
Posted by ठाकुर बृजेश सिंह सोलंकी
Uttar Pradesh
25-04-2020 07:45 PM
बृजेश जी 10 मार्च से 10 अप्रैल तक बिजाई पूरी कर लें तराई क्षेत्रों के लिए मार्च में बिजाई पूरी कर लें अभी बहुत लेट हो या है अभी इसकी बिजाई ना करें धन्यवाद

Posted by Amarjeet
Punjab
25-04-2020 07:42 PM
ਅਮਰਜੀਤ ਜੀ ਕਿਰਪਾ ਕਰ ਕੇ ਤੁਸੀਂ ਫੋਟੋ ਭੇਜੋ ਤਾਂਜੋ ਉਹਨੂੰ ਦੇਖ ਏ ਜਾਣਕਾਰੀ ਦਿੱਤੀ ਜਾ ਸਕੇ ਧੰਨਵਾਦ

Posted by krishna kumar pandit
Bihar
25-04-2020 07:39 PM
Pandit ji kirpya aap apna swal vistar se pushen ki aap kya jankari lena chahte hai tan jo apko sahi jankari di ja skee.

Posted by Nitesh Jeph
Rajasthan
25-04-2020 07:38 PM
यदि आप गायों से डेयरी फार्म शुरू करना चाहते है तो आप जर्सी, साहीवाल गाय को रख सकते है और यदि भैसों से करना चाहते है तो आप मुर्रा नसल से कर सकते है।

Posted by Harman jit Singh Dhillon
Punjab
25-04-2020 07:37 PM
Harman ji tuci iss nu nazdiki doctor ton check krwao kyuki iss nu mastitis v ho skdi hai ja rasoli ho skdi hai isdi janch krke he sahi ilag ho skda hai.

Posted by jiledar maurya
Uttar Pradesh
25-04-2020 07:31 PM
Jiledar ji, kripya ap iski photo bhejein taki apko dekh kar iske bare mein jankari di ja sake, dhanywad

