
Posted by Sae
Telangana
10-06-2021 11:12 PM
sae जी कृपया आप पौधे की पूरी फोटो भेजें ताकि आपको सही जानकारी दी जा सके। धन्यवाद

Posted by Om Prakash
Rajasthan
10-06-2021 11:01 PM
ओम प्रकाश जीपपीते की खेती को मिट्टी की व्यापक किस्मों में उगाया जा सकता है अच्छे निकास वाली पहाड़ी मिट्टी पपीते की खेती के लिए उपयुक्त होती है रेतली और भारी मिट्टी में इसकी खेती ना करें पपीते की खेती के लिए मिट्टी की पी एच 6.5-7.0 होनी चाहिए प्रसिद्ध किस्में :-Pusa Dwarf: इसके फल मध्यम आकार के और अंडाकार होते हैं यह सूखे .... (Read More)
ओम प्रकाश जीपपीते की खेती को मिट्टी की व्यापक किस्मों में उगाया जा सकता है अच्छे निकास वाली पहाड़ी मिट्टी पपीते की खेती के लिए उपयुक्त होती है रेतली और भारी मिट्टी में इसकी खेती ना करें पपीते की खेती के लिए मिट्टी की पी एच 6.5-7.0 होनी चाहिए प्रसिद्ध किस्में :-Pusa Dwarf: इसके फल मध्यम आकार के और अंडाकार होते हैं यह सूखे को सहनेयोग्य किस्म है यह उच्च घनत्व में रोपाई के लिए लाभदायक है Pusa Giant: इस किस्म के पौधे तेज हवा को सहनेयोग्य है यह बड़े फलों का उत्पादन करती है यह पैकिंग के लिए उपयुक्त किस्म है CO 3: इसके फल बड़े आकार के और अंडाकार होते हैं इसे ज्यादा देर तक रखने की गुणवत्ता अच्छी होती है CO 1: यह छोटे कद की किस्म है जिसके फल मध्यम आकार के होते हैं फल गोलाकार, नर्म हरा-पीला छिल्का और संतरी पीले रंग का गुद्दा होता है फल रसदार होता है और इसे ज्यादा देर तक रखने की गुणवत्ता अच्छी होती है Coorg Honey Dew: इसे सीधे तौर पर खाने के लिए और प्रक्रिया के लिए प्रयोग किया जाता है इसके फल आयताकार और गुद्दा मोटा संतरी रंग का होता है Pusa Majesty: इसके फल मध्यम आकार के, गोल होते हैं इन्हें रखने की गुणवत्ता बहुत अच्छी होती है यह किस्म 146 दिनों में कटाई के लिए तैयार हो जाती है यह किस्म जड़ गलन निमाटोड के प्रतिरोधक किस्म है Pusa Delicious: यह मध्यम लंबी किस्म है इसके फल मध्यम आकार के होते हैं, गुद्दा गहरे संतरी रंग का होता है इस किस्म को कतारों में लगाने के लिए प्रयोग किया जाता है पपीते की खेती के लिए नदीन रहित भूमि का प्रयोग करें मिट्टी के भुरभुरा होने तक खेत की जोताई करें आखिरी जोताई के समय अच्छी तरह से गली हुई रूड़ी की खाद या गाय का गला हुआ गोबर मिट्टी में अच्छी तरह मिलाकर डालें सिफारिश किए गए फासलों पर 1 मीटर x 1 मीटर x 1 मीटर आकार के गड्ढे खोदें गड्ढों को मिट्टी और रूड़ी की खाद या गाय के गले हुए गोबर से भरें प्रयोग की गई किस्म के आधार पर प्रत्येक गड्ढे पर 2-4 नए पौधों की रोपाई करें रोपाई के बाद हल्की सिंचाई करें हवा से बचाव के लिए खूंटा लगाएं बीजों को 150 गेज़ की मोटाई वाले, 25 x 10 सैं.मी. के पॉलीथीन बैग में बोयें पानी के उचित निकास के लिए पॉलीथीन बैग के निचले हिस्से में 1 मि.मी. अर्द्धव्यास का छेद करें उसके बाद पॉलीथीन बैग में समान अनुपात में रूड़ी की खाद, मिट्टी और रेत डालें बिजाई से पहले बीजों का उपचार करें रोपाई के लिए 6-7 सप्ताह के पौधों का प्रयोग करें यूरिया 150 ग्राम, फासफोरस 80 ग्राम, पोटाश 100 ग्राम प्रति वृक्ष में प्रति वर्ष डालें खादों को 4 भागों में बांटकर रोपाई के बाद पहले, तीसरे, पांचवे और सातवें महीने में डालें बसंत के मौसम में फरवरी मार्च के महीने में बिजाई करें जबकि मॉनसून के मौसम में बिजाई के लिए जून जुलाई का महीना उपयुक्त होता है और पतझड़ के मौसम में बिजाई अक्तूबर से नवंबर महीने में की जाती है आमतौर पर 1.8 मीटर x 1.8 मीटर फासले का प्रयोग किया जाता है उच्च घनता की रोपाई के लिए 1.5 मीटर x 1.5 मीटर फासले का प्रयोग किया जाता है नर्सरी में बीज को 1 सैं.मी. की गहराई पर बोयें बीजो की खेत में सीधे बिजाई या मुख्य खेत में नए पौधों की रोपाई की जाती है 100-120 ग्राम बीज प्रति एकड़ में प्रयोग करें मिट्टी की किस्म, जलवायु के हालातों आदि के आधार पर सिंचाई करें सर्दियों में 15 दिनों के अंतराल पर और गर्मियों में 7 दिनों के अंतराल पर सिंचाई करें तने को पानी के संपर्क में ना आने दें और खेत में पानी भी खड़ा ना होने दें पौधे की प्रौढ़ अवस्था के दौरान नदीनों की रोकथाम जरूरी होती है नदीनों की तीव्रता के आधार पर, नियमित और हल्की गोडाई करें फ्लूक्लोरालिन या बूटाक्लोर 800 मि.ली. प्रति एकड़ में डालें नदीनों की रोकथाम के लिए मलचिंग भी एक प्रभावी तरीका है पौधों की रोपाई के कुछ दिनों बाद प्लास्टिक शीट या धान की पराली या गन्ने के बचे कुचे को मलच के रूप में डालें मुख्यत: फल के पूरा आकार लेने और हरे से हल्का पीला रंग होने पर तुड़ाई की जाती है पहली तुड़ाई रोपाई के 14-15 महीनों के बाद की जा सकती है 4-5 तुड़ाइयां प्रति मौसम की जा सकती हैं धन्यवाद

