
Posted by ਬਲਜੀਤ ਸਿੰਘ ਗਰੇਵਾਲ
Punjab
08-06-2021 12:41 PM
ਬਲਜੀਤ ਸਿੰਘ ਜੀ ਝੋਨੇ ਦੇ ਬੀਜ ਨੂੰ ਸੋਧਣ ਲਈ Carbendazim 25%+ Mancozeb 50% WS @3gm/ਕਿਲੋ ਬੀਜ ਦੇ ਹਿਸਾਬ ਵਰਤ ਸਕਦੇ ਹੋ,ਇਸ ਉੱਲੀਨਾਸ਼ਕ ਨੂੰ ਥੋੜੇ ਪਾਣੀ ਵਿੱਚ ਪਾਕੇ ਬੀਜ ਨੂੰ ਸੋਧ ਸਕਦੇ ਹੋ ਧੰਨਵਾਦ
Posted by hardeep singh
Punjab
08-06-2021 12:32 PM
ਹਰਦੀਪ ਸਿੰਘ ਜੀ, ਪਨੀਰੀ ਪੀਲੀ ਪੈਣ ਦਾ ਕਾਰਨ ਤੱਤਾਂ ਦੀ ਘਾਟ ਹੁੰਦੀ ਹੈ, ਅਗਰ ਹੁਣ ਤਕ ਤੁਸੀਂ ਯੂਰੀਆ ਨਹੀਂ ਪਾਈ ਤਾਂ 3.5kg ਯੂਰੀਆ/ਕਨਾਲ ਦੇ ਹਿਸਾਬ ਨਾਲ ਪਾਓ ਅਤੇ ਜ਼ਿੰਕ 21% @150gm ਤੇ Ferrous sulphate @150gm/ਪੰਪ ਦੇ ਹਿਸਾਬ ਨਾਲ 2-3 ਵਾਰ ਸਪਰੇਅ ਕਰ ਸਕਦੇ ਹੋ, ਧੰਨਵਾਦ
Posted by ਪ੍ਰਭਦੀਪ ਸਿੰਘ
Punjab
08-06-2021 12:12 PM
ਪ੍ਰਭਦੀਪ ਸਿੰਘ ਜੀ ਮੱਕੀ ਦਾ MSP ਰੇਟ ਲੱਗਭਗ 1760 ਦੇ ਕਰੀਬ ਹੈ, ਧੰਨਵਾਦ

