020 09:41 AM
murari ji aap iske liye atrazin@500 gram ko prati acre ke hisab se spray karen,dhanywad

Posted by Gurmeet Sheoran
Haryana
09-04-2020 09:39 AM
गुरमीत जी , आप अपना विस्तार पूर्वक प्रश्न पूछे जिससे कि आपको स्पष्ट रूप से जानकारी दी जा सके धन्यवाद
Posted by MONU Singh
Uttar Pradesh
09-04-2020 09:37 AM
मोनू सिंह जी नमस्कार,
नीला थोथा या तूतिया या कॉपर सल्फेट अकार्बनिक यौगिक है जिसका रासायनिक सूत्र CuSO4 है। इसे \'क्युप्रिक सल्फेट\' भी कहते हैं। कॉपर सल्फेट कई यौगिकों के रूप में पाया जाता है जिनमें क्रिस्टलन जल की मात्रा अलग-अलग होती है। उदाहरण के लिये इसका सूखा (अजलीय) क्रिस्टल सफेद या हल्के पीले-हरे रंग à¤.... (Read More)
मोनू सिंह जी नमस्कार,
नीला थोथा या तूतिया या कॉपर सल्फेट अकार्बनिक यौगिक है जिसका रासायनिक सूत्र CuSO4 है। इसे \'क्युप्रिक सल्फेट\' भी कहते हैं। कॉपर सल्फेट कई यौगिकों के रूप में पाया जाता है जिनमें क्रिस्टलन जल की मात्रा अलग-अलग होती है। उदाहरण के लिये इसका सूखा (अजलीय) क्रिस्टल सफेद या हल्के पीले-हरे रंग का होता है जबकि पेंटाहाइड्रेट (CuSO4·5H2O) चमकीले नीले रंग का होता है। इसका पेन्टाहाइड्रेट रूप ही सर्वाधिक पाया जाने वाला रूप है।
कॉपर सल्फेट, कॉपर का सबसे अधिक पाया जाने वाला यौगिक है।
यह कीटनाशक के रूप में प्रयोग किया जाता है .,.धन्यवाद
Posted by Amandeep Sidhu
Punjab
09-04-2020 09:33 AM
Aman ji, eh macchar de hamle di vajah nal hi ho reha hai, tusi is vich imidacloprid @ 1.5 ml prati litre pani de hisaab nal spray kar sakde ho, dhanwad

Posted by Baldev
Punjab
09-04-2020 09:30 AM
tuci uss nu Agrimin powder 50-50gm swere sham deo ate ovumin advance tablet rojana 1 goli 21 din tak dinde rho, iss nal heat vich aa jawegi.
Posted by sunil kumar
Uttar Pradesh
09-04-2020 09:15 AM
हमारी जानकारी के मुताबिक बृध्दि हुई है जी बाकी एरिया के ऊपर निर्भर करता है जी
Posted by sachin yadav
Uttar Pradesh
09-04-2020 09:03 AM
Sachin ji, ap is keet ki roktham ke liye isme fenvalrate @ 1.5-2 ml prati litre pani ke hisaab se spray kar sakte hain, dhanywad

Posted by Robin
Punjab
09-04-2020 08:59 AM
Robin ji, kripya ap bataye ke apke kinnow ke baag mein kya dikat a rahi hai taki apko uske hisaab se iske bare mein jankari di ja sake, dhanywad

Posted by Amritpal singh
Punjab
09-04-2020 08:50 AM
ਅਮ੍ਰਿਤਪਾਲ ਜੀ 100 ਮੁਰਗੀਆਂ ਲਈ ਲਗਭਗ 200 ਵਰਗ ਫੀਟ ਲਗੇਗਾ ਅਤੇ ਇਸਦਾ ਰੇਟ ਜਿਸ ਤੋਂ ਪਿਜਰਾ ਤਿਆਰ ਕਰਵਾਓਗੇ ਉਸ ਤੋਂ ਪਤਾ ਲਗ ਜਾਵੇਗਾ ਫਿਰ ਤੁਸੀ ਉਸ ਹਿਸਾਬ ਨਾਲ ਪਿਜਰਾ ਤਿਆਰ ਕਰਵਾ ਸਕਦੇ ਹੋ
Posted by Harmeet singh
Punjab
09-04-2020 08:40 AM
Harmeet ji jekar uss saran di smasia hai tan usda operate krwa ke thik ho jawegi, tuci usda operate krwa skde ho..