Posted by satnam singh
Punjab
10-06-2021 10:03 PM
Satnam Singh ji, iffco da Genki de naam te product aunda hai jis vich Glyphosate 41% SL salt hunda hai, Dhanvad

Posted by Sukhpal Kaur
Punjab
10-06-2021 09:46 PM
ਸੁਖਪਾਲ ਕੌਰ ਜੀ 11 ਤੇ 12 ਤਰੀਖ ਨੂੰ ਮੌਸਮ ਸਾਫ਼ ਰਹੇਗਾ ਅਤੇ 13 ਤੇ 14 ਜੂਨ ਨੂੰ ਮੀਂਹ ਪੈਣ ਦੇ ਅਸਾਰ ਹਨ, ਧੰਨਵਾਦ
Posted by HANUMAN SINGH BIKA
Rajasthan
10-06-2021 09:43 PM
कृप्या आप अपना सवाल विस्तार से पूछें कि आप क्या जानकारी लेना चाहते है ताकि आपको सही जानकारी दी जा सके।

Posted by harpreet singh
Punjab
10-06-2021 09:35 PM
Harpreet singh ji, weather di jankari technical issue karn update nhi ho rahi es lai maafi chahune haa, es error nu jldi thik kita javega, Dhanvad
Posted by sukhmander singh
Punjab
10-06-2021 09:34 PM
ਸੁਖਮੰਦਰ ਸਿੰਘ ਜੀ ਚਰੀ ਵਿੱਚ ਸੁੰਡੀ ਦੇ ਕੰਟਰੋਲ ਲਈ Chlorantraniliprole 18.5% SC @60ml/acre ਦੇ ਹਿਸਾਬ ਨਾਲ ਸਪਰੇਅ ਕਰ ਸਕਦੇ ਹੋ, ਧੰਨਵਾਦ

Posted by ਅਮਨਦੀਪ ਸਿੰਘ
Punjab
10-06-2021 09:18 PM
ਅਮਨਦੀਪ ਸਿੰਘ ਜੀ, ਇਸਦੇ ਬੂਟੇ ਪਟਕੇ ਵੇਖੋ ਇਸ ਦੀਆਂ ਜੜਾਂ ਵਿੱਚ ਕੀਟ ਮਿਲੇਗਾ, ਇਸਦੇ ਰੋਕਥਾਮ ਲਈ Chlorpyrifos 50% +Cypermethrin 5% EC @500ml/ਏਕੜ ਦੇ ਹਿਸਾਬ ਨਾਲ ਸਪਰੇਅ ਕਰ ਸਕਦੇ ਹੋ, ਧੰਨਵਾਦ