Posted by Shubham singh
Madhya Pradesh
08-06-2021 11:45 AM
मशरुम की किस्में कई प्रकार की होती है जैसे कि बटन मशरुम , डीगरी, शटाकी मशरुम , पराली मशरुम , और मिलकी मशरुम. इनमे से कुछ मशरुम सर्दियो के मौसम में और कुछ गर्मीयों के मौसम में लगाये जाते है और हर मशरुम को लगाने का समय अलग अलग है जैसे बटन मशरुम का समय सितंबर से मार्च तक होता है, इससे हम 2 फसले ले सकते है, शटाकी मशरुम कà¤.... (Read More)
मशरुम की किस्में कई प्रकार की होती है जैसे कि बटन मशरुम , डीगरी, शटाकी मशरुम , पराली मशरुम , और मिलकी मशरुम. इनमे से कुछ मशरुम सर्दियो के मौसम में और कुछ गर्मीयों के मौसम में लगाये जाते है और हर मशरुम को लगाने का समय अलग अलग है जैसे बटन मशरुम का समय सितंबर से मार्च तक होता है, इससे हम 2 फसले ले सकते है, शटाकी मशरुम का समय अक्तूबर से मध्य फरवरी तक हैं, इससे हम 1 फसल ही ले सकते है, पराली मशरुम का समय अप्रैल से अगस्त तक है, इससे हम 4 फसले ले सकते है, मिलकी मशरुम का समय अप्रैल से सितंबर तक है, आप अब अप्रैल में मिलकी या पराली मशरुम लगा सकते है, पराली मशरुम के लिए आपको पराली, बीज, बांस, सेबा, आदि की जरूरत है, पराली के पूले: धान की पराली 1-1 किलो के पूले दोनो सिरो से सेबे के साथ बांध कर तैयार किये जाते है. पूले के सिरे काट कर बराबर कर लिए जाते हैं. पूलो की क्यिारी लगाना : पराली के पूलो को साफ पानी में 16-20 घंटो के लिए भिगो दें, गिले पूलो को ढलान पर रख कर अधिक पानी को निकलने दे, कमरे ईटो और बांस से एक पलेटफार्म बनाये, इस पलेटफार्म पर 5 पूलो की एक तहय लगाये, जिसके ऊपर 75 ग्राम बीज डाले. इसके ऊपर की सतह उलट होती है. इस प्रकार 5-5 पूलो की 4 सेट में 300 ग्राम बीज डाल कर कियारी तैयार की जाती है. सबसे ऊपर 2 पूलो को खोलकर रख दिए जाते हैं. मशरुम का फुटाव करना : बिजाई से 7-9 दिनो के बाद का फुटाव होने लगता है. पानी और हवा का संचार : बिजाई के 2 दिन के बाद हर रोज पानी का छिडका किया जाता है. मशरुम के फूटने के बाद हवा का संचार 6-8 घंटे प्रति दिन किया जाता है. मशरुम की तुड़ाई : मशरुम का फुटाव के बाद 1-2 दिनो के बाद तोडाई के योग्य हो जाती है. मिलकी मशरुम : मिलकी मशरुम के लिए तूडी, बीज, मोमी लिफाफे (12×16), सेबा, केसिंग,मिट्टी आदि चाहिए. तूडी की तैयारी : सूखी तुड़ी को पक्के फर्श पर खिलार कर 16-20 घंटे पा नी से गिला करे, गीली तूडी को बोरी में भर कर सेबे से बांध दे. इस बोरी को उबलते पानी में 45-50 मिनट रखें, तूडी को निकालकर पक्के फर्श पर खिलार कर ठंडा करे. यह तूडी बिजाई के लिए तैयार है. बिजाई : ठंडी तूडी में बीज मिलाकर मोमी लिफाफो में भर दें. एक मोमी लिफाफें में लगभग 2 किलो गिली तूडी और 70-80 ग्राम बीज डाला जाता है. लिफाफे के मुंह को सेबे से अच्छी तरह बांध कर कमरे में रख दे. केसिंग : बिजाई के दो तीन हफतो के बाद लिफाफे खोलकर केसिंग की 1-1.5 के सेट बना दें, केसिंग में रूडी और रेतली मिट्टी (4:1) होती है. 24 घंटो के लिए 4 प्रतिशत फारमलेन के घोल से जीवाणु रहित की जाती है. मशरुम का फुटाव: केसिंग मिट्टी डालने के लगभग 2 हफतो में मशरुम के छोटे-छोटे कण निकलने शुरू हो जाते है और 4-5 दिन के बाद तोडने योग्य हो जाते है. मशरुम की तुड़ाई लगभग 35-40 दिनो तक की जाती है. धन्यवाद।

