Posted by satya
Rajasthan
14-04-2020 09:15 AM
सत्य जी, यह किसे तत्व की कमी के कारण हो जाता है अगर आपके पेड़ में फल गिर रहे हैं तो आप इसमें planofix @ 4 ml को 15 लीटर पानी में मिला कर स्प्रे करें, इससे फल गिरने बंद हो जाये गे, धन्यवाद
Posted by narendra mahla
Rajasthan
14-04-2020 09:13 AM
इसे मिट्टी की कई किस्मों में उगाया जा सकता है अच्छी उपज और अच्छी वृद्धि के लिए गहरी दोमट और जलोढ़ मिट्टी की आवश्यकता होती है यह दोमट और हल्की क्षारीय मिट्टी को भी सहनेयोग्य है इसे हल्की मिट्टी में भी उगाया जा सकता है अनार की खेती के लिए मध्यम और काली मिट्टी भी उपयुक्त रहती है Ganesh: इसके फल मध्यम आकार के होते हैà¤.... (Read More)
इसे मिट्टी की कई किस्मों में उगाया जा सकता है अच्छी उपज और अच्छी वृद्धि के लिए गहरी दोमट और जलोढ़ मिट्टी की आवश्यकता होती है यह दोमट और हल्की क्षारीय मिट्टी को भी सहनेयोग्य है इसे हल्की मिट्टी में भी उगाया जा सकता है अनार की खेती के लिए मध्यम और काली मिट्टी भी उपयुक्त रहती है Ganesh: इसके फल मध्यम आकार के होते हैं छिल्का पीले रंग के साथ गुलाबी लाल रंग का होता है इसके जूस में टी एस एस की मात्रा 13 से 16 प्रतिशत होती है इसके फलों की पैदावार 6-7 टन प्रति एकड़ में होती है Kandhari: इसके फल बड़े आकार के, पीले रंग का छिल्का और लाल रंग के धब्बे होते हैं इसके रस में टी एस एस की मात्रा 13-15 प्रतिशत होती है इसकी औसतन पैदावार 4-4.8 टन प्रति एकड़ होती है Jyothi: यह किस्म छोटे कद की और सदाबहार होती है इसके दानों के भार के आधार पर रस की औसतन मात्रा 75 प्रतिशत होती है इसके रस में टी एस एस की मात्रा 17 प्रतिशत होती है इसकी औसतन पैदावार 3.2 टन प्रति एकड़ होती है मिट्टी के भुरभुरा होने तक खेत की 2-3 बार जोताई करें उसके बाद खेत को समतल करने के लिए सुहागा फेरें बसंत के मौसम में रोपाई के लिए फरवरी-मार्च का समय उपयुक्त होता है और उष्ण कटिबंधीय और उप उष्ण कटिबंधीय क्षेत्रों में रोपाई के लिए जुलाई - अगस्त का समय उपयुक्त होता है मिट्टी की किस्म और जलवायु के आधार पर उपयुक्त फासला दें अनार की खेती के लिए वर्गाकार में 5मीटर x 5 मीटर फासले का प्रयोग किया जाता है बिजाई के लिए 60 x 60 x 60 मीटर आकार के खड्ढे खोदें पखवाड़े तक खड्ढों को धूप में खुला रखें उसके बाद 20 किलो रूड़ी की खाद और 1 किलो सुपर फास्फेट को मिट्टी में मिलाकर खड्ढों में भरें खड्ढों को भरने के बाद पानी डालें यह मिट्टी को व्यवस्थित करेगा मुख्य खेत में नए पौधों का रोपण किया जाता है अनार का प्रजणन एयर लेयरिंग विधि द्वारा किया जाता है एयर लेयरिंग बसंत के मौसम के साथ साथ नवंबर दिसंबर के महीने में किया जाता है एयर लेयरिंग के लिए 1 से 2 साल के पुराने, सेहतमंद और पैसिंल की मोटाई जितनी 45-60 सैं.मी. परिपक्व टहनियां लें बिजाई से पहले नए पौधों और कटिंग को IBA के घोल 1000 पी पी एम 1 ग्राम प्रति लीटर पानी में डुबोकर रखें नदीनों की रोकथाम के लिए मलचिंग की जा सकती है नदीनों की रोकथाम के साथ साथ मिट्टी में नमी रहने में मदद करता है और भाप बनकर उड़ने को भी कम करता है कटाई और छंटाई ताजी सेहतमंद टहनियों की वृद्धि करने में मदद करती है बीमारी से प्रभावित शाखाओं और शाखाओं के ज्यादा बने गुच्छों को भी निकाल दें यह पौधे के आकार को उचित बनाए रखता है इसे बिजाई के 4 साल तक फल आना शुरू होता है धन्यवाद