Posted by kuldeep kumar
Punjab
10-06-2021 09:13 PM
Kuldeep Kumar ji dona khada nu vartan nal problem ta koi nhi par ik khad nal sarda hai ta hor khrcha kyo krna es karn ik khad hi varto, agar kanak di vich DAP varti hai ta esnu paun di jrurat nhi, SSP nu varto es nal sulphur tatt vi fasal nu milda hai. Dhanvad

Posted by Mahendra Singh Patel
Uttar Pradesh
10-06-2021 09:04 PM
पटेल जी अच्छे जल निकास और रेतली दोमट वाली ज़मीन में मूंगफली बीजी जाती है। अच्छे जल निकास वाली मिट्टी, जिसकी पी एच 6.5-7 और उपजाऊ ज़मीनों में इसकी फसल बहुत अच्छी होती है। भारी जमीनें मूंगफली के लिए अनुकूल नहीं हैं क्योंकि भारी ज़मीनों में फलियां कम भरती हैं।एक वर्ष के बाद उसी खेत में मूंगफली बीजने से परहेज़ करें। मà.... (Read More)
पटेल जी अच्छे जल निकास और रेतली दोमट वाली ज़मीन में मूंगफली बीजी जाती है। अच्छे जल निकास वाली मिट्टी, जिसकी पी एच 6.5-7 और उपजाऊ ज़मीनों में इसकी फसल बहुत अच्छी होती है। भारी जमीनें मूंगफली के लिए अनुकूल नहीं हैं क्योंकि भारी ज़मीनों में फलियां कम भरती हैं।एक वर्ष के बाद उसी खेत में मूंगफली बीजने से परहेज़ करें। मूंगफली का अंतरफसली अनाज की फसलों के साथ करें। बिजाई से पहले खेत को साफ करें और पिछली फसल के बचे कुचे को निकाल दें। 15-20 सैं.मी. की गहराई तक ज़मीन की जोताई करें और मिट्टी को भुरभुरा बनाने के लिए अच्छी तरह जोताई करें। खेती करने के लिए हैरो और हल का प्रयोग करें। मिट्टी से होने वाली बीमारियों से बचाव के लिए मूंगफली की बिजाई जुलाई महीने के दूसरे पखवाड़े में करें।प्रयोग की जाने वाली किस्म के आधार पर फासले का प्रयोग करें। अर्द्ध फैलने वाली और फैलने वाली किस्मों के लिए कतारों में 30-45 सैं.मी. और पौधे से पौधे में 10-15 सैं.मी. फासले का प्रयोग करें। ना फैलने वाली किस्मों के लिए कतारो में 30 सैं.मी. और पौधे से पौधे में 10 सैं.मी. फासले का प्रयोग करें।
Amber, Chitra किस्मों के लिए 40 सैं.मी.x 15 सैं.मी. फासले का प्रयोग करें।बीज को सीड ड्रिल की सहायता से बोया जाता है। मूंगफली की बिजाई के लिए इसकी बिजाई वाली मशीन भी उपलब्ध होती है।28-30 किलो बीज प्रति एकड़ में प्रयोग करें। Amber and Chitra के लिए प्रति एकड़ मे 26-28 किलो बीजों की आवश्यकता होती है। जबकि Kaushal, TG 37 A, Prakash की बिजाई के लिए 35-40 किलो बीज प्रति एकड़ में प्रयोग किए जाते हैं। बिजाई के लिए सेहतमंद और अच्छी तरह से विकसित गिरियों का प्रयोग करना चाहिए। सूखी छोटी और बीमारी वाली गिरियां बिजाई के लिए प्रयोग ना करें। मिट्टी से होने वाली बीमारियों से बचाने के लिए गिरियों को 3 ग्राम थीरम या 3 ग्राम कप्तान या कार्बेनडाज़िम 2 ग्राम प्रति किलो गिरियों का उपचार कर लें । रासायनिक उपचार करने के बाद बीज को 4 ग्राम टराईकोडरमा विराइड या स्यूडोमोनास फ्लूरोसैंस 10 ग्राम से प्रति किलो बीज का उपचार कर लें । बीज उपचार जड़ गलन और तना बीमारियों से नए पौधों की सुरक्षा होती है।