Posted by Shubham singh
Madhya Pradesh
08-06-2021 11:44 AM
मशरुम की किस्में कई प्रकार की होती है जैसे कि बटन मशरुम , डीगरी, शटाकी मशरुम , पराली मशरुम , और मिलकी मशरुम. इनमे से कुछ मशरुम सर्दियो के मौसम में और कुछ गर्मीयों के मौसम में लगाये जाते है और हर मशरुम को लगाने का समय अलग अलग है जैसे बटन मशरुम का समय सितंबर से मार्च तक होता है, इससे हम 2 फसले ले सकते है, शटाकी मशरुम कà¤.... (Read More)
मशरुम की किस्में कई प्रकार की होती है जैसे कि बटन मशरुम , डीगरी, शटाकी मशरुम , पराली मशरुम , और मिलकी मशरुम. इनमे से कुछ मशरुम सर्दियो के मौसम में और कुछ गर्मीयों के मौसम में लगाये जाते है और हर मशरुम को लगाने का समय अलग अलग है जैसे बटन मशरुम का समय सितंबर से मार्च तक होता है, इससे हम 2 फसले ले सकते है, शटाकी मशरुम का समय अक्तूबर से मध्य फरवरी तक हैं, इससे हम 1 फसल ही ले सकते है, पराली मशरुम का समय अप्रैल से अगस्त तक है, इससे हम 4 फसले ले सकते है, मिलकी मशरुम का समय अप्रैल से सितंबर तक है, आप अब अप्रैल में मिलकी या पराली मशरुम लगा सकते है, पराली मशरुम के लिए आपको पराली, बीज, बांस, सेबा, आदि की जरूरत है, पराली के पूले: धान की पराली 1-1 किलो के पूले दोनो सिरो से सेबे के साथ बांध कर तैयार किये जाते है. पूले के सिरे काट कर बराबर कर लिए जाते हैं. पूलो की क्यिारी लगाना : पराली के पूलो को साफ पानी में 16-20 घंटो के लिए भिगो दें, गिले पूलो को ढलान पर रख कर अधिक पानी को निकलने दे, कमरे ईटो और बांस से एक पलेटफार्म बनाये, इस पलेटफार्म पर 5 पूलो की एक तहय लगाये, जिसके ऊपर 75 ग्राम बीज डाले. इसके ऊपर की सतह उलट होती है. इस प्रकार 5-5 पूलो की 4 सेट में 300 ग्राम बीज डाल कर कियारी तैयार की जाती है. सबसे ऊपर 2 पूलो को खोलकर रख दिए जाते हैं. मशरुम का फुटाव करना : बिजाई से 7-9 दिनो के बाद का फुटाव होने लगता है. पानी और हवा का संचार : बिजाई के 2 दिन के बाद हर रोज पानी का छिडका किया जाता है. मशरुम के फूटने के बाद हवा का संचार 6-8 घंटे प्रति दिन किया जाता है. मशरुम की तुड़ाई : मशरुम का फुटाव के बाद 1-2 दिनो के बाद तोडाई के योग्य हो जाती है. मिलकी मशरुम : मिलकी मशरुम के लिए तूडी, बीज, मोमी लिफाफे (12×16), सेबा, केसिंग,मिट्टी आदि चाहिए. तूडी की तैयारी : सूखी तुड़ी को पक्के फर्श पर खिलार कर 16-20 घंटे पा नी से गिला करे, गीली तूडी को बोरी में भर कर सेबे से बांध दे. इस बोरी को उबलते पानी में 45-50 मिनट रखें, तूडी को निकालकर पक्के फर्श पर खिलार कर ठंडा करे. यह तूडी बिजाई के लिए तैयार है. बिजाई : ठंडी तूडी में बीज मिलाकर मोमी लिफाफो में भर दें. एक मोमी लिफाफें में लगभग 2 किलो गिली तूडी और 70-80 ग्राम बीज डाला जाता है. लिफाफे के मुंह को सेबे से अच्छी तरह बांध कर कमरे में रख दे. केसिंग : बिजाई के दो तीन हफतो के बाद लिफाफे खोलकर केसिंग की 1-1.5 के सेट बना दें, केसिंग में रूडी और रेतली मिट्टी (4:1) होती है. 24 घंटो के लिए 4 प्रतिशत फारमलेन के घोल से जीवाणु रहित की जाती है. मशरुम का फुटाव: केसिंग मिट्टी डालने के लगभग 2 हफतो में मशरुम के छोटे-छोटे कण निकलने शुरू हो जाते है और 4-5 दिन के बाद तोडने योग्य हो जाते है. मशरुम की तुड़ाई लगभग 35-40 दिनो तक की जाती है. धन्यवाद।
Posted by Sukhvinder singh
Punjab
08-06-2021 11:41 AM
Sukhvinder Singh ji, este keet da hamla hai, esnu control krn lai neem oil ja Imidachloprid 17.8% SL @1ml/ltr paani de hisab nal spray kr skde ho, Dhanvad
Posted by sagandeep
Punjab
08-06-2021 11:27 AM
ਸਗਨਦੀਪ ਸਿੰਘ ਜੀ ਕਮਾਦ ਦੀ ਫ਼ਸਲ ਵਿੱਚ ਨਦੀਨਾਂ ਦੀ ਰੋਕਥਾਮ ਲਈ ਇਹਨਾਂ
ਦੀ 3-5 ਪੱਤਿਆਂ ਦੀ ਅਵਸਥਾ ਤੇ ਪ੍ਰਤੀ ਏਕੜ 800 ਗ੍ਰਾਮ 2,4-ਡੀ ਸੋਡੀਅਮ ਸਾਲਟ 80 ਡਬਲਯੂ ਪੀ ਦਾ ਛਿੜਕਾਅ ਕਰੋ। ਧੰਨਵਾਦ
Posted by HARMANJIT SINGH DHILLON
Punjab
08-06-2021 11:27 AM
Harmanjit ji retli jameen vich makki di kheti karn to pehla mitti test krvao ta jo pta chal ske kihde tatt di jameen vich ghat hai, mitti test krvaun to baad hi makki di bijai kro, Dhanvad
Posted by Gopal
Uttar Pradesh
08-06-2021 11:16 AM
गोपाल जी ट्राईकोडर्मा का उपयोग करने के लिए इसको गली गोबर की खाद के साथ मिलाकर हल्का पानी लगाके 3-4 दिन छाँव में रखें, 3-4 दिन बाद आप जमीन में डाल सकते हैं, धन्यवाद