Posted by Amarjeet
Punjab
25-04-2020 07:29 PM
ਅਮਰਜੀਤ ਜੀ ਤੁਸੀ ਉਸ ਨੂੰ Biotrim injection 15ml, Zackshot inj. 20ml ਅਤੇ Halotas tablet 2-2 ਸਵੇਰੇ ਸ਼ਾਮ ਦਿਓ, ਇਸ ਨਾਲ ਫਰਕ ਪੈ ਜਾਵੇਗਾ
Posted by Anil Yadav
Haryana
25-04-2020 07:23 PM
श्री मान नरमा की किस्में जैसे कि भारी जमीन के लिए RCH 773,Bayer SP7272,US71 और हल्की जमीन के लिए आप RCH 776,Bayer SP 7172,US51 आदि की बिजाई कर सकते हो।खादें और सिंचाई के साधनों के सही उपयोग और अच्छी तरह से की जोताई से कीड़ों को पैदा होने से पहले ही रोका जा सकता है कीड़ों के कुदरती दुश्मनों की भी रक्षा की जा सकती है। पौधे के उचित विकास और ज्या.... (Read More)
श्री मान नरमा की किस्में जैसे कि भारी जमीन के लिए RCH 773,Bayer SP7272,US71 और हल्की जमीन के लिए आप RCH 776,Bayer SP 7172,US51 आदि की बिजाई कर सकते हो।खादें और सिंचाई के साधनों के सही उपयोग और अच्छी तरह से की जोताई से कीड़ों को पैदा होने से पहले ही रोका जा सकता है कीड़ों के कुदरती दुश्मनों की भी रक्षा की जा सकती है। पौधे के उचित विकास और ज्यादा टिंडे वाली टहनियों की प्रफुल्लता के लिए, मुख्य टहनी के बढ़ रहे हिस्से को लगभग 5 फुट की ऊंचाई से काट दें। देसी कपास की किस्मों क लिए नाइट्रोजन 20 किलो (यूरिया 44 किलो) और फासफोरस 10 किलो (एस एस पी 63 किलो) प्रति एकड़ में डालें। हाइब्रिड कपास की किस्मों के लिए खादों की दोहरी मात्रा नाइट्रोजन 40 किलो और फासफोरस 20 किलो प्रति एकड़ में डालें। मिट्टी की जांच के आधार पर पोटाश डालें। फासफोरस की पूरी मात्रा और पोटाश यदि जरूरत हो तो और नाइट्रोजन की आधी मात्रा बिजाई से पहले आखिरी जोताई के समय डालें। नाइट्रोजन की बाकी बची मात्रा फूल निकलने के समय डालें। यदि मिट्टी में जिंक की कमी हो तो जिंक सल्फेट 10 किलो मिट्टी में बीज बोने से पहले डालें।घुलनशील खादें : यदि बिजाई के 80-100 दिनों के बाद फसल को फूल ना निकलें या फूल कम हों तो फूलों की पैदावार बढ़ाने के लिए ज्यादा सूक्ष्म तत्व खाद 750 ग्राम प्रति एकड़ प्रति 150 लीटर पानी की स्प्रे करें। बी.टी किस्मों की पैदावार बढ़ाने के लिए बिजाई के 85, 95 और 105 दिनों के बाद 13:0:45 के अनुसार 10 ग्राम या पोटाश 5 ग्राम प्रति लीटर पानी की स्प्रे शाम के समय करें। अधिक पैदावार प्राप्त करने के लिए पोटाशियम 10 ग्राम प्रति लीटर और डी.ए.पी. 20 ग्राम प्रति लीटर (पहले फूल खिलने के प्रत्येक 15 दिनों के फासले पर 2-3 स्प्रे) की स्प्रे करें। कई बार वर्गाकार लार्वा गिरता है और इससे फूल झड़ने शुरू हो जाते हैं, इसकी रोकथाम के लिए प्लानोफिक्स (एन ए ए) 4 मि.ली. और ज्यादा सूक्ष्म तत्व 120 ग्राम, मैगनीश्यिम सल्फेट 150 ग्राम प्रति 15 लीटर पानी की स्प्रे करें। यदि खराब मौसम के कारण टिंडे झड़ते दिखाई दें तो इसकी रोकथाम के लिए 100 ग्राम 00:52:34+30 मि.ली. हयूमिक एसिड (12 प्रतिशत से कम)+6 मि.मी. स्टिकर को 15 लीटर पानी में मिलाकर 10 दिनों के फासले पर तीन स्प्रे करें। आज कल पत्तों में लाली बहुत ज्यादा दिख रही है, इसका मुख्य कारण पौष्टिक तत्वों की कमी है। इसे खादों के सही उपयोग से ठीक किया जा सकता है। इस तरह करने के लिए 1 किलो मैग्नीशियम सल्फेट की पत्तियों पर स्प्रे करें और इसके बाद यूरिया 2 किलो को 100 लीटर पानी में मिलाकर स्प्रे करें।

Posted by chinu
Punjab
25-04-2020 07:16 PM
ਚੀਨੂੰ ਜੀ, ਕਿਰਪਾ ਕਰ ਕੇ ਆਪਣਾ ਸਵਾਲ ਵਿਸਥਾਰ ਨਾਲ ਪੁਛੋ ਤਾਂਜੋ ਤੁਹਾਨੂੰ ਇਸ ਬਾਰੇ ਜਾਣਕਾਰੀ ਦਿਤੀ ਜਾ ਸਕੇ ਧੰਨਵਾਦ
Posted by Lakharam lakharam
Rajasthan
25-04-2020 07:10 PM
इसे आप Hitek इंजेक्शन 1 मि.ली. प्रति 50 किलो शरीर के भार के हिसाब से चमड़ी में लगवाएं।
Posted by satnam singh somal
Punjab
25-04-2020 07:06 PM
ਸਤਨਾਮ ਜੀ ਇਹ ਕੋਈ ਰੋਗ ਨਹੀਂ ਹੈ ਇਹ ਕਿਸਮ ਦੇ ਪੱਤੇ ਹੀ ਅਜਿਹੇ ਹੁੰਦੇ ਨ ਇਸ ਵਿਚ ਕੋਈ ਸਪਰੇ ਨਾ karo