Posted by simran
Punjab
09-04-2020 08:37 AM
Simran ji,
Row to Row - 1.5 -2.5 mtr
Plant to Plant - 60 - 90 cm.
recommended seed - 2-3 seed per pit

Posted by Rakesh Kumar
Bihar
09-04-2020 08:31 AM
श्रीमान जी मिर्च में Shamir@400ml प्रति एकड़ स्प्रे कर सकते हैं

Posted by ashish yadav
Uttar Pradesh
09-04-2020 08:27 AM
श्री मान पपीते की खेती को मिट्टी की व्यापक किस्मों में उगाया जा सकता है अच्छे निकास वाली पहाड़ी मिट्टी पपीते की खेती के लिए उपयुक्त होती है रेतली और भारी मिट्टी में इसकी खेती ना करें पपीते की खेती के लिए मिट्टी की पी एच 6.5-7.0 होनी चाहिए प्रसिद्ध किस्में :-Pusa Dwarf: इसके फल मध्यम आकार के और अंडाकार होते हैं यह सूखे को à¤.... (Read More)
श्री मान पपीते की खेती को मिट्टी की व्यापक किस्मों में उगाया जा सकता है अच्छे निकास वाली पहाड़ी मिट्टी पपीते की खेती के लिए उपयुक्त होती है रेतली और भारी मिट्टी में इसकी खेती ना करें पपीते की खेती के लिए मिट्टी की पी एच 6.5-7.0 होनी चाहिए प्रसिद्ध किस्में :-Pusa Dwarf: इसके फल मध्यम आकार के और अंडाकार होते हैं यह सूखे को सहनेयोग्य किस्म है यह उच्च घनत्व में रोपाई के लिए लाभदायक है Pusa Giant: इस किस्म के पौधे तेज हवा को सहनेयोग्य है यह बड़े फलों का उत्पादन करती है यह पैकिंग के लिए उपयुक्त किस्म है CO 3: इसके फल बड़े आकार के और अंडाकार होते हैं इसे ज्यादा देर तक रखने की गुणवत्ता अच्छी होती है CO 1: यह छोटे कद की किस्म है जिसके फल मध्यम आकार के होते हैं फल गोलाकार, नर्म हरा-पीला छिल्का और संतरी पीले रंग का गुद्दा होता है फल रसदार होता है और इसे ज्यादा देर तक रखने की गुणवत्ता अच्छी होती है Coorg Honey Dew: इसे सीधे तौर पर खाने के लिए और प्रक्रिया के लिए प्रयोग किया जाता है इसके फल आयताकार और गुद्दा मोटा संतरी रंग का होता है Pusa Majesty: इसके फल मध्यम आकार के, गोल होते हैं इन्हें रखने की गुणवत्ता बहुत अच्छी होती है यह किस्म 146 दिनों में कटाई के लिए तैयार हो जाती है यह किस्म जड़ गलन निमाटोड के प्रतिरोधक किस्म है Pusa Delicious: यह मध्यम लंबी किस्म है इसके फल मध्यम आकार के होते हैं, गुद्दा गहरे संतरी रंग का होता है इस किस्म को कतारों में लगाने के लिए प्रयोग किया जाता है पपीते की खेती के लिए नदीन रहित भूमि का प्रयोग करें मिट्टी के भुरभुरा होने तक खेत की जोताई करें आखिरी जोताई के समय अच्छी तरह से गली हुई रूड़ी की खाद या गाय का गला हुआ गोबर मिट्टी में अच्छी तरह मिलाकर डालें सिफारिश किए गए फासलों पर 1 मीटर x 1 मीटर x 1 मीटर आकार के गड्ढे खोदें गड्ढों को मिट्टी और रूड़ी की खाद या गाय के गले हुए गोबर से भरें प्रयोग की गई किस्म के आधार पर प्रत्येक गड्ढे पर 2-4 नए पौधों की रोपाई करें रोपाई के बाद हल्की सिंचाई करें हवा से बचाव के लिए खूंटा लगाएं बीजों को 150 गेज़ की मोटाई वाले, 25 x 10 सैं.मी. के पॉलीथीन बैग में बोयें पानी के उचित निकास के लिए पॉलीथीन बैग के निचले हिस्से में 1 मि.मी. अर्द्धव्यास का छेद करें उसके बाद पॉलीथीन बैग में समान अनुपात में रूड़ी की खाद, मिट्टी और रेत डालें बिजाई से पहले बीजों का उपचार करें रोपाई के लिए 6-7 सप्ताह के पौधों का प्रयोग करें यूरिया 150 ग्राम, फासफोरस 80 ग्राम, पोटाश 100 ग्राम प्रति वृक्ष में प्रति वर्ष डालें खादों को 4 भागों में बांटकर रोपाई के बाद पहले, तीसरे, पांचवे और सातवें महीने में डालें बसंत के मौसम में फरवरी मार्च के महीने में बिजाई करें जबकि मॉनसून के मौसम में बिजाई के लिए जून जुलाई का महीना उपयुक्त होता है और पतझड़ के मौसम में बिजाई अक्तूबर से नवंबर महीने में की जाती है आमतौर पर 1.8 मीटर x 1.8 मीटर फासले का प्रयोग किया जाता है उच्च घनता की रोपाई के लिए 1.5 मीटर x 1.5 मीटर फासले का प्रयोग किया जाता है नर्सरी में बीज को 1 सैं.मी. की गहराई पर बोयें बीजो की खेत में सीधे बिजाई या मुख्य खेत में नए पौधों की रोपाई की जाती है 100-120 ग्राम बीज प्रति एकड़ में प्रयोग करें मिट्टी की किस्म, जलवायु के हालातों आदि के आधार पर सिंचाई करें सर्दियों में 15 दिनों के अंतराल पर और गर्मियों में 7 दिनों के अंतराल पर सिंचाई करें तने को पानी के संपर्क में ना आने दें और खेत में पानी भी खड़ा ना होने दें पौधे की प्रौढ़ अवस्था के दौरान नदीनों की रोकथाम जरूरी होती है नदीनों की तीव्रता के आधार पर, नियमित और हल्की गोडाई करें फ्लूक्लोरालिन या बूटाक्लोर 800 मि.ली. प्रति एकड़ में डालें नदीनों की रोकथाम के लिए मलचिंग भी एक प्रभावी तरीका है पौधों की रोपाई के कुछ दिनों बाद प्लास्टिक शीट या धान की पराली या गन्ने के बचे कुचे को मलच के रूप में डालें मुख्यत: फल के पूरा आकार लेने और हरे से हल्का पीला रंग होने पर तुड़ाई की जाती है पहली तुड़ाई रोपाई के 14-15 महीनों के बाद की जा सकती है 4-5 तुड़ाइयां प्रति मौसम की जा सकती हैं धन्यवाद