जहां पर सिंचाई की सुविधाएं मौजूद हो वहां मूंगफली पिछेती खरीफ चारा/गोभी सरसों + तोरिया/आलू/मटर/तोरिया/रबी फसलों का फसली चक्र लिया जा सकता है। एक वर्ष के बाद एक ही क्षेत्र में मूंगफली की फसल ना बोयें। इसके परिणामस्वरूप मिट्टी से पैदा होने वाली बीमारियां बढ़ती है।अच्छी वृद्धि और अच्छी उपज के लिए पहले 45 दिनों के दौरान नदीनों की रोकथाम करनी जरूरी होती है। यदि नदीनों का नियंत्रण उचित तरीके से ना किया जाये तो उपज में लगभग 34 -60 प्रतिशत तक कमी आ सकती है। दो गोडाई करें, पहली बिजाई के तीन सप्ताह बाद और दूसरी पहली गोडाई के तीन सप्ताह बाद करें। फलियां बनने के बाद गोडाई ना करें।
बीज बोने से पहले फ्लूक्लोरालिन 600 मि.ली. की प्रति एकड़ में स्प्रे करें। इससे घास और चौड़े पत्तों की रोकथाम में मदद मिलेगी। नदीनों की अच्छी रोकथाम के लिए पैंडीमैथालीन 1 लीटर की स्प्रे नदीनों के अंकुरण होने से पहले प्रति एकड़ में करें।
यह एक जरूरी प्रक्रिया है, जो कि बीजने के 40-45 दिनों के बाद की जाती है। इसकी मदद से पौधे आसानी से मिट्टी में चले जाते हैं जिससे फलियों के विकास में वृद्धि होती है।फसल की अच्छी वृद्धि के लिए मौसमी वर्षा के आधार पर दो या तीन बार सिंचाई करनी आवश्यक है। फूल बनने, फली के विकास का समय सिंचाई के लिए नाज़ुक समय होता है। इन अवस्थाओं के समय पानी की कमी ना होने दें।खरीफ की ऋतु में बोयी फसल नवंबर महीने में पक जाती है, जब पौधे एक जैसे पीले हो जाते है और पुराने पत्ते झड़ने शुरू हो जाते है| अंत-अप्रैल से अंत-मई में बोई गयी फसल मानसून के बाद अंत-अगस्त और सितंबर में पक जाती है| सही पुटाई के लिए मिट्टी में नमी होनी चाहिए और फसल को ज्यादा पकने ना दें| जल्दी पुटाई के लिए पंजाब खेतीबाड़ी यूनिवर्सिटी की तरफ से तैयार किये गए मूंगफली की पुटाई करने वाले यंत्र का प्रयोग करें| पुटाई की हुई फसल के छोटे-छोटे ढेरों को कुछ दिन के लिए धुप में पड़े रहने दें| इसके बाद 2-3 दिनों के लिए फसल को एक जगह पर इकट्ठा करके रोज़ाना 2-3 बार तरंगली से झाड़ते रहे, ताकि फलियों और पत्तों को पौधे से अलग किया जा सके| फलियों और पत्तों को इकट्ठा करके देर लगा दें| स्टोर करने से पहले फलियों को 4-5 दिनों के लिए धुप में सूखा लें|बादलवाई वाले दिनों में फलियों को अलग करके ऐयर ड्राइयर में 27-38° सै. तापमान पर दो दिन के लिए या फलियों के गुच्छे को (6-8%) सूखने तक रहने दें| धन्यवाद
Posted by Barinder singh
Punjab
10-06-2021 08:54 PM
ਬਰਿੰਦਰ ਸਿੰਘ ਜੀ, ਤੁਹਾਡੀ ਫ਼ਸਲ ਵਿੱਚ ਸੁੰਡੀ ਦਾ ਹਮਲਾ ਹੈ, ਇਸਦੇ ਕੰਟਰੋਲ ਲਈ ਤੁਸੀਂ Spinetoram 11.7% SC @100-120ml/ਏਕੜ ਦੇ ਹਿਸਾਬ ਨਾਲ ਸਪਰੇਅ ਕਰ ਸਕਦੇ ਹੋ, ਧੰਨਵਾਦ