Posted by Ramkishor Rajpoot
Madhya Pradesh
25-04-2020 07:02 PM
श्री मान पपीते की खेती को मिट्टी की व्यापक किस्मों में उगाया जा सकता है अच्छे निकास वाली पहाड़ी मिट्टी पपीते की खेती के लिए उपयुक्त होती है रेतली और भारी मिट्टी में इसकी खेती ना करें पपीते की खेती के लिए मिट्टी की पी एच 6.5-7.0 होनी चाहिए प्रसिद्ध किस्में :-Pusa Dwarf: इसके फल मध्यम आकार के और अंडाकार होते हैं यह सूखे को à¤.... (Read More)
श्री मान पपीते की खेती को मिट्टी की व्यापक किस्मों में उगाया जा सकता है अच्छे निकास वाली पहाड़ी मिट्टी पपीते की खेती के लिए उपयुक्त होती है रेतली और भारी मिट्टी में इसकी खेती ना करें पपीते की खेती के लिए मिट्टी की पी एच 6.5-7.0 होनी चाहिए प्रसिद्ध किस्में :-Pusa Dwarf: इसके फल मध्यम आकार के और अंडाकार होते हैं यह सूखे को सहनेयोग्य किस्म है यह उच्च घनत्व में रोपाई के लिए लाभदायक है Pusa Giant: इस किस्म के पौधे तेज हवा को सहनेयोग्य है यह बड़े फलों का उत्पादन करती है यह पैकिंग के लिए उपयुक्त किस्म है CO 3: इसके फल बड़े आकार के और अंडाकार होते हैं इसे ज्यादा देर तक रखने की गुणवत्ता अच्छी होती है CO 1: यह छोटे कद की किस्म है जिसके फल मध्यम आकार के होते हैं फल गोलाकार, नर्म हरा-पीला छिल्का और संतरी पीले रंग का गुद्दा होता है फल रसदार होता है और इसे ज्यादा देर तक रखने की गुणवत्ता अच्छी होती है Coorg Honey Dew: इसे सीधे तौर पर खाने के लिए और प्रक्रिया के लिए प्रयोग किया जाता है इसके फल आयताकार और गुद्दा मोटा संतरी रंग का होता है Pusa Majesty: इसके फल मध्यम आकार के, गोल होते हैं इन्हें रखने की गुणवत्ता बहुत अच्छी होती है यह किस्म 146 दिनों में कटाई के लिए तैयार हो जाती है यह किस्म जड़ गलन निमाटोड के प्रतिरोधक किस्म है Pusa Delicious: यह मध्यम लंबी किस्म है इसके फल मध्यम आकार के होते हैं, गुद्दा गहरे संतरी रंग का होता है इस किस्म को कतारों में लगाने के लिए प्रयोग किया जाता है पपीते की खेती के लिए नदीन रहित भूमि का प्रयोग करें मिट्टी के भुरभुरा होने तक खेत की जोताई करें आखिरी जोताई के समय अच्छी तरह से गली हुई रूड़ी की खाद या गाय का गला हुआ गोबर मिट्टी में अच्छी तरह मिलाकर डालें सिफारिश किए गए फासलों पर 1 मीटर x 1 मीटर x 1 मीटर आकार के गड्ढे खोदें गड्ढों को मिट्टी और रूड़ी की खाद या गाय के गले हुए गोबर से भरें प्रयोग की गई किस्म के आधार पर प्रत्येक गड्ढे पर 2-4 नए पौधों की रोपाई करें रोपाई के बाद हल्की सिंचाई करें हवा से बचाव के लिए खूंटा लगाएं बीजों को 150 गेज़ की मोटाई वाले, 25 x 10 सैं.