Posted by Kawaldhaliwal
Punjab
08-06-2021 10:57 AM
Kawal Dhaliwal ji kinnow bor de paani te kamyab nhi, kuch sma ta sahi growth krega par baad vich baag sukan di samasya avegi, Dhanvad
Posted by Dablu bablu
Punjab
08-06-2021 10:43 AM
tuci dairy training lenn lai Deputy Director, Dairy, Room No. 302-E, 2nd Floor, New Building, Mini Sectt. Bathinda Sh. Jarnail Singh 93563-80778, 0164-2240645 nal sampark kr skde ho ate agli training da pta kr skde ho..

Posted by lakhwinder singh
Punjab
08-06-2021 10:36 AM
Lakhwinde rji palm tree da boota kirpa karke daso ke tuc indoor launa hai ja outdoor kyuki dona de tareeke alag han.dhanwad

Posted by Sapandeep Singh
Punjab
08-06-2021 10:28 AM
Sapandeep ji isdi kheti profitable hai jekar tuhanu isdi marketing da sahi andaja hai ke tuc isdi marketing kithe kar sakde ho.dhanwad
Posted by Arman Singh
Punjab
08-06-2021 10:02 AM
Arman ji ehh german shepherd mix breed hai ehh pure breed nhi hai
Posted by Toship dhalayat
Karnataka
08-06-2021 09:57 AM
toship जी आप बैंगन के इन CO1, MDU 1, Annamalai, CO 2, PKM 1, PLR 1, Pusa Purple Long, Pusa Purple Round किस्मों में से किसी एक को लगा सकते हैं
Posted by Arman Singh
Punjab
08-06-2021 09:57 AM
Arman ji ehh german shepherd mix breed hai ehh pure breed nhi hai
Posted by Navjot singh
Punjab
08-06-2021 09:53 AM
Navjot Singh ji coragen @10ml/pump de hisab nal spray kar skde ho, Dhanvad

Posted by abhay
Chattisgarh
08-06-2021 09:50 AM
अभय जी, कई बैंगन की किस्मे भी ऐसी होती हैं जिनका रंग थोड़ा अलग होता हैं और आप फफूँदी की रोकथाम के लिए Copper oxychloride @2gm/लीटर पानी के हिसाब से छिड़काव कर सकते हैं, धन्यवाद
Posted by Navjot singh
Punjab
08-06-2021 09:49 AM
Navjot Singh ji coragen @10ml/pump de hisab nal spray kar skde ho, Dhanvad