Posted by Amrit Aulakh
Punjab
10-06-2021 08:54 PM
Amrit Aulakh ji, bharat di sarkar ne kuch din pehla rate nu vdhaya hai, rate vdhaun to baad jhone da MSP price ₹ 1940 hai, Dhanvad
Posted by Gurjeet Singh
Punjab
10-06-2021 08:51 PM
Gurjeet ji tuci miti de tel di varto di jgah dalda gheo di malish pashu de sarir te kr skde ho kyuki mitti tel di matra jyada honn nal pashu di chamdi nu nuksan ho skda hai ja fir chichda ton bacha lai Taktic liquid 2ml/1 litre pani vich milla ke kise saff kapde nal sarir te lgga skde ho jithe pashua nu jakham howe uthe pehla saro da tel lgga skde ho ate fir dwai vart skde ho.
Posted by Gurjeet Singh
Punjab
10-06-2021 08:50 PM
Gurjeet ji tuci Taktic liquid 2ml/1 litre pani vich milla ke kise saff kapde nal sarir te lgga skde ho jithe pashua nu jakham howe uthe pehla saro da tel lgga skde ho ate fir dwai vart skde ho baki tuci saff safai da pura dian rakho. baki desi trike lai tuci pashua de sarir te dalda gheo di malish kr skde ho ate 50gm rojana taramira de skde ho.
Posted by Maninder singh
Punjab
10-06-2021 08:36 PM
Maninder ji tuci cow di khurak da purra dian rakho tuci garmi ton bacha ke rakho jekar pashu garmi mnade ha fir tuci gurr da sharbat bnna ke pashu nu de skde ho ate vdia hara chara deo baki Anabolite liquid 100ml rojana ate Lacup powder 100gm rojana de skde ho baki 5-7 din badd feed de skde ho.

Posted by shnaker
Jammu & Kashmir
10-06-2021 08:15 PM
शंकर जी टमाटर में Folicur@200 ml प्रती एकड सप्रे कर सकते हो।

Posted by नरसिंहपटेल
Chattisgarh
10-06-2021 08:03 PM
नरसिंहपटेल जी आप टमाटर की खेती के लिए जून जुलाई में पौध तैयार कर अगस्त में इसकी रोपाई करे इसके लिए किस्मे जैसे लक्ष्मी या सुपर लक्ष्मी की रोपाई कर सकते है। एक एकड़ में बीज 400 -500 ग्राम बीज का इस्तेमाल करें। खेत में आप 50 -30 cm फासले का इस्तेमाल करें। आप इसे 6 दिन बाद सिंचाई करें। खेत की तैयारी के समय अच्छी तैयार की हुà.... (Read More)
नरसिंहपटेल जी आप टमाटर की खेती के लिए जून जुलाई में पौध तैयार कर अगस्त में इसकी रोपाई करे इसके लिए किस्मे जैसे लक्ष्मी या सुपर लक्ष्मी की रोपाई कर सकते है। एक एकड़ में बीज 400 -500 ग्राम बीज का इस्तेमाल करें। खेत में आप 50 -30 cm फासले का इस्तेमाल करें। आप इसे 6 दिन बाद सिंचाई करें। खेत की तैयारी के समय अच्छी तैयार की हुई रूड़ी की खाद 10 टन प्रति एकड़ डालें और मिट्टी में अच्छी तरह मिला दें। नाइट्रोजन 60 किलो (130 किलो यूरिया), फासफोरस 25 किलो (155 किलो एस एस पी) और पोटाश 25 किलो (45 किलो एम ओ पी) की मात्रा प्रति एकड़ में प्रयोग करें। पनीरी लगाने से पहले शुरूआती खुराक के तौर पर आधा हिस्सा नाइट्रोजन को और पूरा हिस्सा फासफोरस और पोटाश का डालें। पनीरी लगाने के 20-30 दिन बाद बाकी बची नाइट्रोजन का चौथा हिस्सा डालें। पनीरी लगाने के दो महीने बाद बाकी बची यूरिया डाल दें।

Posted by paras
Haryana
10-06-2021 08:01 PM
पारस जी गेंदे की बिजाई एक वर्ष में कभी भी की जा सकती है। बारिश के मौसम में इसकी बिजाई मध्य जून से मध्य जुलाई में करें। सर्दियों में इसकी बिजाई मध्य सितंबर से मध्य अक्तूबर में पूरी कर लें।गेंदे के प्लांट लेने के लिए आप अमन जी (8837600037) से संपर्क कर सकते हैं. धन्यवाद

Posted by simar singh
Punjab
10-06-2021 07:19 PM
Simar singh ji, es vich nematode di dikat hai esnu control krn lai Carbofuran 3% GR @1kg/knal vart skde ho, nematode ik insect hunda hai jo fasal di khurak nu jda raahi khanda hai, Dhanvad