मी. के पॉलीथीन बैग में बोयें पानी के उचित निकास के लिए पॉलीथीन बैग के निचले हिस्से में 1 मि.मी. अर्द्धव्यास का छेद करें उसके बाद पॉलीथीन बैग में समान अनुपात में रूड़ी की खाद, मिट्टी और रेत डालें बिजाई से पहले बीजों का उपचार करें रोपाई के लिए 6-7 सप्ताह के पौधों का प्रयोग करें यूरिया 150 ग्राम, फासफोरस 80 ग्राम, पोटाश 100 ग्राम प्रति वृक्ष में प्रति वर्ष डालें खादों को 4 भागों में बांटकर रोपाई के बाद पहले, तीसरे, पांचवे और सातवें महीने में डालें बसंत के मौसम में फरवरी मार्च के महीने में बिजाई करें जबकि मॉनसून के मौसम में बिजाई के लिए जून जुलाई का महीना उपयुक्त होता है और पतझड़ के मौसम में बिजाई अक्तूबर से नवंबर महीने में की जाती है आमतौर पर 1.8 मीटर x 1.8 मीटर फासले का प्रयोग किया जाता है उच्च घनता की रोपाई के लिए 1.5 मीटर x 1.5 मीटर फासले का प्रयोग किया जाता है नर्सरी में बीज को 1 सैं.मी. की गहराई पर बोयें बीजो की खेत में सीधे बिजाई या मुख्य खेत में नए पौधों की रोपाई की जाती है 100-120 ग्राम बीज प्रति एकड़ में प्रयोग करें मिट्टी की किस्म, जलवायु के हालातों आदि के आधार पर सिंचाई करें सर्दियों में 15 दिनों के अंतराल पर और गर्मियों में 7 दिनों के अंतराल पर सिंचाई करें तने को पानी के संपर्क में ना आने दें और खेत में पानी भी खड़ा ना होने दें पौधे की प्रौढ़ अवस्था के दौरान नदीनों की रोकथाम जरूरी होती है नदीनों की तीव्रता के आधार पर, नियमित और हल्की गोडाई करें फ्लूक्लोरालिन या बूटाक्लोर 800 मि.ली. प्रति एकड़ में डालें नदीनों की रोकथाम के लिए मलचिंग भी एक प्रभावी तरीका है पौधों की रोपाई के कुछ दिनों बाद प्लास्टिक शीट या धान की पराली या गन्ने के बचे कुचे को मलच के रूप में डालें मुख्यत: फल के पूरा आकार लेने और हरे से हल्का पीला रंग होने पर तुड़ाई की जाती है पहली तुड़ाई रोपाई के 14-15 महीनों के बाद की जा सकती है 4-5 तुड़ाइयां प्रति मौसम की जा सकती हैं धन्यवाद
Posted by JASPREET SINGH
Punjab
25-04-2020 07:00 PM
JASPREET SINGH ji mitti di janch lai tusi Krishi Vigyan Kendra, Address: National Highway 71, Punjab 148001 nal samparak kar sakde ho, Thankyou.
Posted by jagdeep singh
Punjab
25-04-2020 06:57 PM
uss nu Milkout powder 2-2 chamch swere sham, Lactin bolus 1-1 goli swere sham deo ate calcimust gold liquid 50ml rojana deo, iss nal frak paa jawega.