Posted by anil Jakhar
Haryana
14-04-2020 09:11 AM
Anil ji, mausam vibhag ke anusaar ane vale shanivaar ko badal shaye rehne ki sambhavna hai baki ke din mausam saaf rahe ga, dhanywad

Posted by surendra kumar
Uttar Pradesh
14-04-2020 09:01 AM
मैदानी क्षेत्रों में, इसकी बिजाई के लिए सितंबर से जनवरी का महीना उपयुक्त होता है जबकि पहाड़ी क्षेत्रों के लिए मार्च से अगस्त का महीना उपयुक्त होता है। अच्छी गुणवत्ता वाली मूली लेने के लिए नवंबर से दिसंबर के महीने में बिजाई करें।
Posted by Shivam Avasthi
Uttar Pradesh
14-04-2020 08:54 AM
श्रीमान जी, अगर आप उगी हुई घास की बात कर रहे है तो इसके लिए आप atrazine @ 500 gram को 150 लीटर पानी में मिला कर प्रति एकड़ के हिसाब से स्प्रे कर सकते हैं, इससे तेह ख़तम हो जायेगा, धन्यवाद
Posted by vineet jaiswal
Uttar Pradesh
14-04-2020 08:47 AM
Vineet ji tuci jo v training lena chahunde ho ohh tuhanu lockdown khatam hoon ton badd mill skdi hai..
Posted by Rajender
Haryana
14-04-2020 08:34 AM
Rajendra ji, kripya ap apna sawal visthar se puchein ke apke kinnow mein konsi disease hai taki apko uske hisaab se iske bare mein jankari di ja sake, dhanywad
Posted by Rakesh jangid
Rajasthan
14-04-2020 08:32 AM
राकेश जी, इस कीट की रोकथाम के लिए आप अपने पौधे में नीम के तेल की स्प्रे कर सकते हैं, इसकी मात्रा 4 ml प्रति लीटर पानी के हिसाब से स्प्रे करें, इससे यह सही हो जायेगा, धन्यवाद
Posted by gagandeep
Punjab
14-04-2020 08:23 AM
ਗਗਨ ਜੀ, ਇਹ ਫ਼ਲ ਦੀ ਮੱਖੀ ਦੇ ਕਾਰਣ ਹੋ ਰਿਹਾ ਹੈ ਤੁਸੀਂ fenvalrate @ 2 ਗ੍ਰਾਮ ਪ੍ਰਤੀ ਲੀਟਰ ਪਾਣੀ ਦੇ ਹਿਸਾਬ ਨਾਲ ਸਪਰੇ ਕਰੋ,ਇਸਦੀ ਸਪਰੇ ਨਾਲ ਇਹ ਸਹੀ ਹੋ ਜਾਏਗਾ ਧੰਨਵਾਦ

Posted by Munish Prajapaty
Uttar Pradesh
14-04-2020 08:18 AM
Moti ki kheti bahut acha kam hai, aap iss kam ko suru krne se pehle iski training jrur len jisme apki iss kam ki puri jankari ho jayegi aur apko practical training v milegi, aap iski jankari aur training lene ke liye iss no. per 9711858258 sampark kr skte hai iska rs.250/- mai registration hota hai.

Posted by animesh
Rajasthan
14-04-2020 08:03 AM
animesh ji yeh nisrna shuru kar gayi hai iska koi ilaj nahi hai iske ilava aap iskeuper M-45 @4 gram prati litre pani ke hisab se spray karen,dhanywad

Posted by Santosh Sagar
Bihar
14-04-2020 07:57 AM
संतोष जी यह कीट का हमला है इसके लिए आप fenazaquin @ 2 ml को प्रति लीटर पानी के हिसाब से स्प्रे करें|

Posted by Navpreet singh
Punjab
14-04-2020 07:56 AM
ਨਵਪ੍ਰੀਤ ਜੀ ਇਹ ਗਰਮੀ ਦੇ ਕਾਰਨ ਹੁੰਦਾ ਹੈ ਅਤੇ ਦੂਸਰਾ ਕਾਰਨ ਬੋਰੋਨ ਦੀ ਘਾਟ ਹੈ ਇਸਦੇ ਲਈ ਤੁਸੀ ਪੌਧੇ ਨੂੰ ਹਲਕੀ ਸਿੰਚਾਈ ਕਰੋ ਅਤੇ ਬੋਰੋਨ @1 ਗ੍ਰਾਮ ਨੂੰ ਪ੍ਰਤੀ ਲੀਟਰ ਪਾਣੀ ਦੇ ਹਿਸਾਬ ਨਾਲ ਸਪਰੇ ਕਰੋ|

Posted by Nirbhay singh
Punjab
14-04-2020 07:52 AM
ehh tuci 3 month de badd calf nu 8 month di umar tak de skde ho ehh tuci 300gm ton suru krke 1kg tak usde khan ate umar de hisab nal de skde ho.