Posted by Nirmal
Punjab
10-06-2021 06:46 PM
ਨਿਰਮਲ ਸਿੰਘ ਜੀ, ਕੁਝ ਸਮੇਂ ਬਾਅਦ ਗਮਲੇ ਦੀ ਮਿੱਟੀ ਬਦਲਣੀ ਹੁੰਦੀ ਹੈ ਤੇ ਇਸਦੇ ਸੁੱਕਣ ਦਾ ਕਾਰਨ ਇਹ ਵੀ ਹੋ ਸਕਦਾ ਹੈ ਕਿ ਇਸਨੂੰ ਪੂਰੀ ਖ਼ੁਰਾਕ ਨਾ ਮਿਲੀ ਹੋਵੇ, ਧੰਨਵਾਦ

Posted by Sureshkumar
Rajasthan
10-06-2021 06:22 PM
सुरेश जी नींबू में वर्मीकम्पोस्ट 4kg प्रति पौधा डाल सकते हैं।
Posted by ਕੇਵਲਸਿੰਘ
Punjab
10-06-2021 06:08 PM
Kewal Singh ji, tuhade saare swala da jwab de dita hai, tusi apni kheti app vich check kar skde ho, Dhanvad

Posted by ਅਮਨਪ੍ਰੀਤ ਸਿੰਘ
Punjab
10-06-2021 05:33 PM
ਅਮਨਪ੍ਰੀਤ ਸਿੰਘ ਜੀ Abic@500 gm ਪ੍ਰਤੀ ਏਕੜ ਸਪਰੇਅ ਕਰ ਸਕਦੇ ਹੋ।
Posted by ਸੁਖਮਿੰਦਰ ਸਿੰਘ ਚਹਿਲ
Punjab
10-06-2021 05:30 PM
ਸੁਖਮਿੰਦਰ ਸਿੰਘ ਜੀ ਆਪਣੀ ਖ਼ੇਤੀ ਦੀ ਟੀਮ ਦੀ ਤੁਹਾਡੇ ਨਾਲ ਗੱਲ ਹੋਣ ਤੋਂ ਬਾਅਦ ਪਤਾ ਚਲਿਆ ਹੈ ਕੀ ਤੁਹਾਡੀ ਮੱਕੀ ਦੀ ਫ਼ਸਲ ਬਾਹਰਲੇ ਪਾਸਿਓਂ ਹੀ ਇਸਤਰਾਂ ਹੋ ਰਹੀ ਹੈ ਜਿਸਦਾ ਕਾਰਨ ਚੱਲ ਰਹੀਆਂ ਗਰਮ ਹਵਾਵਾਂ ਤੇ ਮਿੱਟੀ ਭਰੀ ਹਨੇਰੀ ਹੈ, ਫ਼ਸਲ ਦੇ ਨਵੇਂ ਪੱਤੇ ਬਿਲਕੁਲ ਸਹੀ ਨਿਕਲਣਗੇ, ਧੰਨਵਾਦ
Posted by sukhveer Singh
Punjab
10-06-2021 05:27 PM
Sukhveer Singh ji jhone di fasal vich gha ugan to pehla tusi Pendimethaline 30% EC @1ltr/acre de hisab nal vart skde ho, Dhanvad

Posted by vgu
Punjab
10-06-2021 05:22 PM
श्रीमान जी, अभी आप करेला, हलवा कद्दू, खीरा, काली तोरी जैसी सब्जियों की बिजाई कर सकते हैं। धन्यवाद
Posted by ਬਿੱਟਾ
Punjab
10-06-2021 05:17 PM
ਬਿੱਟਾ ਜੀ ਸਤਿ ਸ਼੍ਰੀ ਅਕਾਲ ਜੀ , ਆਪਣੀ ਖੇਤੀ ਟੀਮ ਨੂੰ ਆਪਣਾ ਫੀਡਬੈਕ ਦੇਣ ਲਈ ਤਹਾਡਾ ਬਹੁਤ ਬਹੁਤ ਧੰਨਵਾਦ ਜੀ , ਅਸੀਂ ਕੋਸ਼ਿਸ ਕਰਾਂਗੇ ਕੇ ਹੋਰ ਵਧੀਆ ਤਰੀਕੇ ਨਾਲ ਕਿਸਾਨਾਂ ਨੂੰ ਜਾਣਕਾਰੀ ਦੇ ਸਕੀਏ ਜੀ , ਤਹਾਡੇ ਸੁਝਾਅ ਸਾਨੂੰ ਹੋਰ ਵਧੀਆ ਤਰੀਕੇ ਨਾਲ ਕੰਮ ਕਰਨ ਲਈ ਪ੍ਰੇਰਿਤ ਕਰਦੇ ਹਨ I

Posted by AR
Bihar
10-06-2021 05:16 PM
aap fish farming ka kam suru krne se pehle apne nazdiki fishery department se training jrur len jisse apko iss kam ki sahi jankari milegi aur isko suru krne mai asani rehegi aap iske liye Directorate of Fisheries Animal and Fisheries Resources Department Govt. Of Bihar Block A, 4th Floor, Officers Hostel Bailey Road, Patna 800001, Telephone No : 0612 - 2535800 se sampark kr skte hai.