Posted by Avinash
Punjab
25-04-2020 06:52 PM
Mr. Avinash, Accurate planting time is necessary for obtaining good yield. Best time of planting is when maximum and minimum temperature is from 30-32 °C and 18-20 °C respectively. For early season crop complete sowing from 25th September to 10th October. For medium duration crop, sowing should be done in first week of October to third week of October. While for late duration crop, complete sowing from third week of October to first week of November.For spring season, second fortnight of January is best time planting. thank you

Posted by Guri
Punjab
25-04-2020 06:52 PM
Guri ji, tuci PR126, PR111, PR128 di bijayi kr skde ho, dhanwad

Posted by sachin
Madhya Pradesh
25-04-2020 06:43 PM
श्री मान खरबूजे में NPK 13045@1 किलो प्रति एकड़ सप्रे कर सकते हो।
Posted by Narendra Kumar
Uttar Pradesh
25-04-2020 06:37 PM
यदि आप बड़े स्तर पर अंडो का फार्म शुरू करना चाहते है तो आप BV300 नसल को रख सकते है और यदि आप छोटे स्तर पर करना चाहते है तो आप RIR नसल रख सकते है।

Posted by Ved Parkash
Haryana
25-04-2020 06:36 PM
1509:- इसकी औसतन पैदावर 15.7 क्विंटल प्रति एकड़ है।1718:- इसकी औसतन पैदावर 17-18 क्विंटल प्रति एकड़ है।

Posted by SURESH PARMAR
Madhya Pradesh
25-04-2020 06:33 PM
सुरेश जी आप इस समय फसल जैसे धान कपास ककड़ी लोबिया उर्द गोभी खीरा लौकी कद्दू मिर्च मूली की बिजाई कर सकते है धन्यवाद
Posted by देवेन्द्र सेन
Madhya Pradesh
25-04-2020 06:28 PM
Devender ji, ap illi ki roktham ke liye isme quinalphos @ 4 ml prati litre pani ke hisaab se spray kar sakte hain, dhanywad
Posted by didar singh
Punjab
25-04-2020 06:24 PM
Didar ji jekar pkavi makki beejni hai ta tuc PMH1,PMH11 di bijai kar sakde ho. beej di matra 8-10 kilo prati acre de hisab nal beej varto.beej nu 3 gram bavistin prati kilo de hisab nal sodho.isnu urea 75-100 kilo pao ate DAP 27-55 kilo di varto karo.dhanwad
Posted by Dharmveer singh
Uttar Pradesh
25-04-2020 06:24 PM
मक्की की फसल में हाथों से 1-2 गोडाई आवश्य करें। पहली गोडाई बिजाई के 20-25 दिनों के बाद और दूसरी बिजाई के 40-45 दिनों के बाद करें। नदीनों की जांच के लिए एट्राज़िन 500 ग्राम को 100 लीटर पानी में मिलाकर बिजाई के बाद और नदीनों के अंकुरण से पहले स्प्रे करें। गोडाई के बाद खादों को टॉप ड्रेसिंग के तौर पर डालें और उसके बाद मेंड़ो .... (Read More)
मक्की की फसल में हाथों से 1-2 गोडाई आवश्य करें। पहली गोडाई बिजाई के 20-25 दिनों के बाद और दूसरी बिजाई के 40-45 दिनों के बाद करें। नदीनों की जांच के लिए एट्राज़िन 500 ग्राम को 100 लीटर पानी में मिलाकर बिजाई के बाद और नदीनों के अंकुरण से पहले स्प्रे करें। गोडाई के बाद खादों को टॉप ड्रेसिंग के तौर पर डालें और उसके बाद मेंड़ो पर मिट्टी चढ़ाएं।छंटाई और खाली जगह भरना : छंटाई का अर्थ अत्याधिक पौधे को निकालना और सिर्फ सेहतमंद पौधों को ही रखना और पौधे से पौधे में 20 सैं.मी. के फासले को बनाकर रखना। पहली गोडाई के समय छंटाई की प्रक्रिया की जाती है। पहली सिंचाई के समय जब पौधे मुख्य फसल से 4-6 दिन के हो जाये, उस समय खाली जगहों को भरें।

Posted by Bachittar Singh
Punjab
25-04-2020 06:21 PM
बचित्तर जी यह फंगस का हमला है आप इसकी रोकथाम के लिए इसमें carbendazim 4 ग्राम या mancozeb @ 4 ग्राम प्रति लीटर पानी के हिसाब से स्प्रे कर सकते हैं धन्यवाद
Posted by Prince Singh Bamniya
Punjab
25-04-2020 06:19 PM
tuci majh nu Biotrim(IM) injection 15ml, Enrofloxacin injection 15ml lgwao ate Brotone liquid 50ml rojana deo..