Posted by Samanjeet singh
Punjab
08-06-2021 09:38 AM
Samanjeet ji tuhade valo bhejiyan photos blurr ne jisde karke kuch pta nahi chal reha ke paudhe nu ki problem hai kirpa karke tuc isdi jad nu pat ke dekho ke isde vich jad kaali ta nahi hai jekar hai ta tuc isde uper fungicide di spray kar sakde ho,dhanwad
Posted by Suresh Chandra meghvanshi
Rajasthan
08-06-2021 08:33 AM
सुरेश जी, लहसुन की पैदावार इसकी किस्म पर निरभर करती है, इसकी पैदावार लगभग 25qtl/बिगा मिल सकती है. धन्यवाद
Posted by Suresh Chandra meghvanshi
Rajasthan
08-06-2021 08:31 AM
सुरेश जी, राजस्थान में लहसुन की बिजाई के लिए अक्तूबर से नवंबर का महीना उपयुक्त होता है।धन्यवाद

Posted by Navneet Kaur
Punjab
08-06-2021 08:07 AM
चयन जी, केले को विभिन्न किस्मों की ज़मीन में उगाया जाता है, जिसमें सबसे गरीब से लेकर सबसे अमीर किस्म की ज़मीन जैसे गहरी सिल्ट, मिट्टी, दोमट और समृद्ध दोमट मिट्टी केले की खेती के लिए सबसे उपयुक्त होती है। केले की खेती के लिए पीएच 6-7.5 वाली मिट्टी को प्राथमिकता दी जाती है। केला उगाने के लिए अच्छी जल निकासी, पर्याप्त.... (Read More)
चयन जी, केले को विभिन्न किस्मों की ज़मीन में उगाया जाता है, जिसमें सबसे गरीब से लेकर सबसे अमीर किस्म की ज़मीन जैसे गहरी सिल्ट, मिट्टी, दोमट और समृद्ध दोमट मिट्टी केले की खेती के लिए सबसे उपयुक्त होती है। केले की खेती के लिए पीएच 6-7.5 वाली मिट्टी को प्राथमिकता दी जाती है। केला उगाने के लिए अच्छी जल निकासी, पर्याप्त उर्वरता और अच्छी नमी वाली मिट्टी का चयन करें। मिट्टी जो नाइट्रोजन सामग्री से भरपूर होती है और जिसमें फास्फोरस की मात्रा पर्याप्त होती है और पोटाश की उच्च मात्रा केले की खेती के लिए अच्छी होती है। जल खड़ी हुई, खराब गैस से भरी हुई और पोषक तत्वों की कमी वाली मिट्टी से बचें। साथ ही रेतीली, लवणीय, चूनेदार और बहुत ज़्यादा चिकनी मिट्टी से भी बचें। आप Grand Naine, Red Banana, Safed Velachi, Basarai, Rasthali, Dwarf Cavendish, Robusta, Poovan, Nendran, Ardhapuri, Nyali जैसी किस्में उगा सकते हैं। गर्मियों में भूमि की कम से कम 3-4 बार अच्छी तरह जोताई करें। अंतिम जोताई के समय लगभग 10 टन FYM या अच्छी तरह से सड़ी हुई गाय का गोबर डालें और इसे मिट्टी में अच्छी तरह मिला दें। मिट्टी को समतल करने के लिए blade harrow या laser leveler का प्रयोग किया जाता है। जिन क्षेत्रों में nematode की समस्या अधिक है, वहाँ गड्ढों में रोपण से पहले nematicides और fumigants भी डाले जाते हैं। फरवरी के मध्य से मार्च के पहले सप्ताह तक बुवाई का सबसे अच्छा समय है। उत्तर भारत में, तटीय बेल्ट और उच्च आर्द्रता और कम तापमान वाले क्षेत्रों यानी कि 5-7°C से नीचे, रोपण दूरी 1.8m x 1.8m से कम नहीं होनी चाहिए। केला सकर 45 सेंटीमीटर x 45 सेंटीमीटर x 45 सेंटीमीटर या 60x60x60 सेंटीमीटर के आकार के गड्ढे में लगाया जाता है। गड्ढों को धूप में खुला छोड़ दिया जाता है; यह हानिकारक कीड़ों को मारने में मदद करेगा। गड्ढों को 10 किलो FYM या अच्छी तरह से सड़ी गोबर, Neem cake@250 ग्राम और Carbofuran@20 ग्राम से मिलाकर ऊपरी मिट्टी से भर दें। सकर को गड्ढे के बीच में लगाएं और धीरे से उसके चारों ओर मिट्टी दबा दें। गहरी रोपाई से बचें। बुवाई के लिए रोपाई विधि का उपयोग किया जाता है। यदि 1.8x1.5 मीटर की दूरी अपनाई जाती है, तो प्रति एकड़ लगभग 1452 पौधे फीट हो जाते हैं। 2mx2.5m की दूरी के लिए, एक एकड़ में 800 पौधे लगाए जाते हैं। केला एक shallow जड़ वाली फसल है जिसे उत्पादकता बढ़ाने के लिए बड़ी मात्रा में पानी की आवश्यकता होती है। अच्छी उपज के लिए कुल मिलाकर 70-75 सिंचाइयों की आवश्यकता होती है। सर्दियों में 7-8 दिनों के अंतराल पर और गर्मियों में 4-5 दिनों के अंतराल पर सिंचाई करें। वर्षा ऋतु में आवश्यकता पड़ने पर सिंचाई करें। खेत से फ़ालतू पानी निकाल दें क्योंकि यह पौधों की स्थापना और वृद्धि को प्रभावित करेगा। उन्नत सिंचाई तकनीक जैसे ड्रिप सिंचाई का उपयोग किया जा सकता है। खोज से पता चलता है कि केले में ड्रिप सिंचाई के उपयोग से लगभग 58% पानी की बचत होती है और उपज में 23-32% की वृद्धि होती है। ड्रिप सिंचाई में रोपण से चौथे महीने तक 5-10 लीटर/पौधा/दिन, 5वें से शूटिंग तक 10-15 लीटर/पौधा/दिन और शूटिंग से 15 दिन पहले तक 15 लीटर/पौधा/दिन पानी डालें। फसल की बिजाई के 11-12 महीने बाद कटाई के लिए तैयार हो जाती है। बाजार की आवश्यकता के अनुसार जब केला थोड़ा या पूरी तरह से परिपक्व हो जाए तब तुड़ाई करें। स्थानीय बाजार के लिए, फलों की तुड़ाई परिपक्वता अवस्था में करें और लंबी दूरी के परिवहन के लिए, फलों की तुड़ाई 75-80% परिपक्वता पर करें। जबकि निर्यात उद्देश्य के लिए, शिपमेंट के एक दिन पहले या उसी दिन कटाई करें। गर्मियों में फलों की तुड़ाई दिन में जल्दी करें। सर्दियों में, सुबह जल्दी कटाई करने से बचें।