Posted by गणपत लाल नाई
Rajasthan
10-06-2021 05:09 PM
प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना प्राकृतिक आपदा, कम वर्षा, बाढ़, सूखा, कीट एवं व्याधि, भूस्खलन, तूफान, ओलावृष्टि, चक्रवात, आंधी आदि के परिणामस्वरूप अधिसूचित फसल के खराब होने पर किसानों को वित्तीय सहायता एवं बीमा कवरेज प्रदान करती है।किसानों द्वारा खरीफ फसलों के लिये 02 प्रतिशत, रबी फसलों के लिये 1.5 प्रतिशत एवं वाणà¤.... (Read More)
प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना प्राकृतिक आपदा, कम वर्षा, बाढ़, सूखा, कीट एवं व्याधि, भूस्खलन, तूफान, ओलावृष्टि, चक्रवात, आंधी आदि के परिणामस्वरूप अधिसूचित फसल के खराब होने पर किसानों को वित्तीय सहायता एवं बीमा कवरेज प्रदान करती है।किसानों द्वारा खरीफ फसलों के लिये 02 प्रतिशत, रबी फसलों के लिये 1.5 प्रतिशत एवं वाणिज्यिक और बागवानी फसलों के लिये 05 प्रतिशत का प्रीमियम वहन किया जायेगाइसकी registration आप इस लिंक से करवा सकते है। इसकी registration आप इस लिंक से करवा सकते है :- https://pmfby.gov.in/
AIC-1800116515, SBI- 18001232310, BAJAJ ALLIANZ- 18002095959, HDFC ARGO- 18002660700, FUTUREGENERALI- 18002664141, UNIVERSAL SOMPO- 18002005142, AND RELIANCE GENERAL-18001024088.
Posted by ਹਰਜਿੰਦਰ ਸਿੰਘ
Haryana
10-06-2021 04:58 PM
ਹਰਜਿੰਦਰ ਜੀ ਦੇਸੀ ਗੁਲਾਬ ਦੀ ਕਲਮ ਤੋਂ ਬੂਟੇ ਤਿਆਰ ਕਰਨ ਦੇ ਲਈ 10-15 cm ਲੰਬਾਈ ਦੀ ਜਿਸਨੂੰ 5-6 ਅੱਖਾਂ ਹੁੰਦੀਆਂ ਹਨ ਉਸਨੂੰ ਬਰਾਨੀ ਰੇਤਾ ਵਿਚ ਨਵੰਬਰ ਮਹੀਨੇ ਵਿਚ ਲਈ ਜਾਂਦੀ ਹੈ। ਕਲਮ ਪੈਨਸਿਲ ਦੀ ਮੋਟਾਈ ਜਿੰਨੀ ਹੋਣੀ ਚਾਹੀਦੀ ਹੈ। ਧੰਨਵਾਦ

Posted by vikas
Rajasthan
10-06-2021 04:52 PM
विकास जी, यह कीट सब्जी को नुकसान पहुँचाता है, इसकी रोकथाम के लिए आप नीम तेल का छिड़काव कर सकते हैं. धन्यवाद

Posted by Varinder singh
Punjab
10-06-2021 04:48 PM
Varinder Singh ji peeli hoi paneeri nu thik krn lai zinc 21% @150gm/pump te Ferrous sulphate @150gm/pump de hisab nal spray kar skde ho agar hje tak urea nhi pai ta 3.5kg urea/knal pa skde ho, te paneeri sukan de kyi karn hunde han jive jada garm hva chaln karn, urea jada paun krke, agar lohe di spray krde vele kise tha te do vaar spray hoje us naal v ptte suk jande han, Dhanvad

Posted by jujhar singh
Punjab
10-06-2021 04:35 PM
ਝੁਝਾਰ ਸਿੰਘ ਜੀ ਨਦੀਨ ਉਗਣ ਤੋਂ ਬਾਅਦ ਕਿਸੇ ਨਦੀਨਨਾਸ਼ਕ ਦੀ ਸਿਫਾਰਿਸ਼ ਨਹੀਂ ਕੀਤੀ ਜਾਂਦੀ, ਇਸ ਕਰਕੇ ਗੋਡੀ ਕਰੋ, ਧੰਨਵਾਦ