Posted by Murari Kumar Chauhan
Bihar
14-04-2020 07:50 AM
मुरारी जी, खेत की हल से जोताई करें और खेत को नदीनों और ढेलियों रहित करें। प्रत्येक जोताई के बाद सुहागा फेरें। खेत की तैयारी के समय अच्छी तरह से गली हुई रूड़ी की खाद 5-10 टन प्रति एकड़ मिट्टी में मिलाएं| अच्छी तरह से ना गली हुई रूड़ी की खाद को ना डालें। इससे जड़ें दोमुंही हो जाती हैं। बिजाई के लिए समतल बैड या मेढ़à¥.... (Read More)
मुरारी जी, खेत की हल से जोताई करें और खेत को नदीनों और ढेलियों रहित करें। प्रत्येक जोताई के बाद सुहागा फेरें। खेत की तैयारी के समय अच्छी तरह से गली हुई रूड़ी की खाद 5-10 टन प्रति एकड़ मिट्टी में मिलाएं| अच्छी तरह से ना गली हुई रूड़ी की खाद को ना डालें। इससे जड़ें दोमुंही हो जाती हैं। बिजाई के लिए समतल बैड या मेढ़ों का ही प्रयोग करें। आप मूली की किस्मे जैसे के Japanese white, Pusa chetki, Pusa Deshi, Pusa Reshmi, Arka Nishant, Pusa Himani, Kashi Shweta, Kashi Hans, Jaunpuri Giant or Newari की बिजाई कर सकते हैं, धन्यवाद

Posted by chhagan patel
Rajasthan
14-04-2020 07:46 AM
श्रीमान जी आप NPK 13:00:45@10 gm प्रति लीटर पानी में मिलाकर स्प्रे करें ?

Posted by Amit
Haryana
14-04-2020 07:44 AM
अमित जी एलोवेरा बेचने के लिए आप Narender Kumar 9950708819, Ishu Rana / Vinod Rana 9910001588, 9958943020 से सम्पर्क कर सकते है धन्यवाद

Posted by Amit
Haryana
14-04-2020 07:38 AM
श्री मान आप गेहूं की कटाई के बाद नरमा, गुआर, करेला, तोरी, कद्दू, भिंडी आदि की बिजाई कर सकते हो।

Posted by Santosh Sagar
Bihar
14-04-2020 07:37 AM
श्री मान बैंगन में आप M-45@500 ग्राम प्रति एकड़ सप्रे कर सकते हो।
Posted by Shyam Narayan Singh
Jharkhand
14-04-2020 07:33 AM
श्री मान नींबू के पौधे के ऊपर NPK 130045@10gm प्रति लीटर पानी में मिलाकर सप्रे कर सकते हो।
Posted by Amandeep singh Dhaliwal 97804 10102
Punjab
14-04-2020 07:30 AM
zinc 21% 3grams + manganese 2.8 grams + water 1 liter
Posted by Anuj
Haryana
14-04-2020 07:29 AM
Moti ki kheti bahut acha kam hai, aap iss kam ko shuru krne se pehle iski training jrur len jisme apki iss kam ki puri jankari ho jayegi aur apko practical training v milegi, aap iski jankari aur training lene ke liye iss no. per 9711858258 sampark kr skte hai iska rs.250/- mai registration hota hai.
Posted by Gurinder Singh
Punjab
14-04-2020 07:24 AM
Posted by amardip.singh
Punjab
14-04-2020 07:21 AM
ਅਮਰਦੀਪ ਜੀ ਕਿਰਪਾ ਕਰਕੇ ਇਸਦੀ ਫੋਟੋ ਭੇਜੋ ਤਾ ਜੋ ਤੁਹਾਨੂੰ ਇਸ ਬਾਰੇ ਪੂਰੀ ਜਾਣਕਾਰੀ ਦਿਤੀ ਜਾ ਸਕੇ|
Posted by अशवनी कौशिक
Chattisgarh
14-04-2020 07:13 AM
अश्वनी जी यह कद्दू जाती फसल में नुक्सान करता है| धन्यवाद

Posted by s
Haryana
14-04-2020 07:03 AM
Shri maan g anar mein aap NPK 13:00:45@10 gm per litre paani mein mila kr spray kr skte ho.....