Posted by Ramandeep Gill
Punjab
08-06-2021 08:07 AM
ਰਮਨਦੀਪ ਜੀ ਝੋਨੇ ਦੀ ਫ਼ਸਲ ਵਿੱਚ DAP ਦੀ ਥਾਂ ਤੇ SSP @75kg /ਏਕੜ ਦੇ ਹਿਸਾਬ ਨਾਲ ਪਾਓ, SSP ਵਰਤਣ ਨਾਲ ਸੁਲਫ਼ੁਰ ਤੱਤ ਵੀ ਫ਼ਸਲ ਨੂੰ ਮਿਲਦਾ ਹੈ, ਇਸਨੂੰ ਕੱਦੂ ਕਰਨ ਤੋਂ ਬਾਅਦ ਵਿੱਚ ਪਾਓ ਅਤੇ ਜ਼ਿੰਕ 21% @ 25 ਕਿਲੋ/ਏਕੜ ਦੇ ਹਿਸਾਬ ਨਾਲ ਝੋਨਾ ਲਗਾਉਣ ਤੋਂ ਬਾਅਦ ਪਾ ਸਕਦੇ ਹੋ, ਧੰਨਵਾਦ
Posted by ਸੋਨੀ ਮੰਗਲੀ
Punjab
08-06-2021 07:41 AM
Soni ji tuci jersey cow lenn lai Sukhwinder Singh 9814057587, 9855621810 Cheena Dairy Farm nal sampark kr skde ho.
Posted by ਪ੍ਰਭਦੀਪ ਸਿੰਘ
Punjab
08-06-2021 07:28 AM
ਤੁਸੀ ਉਸ ਨੂੰ ਗਰਮੀ ਤੋਂ ਬਚਾ ਕੇ ਰੱਖੋ ਅਤੇ ਉਸਦਾ ਬੁਖਾਰ ਜ਼ਰੂਰ ਚੈੱਕ ਕਰਵਾਓ ਅਤੇ ਇਸਦੇ ਨਾਲ ਨਾਲ ਉਸ ਨੂੰ Vitakind liv liquid 100ml, Glucomilk powder 100gm ਰੋਜਾਨਾ ਦੇਣਾ ਸ਼ੁਰੂ ਕਰੋ ਬਾਕੀ ਇਸ ਨੂੰ 1kg ਗੁਲਕੰਦ, 1kg ਆਵਲਾਂ ਕੈਂਡੀ, 1kg ਸੌਫ, 10 ਮੋਟੀਆਂ ਇਲੈਚੀਆਂ ਲਿਆ ਕੇ ਸਾਰਾ ਕੁੱਝ ਰਗੜ ਕੇ ਮਿਕਸ ਕਰ ਲਓ ਅਤੇ 5 ਹਿੱਸੇ ਕਰ ਲਵੋ ਤੇ ਇੱਕ ਹਿੱਸਾ ਰੋਜ਼ਾਨਾ ਦਿਓ.
Posted by dula singh
Rajasthan
08-06-2021 07:16 AM
Dula ji isme lagbhag 40ml dwa ka istemal kiya jayega.dhanywad