Posted by SHASHANK MISHRA
Uttar Pradesh
10-06-2021 04:07 PM
मिश्रा जी एक एकड़ में अश्वगंधा की पैदावार लगभग 1.5-2qtl होती है. धन्यवाद

Posted by Vinod Singh
Uttar Pradesh
10-06-2021 04:03 PM
विनोद जी पपीता बसंत के मौसम में फरवरी मार्च के महीने में बिजाई करें जबकि मॉनसून के मौसम में बिजाई के लिए जून जुलाई का महीना उपयुक्त होता है और पतझड़ के मौसम में बिजाई अक्तूबर से नवंबर महीने में की जाती है।बीजो की खेत में सीधे बिजाई या मुख्य खेत में नए पौधों की रोपाई की जाती है। धन्यवाद
Posted by bhagwant singh
Punjab
10-06-2021 03:49 PM
Bhagwant Singh ji mitti test krvaun lai tusi apne nedle KRISHI VIGYAN KENDRA (GURU ANGAD DEV VETERINARY AND ANIMAL SCIENCES UNIVERSITY
MODEL TOWN, W.NO-6, STREET NO-4, KURALI,DISTRICT S.A.S.)
Contact: 0160-2642827 vich sampark kar skde ho, Dhanvad

Posted by Rajender Kumar
Haryana
10-06-2021 03:37 PM
Rajender Singh ji, kirpya aap vistar se btaye ki aap konsi kisam ki sidhi bijai ke baare me slah lena chahte hain, taki apko sahi jankari mil ske, Dhanyvad
Posted by bhagwant singh
Punjab
10-06-2021 03:03 PM
Bhagwant Singh ji, agar paneeri vich pehla SSP nhi pai ta hun 4kg/knaal pa skde ho ate paneeri te Zinc 21% @150gm/pump te ferrous sulphate @150gm/pump de hisab nal 2-3 var spray kar skde ho, Dhanvad

Posted by Dharmendra Kumar
Uttar Pradesh
10-06-2021 03:02 PM
धर्मेंदर जी किर्प्या अपना सवाल विस्तार से करें ताकि आपको सही जानकारी मिल सके,धन्यवाद
Posted by Sukhdev Prasad
Uttar Pradesh
10-06-2021 03:01 PM
सुखदेव जी, जो तस्वीर शेयर की है वो खुल नहीं रही कृपया दोबार तस्वीर भेजें ताकि आपको सही जानकारी मिल सके. धन्यवाद
Posted by kulvinder
Punjab
10-06-2021 02:59 PM
ਕੁਲਵਿੰਦਰ ਜੀ ਇਹ ਦਵਾਈ ਫ਼ਸਲ ਤੇ ਉੱਲੀ ਵਾਲੀਆਂ ਬਿਮਾਰੀਆਂ ਲਈ ਵਰਤੀ ਜਾਂਦੀ ਹੈ, ਧੰਨਵਾਦ
Posted by Mohammad arshiyan raza
Uttar Pradesh
10-06-2021 02:33 PM
Mohammad ji, agar kisi customer ko jrurat hogi to apke sath sampark kiya jayega, Hamare sath judne ke liye Dhanyvad
Posted by सुरेश
Haryana
10-06-2021 02:17 PM
सुरेश जी रागी की बिजाई के लिए जुलाई महीने के पहले 15 दिन का समय उपयुक्त है. धन्यवाद

Posted by Aditya Gujjar
Uttar Pradesh
10-06-2021 02:15 PM
Aditya ji ganne ki ashi paidavar ke liye badhiya tareeke se nutrient management krna jruuri hai, jaise ganne ko 135-200kg urea, 125kg SSP/acre ki jrurat hoti hai, SSP ki poori matra urea ki ek kisht ke sath bijai ke smya dalni hoti hai aur baaki ki urea dusre aur chauthe paani ke smye dalni hoti hai aur kisi nhi nutrient ki kmi aane par sahi smya par sahi matra deni jaruri hoti hai, agar aap esi baato ka dhyan rakhenge to apka gnna mota aur lmba hoga. Dhanyvad
Posted by Mohammad arshiyan raza
Uttar Pradesh
10-06-2021 02:15 PM
Mohammad ji, agar kisi customer ko jrurat hogi to apke sath sampark kiya jayega, Hamare sath judne ke liye Dhanyvad
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