Posted by kamalpreet singh
Punjab
14-04-2020 07:02 AM

Posted by Shyam Sunder
Bihar
14-04-2020 06:48 AM
श्रीमान जी कृपया फसल की फोटो भेजें ताकि आपको पूरी जानकारी दी जा सके।
Posted by Daya singh
Punjab
14-04-2020 06:42 AM
ਤੁਸੀ ਉਸ ਨੂੰ Keeper plus ਪਾਊਡਰ 30 ਗ੍ਰਾਮ ਰੋਜਾਨਾ 20 ਦਿਨ ਤਕ ਦਿਓ ਅਤੇ ਉਸ ਨੂੰ ਠੰਡਾ ਟੀਕਾ ਲਗਵਾਓ ਜੀ
Posted by Gagandeep singh
Punjab
14-04-2020 06:35 AM
ਤੁਸੀ ਉਸ ਨੂੰ 250 ਗ੍ਰਾਮ ਰਾਵ ਖੰਡ, 100 ਗ੍ਰਾਮ ਬੱਗਾ ਜੀਰਾ ਉਬਾਲ ਕੇ , 250 ਗ੍ਰਾਮ ਡਾਲਡਾ ਘਿਓ ਤੇ 100 ਗ੍ਰਾਮ ਨਿੰਬੂ ਪਾ ਕੇ ਠਾਰ ਕੇ 7-10 ਦਿਨ ਦਿਉ, ਇਸ ਨਾਲ ਫਰਕ ਪੈ ਜਾਵੇਗਾ..

Posted by Satish Rathore
Rajasthan
14-04-2020 06:33 AM
यह सख्त किस्म की फसल है और इसकी पैदावार के लिए हर तरह की मिट्टी अनुकूल होती है, जिसमें हल्की से लेकर भारी और कम निकास वाली मिट्टी भी शामिल है इसकी पैदावार 6.5 से 7.5 पी एच वाली मिट्टी में भी की जा सकती है अच्छी पैदावार के लिए इसे गहरे तल, अच्छे निकास वाली रेतली चिकनी मिट्टी से लेकर चिकनी मिट्टी में बीजना चाहिए . अमà¤.... (Read More)
यह सख्त किस्म की फसल है और इसकी पैदावार के लिए हर तरह की मिट्टी अनुकूल होती है, जिसमें हल्की से लेकर भारी और कम निकास वाली मिट्टी भी शामिल है इसकी पैदावार 6.5 से 7.5 पी एच वाली मिट्टी में भी की जा सकती है अच्छी पैदावार के लिए इसे गहरे तल, अच्छे निकास वाली रेतली चिकनी मिट्टी से लेकर चिकनी मिट्टी में बीजना चाहिए . अमरूद के बूटे के सही विकास और अच्छी पैदावार के लिए नदीनों की रोकथाम जरूरी है नदीनों की वृद्धि की जांच के लिए मार्च, जुलाई और सितंबर महीने में ग्रामोक्सोन 6 मि.ली. को प्रति लीटर पानी में डालकर स्प्रे करें नदीनों के अंकुरन के बाद गलाईफोसेट 1.6 लीटर को 200 लीटर पानी में मिलाकर (नदीनों को फूल पड़ने और उनकी उंचाई 15 से 20 सैं.मी. तक हो जाने से पहले) प्रति एकड़ के हिसाब से स्प्रे करें पौधों की मजबूती और सही वृद्धि के लिए कटाई और छंटाई की जरूरत होती है जितना मजबूत बूटे का तना होगा, उतनी ही पैदावार अधिक अच्छी गुणवत्ता भरपूर होगी बूटे की उपजाई क्षमता बनाए रखने के लिए फलों की पहली तुड़ाई के बाद बूटे की हल्की छंटाई करनी जरूरी है जब कि सूख चुकी और बीमारी आदि से प्रभावित टहनियों की कटाई लगातार करनी चाहिए बूटे की कटाई हमेशा नीचे से ऊपर की तरफ करनी चाहिए अमरूद के बूटे को फूल, टहनियां और तने की स्थिति के अनुसार पड़ते हैं इसलिए साल में एक बार पौधे की हल्की छंटाई करने के समय टहनियों के ऊपर वाले हिस्से को 10 सैं.मी. तक काट देना चाहिए इस तरह कटाई के बाद नईं टहनियां अकुंरन में सहायता मिलती है
Posted by umesh chandra
Uttar Pradesh
14-04-2020 05:44 AM
कृप्या आप अपना दोबारा पूछें कि आप क्या जानकारी लेना चाहते है आपके द्वारा भेजी गई ओडियो में आवाज समझ नहीं आ रही है आप साफ आवाज में दोबारा ओडियों भेजें।