Posted by Afzal Gour
Uttar Pradesh
08-06-2021 06:54 AM
धान की रोपाई करते समय आप SSP और पोटाश डाल सकते हैं, धन्यवाद

Posted by sukhi Sidhu
Punjab
08-06-2021 06:52 AM
Sukhi ji mausam vibhag de aunsar do din ta mausam khushk hai ate shanivar nu meeh pain di sambhvana hai,dhanwad
Posted by manoj kumar
Uttar Pradesh
08-06-2021 06:50 AM
मनोज कुमार जी लौकी के ऊपर M45@5 gm प्रती लीटर पानी में मिलाकर सप्रे कर सकते हो।
Posted by ਬਿੱਟਾ
Punjab
08-06-2021 06:48 AM
ਬਿੱਟਾ ਜੀ ਕਣਕ ਦੇ ਵਿਚ ਲਗਭਗ 31000 ਤਕ ਦਾ ਖਰਚਾ ਆ ਜਾਂਦਾ ਹੈ।ਇਹ ਵੱਧ ਜਾ ਘੱਟ ਵੀ ਹੋ ਸਕਦਾ ਹੈ। ਧੰਨਵਾਦ

Posted by Harjeet sigh
Punjab
08-06-2021 05:56 AM
Harjeet g mirch ch Shamir@400ml per acre drenching +spray kr skde ho.
Posted by Niranjan Kumar
Bihar
08-06-2021 05:48 AM
Kumar ji yeh fungus hai iski roktham ke liye aap carbendazim@400 gram ko prati acre ke hisab se spray karen,dhanywad

Posted by SANDEEP SHAKYA
Rajasthan
08-06-2021 05:43 AM
संदीप जी कृपया आप अपना सवाल विस्तार से पूछे कि आप फसल की नर्सरी जून में बुवाई करना चाहते है या आप किसी फसल के बारे में जानकारी लेना चाहते है जो फल अगस्त में देना शुरू कर दे। धन्यवाद

Posted by budhraj
Uttar Pradesh
08-06-2021 05:15 AM
Budhraj ji mausam ke hisab se aj barish hone hone ki sambhavna hai.dhanywad

Posted by घनश्याम मालव
Rajasthan
08-06-2021 02:35 AM
घनश्याम जी आप अमले के पौधे लेने के लिए kaushal kisan plants 9799828615 खुशबू जी से संपर्क कर सकते है। इसके खर्चे के बारे में भी आपको जानकारी वही से मिल जाएगी। धन्यवाद

Posted by manoj singh
Bihar
08-06-2021 02:10 AM
Manoj ji, Bihar me moong ka MSP price lagbhag ₹ 7000/qtl hai, Dhanyvad