Posted by Sahib Sarao
Punjab
09-04-2020 08:26 AM
ਤੁਸੀ ਉਸ ਨੂੰ ਕਾਲੀਆ ਮਿਰਚਾਂ 100 ਗ੍ਰਾਮ ਲਿਆ ਕੇ 20 ਗ੍ਰਾਮ ਰੋਜਾਨਾ ਦੇਣੀਆਂ ਸ਼ੁਰੂ ਕਰੋ, ਇਸਦੇ ਨਾਲ ਤੁਸੀ ਸਬਜ਼ੀ ਵਾਲਾ ਪੇਠਾ 1 ਕਿਲੋ ਰੋਜਾਨਾ ਖਿਲਾਓ, 5 ਦਿਨ ਦੇਣ ਨਾਲ ਫਰਕ ਪੈ ਜਾਵੇਗਾ, ਇਸਨੂੰ carpade injection 10ml ਲਗਵਾਓ, ਇਹ carries company ਦਾ ਪ੍ਰੋਡਕਟ ਹੈ ਜਾਂ ਤੁਸੀਂ cortalife injection ਲਗਵਾ ਸਕਦੇ ਹੋ ,ਇਨ੍ਹਾਂ ਵਿੱਚੋਂ ਕੋਈ ਵੀ ਇੱਕ ਲਗਵਾਓ..
Posted by bhojraj
Madhya Pradesh
09-04-2020 08:18 AM
श्री मान रस चूसक कीटों की रोकथाम के लिए आप Imidacloprid@1.5ml प्रती लीटर पानी में मिलाकर और सूंडी की रोकथाम के लिए आप coragen@40ml प्रती एकड़ सप्रे कर सकते हो।
Posted by bhojraj
Madhya Pradesh
09-04-2020 08:11 AM
श्री मान रस चूसक कीटों की रोकथाम के लिए आप Imidacloprid@1.5ml प्रती लीटर पानी में मिलाकर और सूंडी की रोकथाम के लिए आप coragen@40ml प्रती एकड़ सप्रे कर सकते हो।
Posted by Talwinder singh
Punjab
09-04-2020 08:07 AM
Talwinder ji tuc apni kanak ghr store kar lain ji ja khet vich rakh lain jado coupon di miti hove ta cooperative society vicho sand mil jande han. aukhe same ate corona virus de faila nu rokan de layi savdhaniyan vartde hoye shanti rakhan di vi jrurat hai.

Posted by om
Uttar Pradesh
09-04-2020 08:05 AM
ओम जी नमस्कार , आप ककड़ी की फसल पर 0.2% मेटासिस्टॉक्स / 0.05 प्रतिशत क्लोरोप्लास्ट क्लोरोपायरीफास अथवा बीज की बुवाई से पहले 500 किलो नीम की खली प्रति हेक्टेयर की दर से भूमि में डालें अथवा 0.05% डेमाटोन का छिड़काव कर सकते हैं....

Posted by Ashish Nigam
Madhya Pradesh
09-04-2020 07:57 AM
उसे आप Enerdyna liquid 100-100ml सुबह शाम, Lactomax tablet 10—10 गोलियां रोजाना सुबह शाम दें बाकि आप उसे अच्छी मात्रा में हरा चारा डालें।
Posted by जितेंद्र कुशवाहा
Uttar Pradesh
09-04-2020 07:56 AM
सरसों मुख्यतः गेहूँ, जौ, चना, मसूर व शरदकालीन गन्ना के साथ मिलाकर बोयी जाती है। आलू व सरसों की सह फसली खेती 3:1 अनुपात में की जाती है । शरदकालीन गन्ने की दो पंक्तियों के मध्य एक पंक्ति सरसो की बोई जा सकती है। गेहूँ और सरसों (9: 1), चना और सरसों (3: 1), तथा तोरिया और मसूर (1: 1) की अन्तः फसली खेती भी लाभप्रद पाई गई है।
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