Posted by Dilpreet
Punjab
25-04-2020 06:04 PM
ਸੋਹਣ ਜੀ ਤੁਸੀਂ ਸਬਜ਼ੀਆਂ ਜਿਵੇਂ ਕੇ ਫੋਲਗੋਭੀ ਬੈਂਗਣ, ਪਿਆਜ ਮੂਲੀ ਮਿਰਚ ਦੀ ਬਿਜਾਈ ਕਰ ਸਕਦੇ ਹੋ ਧੰਨਵਾਦ

Posted by suneeta kumari
Uttar Pradesh
25-04-2020 06:01 PM
namaskar ji. aapko btana chahte hai ke mandi rate kender sarkar ki taraf se hi update nai hi rahe ji. ho sakta hai lockdown ke karan upload na ho rahe ho. hmari taraf se koe technical problam nai hai ji . yeh apne aap kuch dine me show ho jayege jab govt ki taraf se update hoge ji. dhaneawad.

Posted by suneeta kumari
Uttar Pradesh
25-04-2020 05:59 PM
Suneeta kumari ji aap je btae ke aap ko kis fasal ke rate ki jankari chhia ta jo aap ko sahi jankari di ja sake, Thankyou.

Posted by baljinder
Punjab
25-04-2020 05:58 PM
Baljinder ji, agar apne leader ka istemaal kiya hai ton aap maki ki bijayi na kare kiyuki leader ka asar maki pr hoga, Dhanywad
Posted by Lakharam lakharam
Rajasthan
25-04-2020 05:42 PM
उसके लिए Taktic दवाई 2 मि.ली. प्रति 1 लीटर पानी के साथ मिलाकर उसके ऊपर स्प्रे कर सकते है और आस पास भी स्प्रे करें और साफ सफाई का पूरा ध्यान रखें।

Posted by chirag fera
Rajasthan
25-04-2020 05:42 PM
jekar tuci goat farming lai loan lain tan tuci isdi training lao fir tuhanu iss kam te loan mill jawega, ehh training tuci apne nazdiki kvk ton laa skde ho, baki tuci goat farming da kam apne level te suru kro tan jyada vdia hai kyuki loan di kisat her mahine deni pendi hai ate iss kam vich her month income nhi hundi, iss lai tuci thode janwar apne level te rakh ke suru kr skde ho.

Posted by Bhoop singh
Haryana
25-04-2020 05:42 PM
Bhoop ji, aap narme ki kisme jaise BUNTY, SHRIRAM 6588, 6488, Ankur 3028, RCH 134(Rasi), RCH 650(Rasi), Rasi 653, Rasi 776. Rasi 773 , US 51 , US 71, BAYER da 7172, 7272 ki bijai kar sakte hai.iski bijai machine s eki jati hai.dhanywad
Posted by बालकिशन चौहान
Uttar Pradesh
25-04-2020 05:39 PM
बालकिशन जी यह nematodes की वजह से हो रहा है आप इसकी रोकथाम के लिए इसमें carbofuron ya furadon @ 4 gram प्रति लीटर पानी की स्प्रे कर सकते हैं धन्यवाद
Posted by Harwinder singh
Punjab
25-04-2020 05:29 PM
ਹਰਵਿੰਦਰ ਜੀ ਤੁਸੀ ਮੱਕੀ ਦੀ ਬਿਜਾਈ ਨਾ ਕਰੋ ਇਹ ਘੱਟ ਉਗੇਗੀ| ਧੰਨਵਾਦ

Posted by Dheeraj Shrimali
Madhya Pradesh
25-04-2020 05:22 PM
धीरज जी कृपया बताएं कि खेत की मिट्टी कैसी है ताकि आपको उसके हिसाब से जानकारी दी जा सके धन्यवाद