Posted by Sandeep Sharma
Punjab
07-06-2021 11:36 PM
ਸੰਦੀਪ ਜੀ ਤੇਲੇ ਦੀ ਰੋਕਥਾਮ ਲਈ Imidacloprid@2 ml ਪ੍ਰਤੀ ਲੀਟਰ ਪਾਣੀ ਚ ਮਿਲਾ ਕੇ ਸਪਰੇਅ ਕਰ ਸਕਦੇ ਹੋ ਅਤੇ ਸੁੰਡੀ ਦੀ ਰੋਕਥਾਮ ਲਈ coragen@60 ml ਪ੍ਰਤੀ ਏਕੜ ਸਪਰੇਅ ਕਰ ਸਕਦੇ ਹੋ।
Posted by karulal
Madhya Pradesh
07-06-2021 10:19 PM
Karulal ji, aap es mosam me bhindi ki bijai kar skte hain... Dhanyvad

Posted by Rohan
Punjab
07-06-2021 10:13 PM
ਰੋਹਨ ਜੀ, ਤੁਹਾਡੀ ਬੇਰੀ ਤੇ ਕੀਤਾ ਦਾ ਹਮਲਾ ਹੈ, ਇਸਦੇ ਕੰਟਰੋਲ ਲਈ ਹਮਲੇ ਵਾਲਿਆਂ ਟਾਹਣੀਆਂ ਕਟ ਕੇ ਨਸ਼ਟ ਕਰੋ ਅਤੇ Dimethoate @1ml/ਲੀਟਰ ਪਾਣੀ ਦੇ ਹਿਸਾਬ ਨਾਲ ਦੋ ਵਾਰ ਸਪਰੇਅ ਕਰ ਸਕਦੇ ਹੋ, ਧੰਨਵਾਦ

Posted by manoj singh
Bihar
07-06-2021 10:12 PM
Manoj ji, Bihar me moong ka MSP price lagbhag ₹ 7000/qtl hai, Dhanyvad

Posted by Rohan
Punjab
07-06-2021 10:12 PM
ਰੋਹਨ ਜੀ, ਤੁਹਾਡੀ ਬੇਰੀ ਤੇ ਕੀਤਾ ਦਾ ਹਮਲਾ ਹੈ, ਇਸਦੇ ਕੰਟਰੋਲ ਲਈ ਹਮਲੇ ਵਾਲਿਆਂ ਟਾਹਣੀਆਂ ਕਟ ਕੇ ਨਸ਼ਟ ਕਰੋ ਅਤੇ Dimethoate @1ml/ਲੀਟਰ ਪਾਣੀ ਦੇ ਹਿਸਾਬ ਨਾਲ ਦੋ ਵਾਰ ਸਪਰੇਅ ਕਰ ਸਕਦੇ ਹੋ, ਧੰਨਵਾਦ

Posted by Rohan
Punjab
07-06-2021 10:11 PM
ਰੋਹਨ ਜੀ, ਤੁਹਾਡੀ ਬੇਰੀ ਤੇ ਕੀਤਾ ਦਾ ਹਮਲਾ ਹੈ, ਇਸਦੇ ਕੰਟਰੋਲ ਲਈ ਹਮਲੇ ਵਾਲਿਆਂ ਟਾਹਣੀਆਂ ਕਟ ਕੇ ਨਸ਼ਟ ਕਰੋ ਅਤੇ Dimethoate @1ml/ਲੀਟਰ ਪਾਣੀ ਦੇ ਹਿਸਾਬ ਨਾਲ ਦੋ ਵਾਰ ਸਪਰੇਅ ਕਰ ਸਕਦੇ ਹੋ, ਧੰਨਵਾਦ
Posted by Syed Shahabudddin
Uttar Pradesh
07-06-2021 10:05 PM
सईद जी कृप्या इसकी फोटो भेजें ताकि आपको पूरी जानकारी दी जा सके।

Posted by abhay
Chattisgarh
07-06-2021 09:56 PM
अभय जी बैंगन के ऊपर NPK 191919@10g प्रती लीटर पानी में मिलाकर सप्रे कर सकते हो।
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