Posted by Abhishek Rana
Uttar Pradesh
14-04-2020 02:28 AM
Rana ji aap ise urea@50 gram aur SSP @150 gram ko prati paudhe ke hisab se daale.dhanywad
Posted by suev alam
Uttar Pradesh
14-04-2020 01:39 AM
अच्छे जल निकास वाली दोमट मिट्टी गुलदाउदी की खेती के लिए अच्छी होती है। इसकी खेती के लिए मिट्टी की पी एच 6-7 अच्छी रहती है।Birbal Sahni: यह किस्म 121 दिनों में पक जाती है। पौधा 65 सैं.मी. लंबा होता है। पौधे के सफेद रंग के फूल होते हैं जो गुच्छों में उगते हैं और 4-8 सैं मी. व्यास होता है। इसकी औसतन पैदावार 13 क्विंटल प्रति एकड़ होतà¥.... (Read More)
अच्छे जल निकास वाली दोमट मिट्टी गुलदाउदी की खेती के लिए अच्छी होती है। इसकी खेती के लिए मिट्टी की पी एच 6-7 अच्छी रहती है।Birbal Sahni: यह किस्म 121 दिनों में पक जाती है। पौधा 65 सैं.मी. लंबा होता है। पौधे के सफेद रंग के फूल होते हैं जो गुच्छों में उगते हैं और 4-8 सैं मी. व्यास होता है। इसकी औसतन पैदावार 13 क्विंटल प्रति एकड़ होती है।
Baggi: यह किस्म 137 दिनों में पक जाती है। इसका पौधा 64 सैं.मी. लंबा होता है। पौधे के फूल सफेद रंग के गुच्छों में उगते हैं। फल का व्यास 4-8 सैं.मी. होता है। इसकी औसतन पैदावार 60 क्विंटल प्रति एकड़ होती है।Ratlaam Selection: यह किस्म 138 दिनों में पक जाती है। इसका पौधा 51 सैं.मी. लंबा होता है। पौधे के फूल हल्के पीले सफेद रंग के होते हैं। फल का व्यास 8.1सैं.मी. होता है। इसकी औसतन पैदावार 72 क्विंटल प्रति एकड़ होती है।गुलदाउदी की खेती के लिए अच्छी तरह से तैयार ज़मीन की आवश्यकता होती है। मिट्टी के भुरभुरा होने तक खेत की हैरो से 2-3 बार जोताई करना आवश्यक होता है। आखिरी जोताई के समय रूड़ी की खाद 8-10 टन प्रति एकड़ में डालें।गांठों की रोपाई फरवरी - मार्च के महीने में की जाती है और पौधे की अंतिम टहनियों की रोपाई जून-जुलाई के महीने में की जाती है।कतार से कतार और पौधे से पौधे में 30 x 30 सैं.मी. फासले का प्रयोग करें।बीजों को पॉलीथीन के लिफाफों में 1-2 सैं.मी. की गहराई में बोयें।इसके पौधे लेने के लिए आप prem raj saini 9719432296 से संपर्क कर सकते है|

Posted by Mohammad subhan
Bihar
14-04-2020 01:13 AM
Subham ji aap bihar mein goat farming kr skte hai yaddi aap dudh aur meat dono kam krna chahte hai tab aap Beetal nasal rakh skte hai aur meat ke liye aap sirohi, barbari, black bangal koi v nasal rakh skte hai.

Posted by Sanjeev
Uttar Pradesh
14-04-2020 12:50 AM
sanjeev ji bijai se pehle 8-10 ton gobar ki khad khet men daale.dhanywad

Posted by ANKIT Kumar
Haryana
13-04-2020 11:45 PM
ankit ji aap lauki, kaddu, bhindi kheera ,dhaniya ki bijai kar sakte hai.dhanywad

Posted by Robin
Punjab
13-04-2020 11:23 PM
robin ji yeh fal ki makhi hai yeh fal mein ande de deti hai jiski wjah se fal men keede ban jate hai aur fal khrab ho jata hai. iski roktham ke liye aap fenvelrate@2 ml prati litre pani ke hisab se spray karen,dhanywad

Posted by Robin
Punjab
13-04-2020 11:16 PM
robin ji ammonium sulphate odo hi kamyab hundi hai jado pH jyada hundi hai isdi matra 1 kilo prati bpotte de hisab nal varti jandi hai.April mahine vich tuc bootea nu urea pa sakde ho eh urea do hisseya vich paya janda hai pehla hissa january mahine vich ate doosra april-may mahine vich.
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