Posted by chirag fera
Rajasthan
25-04-2020 05:22 PM
chirag ji yaddi bakri ki batt kren to bakri 12-14 mahine mai gabhine hoone ke liye tyar hoti hai aur bakre ko 2-2.5 sal tak achi growth krwa ker sale kr skte hai..
Posted by Sanjay
Rajasthan
25-04-2020 05:08 PM
आप Butox दवाई को 2ml/1लीटर पानी में मिलाकर पशुओं पर छिड़काव कर सकते हैं, यदि पशु चाट ले तो इसका नुकसान नहीं है, आप यह स्प्रे पशु के मुँह को छोड़ कर बाकी शरीर पर कर सकते हैं, आप यह उनके चारे, फीड पर न करें और यह आप शाम के समय जब मक्खियां मच्छर अधिक हो, तब कर सकते हैं
Posted by ajay nayak
Jharkhand
25-04-2020 04:53 PM
ajay ji aap beetal, sirohi, barbari koi v nasal rakh skte hai.

Posted by amritpalsingh khalsa
Punjab
25-04-2020 04:47 PM
ਅੰਮ੍ਰਿਤ ਜੀ ਜੇਕਰ ਫ਼ਲ ਡਿਗ ਰਿਹਾ ਹੈ ਤਾਂ ਤੁਸੀਂ ਇਸ ਵਿੱਚ planofix @ 4 ml ਨੂੰ 15 ਲੀਟਰ ਪਾਣੀ ਵਿੱਚ ਮਿਲਾ ਕੇ ਸਪਰੇ ਕਰ ਸਕਦੇ ਹੋ ਇਸਦੇ ਨਾਲ ਫੈਲ ਕਿਰਨੇ ਬੰਦ ਹੋ ਜਾਣ ਗੇ ਧੰਨਵਾਦ

Posted by Rajesh Rawat
Madhya Pradesh
25-04-2020 04:46 PM
आप प्याज की किस्में जैसे कि एग्री फाउण्ड डार्क रेड, एन-53, भीमा सुपर की बिजाई कर सकते हैं नर्सरी तैयार करने का उचित समय मध्य जून महीने का है| नए पौधे बिजाई से 6-8 हफ्तों में रोपण के लिए तैयार हो जाते हैं| रोपण का काम अगस्त के पहले हफ्ते में खत्म कर दें|
Posted by jaspreet singh
Punjab
25-04-2020 04:44 PM
Jaspreet singh ji, jekar raitla vahan hai ta raja 44,45 27p31,27p63,25p35 vargiyan kisma beej sakde ho . Dhanwad

Posted by gagandeep singh
Punjab
25-04-2020 04:43 PM
Gagan ji, jekar sundi da hamla hoya hai tan tusi is vich ikale cyper methrin di spray hi karo isdi matra 15 litre pani vich 15-20 ml da istemal kar sakde ho, tusi is vich chlorpyriphos na mix karo, dhanwad

Posted by gagandeep singh
Punjab
25-04-2020 04:41 PM
Gagan ji, jekar sundi da hamla hoya hai tan tusi is vich ikale cyper methrin di spray hi karo isdi matra 15 litre pani vich 15-20 ml da istemal kar sakde ho, tusi is vich chlorpyriphos na mix karo, dhanwad

Posted by gurii
Punjab
25-04-2020 04:40 PM
गुरी जी आप लोकल मार्किट से इसकी पूरी जानकारी ले सकते हैं धन्वयवाद
Posted by hanuman
Rajasthan
25-04-2020 04:37 PM
निम्बू की खेती के लिए तापमान 20-25*C का होना चाहिए नींबू को मिट्टी की सभी किस्मों में उगाया जा सकता है अच्छे निकास वाली हल्की मिट्टी इसकी खेती के लिए उपयुक्त होती है मिट्टी की पी एच 5.5-7.5 होनी चाहिए इन्हें हल्की क्षारीय और अम्लीय मिट्टी में उगाया जा सकता है अच्छे निकास वाली हल्की दोमट मिट्टी लैमन की खेती के लिए अचà.... (Read More)
निम्बू की खेती के लिए तापमान 20-25*C का होना चाहिए नींबू को मिट्टी की सभी किस्मों में उगाया जा सकता है अच्छे निकास वाली हल्की मिट्टी इसकी खेती के लिए उपयुक्त होती है मिट्टी की पी एच 5.5-7.5 होनी चाहिए इन्हें हल्की क्षारीय और अम्लीय मिट्टी में उगाया जा सकता है अच्छे निकास वाली हल्की दोमट मिट्टी लैमन की खेती के लिए अच्छी होती है इसके लिए किस्मे जैसे के Galgal: यह किस्म निचली पहाड़ी क्षेत्रों में उगाने के लिए उपयुक्त है इसके फलों का आकार बड़ा, अंडाकार होता है पकने पर इसके फल पीले रंग के हो जाते हैं यह सख्त किस्म है जो कि ठंडे और गर्म को सहनेयोग्य है इसकी उपज अच्छी होती है यह किस्म आचार, कैंडी और स्क्वैश बनाने के लिए उपयुक्त है यह किस्म दिसंबर के महीने में पक जाती है , Eureka: यह किस्म अर्द्ध बढ़ने वाली होती है इसके छिल्के का रंग लैमन पीला होता है इसका रस स्वाद में बढ़िया और ज्यादा खट्टा होता है इसके फल अंत अगस्त महीने में पक जाते हैं, की बिजाई कर सकते है खेत की तैयारी के लिए, खेत की अच्छी तरह से जोताई, क्रॉस जोताई और अच्छे से समतल करना चाहिए पहाड़ी क्षेत्रों में ढलानों की बजाय मेंड़ पर रोपण किया जाता है ऐसे क्षेत्रों में उच्च घनत्व रोपण भी संभव है बिजाई बसंत के मौसम में, फरवरी से मार्च महीने में की जाती है पौधों के बीच 4.5x4.5 सैं.मी. फासला रखना चाहिए नए पौधों की रोपाई के लिए गड्ढों का आकार 60x60x60 सैं.मी. होना चाहिए गड्ढों में रोपाई के समय गली हुई रूड़ी की खाद 10 किलो और सिंगल सुपर फासफेट 500 ग्राम डालें नए पौधों की रोपाई के लिए गड्ढों का आकार 60x60x60 सैं.मी. होना चाहिए पौधों का प्रजनन कलियों या एयर लेयरिंग द्वारा किया जाता है पौधे के तने की अच्छी वृद्धि के लिए, ज़मीनी स्तर से 50-60 सैं.मी. नज़दीक की शाखाओं को निकाल देना चाहिए पौधे का केंद्र खुला होना चाहिए विकास की शुरूआती अवस्था में आस पास की टहनियों को निकाल देना चाहिए फसल के 1-3 वर्ष की हो जाने पर, अच्छी तरह से गला हुए गाय का गोबर 5-20 किलो और युरिया 100-300 ग्राम प्रति वृक्ष में डालें 4-6 वर्ष की फसल में, अच्छी तरह से गला हुआ गाय का गोबर 25-50 किलो और युरिया 100-300 ग्राम प्रति वृक्ष में डालें 7-9 वर्ष की फसल में, यूरिया 600-800 ग्राम और गाय का गला हुआ गोबर 60-90 किलो प्रति वृक्ष में डालें जब फसल 10 वर्ष की या इससे ज्यादा की हो जाए तो गाय का गला हुआ गोबर 100 किलो या यूरिया 800-1600 ग्राम प्रति वृक्ष में डालें नींबू की फसल को नियमित अंतराल पर सिंचाई की आवश्यकता होती है सर्दियों और गर्मियों में जीवन बचाव सिंचाई जरूर देनी चाहिए फूल आने के समय, फल लगने के समय और पौधे के अच्छे विकास के लिए सिंचाई आवश्यक है ज्यादा सिंचाई से जड़ गलन और तना गलन की बीमारियों का खतरा होता है उच्च आवृत्ति की सिंचाई फायदेमंद होती है नमकीन पानी फसल के लिए हानिकारक होता है धन्यवाद
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